44. नियंत्रण (CONTROLLING)

नियंत्रण (Control) का अर्थ है निर्देशित (direct), आदेश या संयमित करने की शक्ति या अधिकार। किसी उद्यम के संदर्भ में, नियंत्रण को "योजनाओं के साथ परिचालन परिणामों (operating results) की तुलना करना, और जब परिणाम योजनाओं से विचलित (deviate) होते हैं तो सुधारात्मक कार्रवाई (corrective action) करना" के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।

नियंत्रण के लिए दो चीजों की आवश्यकता होती है: पहला, कि एक स्पष्ट और विशिष्ट योजना हो जिसके अनुसार कोई भी कार्य आगे बढ़ना हो। दूसरा, विचलनों (deviations) का पता लगाने की दृष्टि से संचालन के परिणामों को मापना (measure) संभव है।

नियंत्रण की आवश्यकता (Need for Control)

एक नियंत्रण प्रणाली (control system) की तीन उद्देश्यों के लिए आवश्यकता होती है:

  1. प्रगति को मापने के लिए (To Measure progress): नियंत्रण प्रक्रिया उन लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को मापती है।
  2. विचलनों को उजागर करने के लिए (To Uncover Deviations): एक बार जब कोई व्यावसायिक संगठन अपने विशिष्ट उद्देश्यों की दिशा में गति में आ जाता है, तो ऐसी घटनाएं घटित होती हैं जो इसे 'लक्ष्य से बाहर' (off target) खींचती हैं। ये घटनाएं हैं: परिवर्तन (Changes), जटिलता (Complexity), गलतियाँ (Mistakes), और प्रत्यायोजन (Delegation)।
  3. सुधारात्मक कार्रवाई का संकेत देने के लिए (To Indicate Corrective Action): नियंत्रण यह बता सकते हैं कि योजनाओं को फिर से तैयार करने की आवश्यकता है, लक्ष्यों को संशोधित करने की आवश्यकता है या कर्तव्यों (duties) के स्पष्टीकरण या अतिरिक्त कर्मचारियों (staffing) की आवश्यकता है।

नियंत्रण प्रक्रिया के चरण (Steps in a Control Process)

नियंत्रण प्रक्रिया में तीन बुनियादी चरण (basic steps) हैं:

1. मानक स्थापित करना (Establishing Standards)

परिणामों को मापने के लिए मानक स्थापित करना। प्रमुख क्षेत्रों (जैसे लाभप्रदता, बाजार की स्थिति, उत्पादकता) के लिए मानक निर्धारित करें:

2. मानकों के विरुद्ध वास्तविक परिणामों को मापना और तुलना करना (Measuring and Comparing Actual Results Against Standards)

प्रदर्शन का मापन व्यक्तिगत अवलोकन (personal observation) और रिपोर्ट, चार्ट आदि के माध्यम से किया जा सकता है।

3. सुधारात्मक कार्रवाई करना (Taking Corrective Action)

निर्धारित मानकों (prescribed standards) के साथ वास्तविक प्रदर्शन की तुलना करें और विचलन खोजें। सुधारात्मक कार्रवाई बिना समय बर्बाद किए की जानी चाहिए ताकि सामान्य स्थिति जल्दी से बहाल (restored) हो सके। विचलनों के कारणों (जैसे अपर्याप्त उपकरण, प्रेरणा की कमी, खराब संचार) की पहचान करें।

नियंत्रण के महत्वपूर्ण उपकरण (Important Devices or Tools of Control)

I. पारंपरिक उपकरण (Traditional Devices)

  1. बजट या बजटीय नियंत्रण (Budgeting or budgetary control): बजट एक निश्चित अवधि के लिए एक वित्तीय योजना (financial plan) है। जीरो-बेस्ड बजटिंग (Zero-based budgeting) के तहत हर बार बजट बनाते समय सभी गतिविधियों का पुनर्मूल्यांकन (reevaluated) किया जाता है।
  2. लागत नियंत्रण (Cost control): व्यावसायिक संचालन में लागत प्रभावशीलता (cost effectiveness) प्राप्त करने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष (direct and indirect) सभी लागतों पर नियंत्रण।
  3. उत्पादन नियंत्रण (Production control): यह संचालन से पहले उत्पादन की योजना (planning production) बनाने और सुचारू कार्यप्रणाली (smooth functioning) सुनिश्चित करने की प्रक्रिया है।
  4. इन्वेंटरी नियंत्रण (Inventory control): यह औद्योगिक उद्यमों (industrial enterprises) द्वारा उपयोग की जाने वाली विभिन्न वस्तुओं के प्रकार, मात्रा, स्थान और समय को नियंत्रित करने का तात्पर्य है।
  5. ब्रेक-ईवन पॉइंट विश्लेषण (Break-even point analysis): ब्रेक-ईवन पॉइंट वह बिंदु है जब बिक्री राजस्व (sales revenue) कुल लागत (निश्चित और परिवर्तनीय) के बराबर होता है। दूसरे शब्दों में, यह गतिविधि के उस स्तर का प्रतिनिधित्व करता है जहां न तो कोई लाभ होता है और न ही कोई हानि।
    सूत्र (Formula): ब्रेक-ईवन पॉइंट = Fixed overhead / Contribution
    जहाँ Contribution = Sales revenue - Variable cost
  6. लाभ या हानि नियंत्रण (Profit or loss control): यह एक नियंत्रण प्रणाली है जिसके तहत प्रत्येक शाखा या "उत्पाद प्रभाग" की बिक्री, व्यय और लाभ की तुलना ऐतिहासिक रुझानों (historical trends) के साथ की जाती है।
  7. सांख्यिकीय आंकड़े विश्लेषण (Statistical Data Analysis): विचलनों और उनके कारणों की निगरानी के लिए विभिन्न अवधियों के अनुपात (ratios), प्रतिशत, औसत आदि की तुलना की जा सकती है।
  8. ऑडिट (Audit):

II. आधुनिक उपकरण (Modern Devices)

  1. निवेश पर रिटर्न नियंत्रण (Return on Investment Control)
  2. कार्यक्रम मूल्यांकन और समीक्षा तकनीक (Programme Evaluation and Review Technique - PERT)
  3. प्रबंधन सूचना प्रणाली (Management Information System - MIS)
  4. साइबरनेटिक्स (Cybernetics)
  5. प्रबंधन ऑडिट (Management Audit)
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 28 अगस्त 2026
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