14. मैक्रो अर्थशास्त्र (Macro Economics) - GNP, GDP, NNP और प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) की अवधारणाएँ
पहले अध्याय में, हमने सीखा है कि अर्थशास्त्र (economics) की विषय वस्तु को मोटे तौर पर माइक्रो इकोनॉमिक्स (microeconomics) और मैक्रो इकोनॉमिक्स (macroeconomics) में वर्गीकृत किया जा सकता है। पिछले छह अध्यायों में, हमने माइक्रो इकोनॉमिक्स के बारे में चर्चा की है। इस अध्याय में, हम मैक्रो इकोनॉमिक्स के कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे।
A. राष्ट्रीय आय (National Income)
मैक्रो इकोनॉमिक्स आर्थिक समस्याओं को राष्ट्रीय आय (national income), सामान्य रोजगार स्तर (general employment level), कुल मांग (aggregate demand), कुल उत्पादन (aggregate production) आदि जैसे समुच्चयों (aggregates) के संदर्भ में देखता है। उपरोक्त में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आय है। सभी उत्पादों में एक आम बात मूल्य (value) है। इसलिए, राष्ट्रीय आय का माप धन (money) के संदर्भ में होना चाहिए।
i) राष्ट्रीय आय का मापन (Measurement of National Income)
राष्ट्रीय आय (NI) वर्ष के दौरान देश में व्यक्तियों और उद्यमों (enterprises) द्वारा प्राप्त आय का कुल धन मूल्य (total money value) है। यह उत्पादन के कारकों (factors of production) को प्रदान करने से प्राप्त सभी आय का योग है, अर्थात किसी राष्ट्र के निवासियों के स्वामित्व वाले उत्पादन के सभी कारकों का प्रतिफल (return) है। इसमें मजदूरी और वेतन (wages and salaries), लगान (rents), ब्याज (interests) और लाभ (profits) शामिल हैं। इस प्रकार, राष्ट्रीय उत्पाद या राष्ट्रीय आय एक वर्ष के दौरान किसी देश में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं (final goods and services) का कुल धन मूल्य है। राष्ट्रीय आय को तीन तरह से मापा जा सकता है। वे हैं:
- आय विधि (Income method): एक निश्चित समय अवधि में उत्पादन के सभी कारकों को प्रदान करने से प्राप्त नकद (cash) और वस्तु (kind) में सभी आय का योग।
- उत्पादन विधि (Production method): एक निश्चित वर्ष के दौरान राष्ट्र के उत्पादन के कई क्षेत्रों (sectors) में उत्पन्न होने वाले सभी आउटपुट (वस्तुओं और सेवाओं) के मूल्य का योग।
- व्यय विधि (Expenditure method): उपभोक्ताओं के व्यय (consumers' expenditure), वस्तुओं और सेवाओं पर सरकारी व्यय (government expenditure) और पूंजीगत वस्तुओं (capital goods) पर शुद्ध व्यय (net expenditure) का योग। यदि ठीक से गणना की जाए, तो राष्ट्रीय आय के ये तीनों उपाय एक ही परिणाम देंगे।
ii) राष्ट्रीय आय की अवधारणाएं (Concepts of National Income)
राष्ट्रीय आय की अवधारणा की स्पष्ट समझ हमें राष्ट्रीय आय के विभिन्न घटकों (components) के बारे में एक विचार देगी।
- सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product - GDP): यह देश के भीतर स्थित सभी संसाधनों (resources) के अंतिम उत्पादों का धन मूल्य है, भले ही विभिन्न संसाधनों के मालिक वहां रहते हों या विदेश (abroad) में।
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (Gross National Product - GNP): यह एक वर्ष में (एक देश में) उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं के कुल धन मूल्य को संदर्भित करता है। GNP व्यक्तिगत उपभोग व्यय (personal consumption expenditures - C) और वस्तुओं और सेवाओं की सरकारी खरीद (government purchases - G) और सकल निजी घरेलू निवेश (gross private domestic investment - Ig) और वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात (exports - X) में से वस्तुओं और सेवाओं के आयात (imports - M) को घटाकर होता है। प्रतीकों में, इसे इस प्रकार लिखा जाता है:
GNP = C + Ig + G + (X-M)
- शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (Net National Product - NNP): जैसे-जैसे उत्पादन समय के साथ चलता है, एक निश्चित मात्रा में निश्चित पूंजी (fixed capital) का उपयोग हो जाता है। इसका कुछ हिस्सा घिस (worn out) सकता है या कुछ अप्रचलित (obsolete) हो सकता है और कुछ दुर्घटना (accident) से नष्ट हो सकता है। व्यवसायी इस उपयोग की गई पूंजी को उत्पादन की लागत मानते हैं और इसे मूल्यह्रास (depreciation) या पूंजी की खपत (capital consumption) कहते हैं। शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद NNP = C+ In + G + (X-M) द्वारा दिया जाता है। इसका अर्थ है कि NNP = GNP - मूल्यह्रास (Depreciation)। इस प्रकार, NNP वर्ष के दौरान मशीनरी या संपत्ति की टूट-फूट (wear and tear) को ध्यान में रखता है।
- सकल निजी घरेलू निवेश (Gross private domestic investment - Ig): यह नए संयंत्र और उपकरण (new plant and equipment) के व्यय और इन्वेंट्री (inventories) में परिवर्तन के बराबर है। इन्वेंट्री में उत्पादकों या विपणन संस्थानों (marketing institutions) द्वारा रखे गए कच्चे माल (raw materials), मध्यवर्ती उत्पाद (intermediate products) और तैयार माल (finished goods) के स्टॉक शामिल हैं।
- शुद्ध निजी घरेलू निवेश (Net private domestic investment - In): यह सकल निजी घरेलू निवेश में से मूल्यह्रास को घटाकर होता है। यानी In = Ig - मूल्यह्रास (Depreciation)। मूल्यह्रास टूट-फूट और अप्रचलन के कारण भौतिक पूंजी (physical capital) के मूल्य में होने वाली हानि है।
- व्यक्तिगत आय (Personal Income - PI): यह किसी विशेष वर्ष के दौरान सभी संसाधनों से व्यक्तियों द्वारा वास्तव में प्राप्त धन आय की कुल राशि है। इसमें व्यावसायिक संस्थाओं (business concerns) के अवितरित लाभ (undistributed profits), स्रोत पर भुगतान किया गया आयकर (income tax), सामाजिक बीमा (social insurance) और भविष्य निधि (provident fund) में योगदान शामिल नहीं है। दूसरी ओर, इसमें व्यक्तियों द्वारा प्राप्त आय के अन्य आइटम शामिल हैं, जो वर्तमान में अर्जित नहीं किए गए हैं जैसे वृद्धावस्था पेंशन (old age pension), बेरोजगारी भत्ता (unemployment dole) आदि। इन्हें हस्तांतरण भुगतान (transfer payments) कहा जाता है।
व्यक्तिगत आय = राष्ट्रीय आय - कॉर्पोरेट आयकर - अवितरित कॉर्पोरेट लाभ - सामाजिक सुरक्षा योगदान + हस्तांतरण भुगतान (Transfer Payments)।
- प्रयोज्य आय (Disposable Income): प्रयोज्य आय व्यक्तिगत आय में से आयकर (income tax) को घटाकर होती है। प्रयोज्य आय का बड़ा हिस्सा व्यक्ति द्वारा उपभोग (consumption) पर खर्च किया जाता है और बाकी बचा लिया जाता है (saved)।
- प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income): देश की जनसंख्या (population) से विभाजित राष्ट्रीय आय को प्रति व्यक्ति आय या प्रति व्यक्ति औसत आय कहा जाता है। प्रति व्यक्ति आय किसी देश में लोगों के जीवन स्तर (standard of living) का एक मोटा सूचकांक (rough index) है। देश में आर्थिक प्रदर्शन (economic performance) के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले उपायों में से एक GNP है। GNP में कोई भी बड़ा बदलाव अर्थव्यवस्था में गंभीर समस्याओं और प्रभावशाली लाभ (impressive gains) को प्रतिबिंबित करेगा।
- कुल मांग (Aggregate Demand - AD): यह उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं, सरकारी वस्तुओं और सेवाओं, (वांछित) निवेश (investment) और शुद्ध निर्यात (अर्थात निर्यात माइनस आयात) पर कुल व्यय है। कुल मांग (AD) = उपभोग व्यय (C) + निवेश मांग (I) + वस्तुओं और सेवाओं की सरकारी खरीद (G) + शुद्ध निर्यात (X-M)। प्रतीकात्मक रूप से, AD = C + I + G + (X-M)।
- कुल आपूर्ति (Aggregate Supply): कुल आपूर्ति किसी देश में उत्पादित कुल उत्पादन या वास्तविक राष्ट्रीय उत्पाद (real national product) को संदर्भित करती है। कुल आपूर्ति कार्य विभिन्न मूल्य स्तरों (price levels) पर आपूर्ति किए गए विभिन्न संभावित कुल आउटपुट को दर्शाता है।
iii) राष्ट्रीय आय के घटक (Components of National Income)
राष्ट्रीय आय में किसी देश के लोगों के लिए आय के वे सभी विभिन्न स्रोत शामिल होते हैं। इन स्रोतों को मोटे तौर पर कृषि (agriculture), उद्योग (industry) और सेवाओं (services) में वर्गीकृत किया जा सकता है।
तालिका 7.1: 1994-95 के दौरान भारत की राष्ट्रीय आय
| विवरण (Particulars) |
1994-95 की कीमतों पर |
1980-81 की स्थिर कीमतों पर (करोड़ रुपये में) |
| 1. GNP |
883,294 |
249,903 |
| 2. NNP |
742,632 |
221,405 |
| 3. GDP |
864,169 |
256,095 |
| 4. प्रति व्यक्ति आय (Per capita Income) (रु) |
8,282 |
2,449 |
iv) अर्थव्यवस्था के क्षेत्र (Sectors of Economy)
- कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ (Agriculture and Allied Activities): इसमें खेती (farming), पशुपालन (animal husbandry), वानिकी (forestry) और मत्स्य पालन (fisheries) शामिल हैं।
- उद्योग (Industry): इसमें खनन (mining), उत्खनन (quarrying), निर्माण (construction), बिजली (electricity), प्राकृतिक गैस (natural gas), भारी और लघु उद्योग (heavy and small-scale industries) शामिल हैं।
- सेवाएं (Services): इसमें परिवहन और संचार (transport and communication), वाणिज्य (commerce), बैंकिंग (banking), बीमा (insurance), पेशे और सरकारी सेवाएं शामिल हैं।
तालिका 7.2: राष्ट्रीय आय में विभिन्न क्षेत्रों का योगदान (करोड़ रुपये में)
| क्षेत्र (Sectors) |
1994-95 की कीमतों पर |
1980-81 की कीमतों पर |
प्रतिशत (Percentages) |
| 1. कृषि और संबद्ध गतिविधियाँ |
265,201 |
78,590 |
30.69% |
| 2. उद्योग (Industry) |
241,839 |
71,667 |
27.98% |
| 3. सेवाएं (Services) |
357,149 |
105,838 |
41.33% |
| 4. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) |
864,189 |
256,095 |
100.00% |
v) राष्ट्रीय आय के मापन में कठिनाइयाँ (Difficulties in the Measurement of National Income)
राष्ट्रीय आय की गणना में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयाँ (practical difficulties) हैं। वे हैं:
- कई वस्तुएं और सेवाएं ऐसी हैं, जिनकी सटीक बाजार कीमतें (accurate market prices) नहीं हैं।
- उत्पादन, कीमत (price) आदि के बारे में अपर्याप्त जानकारी (Inadequate information)।
- मुद्रास्फीति (inflation) के कारण स्टॉक मूल्य वृद्धि (stock value appreciation) जैसी दोहरी गिनती (double counting) की डिग्री।
vi) राष्ट्रीय आय के उपयोग (Uses of National Income)
- राष्ट्रीय आय दर्शाती है कि आय कैसे अर्जित की जाती है और खर्च की जाती है। यह लगान (rent), मजदूरी (wage), ब्याज (interest) और लाभ (profit) के बीच आय के वितरण को दर्शाता है।
- प्रति व्यक्ति आय यह दर्शाएगी कि देश कोई आर्थिक प्रगति (economic progress) कर रहा है या नहीं।
- यह आर्थिक नियोजन (economic planning) का एक महत्वपूर्ण साधन है।
- यह लोगों की कर योग्य क्षमता (taxable capacity) का आकलन करने में भी महत्वपूर्ण है।
- राष्ट्रीय आय की तुलना करके दो देशों में लोगों के जीवन के भौतिक मानकों (material standards of living) की तुलना करना उपयोगी है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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