51. कृषि व्यवसाय के लिए सरकारी कार्यक्रम और विनियम (GOVERNMENT PROGRAMMES AND REGULATIONS FOR AGRIBUSINESS)

कृषि व्यवसाय के लिए सरकारी कार्यक्रम (Government programmes for agribusiness)

भारत में कृषि व्यवसाय स्थापित करने के लिए उद्यमियों (entrepreneurs) को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों दोनों ने कार्यक्रम तैयार किए हैं। निवेश (investment) के आधार पर इन्हें लघु उद्योग (small-scale industries), खादी ग्राम उद्योग (Khadi village industries), लघु और मध्यम उद्योग (small and medium industries), बड़े उद्योग के अंतर्गत आने वाले कार्यक्रमों के रूप में वर्गीकृत (classified) किया जा सकता है।

निर्यात बाजार (export market) को मजबूत करने के लिए, सरकार ने निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्रों (Export Processing Zones - EPZ) को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (Special Economic Zones - SEZ) में बदलने और कृषि-निर्यात क्षेत्रों की स्थापना के उपाय किए हैं। सरकार कोल्ड स्टोरेज चेन (cold storage chains), सड़क, रेल, समुद्र और हवाई परिवहन प्रणालियों जैसे बुनियादी ढांचे (infrastructure) के विकास में निवेश करने के लिए निजी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

उद्यमशीलता प्रशिक्षण संस्थान (Entrepreneurial Training institutes)

लघु उद्योग उद्यमियों (small-scale entrepreneurs) के प्रशिक्षण में तीन संस्थान लगे हुए हैं:

  1. भारतीय उद्यमिता संस्थान (IIE), गुवाहाटी
  2. राष्ट्रीय लघु उद्योग विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (NISIET), हैदराबाद
  3. राष्ट्रीय उद्यमिता और लघु व्यवसाय विकास संस्थान (NIESBUD), नई दिल्ली

सुगंध और स्वाद विकास केंद्र (Fragrance & Flavour Development Centre - FFDC), कन्नौज

FFDC को 1991 में भारत सरकार द्वारा UNDP/UNIDO की सहायता से एक स्वायत्त निकाय (autonomous body) के रूप में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सुगंधित खेती (aromatic cultivation) और इसके प्रसंस्करण में लगे किसानों और उद्योग की स्थिति को बनाए रखना और उन्नत (upgrade) करना है, ताकि उन्हें स्थानीय और वैश्विक बाजार दोनों में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्र (Export Processing Zones - EPZ)

EPZ का उद्देश्य निर्यात उत्पादन के लिए एक प्रतिस्पर्धी शुल्क मुक्त वातावरण (competitive duty free environment) प्रदान करना है। सरकार द्वारा नोएडा (उत्तर प्रदेश), चेन्नई (तमिलनाडु), पाल्टा (पश्चिम बंगाल) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) में चार EPZ स्थापित किए गए हैं।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (Special Economic Zones - SEZ)

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए SEZ स्थापित करने की योजना 31 मार्च, 2000 को निर्यात और आयात नीति (Export and Import Policy) में घोषित की गई थी। इसके तहत कांडला (गुजरात), सांताक्रूज (महाराष्ट्र) और कोचीन (केरल) में मौजूदा EPZ को SEZ में बदला गया।

निर्यात उन्मुख इकाइयाँ (Export Oriented Units - EOU)

1981 की शुरुआत में शुरू की गई EOU योजना, EPZ योजना की पूरक (complementary) है। उत्पाद श्रृंखला: EOU मुख्य रूप से कपड़ा और सूत, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, प्लास्टिक, ग्रेनाइट और खनिजों/अयस्कों में केंद्रित हैं।

अन्य योजनाएं (Other Schemes)

विनियम और कानून (Regulations and Laws)

निर्णय (Decisions) प्रतियोगिता, मूल्य निर्धारण, वितरण व्यवस्था, विज्ञापन आदि से संबंधित कानूनों से काफी प्रभावित होते हैं। भारत में व्यापार को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कानून (Legal regulations) हैं: भारतीय अनुबंध अधिनियम (1872), कारखाना अधिनियम (1948), न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (1948), कंपनी अधिनियम (1956), एमआरटीपी अधिनियम (1969), पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986), उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (1986), सेबी अधिनियम (1992) आदि।

खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता (FOOD SAFETY & QUALITY)

  1. फल उत्पाद आदेश (Fruit Products Order - FPO), 1955: आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत, इसका उद्देश्य फल, सब्जी उत्पादों के निर्माण में स्वच्छता की स्थिति को विनियमित करना है। यह परिसर (premises), पानी, मशीनरी और उत्पाद मानकों के लिए न्यूनतम आवश्यकताएं निर्धारित करता है।
  2. मांस खाद्य उत्पाद आदेश (Meat Food Products Order - MFPO), 1973: मांस खाद्य उत्पादों के लिए स्वच्छता और अन्य आवश्यकताओं, भारी धातुओं की सीमा (limits of heavy metals), संरक्षक (preservatives), कीटनाशकों (insecticides) को निर्धारित करता है।
  3. दूध और दुग्ध उत्पाद आदेश (Milk & Milk Products Order - MMPO), 1992: आम जनता को वांछित गुणवत्ता (desired quality) वाले तरल दूध की बढ़ी हुई आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से देश भर में दूध और दुग्ध उत्पादों के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को विनियमित किया गया है।
  4. कोडेक्स एलिमेंटेरियस (Codex Alimentarius): लैटिन से लिया गया है और इसका अर्थ है 'खाद्य कोड (food code)'। यह खाद्य निर्माण और व्यापार के लिए मानक विकसित करने में मदद करने के लिए सभी इच्छुक पार्टियों (वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, सरकारों, उपभोक्ताओं) को एक साथ लाता है। भारत में कोडेक्स संपर्क बिंदु (Codex contract Point) स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) है।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से संबंधित कानून (Laws relating to food processing industries)

हजार्ड एनालिसिस एंड क्रिटिकल कंट्रोल पॉइंट (HACCP)

यह एक महत्वपूर्ण गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली (quality assurance system) है। यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता के हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में यह अत्यंत वांछनीय (desirable) है।

किस काम के लिए किससे संपर्क करें (Whom to approach for what)

शामिल कदम (Steps involved) संपर्क किए जाने वाले व्यक्ति/अधिकारी (Persons/ Officers to be contacted)
उत्पाद चयन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट में सहायतालघु उद्योग सेवा केंद्र (Small Industries Service Centre), चेन्नई
अनंतिम/स्थायी पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करनासंबंधित जिले के जिला उद्योग केंद्र (District Industries Centre)
बिक्री कर (sales tax) के तहत पंजीकरणवाणिज्यिक कर आयुक्त का कार्यालय (The Commissioner of Commercial Taxes)
केंद्रीय उत्पाद शुल्क के तहत पंजीकरणकेंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क कलेक्टर का कार्यालय
वित्त (Finance) प्राप्त करनाराष्ट्रीयकृत बैंक, निजी बैंक, TIIC, SIDBI
जल आपूर्ति (water supply) प्राप्त करनातमिलनाडु जल आपूर्ति एवं जल निकासी बोर्ड (TWAD)
विद्युत (Power) कनेक्शन प्राप्त करनातमिलनाडु बिजली बोर्ड (TNEB)
ESI अधिनियम के तहत पंजीकरणकर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC)
ISI प्रमाणपत्र (ISI Certificate) प्राप्त करनाभारतीय मानक ब्यूरो (BIS), नई दिल्ली
ट्रेड मार्क (Trade mark) पंजीकरण प्राप्त करनाट्रेड मार्क रजिस्ट्रार (Registrar of Trade markers)
पेटेंट अधिकार (patent Right) प्राप्त करनापेटेंट और डिज़ाइन नियंत्रक (The Controller of patents and Design)
खाद्य उत्पाद आदेश (FPO) के तहत लाइसेंसउप निदेशक, विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय, कृषि मंत्रालय
दवा और प्रसाधन सामग्री निर्माण के लिए लाइसेंसऔषधि नियंत्रक (Drug Controller) कार्यालय
प्रदूषण नियंत्रण लाइसेंस (Pollution control License)तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB)
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