पारंपरिक सब्जी उगाने वाले क्षेत्र आमतौर पर जलमार्गों, बाढ़ के मैदानों, नदी डेल्टाओं और दलदली क्षेत्रों के निकट स्थित होते हैं, और यदि शाकनाशियों (herbicides) का उपयोग किया जाता है, तो उनके पर्यावरणीय प्रभाव और उपयोग की शर्तों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। शाकनाशियों के उपयोग की जटिलता से जुड़ा एक और पहलू मिट्टी में उनकी दृढ़ता (soil persistence) है जो मिट्टी के अवशेषों (soil residues) या कैरीओवर (carryover) के परिणामस्वरूप फसल चक्र (crop rotation) में अगली फसलों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। कई स्थानों पर सब्जियों का फसल चक्र बहुत तेज और सघन (intensive) होता है, और यदि पिछली फसल का चक्र काफी छोटा हो, तो शाकनाशी का जहरीलापन (herbicide toxicity) अगली फसल को प्रभावित कर सकता है।
हमें इन सभी पहलुओं पर विचार करना होगा, साथ ही इन फसलों के फलों, पत्तियों और जड़ों में कीटनाशक अवशेषों (pesticide residues) की संभावित उपस्थिति पर उपभोक्ताओं की चिंताओं और विपणन (marketing) व निर्यात (export) के लिए सख्त सीमाओं पर भी विचार करना होगा जो कई श्रमिकों की कड़ी मेहनत और धैर्य को अमान्य कर सकते हैं। इसलिए, शाकनाशियों का सावधानीपूर्वक उपयोग अनिवार्य है, और खेत में अच्छे तरीकों का पालन किया जाना चाहिए, विशेष रूप से तब जब किसी लेबल वाले उत्पादन की मान्यता प्राप्त करनी हो। हाथ से काम करने की लागत और शाकनाशियों के प्रभाव को कम करने के कारण रासायनिक नियंत्रण (chemical control) के साथ जुताई प्रथाओं (tilling practices) के एकीकरण में बहुत रुचि है।
खेत में रोपाई (transplanting) के लिए उपयुक्त पौध (seedlings) विकसित करने के लिए कई सब्जियाँ बीज शैया (seed beds) में उगाई जाती हैं। बीज शैया के लिए समर्पित मिट्टी आमतौर पर हल्की, अच्छी जुताई वाली (good tilth) होती है, और पौधों के अच्छे अंकुरण (plant emergence) को प्राप्त करने के लिए इसमें खाद (fertilized) डाली जाती है। बीज शैया आमतौर पर बाढ़ द्वारा सिंचित (flood-irrigated) और प्लास्टिक से संरक्षित (plastic-protected) होती हैं। यहाँ हम खरपतवार प्रबंधन (weed management) के लिए कुछ संभावनाएँ जोड़ रहे हैं।
सब्जियों के लिए कभी-कभी बासी ('झूठी') बीज शैया (Stale ('false') seed beds) का उपयोग किया जाता है, जब अन्य चयनात्मक खरपतवार नियंत्रण (selective weed-control) के तरीके सीमित या अनुपलब्ध होते हैं। मूल रूप से, इस तकनीक में निम्नलिखित शामिल हैं:
मृदा सौर्यीकरण (Soil solarization) एक व्यापक स्पेक्ट्रम (broad-spectrum) नियंत्रण विधि है, जो सरल, आर्थिक रूप से व्यवहार्य और पर्यावरण के अनुकूल है। यह कई खरपतवारों के नियंत्रण के लिए एक प्रभावी तरीका है। यह मिट्टी के गुणों को प्रभावित नहीं करता है और आमतौर पर अधिक पैदावार (higher yields) देता है (Campiglia et al. 2000)। इसके कार्यान्वयन में कुछ नुकसान भी हैं। उदाहरण के लिए, पिछली सिंचाई एक आवश्यकता है, (या लगातार और प्रचुर मात्रा में बारिश) और मिट्टी को कम से कम एक महीने की अवधि के लिए सौर्यीकृत (solarized) (गैर-उत्पादक) रखा जाना चाहिए। मौसम की स्थिति के आधार पर परिणाम अक्सर परिवर्तनशील होते हैं। ठंडे (high latitude) या बादल वाले स्थान आमतौर पर सौर्यीकरण को लागू करने के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं। कुछ प्रजातियां सौर्यीकरण को सहन कर सकती हैं (जैसे गहरी जड़ों वाले बारहमासी (perennials): Sorghum halepense, Cyperus rotundus, Equisetum spp. और फलियों (legumes) जैसे कुछ बड़े खरपतवार के बीज)।
एक पतली (0.1-0.2 मिमी) पारदर्शी प्लास्टिक शीट से ढके जाने और बहुत अच्छी तरह से सील किए जाने से पहले मिट्टी साफ, सतह-समतल (surface-levelled) और गीली होनी चाहिए। सबसे गर्म और धूप वाले महीनों (30-45 दिन) के दौरान मिट्टी को ढककर रखा जाना चाहिए। खरपतवार के बीजों पर अच्छा प्रभाव डालने के लिए मिट्टी का तापमान 40° C से ऊपर पहुंचना चाहिए।
सौर्यीकरण के बाद प्लास्टिक को वापस निकाल लिया जाना चाहिए, और गहरी या मोल्डबोर्ड जुताई (mouldboard tillage) के उपयोग से बचा जाना चाहिए। यह प्रणाली सब्जियों के छोटे क्षेत्रों के लिए अधिक उपयुक्त है, लेकिन इसे टमाटर के व्यापक क्षेत्रों के लिए मशीनीकृत (mechanized) किया गया है। प्लास्टिक ग्रीनहाउस (plastic greenhouse) स्थितियों के तहत मिट्टी के सौर्यीकरण का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
फसलों की बुवाई की तुलना में बीज शैया के लिए पंजीकृत शाकनाशी (registered herbicides) और भी कम हैं। प्लास्टिक कवर के तहत शाकनाशी उपचार हमेशा खतरनाक होते हैं और सावधानीपूर्वक प्रयोग किया जाना चाहिए। प्लास्टिक के नीचे, नमी का उच्च स्तर और बढ़ा हुआ तापमान आम है और पौधे बहुत धीरे-धीरे बढ़ते हैं। चयनात्मकता (Selectivity) आसानी से खो सकती है और फाइटोटॉक्सिसिटी (phytotoxicity) के लक्षण प्रकट हो सकते हैं, जबकि कभी-कभी वे केवल अस्थायी होते हैं। प्रभाव अक्सर अनिश्चित (erratic) होते हैं। इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि विवेकपूर्ण रहें और सामान्य उपचार से पहले कुछ परीक्षण करें।
| शाकनाशी (Herbicide) | मात्रा (Dose) (kg a.i./ ha) | फसल (Crop) |
|---|---|---|
| क्लोमाज़ोन (Clomazone) | 0.18 - 0.27 | काली मिर्च, ककड़ी (Pepper, cucumber) |
| डीसीपीए (DCPA) | 6.0 - 7.5 | प्याज, कोल फसलें, लेट्यूस (Onion, cole crops, lettuce) |
| मेट्रिबुज़िन (Metribuzin) | 0.15 - 0.5 | टमाटर (Tomato) |
| नेप्रोपैमाइड (Napropamide) | 1.0 - 2.0 | टमाटर, काली मिर्च, बैंगन (Tomato, pepper, eggplant) |
| पेंडीमेथालिन (Pendimethalin) | 1.0 - 1.6 1.0 - 2.5 |
प्याज, लहसुन (Onion, garlic) लेट्यूस (Lettuce) |
| प्रोपाक्लोर (Propachlor) | 5.2 - 6.5 | प्याज, कोल फसलें (Onion, cole crops) |
| शाकनाशी (Herbicide) | मात्रा (Dose) (kg a.i./ ha) | फसल (Crop) |
|---|---|---|
| क्लोमाज़ोन (Clomazone) | 0.27 - 0.36 | काली मिर्च (Pepper) |
| इऑक्सिनिल (Ioxinil) | 0.36 | प्याज, लहसुन, लीक (Onion, garlic, leek) |
| लिनुरॉन (Linuron) | 0.5 - 1.0 | शतावरी, गाजर (Asparagus, carrots) |
| मेट्रिबुज़िन (Metribuzin) | 0.075 - 0.150 | टमाटर (Tomato) |
| ऑक्सीफ्लुओरफेन (Oxifluorfen) | 0.18 - 0.24 | प्याज, लहसुन (Onion, garlic) |
| रिमसल्फ्यूरॉन (Rimsulfuron) | 0.0075 - 0.015 | टमाटर (Tomato) |
द्विबीजपत्री (Dicotyledons) (ज्यादातर चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार) और एकबीजपत्री (monocotyledons) (जैसे घास) पौधों के दो मुख्य प्रकार हैं। खरपतवार समूहीकरण (Weed grouping) का प्रबंधन की क्षमता पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। एक खरपतवार मेजबान फसल (host crop) से जितना अधिक निकटता से संबंधित होगा, उसका प्रबंधन करना उतना ही कठिन होगा।
| परिवार (Family) | खरपतवार के उदाहरण (Weed examples) | संबंधित फसलें (Related crops) |
|---|---|---|
| चीनोपोडिएसी (Chenopodiaceae) | फैट हेन (fat hen) (Chenopodium spp.) | चुकंदर (beetroot) |
| कॉन्वोल्वुलैसी (Convulvulaceae) | बेल वाइन (bell vine) (Ipomoea plebia) बिंडवीड (bindweed) (Convolvulus erubescens) |
शकरकंद (sweetpotato) |
| यूफोरबिएसी (Euphorbiaceae) | अरंडी का पौधा (caster oil plant) (Riccinus communis) कॉस्टिक क्रीपर (caustic creeper) (Euphorbia drummondii) |
कसावा (cassava) |
| एपिएसी (Apiaceae) | पतली अजवाइन (slender celery) (Ciclospermum leptophyllum) ऑस्ट्रेलियाई गाजर (Australian carrot) (Daucus glochidiatus) |
अजवाइन (celery), गाजर (carrot), अजमोद (parsley) |
| ऐमारेंथेसी (Amaranthaceae) | चौलाई (amaranths) (Amaranthus spp.) | चीनी चौलाई (Chinese amaranthus) |
| एस्टेरेसी (Asteraceae) | बिलीगोट वीड (billygoat weed) (Ageratum spp.) सोथिस्टेल (sowthistle) (Sonchus oleraceus) कोब्लर पेग्स (cobbler's pegs) (Bidens pilosa) फ्लीबेंस (fleabanes) (Conyza spp.) पार्थेनियम (parthenium) (Parthenium hysterophorus) आलू खरपतवार (potato weed) (Galinsoga parviflora) |
लेट्यूस (lettuce), आटिचोक (artichokes) |
| ब्रैसिसेसी (Brassicaceae) | जंगली शलजम (wild turnip) (Brassica tournefortii) जंगली मूली (wild radish) (Raphanus raphanistrum) शलजम खरपतवार (turnip weed) (Rapistrum rugosum) शेफर्ड पर्स (shepherd's purse) (Capsella bursa-pastoris) पेपरक्रेस (peppercress) (Lepidium spp.) लेसर स्वाइनक्रेस (lesser swinecress) (Coronopus didymus) |
पत्ता गोभी (cabbage), फूलगोभी (cauliflower), ब्रोकोली (broccoli), ब्रसेल्स स्प्राउट्स (brussels sprouts), चीनी पत्ता गोभी (Chinese cabbage) |
| फैबेसी (Fabaceae) | रैटलपोड (rattlepod) (Crotalaria spp.) वेच (vetch) (Vicia monantha) मेडिक्स (medics) (Medicago spp.) |
मटर (peas), बीन्स (beans) |
| लिलिएसी (M) (Liliaceae (M)) | प्याज खरपतवार (onion weed) (Nothoscordum gracile) | प्याज (onion), लहसुन (garlic) |
| मालवेसी (Malvaceae) | छोटे फूलों वाला मैलो (small-flowered mallow) (Malva parviflora) सिडा (sida) (Sida spp.) ब्लैडर केटमिया (bladder ketmia) (Hibiscus trionum) एनोडा वीड (anoda weed) (Anoda cristata) |
भिंडी (okra), रोसेला (rosella), कपास (cotton) |
| सोलेनेसी (Solanaceae) | पेरू का सेब (apple of Peru) (Nicandra physalodes) नाइटशेड्स (nightshades) (Solanum spp.) धतूरा (thornapples) (Datura spp.) |
टमाटर (tomato), आलू (potato), शिमला मिर्च (capsicum), बैंगन (eggplant) |
फसल चक्र एक ही भूखंड (plot) या खेत में समय की अवधि के दौरान विभिन्न फसलों का प्रोग्राम किया गया क्रम (succession) है। सब्जियों में खरपतवार के संक्रमण को कम करने के लिए यह एक प्रमुख नियंत्रण विधि है। स्वस्थ फसलों और अच्छी पैदावार प्राप्त करने के लिए लंबे समय तक फसल चक्र को एक बुनियादी अभ्यास माना जाता था। हालांकि, वर्तमान में, एकीकृत फसल प्रबंधन (integrated crop management) के संदर्भ में फसल चक्र रुचि प्राप्त कर रहा है और मूल्यवान है। क्लासिक रूप से, फसल चक्र इस प्रकार लागू किए जाते हैं:
फसल चक्र के उदाहरण इस प्रकार हैं (ज़रागोज़ा एट अल. 1994):
समशीतोष्ण क्षेत्रों (temperate regions) में:
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (tropical regions) में:
कठिन खरपतवारों (जैसे बारहमासी) के नियंत्रण, उचित जुताई के साथ खेत की सफाई या व्यापक स्पेक्ट्रम वाले शाकनाशी का उपयोग करने के लिए चक्र में परती (fallow) का परिचय देना आवश्यक है। खरपतवार के बीज या अन्य प्रवर्धन (propagules) के उत्सर्जन से बचना भी महत्वपूर्ण है।
एक ही समय में और एक दूसरे के निकट दो या दो से अधिक फसलें उगाना मिश्रित खेती (mixed cropping) या अंतरफसल (intercropping) कहलाता है। इसके फायदे स्थान, प्रकाश और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, भौतिक सुरक्षा, अनुकूल थर्मल संतुलन (thermal balance), कुछ कीटों के खिलाफ पौधे की बेहतर सुरक्षा और कम खरपतवार की समस्याएं हैं क्योंकि मिट्टी बेहतर ढंग से ढकी रहती है। कभी-कभी परिणाम अकेले एक ही फसल उगाने की तुलना में कम उत्पादक होते हैं। कुछ उदाहरण हैं:
समशीतोष्ण क्षेत्रों (temperate regions) में:
उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों (tropical regions) में:
यह तकनीक पारंपरिक कृषि प्रणाली के अनुकूल है:
स्वच्छ रोपण सामग्री (clean planting material) के उपयोग के माध्यम से नई प्रजातियों के आक्रमण से बचना और सिंचाई के पानी, उपकरणों और मशीनों पर बीजों के फैलाव को रोकना आवश्यक है। खेतों में खरपतवार की स्थिति का लिखित रिकॉर्ड (written record) बहुत उपयोगी होता है। एक अन्य पहलू उपचार और जुताई के उचित उपयोग के माध्यम से बारहमासी खरपतवार के फैलाव (या परजीवी खरपतवार) को रोकना है और जल निकासी वाली जुताई (drainage tillage) का उपयोग करके कुछ प्रजातियों के प्रसार को रोकना है जिन्हें उच्च नमी के स्तर की आवश्यकता होती है। (Phragmites spp., Equisetum spp., Juncus spp.) आक्रमणों को रोकने के लिए खेत के किनारों (field edges) की निगरानी (scout) करना भी आवश्यक है।
उपयुक्त भूमि की तैयारी (land preparation) खेत में प्रचलित खरपतवार प्रजातियों के अच्छे ज्ञान पर निर्भर करती है। जब वार्षिक खरपतवार प्रमुख होते हैं (क्रूसिफर्स, सोलनम, घास खरपतवार) तो उद्देश्य मिट्टी से बाहर निकालना (unearthing) और विखंडन (fragmentation) होता है। इसे उथली खेती (shallow cultivation) के माध्यम से प्राप्त किया जाना चाहिए। यदि खरपतवारों में सुप्त बीज (dormant seeds) (Bromus spp.) नहीं हैं, तो बीजों को दफनाने के लिए गहरी जुताई (deep ploughing) करना उचित होगा। यदि उत्पादित बीज सुप्त (dormant) हैं, तो यह एक अच्छा अभ्यास नहीं है, क्योंकि वे आगे की खेती के बाद मिट्टी की सतह पर वापस आने पर फिर से व्यवहार्य (viable) हो जाएंगे।
जब बारहमासी खरपतवार (perennial weeds) मौजूद होते हैं, तो पर्याप्त उपकरण जड़ों के प्रकार (types of rooting) पर निर्भर करेंगे। पिवट जड़ों (Pivot roots) (Rumex spp.) या बुर्जियोन जड़ों (bourgeon roots) (Cirsium spp.) को विखंडन की आवश्यकता होती है और इसे रोटावेटर या कल्टीवेटर का उपयोग करके प्राप्त किया जा सकता है। नाजुक प्रकंदों (Fragile rhizomes) (Sorghum halepense) को खींचने (dragging) और उनकी कमी के लिए मिट्टी की सतह पर उजागर करने की आवश्यकता होती है, लेकिन लचीले प्रकंदों (flexible rhizomes) (Cynodon dactylon) को खींचने और खेत से हटाने की आवश्यकता होती है। यह कल्टीवेटर या हैरो (harrow) से किया जा सकता है।
कंद (Tubers) (Cyperus rotundus) या बल्ब (Bulbs) (Oxalis spp.) को काटने की आवश्यकता होती है जब प्रकंद (rhizomes) मौजूद होते हैं और प्रतिकूल परिस्थितियों (पाला या सूखा) के संपर्क में आने के लिए खोदे जाने की आवश्यकता होती है। यह मोल्डबोर्ड या डिस्क जुताई (disk ploughing) के साथ किया जा सकता है। नम खेतों (wet fields) की जल निकासी और गहरी जड़ों वाले हाइग्रोफिलस (hygrophilous) बारहमासी (Phragmites, Equisetum, Juncus) के संक्रमण को कम करने के लिए चिज़ेल जुताई (Chisel ploughing) उपयोगी है।
कई सब्जी उगाने वाले क्षेत्रों में प्लास्टिक मल्चिंग (plastic mulching) का उपयोग बहुत लोकप्रिय है। खरपतवारों तक प्रकाश संश्लेषक विकिरण (photosynthetic radiation) के संचरण को रोकने के लिए एक गैर-पारदर्शी (non-transparent) प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है ताकि खरपतवारों का विकास रुक जाए।
इनपुट को कम करने और किसी भी पर्यावरणीय समस्या से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि फसल की पंक्ति (crop row) में 10-30 सेमी की चौड़ाई तक शाकनाशी का प्रयोग किया जाए। कई शाकनाशी बारहमासी खरपतवारों के नियंत्रण में प्रभावी हैं। कभी-कभी एक अलग खरपतवार-नियंत्रण स्पेक्ट्रम (weed-control spectrum) वाले दो शाकनाशियों के संयोजन का उपयोग किया जा सकता है। बेहतर प्रभावकारिता प्राप्त करने के लिए विभिन्न शाकनाशियों का मिश्रण (Mixtures of different herbicide) संभव है, लेकिन पिछले परीक्षण (previous trials) आवश्यक हैं। उनकी पर्ण गतिविधि (foliar activity) एक गैर-आयनिक सर्फेक्टेंट (non-ionic surfactant) या सहायक (adjuvant) को जोड़ने से बढ़ जाती है। सब्जियों में किसी भी शाकनाशी के उपयोग के लिए स्थानीय परिस्थितियों में इसकी प्रभावशीलता और उपलब्ध फसल की किस्मों (crop cultivars) के प्रति चयनात्मकता (selectivity) को सत्यापित करने के लिए पिछले परीक्षणों की आवश्यकता होती है।
सामान्य तौर पर, अधिकांश सब्जी फसलों के लिए प्री-इमर्जेंस शाकनाशी (pre-emergence herbicide) के रूप में पेंडीमेथालिन (pendimethalin) 3.3 लीटर/हेक्टेयर या फ्लूक्लोरालिन (Fluchloralin) 2 लीटर/हेक्टेयर या मेटोलाक्लोर (metolachlor) 2 लीटर/हेक्टेयर की सिफारिश की जाती है, जिसके बाद रोपाई के 30 दिन बाद हाथ से एक बार निराई (hand weeding) की जाती है।
| शाकनाशी (Herbicide) | मात्रा (Dose) (kg a.i./ha) | उपचार का समय (Treatment moment) | फसलें (Crops) |
|---|---|---|---|
| एलाक्लोर (Alachlor) | 2.4 | पोस्ट-इमर्जेंस (Post emergence) | ब्रैसिका फसलें, प्याज (Brassica crops, onion) |
| इथैफ्लूरैलिन (Ethalfluralin) | 0.8-1.7 | रोपण से पहले (Pre Plantation) | टमाटर, काली मिर्च, बीन्स, स्क्वैश (Tomato, pepper, beans, squash) |
| लिनुरॉन (Linuron) | 0.50-1.25 | प्री-इमर्जेंस (Pre emergence) | गाजर, आटिचोक, शतावरी, फाबा बीन (Carrot, artichoke, asparagus, faba bean) |
| मेट्रिबुज़िन (Metribuzin) | 0.10-0.35 | प्री/पोस्ट-इमर्जेंस (Pre/Post emergence) | डी.एस. टमाटर, गाजर, मटर (D.s. tomato, carrots, peas) |
| ऑक्सीफ्लुओरफेन (Oxifluorfen) | 0.36-0.48 | प्री/पोस्ट-इमर्जेंस (Pre/Post emergence) | प्याज, लहसुन, कोल फसलें (Onion, garlic, cole crops) |
| ऑक्सीफ्लुओरफेन (Oxifluorfen) | 0.24-0.48 | रोपण से पहले (Pre Plantation) | टमाटर, काली मिर्च (Tomato, pepper) |
| पेंडीमेथालिन (Pendimethalin) | 1.32-1.65 | रोपण से पहले / रोपण-पूर्व शामिल (Pre Plantation / pre-plant incorporated) | आटिचोक, कोल, लेट्यूस, लीक, काली मिर्च, टमाटर, प्याज, हरी मटर (Artichoke, cole, lettuce, leek, pepper, tomato, onion, green peas) |
| रिमसल्फ्यूरॉन (Rimsulfuron) | 7.5-15(g) | पोस्ट-इमर्जेंस (Post emergence) | टमाटर (Tomato) |
| ट्राइफ्लुरैलिन (Trifluralin) | 0.59-1.44 | रोपण-पूर्व शामिल (pre-plant incorporated) | बीन्स, गाजर, अजवाइन, कोल फसलें, आटिचोक, प्याज, काली मिर्च, टमाटर (Beans, carrots, celery, cole crops, artichoke, onion, pepper, tomato) |
रासायनिक निराई के अलावा, रोपाई के 30 दिन बाद हाथ से एक निराई (hand weeding) की जाती है।
माइको-शाकनाशी (Myco-herbicides) रोगजनक बीजाणुओं (pathogenic spores) से युक्त एक तैयारी है जिसे मानक शाकनाशी उपयोग उपकरण (standard herbicide application equipment) के साथ स्प्रे के रूप में लागू किया जाता है। उदाहरण: जलीय खरपतवार साल्विनिया (aquatic weed salvinia) के लिए एक घुन (weevil), स्केलेटन खरपतवार (skeleton weed) के लिए जंग (rust), और प्रिकली पियर (prickly pear) को नियंत्रित करने के लिए एक कैटरपिलर (caterpillar) (Cactoblastis sp.)।