अध्याय 39 (Lec. 6): कृषि प्रणालियों की कुछ उप-प्रणालियां
viii) शेल्टर-बेल्ट (Shelter-belt):
ये पेड़ों की कई पंक्तियों से बने बेल्ट या ब्लॉक होते हैं जिन्हें मुख्य रूप से चलने वाली हवा (prevailing wind) के समकोण (right angles) पर स्थापित किया जाता है।
उद्देश्य: हवा की धाराओं को मोड़ना, प्रचलित हवाओं के वेग (velocity) को कम करना, हवा के कटाव (wind erosion) और गर्म हवाओं से लीवार्ड (leeward - हवा के विपरीत दिशा) क्षेत्रों को सुरक्षा प्रदान करना, तथा भोजन, चारा, और लकड़ी प्रदान करना।
शेल्टर-बेल्ट की मुख्य विशेषताएं:
- आकार (Shape): शेल्टर-बेल्ट का आकार त्रिकोणीय (triangular) होता है, जो केंद्र में ऊंचे पेड़ लगाकर प्राप्त किया जाता है।
- चौड़ाई और ऊंचाई: भारतीय परिस्थितियों में 50 मीटर तक की चौड़ाई वाले शेल्टर-बेल्ट आदर्श माने जाते हैं। ऊंचाई और चौड़ाई का अनुपात लगभग 1:10 होना चाहिए।
- अभिविन्यास (Orientation): यदि हवा की दिशा बार-बार बदलती है, तो शेल्टर-बेल्ट को चौकोर (quadrangles) आकार में लगाया जा सकता है।
- लंबाई: शेल्टर-बेल्ट की न्यूनतम लंबाई इसकी ऊंचाई से लगभग 25 गुना होनी चाहिए।
- उपयुक्त प्रजातियां: घास (सेंचरस), झाड़ियां (कैलोट्रोपिस) और पेड़ (बबूल, शीशम, नीलगिरी, कैसुरीना)।
ix) विंड-ब्रेक या हवा रक्षक (Wind-break):
विंड-ब्रेक पेड़ों और/या झाड़ियों की पट्टियां (strips) हैं जिन्हें खेतों, घरों और नहरों को तेज हवा, उड़ती हुई मिट्टी या रेत से बचाने के लिए लगाया जाता है।
लगाने के कारण: पशुओं को ठंडी हवाओं से बचाना, फसलों को गर्म व सूखने वाली हवाओं से बचाना, मिट्टी के कटाव को रोकना, खेतों से पानी के वाष्पीकरण (evaporation) को कम करना और बाड़ लगाना (fencing)।
विंड-ब्रेक की विशेषताएं:
- पारगम्यता (Permeability): पारगम्य (permeable) विंड-ब्रेक जो कुछ हवा को अपने आर-पार गुजरने देते हैं, वे सबसे उपयुक्त होते हैं। ये संरक्षित क्षेत्र में हवा के वेग को 25% से 75% तक कम कर सकते हैं। घने विंड-ब्रेक (Dense wind-breaks) घर के आसपास या छोटे क्षेत्रों के लिए अच्छे होते हैं।
- अभिविन्यास (Orientation): सर्वोत्तम परिणामों के लिए, इन्हें उस हवा के समकोण पर लगाएं जिससे सुरक्षा की आवश्यकता है। उत्तर-दक्षिण दिशा में लगाना एक अच्छा विकल्प है।
- ऊंचाई का प्रभाव (Height): विंड-ब्रेक जितना ऊंचा होगा, वह उतने ही बड़े क्षेत्र की रक्षा करेगा। हवा की दिशा में (downwind) यह पेड़ की ऊंचाई के 25 गुना दूरी तक हवा की गति कम करता है। हवा के विपरीत (upwind) यह 5 गुना दूरी तक सुरक्षा देता है। उदाहरण: 20 मीटर ऊंचा विंड-ब्रेक अपविंड में 100 मीटर और डाउनविंड में 500 मीटर तक सुरक्षा देगा।
- लंबाई (Length): विंड-ब्रेक सबसे अधिक प्रभावी तब होता है जब यह पेड़ की परिपक्व ऊंचाई के 12 गुना से अधिक दूरी तक बिना किसी बड़े खाली स्थान (gap) के हो।
- पंक्तियों की संख्या (Number of rows): एक पंक्ति (single row) का विंड-ब्रेक तब लगाया जाता है जब भूमि कम हो, लेकिन यदि एक पेड़ मर जाए तो वह खाली जगह (gap) पूरी प्रणाली को खराब कर देती है। इसलिए, 3 से 5 पंक्तियों वाले विंड-ब्रेक सबसे प्रभावी होते हैं (केंद्र में ऊंचे पेड़ और बाहर छोटी झाड़ियां)।
- अंतराल (Gaps): रास्तों और गेट के लिए अंतराल की आवश्यकता होती है, लेकिन इससे हवा का वेग उस जगह बहुत तेज हो जाता है (funneling effect)। इसे रोकने के लिए अंतराल को 45 डिग्री के कोण पर बनाना चाहिए।
- प्रजातियां (Species): सीधे और ऊर्ध्वाधर (vertical) बढ़ने वाले पेड़ आदर्श हैं, जैसे- नीलगिरी (Eucalyptus), बबूल, कैसुरीना, शीशम।
x) मृदा संरक्षण हेजेज (Soil Conservation Hedges):
इसमें पेड़ों को भौतिक मिट्टी संरक्षण कार्यों (जैसे- घास की पट्टियों, मेड़ों, छतों या टेरेस) पर लगाया जाता है। पेड़ों की मूसला जड़ प्रणाली (root system) मिट्टी की संरचना को स्थिर (stabilise) करती है। पहाड़ी ढलानों पर छतों (terraces) पर पेड़ों को सघन (densely) रूप से लगाया जाता है। इनका मुख्य काम मिट्टी का संरक्षण करना और फल, चारा, तथा ईंधन लकड़ी प्रदान करना है।
उपयुक्त प्रजातियां: ग्रेविलिया रोबस्टा (Grevillea robusta), बबूल (Acacia catechu), पाइनस रॉक्सबर्घी, ल्यूकेना ल्यूकोसेफला आदि।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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