अध्याय 36 (Lec. 3): कृषि वानिकी (Agroforestry) - परिभाषा, लाभ और बाधाएं
कृषि वानिकी की अवधारणा (Concept of Agroforestry):
कृषि वानिकी उन भूमि-उपयोग प्रणालियों (land-use systems) का सामूहिक नाम है जिसमें भूमि की एक ही इकाई पर पेड़ों के साथ-साथ फसलों और/या जानवरों को भी शामिल किया जाता है। यह संसाधनों की सुरक्षा के साथ कई उत्पादों (multiple outputs) के उत्पादन को जोड़ती है। यह विशेष रूप से नाजुक वातावरण (fragile environments) के लिए उपयुक्त है और मोनोकल्चर (एकल फसल) की तुलना में अधिक जटिल (complex) है।
परिभाषा (Definition):
कृषि वानिकी कोई भी टिकाऊ भूमि-उपयोग प्रणाली (sustainable land-use system) है जो एक ही भूमि पर खाद्य फसलों (वार्षिक) को वृक्ष फसलों (बारहमासी) और/या पशुधन के साथ मिलाकर कुल उपज को बनाए रखती है या बढ़ाती है। इसमें स्थानीय लोगों की सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताओं और क्षेत्र की पारिस्थितिक (ecological) व आर्थिक (economical) स्थितियों के अनुरूप प्रबंधन प्रथाओं का उपयोग किया जाता है।
सामाजिक वानिकी और कृषि वानिकी में अंतर (Difference between Social forestry and Agroforestry):
- सामाजिक वानिकी (Social Forestry): यह पारंपरिक वनों के बाहर पेड़ों को लगाने की प्रथा है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों और गरीब समुदाय की भलाई के लिए ईंधन, चारा आदि का निरंतर प्रवाह प्रदान करना है।
- कृषि वानिकी (Agroforestry): इसमें पेड़ों को कृषि फसलों और पशुओं के साथ एक ही खेत में उगाया जाता है ताकि भूमि की कुल उत्पादकता बढ़ाई जा सके।
वृक्षों की खेती के लिए विभिन्न शब्दावली (Different terminologies):
- फार्म वानिकी (Farm Forestry): किसानों द्वारा अपनी भूमि पर व्यावसायिक (commercial) पेड़ उगाने का कार्यक्रम।
- विस्तार वानिकी (Extension Forestry): पारंपरिक वन क्षेत्रों से दूर खाली स्थानों पर पेड़ लगाना। इसमें शामिल हैं:
- मिश्रित वानिकी (Mixed forestry): बंजर भूमि पर चारा घास के साथ चारे और फलदार पेड़ उगाना।
- शेल्टरबेल्ट (Shelterbelts): हवा, धूप या बर्फ से बचाव के लिए पेड़ों या झाड़ियों की बेल्ट (belt)।
- लीनियर स्ट्रिप प्लांटेशन (Linear Strip plantations): रैखिक पट्टियों पर तेजी से बढ़ने वाली प्रजातियों का रोपण।
- अवक्रमित वनों का पुनर्वास (Rehabilitation of Degraded forests): वनों के खराब हुए क्षेत्र की पारिस्थितिक बहाली (ecological restoration)।
- मनोरंजन वानिकी (Recreation Forestry): शहरी और ग्रामीण आबादी के मनोरंजन के लिए फूल वाले पेड़-पौधे उगाना। इसे एस्थेटिक वानिकी (Aesthetic forestry) भी कहते हैं।
कृषि वानिकी के लाभ (Benefits of agroforestry):
- पर्यावरणीय लाभ (Environmental benefits): प्राकृतिक जंगलों पर दबाव कम होता है। पेड़ों की गहरी जड़ों द्वारा पोषक तत्वों (nutrients) का बेहतर पुनर्चक्रण होता है। मिट्टी का कटाव (soil erosion) रुकता है। मल्चिंग और छाया से माइक्रोक्लाइमेट (microclimate) में सुधार होता है और सड़े हुए पत्तों (litter) से मिट्टी की संरचना सुधरती है।
- आर्थिक लाभ (Economic benefits): भोजन, ईंधन लकड़ी, चारा और टिम्बर के उत्पादन में वृद्धि होती है। एक ही फसल के पूरी तरह से विफल (crop failure) होने की संभावना कम होती है, जिससे कृषि आय में वृद्धि होती है।
- सामाजिक लाभ (Social benefits): निरंतर रोजगार से ग्रामीण जीवन स्तर (living standards) में सुधार होता है। भोजन में विविधता के कारण पोषण और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
कृषि वानिकी में बाधाएं (Constraints in agroforestry):
1. हस्तक्षेप प्रभाव और प्रतिस्पर्धा (Interference effects / Allelospoly):
कृषि वानिकी में पेड़ और फसलें प्रकाश, पानी और पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा (compete) करते हैं।
- प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा: पेड़ों की घनी छाया से नीचे बोई गई फसल की उपज कम हो सकती है।
- नमी (Moisture) के लिए प्रतिस्पर्धा: हालांकि पेड़ गहरे जड़ों वाले होते हैं, लेकिन नीलगिरी (Eucalyptus) जैसे पेड़ों की जड़ें ऊपरी मिट्टी (top 30cm) में भी फसलों से पानी के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा करती हैं।
- पोषक तत्वों (Nutrients) के लिए प्रतिस्पर्धा: मिट्टी की 50 सेमी तक की परत में पेड़ों की जड़ें कृषि फसलों के साथ पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा करती हैं।
2. एलेलोपैथी (Allelopathy):
एक पौधे द्वारा उत्पादित रासायनिक अवरोधकों (chemical inhibitors) का दूसरे पौधे पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हानिकारक प्रभाव एलेलोपैथी कहलाता है। यह विषाक्त पदार्थ (toxins) मुख्य रूप से पेड़ों की पत्तियों और कचरे (litter) से निकलते हैं।
3. अन्य बाधाएं:
- पक्षियों से नुकसान: खेत में पेड़ लगाने से पक्षी आकर्षित होते हैं, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
- कीटों के लिए वैकल्पिक मेजबान: कुछ पेड़ फसलों के कीटों (insect pests) को आश्रय देते हैं।
- देरी से आय: पेड़ों के परिपक्व (mature) होने में लंबा समय लगता है, जिससे निवेश का लाभ देर से मिलता है।
नकारात्मक प्रभावों को कम करने के विकल्प (Silvicultural options for minimizing the negative interactions):
- पेड़ों के घनत्व और व्यवस्था में हेरफेर: पेड़ों के बीच की दूरी (spacing) बढ़ाकर फसलों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। पेड़ों को पूर्व-पश्चिम दिशा (East-West direction) में लगाने से छाया का प्रभाव कम होता है।
- मुकुट और जड़ों की छंटाई: पेड़ों की शाखाओं (crown pruning) और जड़ों की छंटाई (root pruning) या ट्रेंचिंग (trenching) करने से फसलों को अधिक प्रकाश मिलता है और पानी/पोषक तत्वों की प्रतिस्पर्धा कम होती है। छंटे हुए पत्तों का उपयोग हरी खाद (green manure) के रूप में किया जा सकता है।
- कृषि फसलों का चुनाव (Choice of Agricultural crops): सीमित धूप में अच्छी तरह से बढ़ने वाली फसलों का चुनाव करना चाहिए। उदाहरण:
- सब्जियां: अदरक, हल्दी, आलू।
- फसलें: जई (Oats), मक्का, सोयाबीन।
- घास: सेंच्रस (Cenchrus spp), पैनिकम (Panicum)।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।
तब तक, कृपया इसे पढ़ें और अपना बहुमूल्य
फीडबैक (Feedback) या कमेंट नीचे दिए गए लिंक पर सबमिट करें ताकि हम इसमें आवश्यक सुधार करके इसे सभी छात्रों के लिए बेहतरीन बना सकें:
👉
https://agrigyan.in/feedback/