49. वित्तीय प्रबंधन (FINANCIAL MANAGEMENT)

व्यवसाय का वित्तपोषण (Financing the business)

किसी व्यवसाय की पूंजी (capital) में वे धन (funds) शामिल होते हैं जिनका उपयोग व्यवसाय शुरू करने और चलाने के लिए किया जाता है। पूंजी दो प्रकार की हो सकती है: निश्चित (fixed) और कार्यशील (working)।

कार्यशील पूंजी प्रबंधन (Working Capital Management)

कार्यशील पूंजी का महत्व (Significance of working capital): कार्यशील पूंजी के बिना कोई भी व्यवसाय अपने दिन-प्रतिदिन के कार्यों को जारी रखने में सक्षम नहीं होगा, चाहे वह निश्चित संपत्ति (fixed assets) से पूरी तरह सुसज्जित ही क्यों न हो। यह व्यवसाय का जीवन-रक्त (lifeblood) है।

कार्यशील पूंजी के घटक (Components of working capital):

कार्यशील पूंजी के घटक (Components) मूल्यांकन का आधार (Basis of valuation)
नकद का स्टॉक (Stock of cash)कच्चे माल की खरीद लागत (Purchase cost)
कच्चे माल का स्टॉक (Stock of raw materials)मुख्य लागत (Prime cost)
तैयार माल का स्टॉक (Stock of finished goods)उत्पादन लागत (Cost of production)
देनदारों का मूल्य (Value of debtors)बिक्री की लागत या बिक्री मूल्य (sale value)
विविध वर्तमान संपत्तियां (Miscellaneous current assets - जैसे अल्पकालिक निवेश ऋण)कार्य व्यय (Working expenses)

कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को प्रभावित करने वाले कारक (Factors influencing working capital requirement): व्यवसाय की प्रकृति (Nature of business), संचालन की मौसमीता (Seasonality of operations), उत्पादन नीति (Production policy), बाजार की स्थिति, आपूर्ति की शर्तें, वृद्धि और विस्तार, मूल्य स्तर में परिवर्तन, और विनिर्माण चक्र।

कार्यशील पूंजी का गलत आकलन (inaccurate assessment) खतरनाक हो सकता है। कम आकलन (under assessment) से नकदी संकट, उत्पादन रुकावट और वृद्धि में रुकावट आ सकती है। अधिक आकलन (over assessment) से इन्वेंट्री का अनावश्यक संचय और कम रिटर्न मिल सकता है।

वित्तीय जरूरतों की योजना बनाना (Planning financial needs)

मालिक या प्रबंधक को निम्नलिखित प्रश्न पूछने में सक्षम होना चाहिए:

  1. मुझे पैसे की आवश्यकता क्यों है? (Why do I need the money?): नया व्यवसाय शुरू करना, इन्वेंट्री, विस्तार (expansion), रीमॉडलिंग, या कार्यशील पूंजी में सुधार।
  2. मुझे कितने पैसे की आवश्यकता होगी? (How much money will I need?): यह निर्दिष्ट करना महत्वपूर्ण है कि आप कितने पैसे का उपयोग करेंगे।
  3. मैं पैसे कब चुका पाऊंगा? (When I will be able to repay the money?): अधिकांश ऋण पुनर्भुगतान (loan repayments) माल और इन्वेंट्री की बिक्री से आते हैं।
  4. मुझे पैसे कहाँ से मिलेंगे? (Where will I obtain money?): विभिन्न स्रोतों (sources) से धन प्राप्त करने के फायदे और नुकसान की तुलना करें।

व्यवसाय के लिए पूंजी की सोर्सिंग (Sourcing of capital for business)

किसी भी व्यवसाय के वित्तपोषण (financing) के दो प्रमुख रूप हैं: इक्विटी वित्तपोषण (equity financing) और ऋण वित्तपोषण (debt financing)।

इक्विटी पूंजी (Equity capital): व्यक्तिगत बचत (personal savings), साझेदारी या किसी निगम में स्टॉक (stock) बेचकर आ सकती है। इसमें निवेशकों को व्यवसाय का स्वामित्व (ownership) देना शामिल है। इसके रूप हैं:

  1. सामान्य स्टॉक (Common stock): सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला रूप। विफलता (failure) की स्थिति में, लेनदारों को सामान्य स्टॉक धारकों से पहले चुकाया जाता है।
  2. पसंदीदा स्टॉक (Preferred stock): विफलता या दिवालियापन के दौरान स्टॉक धारकों के लिए एक प्राथमिकता प्रदान करता है।
  3. परिवर्तनीय डिबेंचर (Convertible debentures): यह एक दीर्घकालिक ऋण है जिसका भुगतान एक निवेशक द्वारा किया जाएगा, जिसमें निवेशक के पास चुकाए जाने से पहले डिबेंचर को सामान्य स्टॉक में बदलने का विकल्प होगा।
  4. ऋण वारंटी (Debt warranties): परिवर्तनीय डिबेंचर के समान, लेकिन निवेशक या लेनदार को एक विशिष्ट निर्धारित मूल्य पर एक निर्दिष्ट स्टॉक (specified stock) खरीदने का विकल्प (option) अनुमति देगा।

वेंचर कैपिटल (Venture capital): नए उद्यमों के लिए इक्विटी फंड का बढ़ता हुआ स्रोत है, जो विशेष रूप से नई तकनीक वाले व्यवसायों में लोकप्रिय है।

ऋण पूंजी के स्रोत (Source of debt capital): वाणिज्यिक बैंक (Commercial banks), सहकारी बैंक (Co-operative banks), म्यूचुअल फंड, विक्रेता (Vendors), उपकरण निर्माता, निजी निवेशक, और विशेष वित्तीय संस्थान (जैसे IDBI, SIDBI, NABARD, Exim Bank आदि)।

ऋण (loan) के लिए आवेदन करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

बैंक ऋण आवेदन पर विचार करते समय तीन चीजों की तलाश करते हैं: (1) ऋण चुकाने की क्षमता (ability to repay), (2) संपार्श्विक (collateral), और (3) रिकॉर्ड (record)। ऋण के लिए आवेदन करते समय आवश्यक तीन वित्तीय विवरण (financial statements) हैं: (1) एक बैलेंस शीट (balance sheet), (2) एक आय विवरण (income statement), और (3) एक नकदी प्रवाह विवरण (cash flow statement)।

वित्तीय विश्लेषण (Financial Analysis)

वित्तीय विश्लेषण प्रबंधन की जड़ों में से एक है जिसका उपयोग उसके नियंत्रण कार्य (controlling function) को पूरा करने के लिए किया जाता है। वित्तीय विवरण (financial statement) दो मूल विवरणों को संदर्भित करता है:

1. बैलेंस शीट (Balance Sheet)

यह किसी विशिष्ट समय (particular point of time) पर किसी फर्म की वित्तीय स्थिति का विवरण है। यह व्यवसाय के संसाधनों (resources) और देनदारियों (liabilities) का एक लिखित प्रतिनिधित्व है। परिसंपत्तियां (Assets) हमेशा देनदारियों (liabilities) और निवल मूल्य (net worth) के योग के बराबर होनी चाहिए।

उपयोगिता:

2. आय विवरण (Income Statement)

इसे लाभ और हानि विवरण (profit and loss statement) भी कहा जाता है। यह एक लेखा अवधि (accounting period) के दौरान अर्जित शुद्ध लाभ (net profit) या शुद्ध हानि को दर्शाता है। यह फर्म की आय (incomes) के स्रोत और खर्चों (expenses) की प्रकृति का वर्णन करता है।

आय विवरण के उपयोग (Uses): व्यवसाय द्वारा अर्जित लाभ का निर्धारण, कम लाभ या नुकसान के कारणों का पता लगाना, और भविष्य के नुकसान को रोकने के लिए कार्रवाई करना।

बैलेंस शीट और आय विवरण की तुलना (Comparison)

बैलेंस शीट (Balance sheet / Net worth statement) आय विवरण (Income statement / Profit loss statement)
यह किसी दिए गए समय पर संपत्ति (assets), देनदारियों (liabilities) और मालिक की इक्विटी (owner's equity) का सारांश है।यह चयनित लेखा अवधि के दौरान कृषि व्यवसाय के नकद (cash) और गैर-नकद वित्तीय लेनदेन दोनों का सारांश है।
यह ऋण (loan) अनुरोध की समीक्षा में ऋणदाता (lender) द्वारा सबसे अधिक अनुरोधित दस्तावेज है।इसका उपयोग समय की अवधि के दौरान व्यवसाय की वित्तीय लाभप्रदता (profitability) को मापने के लिए किया जाता है।
इसका उपयोग आय विवरण और टैक्स रिटर्न तैयार करने में किया जाता है।इसका उपयोग व्यावसायिक लाभप्रदता, दक्षता और वित्तीय स्थिरता (financial stability) का विश्लेषण करने में किया जाता है।

नकदी प्रवाह विवरण (Cash flow statement)

नकदी प्रवाह विवरण इस बात का माप है कि व्यापार में महीने-दर-महीने हाथ में कितनी नकदी (cash) है। यह सभी नकद प्राप्तियों (cash receipts) और सभी नकद वितरणों (cash disbursements) को रिकॉर्ड या प्रोजेक्ट करता है।

वित्तीय परीक्षण (Financial Tests)

अनुपात विश्लेषण (Ratio analysis) यह बताएगा कि आपके व्यवसाय संचालन में वर्तमान में क्या ताकत, कमजोरी और दबाव काम कर रहे हैं। तीन प्रकार के वित्तीय परीक्षण (financial tests) होते हैं:

क) तरलता का परीक्षण (Tests of liquidity)

यह फर्म के वर्तमान वित्तीय दायित्वों (current financial obligations) को पूरा करने की क्षमता को निर्धारित करता है।

  1. वर्तमान अनुपात (Current ratio):
    वर्तमान अनुपात = Current assets / Current liabilities
  2. एसिड टेस्ट अनुपात (Acid test ratio / Quick ratio): इसमें वर्तमान संपत्तियों से इन्वेंट्री को बाहर रखा जाता है।
    ATR = Current monetary assets / Current liabilities
  3. प्राप्य के लिए इन्वेंटरी अनुपात (Inventory to receivable ratio):
    अनुपात = Inventory / Total receivables

ख) सॉल्वेंसी के परीक्षण (Tests of Solvency)

ये किसी फर्म की दीर्घकालिक (long-term) वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की क्षमता (ऋण का पुनर्भुगतान) को मापने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

  1. कुल ऋण अनुपात का निवल मूल्य (Net worth to total debt ratio):
    अनुपात = Net worth / Total liability. अनुपात जितना बड़ा होगा, लेनदारों को दिवालिया होने की चिंता उतनी ही कम होगी।
  2. अचल संपत्ति अनुपात का निवल मूल्य (Net worth to fixed asset ratio):
    अनुपात = Net worth / Fixed assets. यह निश्चित संपत्ति (fixed assets) में निवेश किए गए मालिक की इक्विटी (owner’s equity) के अनुपात को इंगित करता है।

ग) लाभप्रदता के परीक्षण (Tests of Profitability)

यह समय के साथ प्रदर्शन प्रवृत्तियों (performance trends) की पहचान करने और समान व्यावसायिक फर्मों के बीच लाभ प्रदर्शन की तुलना करने में प्रबंधकों के लिए सहायक है।

  1. निवेश अनुपात में आय (The earnings to investment ratio):
    अनुपात = Net income / Net worth. यह शेयर धारकों (stock holders) के लिए विशेष रुचि का है क्योंकि इसका लाभांश (dividends) पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
  2. बिक्री अनुपात में आय (The earnings to sales ratio):
    अनुपात = Net income / Sales. यह बिक्री के लिए लाभ मार्जिन (profit margin) को मापता है। अनुपात जितना अधिक होगा, फर्म उतनी ही अधिक लाभदायक होगी।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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