46. सामग्री प्रबंधन (MATERIALS MANAGEMENT)

यह उत्पादन प्रक्रिया (production process) में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों (materials) की खरीद और नियंत्रण से संबंधित है।

1. सामग्री (माल) योजना और नियंत्रण (Materials (goods) planning and control)

इसमें लिए जाने वाले निर्णय (Decisions) हैं:

नीतियां (Policies) और प्रक्रियाएं (procedures) इस तरह से स्थापित की जानी चाहिए कि इनमें से अधिकांश निर्णय प्रकृति में नियमित हो जाएं।

सामग्री निवेश (investment) का एक रूप है और जब तक उन्हें बेचा नहीं जाता और राजस्व (revenue) उत्पन्न नहीं किया जाता है, तब तक पैसे का उपयोग आय पैदा करने वाले अन्य उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता है। इसलिए प्रबंधक कम मात्रा में खरीदना चाहता है ताकि आय प्राप्त करने के लिए आउटपुट को तेजी से बेचा जा सके। हालांकि, बहुत कम मात्रा में खरीदने पर आमतौर पर कीमतें अधिक हो जाती हैं। समस्या इन दो लागतों के बीच संतुलन खोजने की है।

2. कच्चे माल का इन्वेंटरी नियंत्रण (Inventory control of raw materials)

मांग में मौसमी बदलाव (seasonal variations) को ध्यान में रखने के लिए इन्वेंटरी (Inventory) का उपयोग किया जाता है। सामग्री, भागों, माल और आपूर्ति की इन्वेंटरी सभी व्यवसायों में एक उच्च निवेश (high investment) का प्रतिनिधित्व करती है। कई कंपनियां विफल हो गईं क्योंकि उनके इन्वेंटरी में बहुत अधिक पैसा बंद हो गया था या इन्वेंटरी में आइटम अप्रचलित (obsolete), खराब या खो गए थे। इन्वेंटरी का उद्देश्य एक प्रक्रिया के एक खंड को दूसरे से अलग (disconnect) करना है, ताकि प्रत्येक खंड अपने इष्टतम स्तर (optimum level) के प्रदर्शन पर काम कर सके।

इन्वेंटरी के प्रकार (Types of Inventories)

  1. खरीदी गई सामग्री, पुर्जे, उत्पाद (Purchased materials, parts, products)
  2. प्रक्रिया में या संचालन के बीच माल (Goods in process or between operations)
  3. फैक्ट्री, गोदाम या स्टोर पर तैयार माल (Finished goods)
  4. मशीनों के लिए मरम्मत के पुर्जे (Repair parts)
  5. कार्यालय, दुकान या कारखाने के लिए आपूर्ति (Supplies)
  6. उपकरण (Tools)

आर्थिक इन्वेंटरी स्तर का निर्धारण (Determining Economic Inventory Level)

आर्थिक इन्वेंटरी (economical inventory) स्तर निर्धारित करने के लिए किए गए विस्तृत विश्लेषण (detailed analysis) में इस बात पर विचार करना चाहिए कि कुल इन्वेंटरी इतनी अधिक नहीं होनी चाहिए कि वर्तमान बिलों का नकद भुगतान करना मुश्किल हो जाए। बहुत कम इन्वेंटरी के कारण स्टॉक-आउट (stock-outs) हो सकता है (यानी जब उत्पादन या बिक्री के लिए आवश्यक हो तो सामग्री की कमी)।

आर्थिक आदेश मात्रा (Economic Order Quantity - EOQ)

समस्या खपत (consumption) के लिए आर्थिक आदेश मात्रा (EOQ) और बैच उत्पादन (batch production) के लिए आर्थिक लॉट आकार के संदर्भ में इष्टतम इन्वेंटरी ले जाने के लिए है।

चर (Variables) हैं:

मॉडल समीकरण (Equation):

EOQ = √(2cs / I)

मॉडल के उपयोग (Uses of the model)

वैज्ञानिक इन्वेंटरी प्रबंधन में मॉडल एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक है। यह प्रबंधक को इन्वेंटरी रखने की आवश्यकताओं और लागत का विश्लेषण करने के लिए मजबूर करता है। यह निर्धारित करके इन्वेंटरी प्रबंधन में उपयोगी है:

  1. स्टॉक होल्डिंग का अधिकतम और न्यूनतम स्तर।
  2. ऑर्डरिंग स्तर (Ordering level) (यानी, वह स्टॉक बिंदु जब रीऑर्डर करने की आवश्यकता होती है)।
  3. ऑर्डर करने के लिए सबसे किफायती मात्रा (most economic quantity)।

3. कब ऑर्डर करना है यह निर्धारित करना (Determining when to order)

इन्वेंटरी का वह स्तर जिस पर आदेश जारी किया जाना चाहिए वह आधारित है:

  1. आदेश जारी होने और आइटम प्राप्त होने के बीच उपयोग की जाने वाली मात्रा।
  2. सुरक्षा का मार्जिन (margin of safety) प्रदान करने के लिए आवश्यक मात्रा।

दिए जाने वाले समय (Lead Time) का निर्धारण फर्म द्वारा ऑर्डर प्रोसेस करने, विक्रेता को ले जाने, विक्रेता द्वारा बनाने/पैक करने और फर्म तक पहुंचने में लगने वाले समय द्वारा किया जाता है।

4. प्रति ऑर्डर मात्रा (Quantity Per Order)

प्रति ऑर्डर मात्रा इन्वेंटरी के स्तर और ऑर्डर के बीच के समय को प्रभावित करती है। ऑर्डर निश्चित अंतराल (जैसे सप्ताह, महीने में एक बार) पर रखे जा सकते हैं या जब इन्वेंटरी एक निश्चित मात्रा तक पहुंच जाती है।

5. ऑर्डर करने की प्रक्रिया (Ordering Procedure)

कई वस्तुओं को नियमित आधार पर मंगाया जा सकता है। प्रक्रिया रीऑर्डर बिंदुओं (reorder points) से शुरू होती है और इसके लिए एक सतत इन्वेंटरी (Perpetual inventory) रखने की आवश्यकता होती है।

विशेष विश्लेषण की आवश्यकता वाले आइटम (Items requiring special analysis):

ऑर्डर करने की जिम्मेदारी सौंपना (Placing responsibility of ordering): सभी सामग्रियों को ऑर्डर करने की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति की होनी चाहिए, लेकिन उसे उन जानकार लोगों की मदद लेनी चाहिए जहाँ सामान की आवश्यकता है।

6. आपूर्ति के स्रोत (Sources of Supply)

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि खरीदी गई वस्तुओं की कीमत (Price of purchased goods) उत्पादन में एक प्रमुख लागत है, डिलीवरी और गुणवत्ता में विश्वसनीयता संचालन को प्रभावित करती है, और विक्रेता (Vendor) सूचना और सेवा का एक मूल्यवान स्रोत हो सकता है।

7. सामग्री प्राप्त करना (Receiving Materials)

सामग्री की प्राप्ति (receipt) और सूची (inventory) में अग्रेषण (forwarding) इनपुट प्राप्त करने का अंतिम चरण है। यह जाँचना कि सामग्री ऑर्डर, उचित स्थिति और गुणवत्ता के अनुरूप है या नहीं। परिवहन (transport) में क्षति (damage), रंग, आकार, उचित मात्रा और मूल्य के लिए सामग्रियों की जाँच की जाती है।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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