कृषि वानिकी D & D (Diagnosis and Design) भूमि प्रबंधन समस्याओं की पहचान (निदान) करने और कृषि वानिकी समाधानों को डिजाइन करने के लिए प्रक्रियाओं का एक समूह है। ICRAF ने कृषि वानिकी शोधकर्ताओं और विकास कार्यकर्ताओं की सहायता के लिए यह दृष्टिकोण विकसित किया है ताकि प्रभावी अनुसंधान और विकास परियोजनाओं की योजना बनाई जा सके और उन्हें लागू किया जा सके।
| चरण (Stage) | मूल प्रश्न (Basic question) | विचार करने के मुख्य कारक (Key factors) |
|---|---|---|
| पूर्व-निदान चरण (Prediagnostic stage) | कौन सी भूमि-उपयोग प्रणाली है? यह प्रणाली कैसे काम करती है? | संसाधन तकनीक और भूमि-उपयोगकर्ता के उद्देश्य। उत्पादन की रणनीति। |
| नैदानिक चरण (Diagnostic stage) | प्रणाली कितनी अच्छी तरह काम करती है? | उद्देश्यों को पूरा करने में समस्याएं, बाधाएं और हस्तक्षेप बिंदु। |
| डिजाइन और मूल्यांकन (Design and evaluation) | प्रणाली में सुधार कैसे किया जा सकता है? | समस्या समाधान या प्रदर्शन बढ़ाने वाले हस्तक्षेप। |
| योजना चरण (Planning stage) | उन्नत तकनीक को कैसे विकसित और प्रसारित किया जा सकता है? | D & D की जरूरतें, विस्तार की जरूरतें (extension needs)। |
| कार्यान्वयन चरण (Implementation stage) | कार्य योजना को नई जानकारी के अनुसार कैसे समायोजित (adjust) किया जाए? | अनुसंधान परीक्षणों से फीडबैक, किसानों के नवाचार। |
D & D की प्रक्रियाएं आमतौर पर दो प्रकार की होती हैं:
एक अच्छे कृषि वानिकी डिजाइन को निम्नलिखित तीन मानदंडों को पूरा करना चाहिए: