व्याख्यान 31 (Lecture 31)

जई (Oats)

Avena sativa

जई (Avena sativa) को रबी के मौसम (Rabi season) में सिंचित (irrigated) और वर्षा आधारित (rainfed) दोनों स्थितियों में चारे (fodder) के उद्देश्य से सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। जई का चारा काफी पौष्टिक (nutritive) होता है, जिसमें औसतन 50% फूल आने की अवस्था (flowering stage) में 7.6 प्रतिशत कच्चा प्रोटीन (crude protein) और विकास के बहुत शुरुआती चरण (early stage of growth) में लगभग 14.6 प्रतिशत होता है। पर्याप्त सिंचित स्थितियों (irrigated conditions) में, यह जनवरी से शुरू होकर तीन कटाई (cuttings) दे सकता है जब हरे चारे (green fodder) की कमी होती है।

किस्में (Varieties)

पालमपुर-1 (Palampur-1)

यह एक मध्यम अवधि (medium maturing) की किस्म है जिसकी 50 प्रतिशत फूल आने पर पौधे की ऊंचाई लगभग 115 सेमी होती है, जो लगभग 145 दिनों में आती है। पत्तियां चौड़ी और गहरे हरे रंग की होती हैं। इसमें एक समान कल्ले (uniform tillering) होते हैं और प्रति पौधा लगभग 15 कल्ले (tillers) निकलते हैं। यह औसतन 500 क्विंटल हरा चारा प्रति हेक्टेयर (quintals green fodder per hectare) देती है। बीज की फसल (seed crop) लगभग 190 दिनों में पक जाती है।

केंट (Kent)

यह एक जल्दी पकने वाली किस्म (early variety) है जिसमें लगभग 125 दिनों में फूल आ जाते हैं। इसमें मध्यम कल्ले (moderate tillering) और पौधे की ऊंचाई होती है, और पत्तियां मध्यम आकार की होती हैं। बीज की फसल लगभग 180 दिनों में पक जाती है। औसतन, यह 360 क्विंटल हरा चारा प्रति हेक्टेयर देती है।

मिट्टी (Soil)

जलभराव (waterlogged) वाली मिट्टी को छोड़कर, जई को सभी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है।

बीज दर और बुवाई की विधि (Seed rate and method of sowing)

बुवाई 25 सेमी की दूरी पर पंक्तियों (rows) में 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की बीज दर (seed rate) से की जानी चाहिए। बीजों को आवृत कंडुआ रोग (covered smut disease) से मुक्ति सुनिश्चित करने के लिए विटावैक्स (Vitavax) 2 ग्राम/किग्रा बीज से उपचारित किया जाना चाहिए। वर्षा आधारित स्थितियों (rainfed conditions) में, जई को 20 सेमी की दूरी पर लाइनों में बोने और मटर के छिड़काव (broadcasting of pea) से अधिक हरा और साथ ही सूखा चारा उपज (dry fodder yield) प्राप्त होती है।

बुवाई का समय (Sowing time)

फसल की बुवाई मध्य सितंबर से मध्य दिसंबर तक की जानी चाहिए।

खाद और उर्वरक (Manuring)

कई कटाई (multiple cutting) के लिए, बुवाई के समय 40 किलोग्राम नाइट्रोजन (N) और 40 किलोग्राम फॉस्फोरस (\(P_2O_5\)) का बेसल ड्रेसिंग (basal dressing) किया जाना चाहिए, और पहली और दूसरी कटाई के बाद प्रत्येक में 30 किलोग्राम नाइट्रोजन (N) को टॉप ड्रेसिंग (top dressing) के रूप में लगाया जाना चाहिए।

सिंचाई (Irrigation)

तीन से चार सिंचाई (irrigations) पर्याप्त होती हैं। कई कटाई (multiple cuttings) के मामले में, प्रत्येक कटाई के बाद खेत की सिंचाई की जानी चाहिए।

कटाई (Cuttings)

सिंगल कट प्लॉट्स (single cut plots) के लिए, कटाई का इष्टतम समय (optimum time of harvesting) पचास प्रतिशत फूल आने की अवस्था (fifty per cent bloom stage) है। कई कटाई (multiple cuttings) के लिए, पहली कटाई बुवाई के लगभग तीन महीने बाद ली जाती है और बाद की कटाई 40 दिनों के अंतराल (interval) पर की जाती है।

बीज उत्पादन (Seed production)

औसतन, लगभग 15 क्विंटल बीज प्रति हेक्टेयर प्राप्त होता है, यदि चारे के लिए कोई कटाई नहीं की जाती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple choice questions)

  1. जई के लिए अनुशंसित बीज दर (recommended seed rate) _______ किग्रा/हेक्टेयर है:
    1. 100
    2. 50
    3. 70

  2. जई की बुवाई के लिए इष्टतम तापमान (optimum temperature) __________ है:
    1. 10 – 12°C
    2. 25 – 30°C
    3. 15 – 20°C

  3. जई की फसल को ________ जलवायु (climate) की आवश्यकता होती है:
    1. गर्म और आर्द्र (Warm and humid)
    2. शुष्क और गर्म (Dry and hot)
    3. ठंडी और शुष्क (Cold and dry)

  4. जई की कटाई का इष्टतम समय (optimum time of harvesting) ____ प्रतिशत फूल आने की अवस्था (bloom stage) है:
    1. 50
    2. 70
    3. 80

  5. जई की बुवाई का इष्टतम महीना (optimum month of sowing) ________ है:
    1. सितम्बर – दिसम्बर (Sep. – Dec.)
    2. मई - जून (May - June)
    3. जनवरी – फरवरी (Jan. – Feb.)
अस्वीकरण (Disclaimer):
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