41. योजना (PLANNING)

योजना (Planning) प्रबंधन-आयोजन, स्टाफिंग, निर्देशन, संचार और नियंत्रण की अन्य सभी प्रक्रियाओं की शुरुआत है। योजना पहले से तय करती है कि क्या करना है, कैसे करना है, कब करना है और किसे करना है। कूंज और ओ'डोनेल (Koontz and O’Donnell) के अनुसार, "योजना 'हम कहाँ हैं' से 'हम कहाँ जाना चाहते हैं' के बीच की खाई को पाटती है।"

थियो हैमन (Theo Haimann) के शब्दों में, "योजना वह कार्य है जो पहले से निर्धारित करता है कि क्या किया जाना चाहिए। इसमें उद्यम के उद्देश्यों (objectives), नीतियों (policies), कार्यक्रमों, प्रक्रियाओं (procedures) और उनके उद्देश्यों को प्राप्त करने के अन्य साधनों का चयन करना शामिल है।"

विशेषताएं (Characteristics)

  1. योजना (Planning): यह एक बौद्धिक अभ्यास (intellectual exercise) है। यह इस बारे में रचनात्मक तरीके से सोचने से संबंधित है कि उभरते अवसरों से मेल खाने के लिए संसाधनों (resources) के मौजूदा संयोजन को कैसे समायोजित (adjusted) और अनुकूलित किया जा सकता है।
  2. योजना और पूर्वानुमान (Planning and Forecasting): पूर्वानुमान (Forecasting) वर्णन करता है कि अगर कोई बदलाव नहीं किया जाता है तो क्या होने की उम्मीद है। योजना (Planning) वर्णन करती है कि कोई क्या होना चाहता है।
  3. समूह गतिविधि की उपलब्धि (Accomplishment of Group Activity): योजना किसी भी लक्ष्य निर्देशित गतिविधि के लिए आवश्यक है।
  4. विकल्पों के बीच विकल्प (Choice between Alternatives): पहला विकल्प व्यवसाय के उद्देश्यों के संबंध में है, दूसरा रणनीति (strategy) के संबंध में, और फिर परिचालन (operational) भाग।
  5. योजना की व्यापकता (Pervasiveness of Planning): योजना की सफलता के लिए स्तरों पर प्रबंधकों की भागीदारी आवश्यक है।
  6. लचीलापन (Flexibility): इसमें कारोबारी माहौल में उभरते अवसरों के साथ अपने संसाधनों का मिलान करना शामिल है।
  7. एकीकृत प्रक्रिया (Integrated Process): इसमें प्राप्य उद्देश्यों का चयन और सरल और यथार्थवादी नीतियों, कार्यक्रमों आदि का निर्माण शामिल है।

योजना का महत्व (Importance of Planning)

योजना की सीमाएं (Limitations of Planning)

योजना के चरण (Steps in Planning)

  1. अवसर या समस्या की पहचान (Identification of the Opportunity or Problem): योजना को संगठन को उसके पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सुविधा होनी चाहिए।
  2. प्रासंगिक जानकारी का संग्रह और विश्लेषण (Collection and Analysis of Relevant Information): जानकारी के स्रोतों को बाहरी (External) और आंतरिक (Internal) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  3. उद्देश्यों की स्थापना (Establishment of Objectives): यह वांछित परिणाम को इंगित करता है जिस पर संगठन लक्षित हो सकता है।
  4. योजना परिसर या सीमाओं का निर्धारण (Determination of Planning Premises or Limitations): आंतरिक पर्यावरण प्रबंधन के नियंत्रण में है, जबकि बाहरी पर्यावरण (राजकोषीय नीतियां, आर्थिक स्थिति, जनसंख्या प्रवृत्तियां आदि) प्रबंधन के नियंत्रण से बाहर हैं।
  5. वैकल्पिक कार्रवाई के पाठ्यक्रम की जांच (Examining alternative course of action): एक वांछित उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एक से अधिक कार्य योजनाएँ (action plans) हो सकती हैं।
  6. कार्रवाई के वैकल्पिक पाठ्यक्रमों को तौलना (Weighing Alternative Courses of Action): प्रत्येक विकल्प का मूल्यांकन विभिन्न दृष्टिकोणों से किया जाना चाहिए।
  7. एक पाठ्यक्रम का चयन (Selecting a Course): सर्वोत्तम कार्रवाई का चयन संसाधन की उपलब्धता, उद्देश्यों, दक्षता और अर्थव्यवस्था पर निर्भर करता है।
  8. माध्यमिक योजनाएं निर्धारित करना (Determining Secondary Plans): माध्यमिक योजनाएं मूल योजना (basic plan) से बहती हैं और उसकी प्राप्ति में समर्थन करती हैं।
  9. भविष्य के मूल्यांकन के लिए प्रदान करना (Providing for Future Evaluation): योजना के निरंतर मूल्यांकन के लिए एक प्रणाली तैयार करना आवश्यक है।

दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजना (Long Range and Short Range Planning)

दीर्घकालिक योजना (Long-Range Planning)

यह भविष्य में एक लंबी अवधि (जैसे पांच या दस वर्ष) को कवर करती है। यह व्यवसाय के कार्यात्मक क्षेत्रों जैसे उत्पादन, बिक्री, वित्त और कर्मियों (personnel) से संबंधित है। इसे रणनीतिक योजना (strategic planning) भी कहा जाता है।

अल्पकालिक योजना (Short-Range Planning)

अल्पकालिक योजना, जिसे सामरिक योजना (tactical planning) भी कहा जाता है, एक छोटी अवधि (आमतौर पर एक वर्ष) को कवर करती है। यह दीर्घकालिक योजना द्वारा निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किए जाने वाले विशिष्ट कार्यों से संबंधित है।

विशिष्ट लक्ष्यों को प्राप्त करने की योजना (Planning to accomplish Specific Goals)

योजनाओं के प्रकार (Types of Plans)

  1. स्थायी या बार-बार उपयोग की जाने वाली योजनाएँ (Standing or repeated use plans):
  2. एकल-उपयोग योजनाएँ (Single-use plans):
अस्वीकरण (Disclaimer):
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