48. कार्मिक प्रबंधन (PERSONNEL MANAGEMENT)

प्रत्येक छोटे व्यवसाय का प्रबंधक (manager) इस अर्थ में एक कार्मिक प्रबंधक (personnel manager) होता है कि काम लोगों के माध्यम से, लोगों के साथ और लोगों के लिए किया जाता है। एक कार्मिक प्रबंधक के कार्यों में कर्मियों (personnel) की आवश्यकता की योजना बनाना, नए कर्मचारियों की भर्ती (recruiting), प्रशिक्षण (training) और विकास, उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन (evaluating), उन्हें मुआवजा (compensating) देना और औद्योगिक संबंध (industrial relation) सहित विभिन्न कार्मिक संबंधों से निपटना शामिल है।

स्टाफिंग (Staffing)

स्टाफिंग एक सफल व्यवसाय के आयोजन और प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण कार्य है। स्टाफिंग फ़ंक्शन (Staffing function) को आमतौर पर चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: (1) स्टाफिंग आवश्यकताएं, (2) अधिग्रहण (acquisition), (3) प्रेरणा (motivation), और (4) प्रतिधारण (retention)।

कार्मिक आवश्यकताओं की योजना बनाना (Planning Personnel Requirements)

चूंकि कार्य बल (work force) की मात्रा और गुणवत्ता दोनों महत्वपूर्ण हैं, इसलिए कर्मियों की योजना पूर्ण और विस्तृत होनी चाहिए, लेकिन लचीली (flexible) होनी चाहिए और कम से कम छमाही (half-yearly) अद्यतन की जानी चाहिए। नौकरी विनिर्देश (Job specification) लिखित विवरण होते हैं जो कर्तव्यों, अधिकार, जिम्मेदारी और काम करने की शर्तों और नौकरी को सफलतापूर्वक करने के लिए आवश्यक योग्यताओं (qualifications) को कवर करते हैं।

नए कर्मचारी ढूँढना (Finding new employees)

स्वतंत्र व्यवसाय के प्रबंधकों द्वारा आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले चार स्रोत हैं:

  1. संगठन के भीतर से योग्य लोग (Qualified people from within the organization)
  2. उद्योग में प्रतिस्पर्धी फर्मों के कर्मचारी (Personnel from competing firms)
  3. उद्योग के बाहर संगठन (Organization outside the industry)
  4. शैक्षणिक संस्थान (Educational institutions)

भर्ती और चयन (Recruitment and Selection)

बाहरी स्रोतों का उपयोग करने के कारण (Reasons for using external sources):

बाहरी स्रोत (External sources): पूर्व कर्मचारी, कर्मचारियों के मित्र और रिश्तेदार, प्रतिस्पर्धी फर्म, रोजगार एजेंसियां (Employment agencies), शैक्षणिक संस्थान आदि।

किसी दिए गए काम के लिए कर्मचारियों का चयन (Selecting employees for a given job)

नौकरी भरने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया नीचे दी गई है:

  1. पद के लिए नौकरी विनिर्देश (job specification) की समीक्षा करना।
  2. वर्तमान कर्मचारियों (present employees) पर विचार करना।
  3. बाहर देखना और आवेदकों की भर्ती (recruit applicants) करना।
  4. आवेदकों से जानकारी एकत्र करना।
  5. आवेदकों के साथ साक्षात्कार (interviews) की तैयारी करना।
  6. साक्षात्कार (Interview) आयोजित करना।
  7. आवेदक के ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण को निर्धारित करने के लिए मनोवैज्ञानिक परीक्षणों (psychological tests) का उपयोग करना।
  8. योग्य आवेदकों की जाँच करना।
  9. शारीरिक परीक्षण (physical examination) की व्यवस्था करना।
  10. तय करना कि क्या आवेदक को परीक्षण (trial basis) के आधार पर काम पर रखा जाना चाहिए।
  11. नए कर्मचारी के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम (orientation programme) आयोजित करना।
  12. तय करना कि क्या कर्मचारी को परिवीक्षा अवधि (probationary period) के बाद बनाए रखा जाना चाहिए।

प्रशिक्षण की आवश्यकता (Need for training)

न केवल नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित (trained) किया जाना चाहिए, बल्कि तेजी से बदलती नौकरी की आवश्यकताओं को समायोजित करने के लिए वर्तमान कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। इससे उत्पादकता (productivity) बढ़ेगी, पर्यवेक्षण (supervision) कम होगा और मनोबल (morale) ऊंचा होगा।

प्रशिक्षण के तरीके (Methods of training):

प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Appraisal)

प्रदर्शन मूल्यांकन कर्मचारियों को परामर्श (counseling) और कोचिंग देने का एक रूप है। यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा मालिक प्रत्येक कर्मचारी के प्रदर्शन प्रभावशीलता के बारे में जानकारी एकत्र करते हैं और उन्हें इस जानकारी का संचार करते हैं।

प्रदर्शन मूल्यांकन में शामिल हैं: (1) मानक स्थापित करना (establishing standards), (2) प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग (recording performance), (3) मानकों के अनुसार प्रदर्शन की समीक्षा करना (reviewing performance), और (4) सुधारात्मक कार्रवाई करना (taking corrective action)।

प्रदर्शन मूल्यांकन का उद्देश्य (Purpose of performance appraisal)

  1. एक विशिष्ट समय में प्रदर्शन का मूल्यांकन (Evaluation of performance)।
  2. कर्मचारियों को नौकरी के प्रदर्शन की प्रतिक्रिया (feedback) प्रदान करके उन्हें प्रेरित करना (Motivation)।
  3. प्रत्येक कर्मचारी के विकास की क्षमता का मूल्यांकन (जैसे पदोन्नति/promotion के लिए)।
  4. उत्कृष्ट प्रदर्शन (outstanding performance) के लिए पुरस्कारों के वितरण से संबंधित निर्णयों के लिए डेटा जमा करना।
  5. स्थानांतरण (transfers) और समाप्ति (terminations) से संबंधित निर्णयों के लिए जानकारी जमा करना।
  6. प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन।
  7. प्रबंधन के लक्ष्यों (goals of management) को संप्रेषित (communicating) करने के लिए प्रभावी तरीका।

मूल्यांकन के परिणामों से प्रत्येक कर्मचारी को अवगत कराया जाना चाहिए। यदि मूल्यांकन से पता चलता है कि किसी कर्मचारी का प्रदर्शन मानक से नीचे है, तो उसे अतिरिक्त प्रशिक्षण (additional training) दिया जाता है। यदि मानक पार कर लिए गए हैं, तो कर्मचारियों को बोनस या वेतन वृद्धि के साथ पुरस्कृत (rewarded) किया जाना चाहिए।

अस्वीकरण (Disclaimer):
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