मृदा नमी मापन (SOIL MOISTURE MEASUREMENT)

मिट्टी की नमी (Soil moisture) का अनुमान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष (direct and indirect) दोनों तरीकों से लगाया जाता है। प्रत्यक्ष विधियों (Direct methods) में मिट्टी में नमी का निर्धारण (determination of moisture) शामिल है, जबकि अप्रत्यक्ष विधियां (indirect methods) मिट्टी में पानी के गुणों (properties of water) के माध्यम से पानी की मात्रा (amount of water) का अनुमान लगाती हैं। प्रत्यक्ष विधियों (direst methods) में नमी का अनुमान ओवन - सुखाने (oven – drying) या वॉल्यूमेट्रिक विधि (volumetric method) के माध्यम से थर्मो-ग्रेविमेट्रिक रूप (thermo- gravimetrically) से लगाया जाता है।

ओवन सुखाने की विधि (Oven drying method):

मिट्टी के नमूने (Soil sample) को नमी के डिब्बे (moisture can) में एकत्र किया जाता है और नमूने का गीला वजन (wet weight) दर्ज किया जाता है। मिट्टी के नमूने को 105°C पर गर्म हवा के ओवन (hot air oven) में तब तक सुखाया जाता है जब तक कि निरंतर वजन (constant weight) प्राप्त न हो जाए और नमूने का सूखा वजन (dry weight) दर्ज किया जाता है।

नमी की मात्रा (वजन के आधार पर - Moisture content on weight basis) = (गीला वजन - सूखा वजन) / सूखा वजन × 100

(Wet weight - Dry weight / Dry weight X 100)

वॉल्यूमेट्रिक विधि (Volumetric method):

मिट्टी का नमूना (Soil sample) कोर नमूने (core sample) या ट्यूब बरमा (tube auger) के साथ लिया जाता है जिसका आयतन (volume) ज्ञात होता है। मिट्टी के नमूने में मौजूद पानी की मात्रा (amount of water) का अनुमान ओवन में सुखाकर (drying in the oven) लगाया जाता है। शुष्क भार के आधार (dry weight basis) पर अनुमानित नमी की मात्रा से वॉल्यूमेट्रिक नमी सामग्री (volumetric moisture content) का भी अनुमान लगाया जा सकता है।

अप्रत्यक्ष तरीकों (indirect methods) से मिट्टी की नमी का अनुमान लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आम उपकरण (common instrument) है: टेंसियोमीटर (tensiometer), जिप्सम ब्लॉक (gypsum block), न्यूट्रॉन जांच (neutron probe), दबाव प्लेट (pressure plate) और दबाव झिल्ली उपकरण (pressure membrane apparatus)।

टेंसियोमीटर (Tensiometer)

टेंसियोमीटर एक सीलबंद, वायुरोधी, पानी से भरी ट्यूब (बैरल) (sealed, airtight, water-filled tube - barrel) होती है जिसके एक सिरे पर एक झरझरा सिरा (porous tip) और दूसरे सिरे पर एक वैक्यूम गेज (vacuum gauge) होता है, जैसा कि चित्र 1 (Figure 1) में दिखाया गया है। एक टेंसियोमीटर मिट्टी के पानी के चूषण (नकारात्मक दबाव) (soil water suction - negative pressure) को मापता है, जिसे आमतौर पर तनाव (tension) के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह सक्शन (suction) उस बल या ऊर्जा के बराबर है जो पौधे को मिट्टी से पानी निकालने (extract water) के लिए लगाना चाहिए। उपकरण (instrument) को ठीक से स्थापित (installed properly) किया जाना चाहिए ताकि छिद्रपूर्ण टिप (porous tip) मिट्टी के साथ अच्छे संपर्क (good contact) में हो, यह सुनिश्चित करते हुए कि मिट्टी-पानी चूषण (soil-water suction) टिप में पानी के सक्शन (water suction) के साथ संतुलन (equilibrium) में है। झरझरा टिप में सक्शन बल (suction force) ट्यूब के अंदर पानी के स्तंभ (water column) के माध्यम से प्रेषित (transmitted) होता है और वैक्यूम गेज (vacuum gauge) पर तनाव पढ़ने (tension reading) के रूप में प्रदर्शित होता है। मिट्टी-पानी का तनाव (Soil-water tension) आमतौर पर बार या सेंटीबार (bars or centibars) की इकाइयों में व्यक्त किया जाता है। एक बार 100 सेंटीबार (cb) के बराबर होता है।

आसन्न पानी के अणुओं (adjacent water molecules) के बीच एकजुट बलों (cohesive forces) के कारण टिप पर सक्शन वैक्यूम गेज (vacuum gauge) में प्रेषित (transmitted) होता है। जैसे ही सक्शन लगभग 0.8 बार (80 cb) के पास पहुंचता है, सक्शन द्वारा एकजुट बलों (cohesive forces) को पार कर लिया जाता है और पानी के अणु अलग (separate) हो जाते हैं। जब ऐसा होता है, तो हवा झरझरा टिप (porus tip) के माध्यम से ट्यूब में प्रवेश कर सकती है और टेंसियोमीटर (tensiometer) अब सही ढंग से काम नहीं करता है। इस स्थिति (condition) को ब्रेकिंग टेंशन (breaking tension) कहा जाता है। टेंसियोमीटर 0 से 0.8 बार (bar) की सीमा में काम करते हैं। अधिकांश वाणिज्यिक (commercial) टेंसियोमीटर के वैक्यूम गेज (vacuum gauge) पर सक्शन स्केल (suction scale) 0 से 100 सीबी (cb) तक पढ़ता है।

सिंचाई के समय निर्धारण (scheduling irrigation) के लिए टेंसियोमीटर काफी किफायती (affordable) हैं। बैरल की लंबाई (length of the barrel) के आधार पर, जो 6 से 72 इंच तक होती है, प्रत्येक की लागत $25 से $50 तक होती है। केवल अन्य आवश्यक उपकरण एक छोटा हाथ से पकड़ने वाला वैक्यूम पंप (hand-held vacuum pump) है जिसका उपयोग अंशांकन (calibration) और आवधिक सर्विसिंग (periodic servicing) के लिए किया जाता है। टेंसियोमीटर का उपयोग करना आसान (easy to use) है लेकिन अगर उन्हें नियमित रूप से सेवित (serviced regularly) नहीं किया जाता है तो वे दोषपूर्ण रीडिंग (faulty readings) दे सकते हैं।

टेंसियोमीटर (Tensiometers) उन मिट्टी में उपयोग के लिए सबसे उपयुक्त (best suited) हैं जो 0 और 80 सीबी (cb) के बीच मिट्टी-पानी के सक्शन (soil-water suctions) पर अपना अधिकांश पौधे-उपलब्ध पानी (plant-available water - PAW) छोड़ते हैं। इस श्रेणी (category) में मिट्टी की बनावट (Soil textures) वे हैं जिनमें रेत (sand), दोमट रेत (loamy sand), रेतीली दोमट (sandy loam), और दोमट (loam) और रेतीली मिट्टी दोमट (sandy clay loam) की मोटे-बनावट सीमा (coarser-textured range) शामिल है। कई चिकनी (clayey) और गाद (silty) वाली मिट्टी अभी भी 80 cb से अधिक के सक्शन पर अपने पौधे के उपलब्ध पानी (plant-available water) का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा (retain) रखती है, जो एक टेंसियोमीटर की कार्य सीमा (working range) के बाहर है। चिकनी (clayey) और गाद (silty) वाली मिट्टी के लिए टेंसियोमीटर की सिफारिश नहीं की जाती है जब तक कि पौधे के उपलब्ध पानी के 50 प्रतिशत कमी (depletion) से पहले सिंचाई (irrigation) निर्धारित न की जाए, जो टमाटर (tomatoes) जैसी कुछ सब्जी फसलों (vegetable crops) के लिए सामान्य अभ्यास (normal practice) है।

जिप्सम ब्लॉक या विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (Gypsum block or Electrical resistance blocks)

विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (Electrical resistance blocks) में झरझरा सामग्री (porous material) के एक ब्लॉक में संलग्न (enclosed) दो इलेक्ट्रोड (two electrodes) होते हैं, जैसा कि चित्र 2 (Figure 2) में दिखाया गया है। ब्लॉक अक्सर जिप्सम (gypsum) से बना होता है, हालांकि कभी-कभी फाइबरग्लास (fiberglass) या नायलॉन (nylon) का उपयोग किया जाता है। विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों (Electrical resistance blocks) को अक्सर जिप्सम ब्लॉक (gypsum blocks) और कभी-कभी केवल नमी ब्लॉक (moisture blocks) कहा जाता है। इलेक्ट्रोड अछूता सीसा तारों (insulated lead wires) से जुड़े होते हैं जो मिट्टी की सतह (soil surface) तक ऊपर की ओर फैले होते हैं।

प्रतिरोध ब्लॉक (Resistance blocks) इस सिद्धांत (principle) पर काम करते हैं कि पानी बिजली का संचालन (conducts electricity) करता है। जब ठीक से स्थापित (properly installed) किया जाता है, तो छिद्रपूर्ण ब्लॉक (porous block) का जल चूषण (water suction) आसपास की मिट्टी (surrounding soil) के मिट्टी-पानी के चूषण (soil-water suction) के साथ संतुलन (equilibrium) में होता है। जैसे-जैसे मिट्टी की नमी (soil moisture) बदलती है, झरझरा ब्लॉक (porous block) की पानी की मात्रा (water content) भी बदलती है। दो इलेक्ट्रोड (electrodes) के बीच विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) बढ़ता है क्योंकि छिद्रपूर्ण ब्लॉक की पानी की मात्रा (water content) कम हो जाती है। ब्लॉक के प्रतिरोध (resistance) को एक अंशांकन वक्र (calibration curve) द्वारा मिट्टी की पानी की मात्रा (water content) से जोड़ा जा सकता है।

मिट्टी-पानी पढ़ने (soil-water reading) के लिए, सीसा तारों (lead wires) को एक वोल्टेज स्रोत (voltage source) वाले प्रतिरोध मीटर (resistance meter) से जोड़ा जाता है। मीटर सामान्य रूप से 0 से 100 या 0 से 200 तक पढ़ता है। पैमाने पर उच्च रीडिंग (High readings) (कम विद्युत प्रतिरोध - low electrical resistance के अनुरूप) मिट्टी-पानी के उच्च स्तर (high levels) का संकेत देती है, जबकि कम मीटर रीडिंग (low meter readings) निम्न स्तर (low levels) का संकेत देती है।

अधिकांश विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों (electrical resistance blocks), विशेष रूप से जिप्सम (gypsum) से बने पदार्थों में प्रयुक्त सामग्री (material) के छिद्र के आकार (pore size) के कारण, 0.5 बार (50 cb) से कम सक्शन (suctions) पर पानी की मात्रा (water content) और इस प्रकार ब्लॉक का विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) नाटकीय रूप से (dramatically) नहीं बदलता है। इसलिए, प्रतिरोध ब्लॉक (resistance blocks) गाद (silts) और मिट्टी (clays) जैसी महीन बनावट (fine-textured) वाली मिट्टी में उपयोग के लिए सबसे उपयुक्त (best suited) हैं जो 0.5 बार से अधिक के सक्शन (suctions) पर अपने पौधे-उपलब्ध पानी (plant-available water) का कम से कम 50 प्रतिशत बनाए रखते हैं। विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (Electrical resistance blocks) यह निर्धारित करने के लिए विश्वसनीय (reliable) नहीं हैं कि रेतीली मिट्टी (sandy soils) की सिंचाई कब करनी है जहां आमतौर पर पौधे के उपलब्ध पानी का 50 प्रतिशत से अधिक 0.5 बार से कम के सक्शन (suctions) पर समाप्त (depleted) हो जाता है।

न्यूट्रॉन नमी मीटर (Neutron moisture meter)

मिट्टी की नमी (Soil moisture) का अनुमान न्यूट्रॉन नमी मीटर (neutron moisture meter) के साथ मिट्टी को परेशान किए बिना जल्दी और लगातार (quickly and continuously) लगाया जा सकता है। एक और फायदा (advantage) यह है कि मिट्टी की बड़ी मात्रा (large volume) से मिट्टी की नमी का अनुमान लगाया जा सकता है। यह मीटर गीली मिट्टी (wet soil) में न्यूट्रॉन जांच (neutron probe) के चारों ओर लगभग 15 सेमी व्यास (diameters) और सूखी मिट्टी (dry soil) में 50 सेमी तक मिट्टी को स्कैन (scans) करता है। इसमें एक जांच (probe) और एक स्केलर (scalar) या रेट मीटर (rate meter) होता है। इसमें एक तेज न्यूट्रॉन स्रोत (fast neutron source) होता है जो रेडियम (radium) और बेरिलियम (beryllium) या एमेरिकियम (americium) और बेरिलियम (beryllium) का मिश्रण (mixture) हो सकता है। एक्सेस ट्यूब (Access tubes) 50-100 सेमी लंबाई के एल्यूमीनियम ट्यूब (aluminum tubes) होते हैं और नमी का अनुमान लगाने के लिए खेत में रखे जाते हैं। न्यूट्रॉन जांच (Neutron probe) को एक वांछित गहराई (desired depth) तक पहुंच ट्यूब (access tube) में उतारा जाता है। जांच से फास्ट न्यूट्रॉन (Fast neutrons) निकलते हैं जो मिट्टी में बिखर जाते हैं (scatters)। जब न्यूट्रॉन (neutrons) पानी के हाइड्रोजन परमाणुओं के नाभिक (nuclei of hydrogen atoms) का सामना करते हैं, तो उनकी गति कम (speed is reduced) हो जाती है। स्केलर (scalar) या रेट मीटर (rate meter) धीमे न्यूट्रॉन (slow neutrons) की गणना (counts) करता है जो पानी के अणु (water molecule) के सीधे आनुपातिक (directly proportional) होते हैं। धीमे न्यूट्रॉन की गिनती (count) के साथ अंशांकन वक्र (calibration curve) से मिट्टी की नमी की मात्रा (Moisture content) का पता लगाया जा सकता है।

दबाव झिल्ली और दबाव प्लेट उपकरण (Pressure membrane and pressure plate Apparatus)

दबाव झिल्ली (Pressure membrane) और दबाव प्लेट उपकरण (pressure plate apparatus) का उपयोग आम तौर पर क्षेत्र क्षमता (field capacity), स्थायी विल्टिंग बिंदु (permanent wilting point) और विभिन्न दबाव (different pressure) पर नमी सामग्री (moisture content) का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। तंत्र (apparatus) में एक वायु तंग धातु कक्ष (air tight metallic chamber) होता है जिसमें झरझरा सिरेमिक दबाव प्लेट (porous ceramic pressure plate) रखी जाती है। दबाव प्लेट और मिट्टी के नमूने (soil samples) और संतृप्त (saturated) और धातु कक्ष में रखे जाते हैं। 0.33 या 15 बार (bar) का आवश्यक दबाव (required pressure) एक कंप्रेसर (compressor) के माध्यम से लागू (applied) किया जाता है। आउटलेट (outlet) से पानी तब तक जब तक कि लागू दबाव (applied pressure) के खिलाफ संतुलन (equilibrium) हासिल न हो जाए। उसके बाद, मिट्टी के नमूनों को निकाला जाता है और नमी की मात्रा (moisture content) निर्धारित करने के लिए ओवन-सुखाया (oven- dried) जाता है।

फेन सेल (Phene Cell)

फेन सेल (Phene cell) इस सिद्धांत (principle) पर काम करता है कि मिट्टी अपनी पानी की मात्रा (water content) के संबंध में गर्मी (heat) का संचालन (conducts) करती है। गर्मी स्रोत (heat source) से संचालित गर्मी को मापकर और किसी विशिष्ट मिट्टी (specific soil) के लिए प्रवाहकत्त्व (conductance) बनाम पानी की मात्रा (water content) को कैलिब्रेट (calibrating) करके, मिट्टी-पानी की मात्रा (soil-water content) निर्धारित करने के लिए फेन सेल का मज़बूती से (reliably) उपयोग किया जा सकता है। चूँकि फेन सेल (Phene cell) को वांछित मिट्टी की गहराई (desired soil depth) पर रखा जाता है, इसलिए निगरानी (monitored) किए जाने वाले प्रत्येक स्थान पर प्रत्येक गहराई (each depth) के लिए एक अलग सेल (separate cell) की आवश्यकता होती है। छोटे क्षेत्र (small acreages) की सिंचाई के लिए, फेन सेल का उपयोग करने की कुल लागत (total cost) न्यूट्रॉन जांच (neutron probe) से कम है। बड़े रकबे (large acreages) के लिए, न्यूट्रॉन जांच (neutron probe) अधिक लागत प्रभावी (cost effective) हो सकती है।

समय डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर (Time Domain Reflectometer)

टाइम डोमेन रिफ्लेक्टोमीटर (time domain reflectometer - TDR) एक नया उपकरण (new device) है जिसे मिट्टी-पानी की मात्रा (soil-water content) को मापने के लिए विकसित किया गया है। दो समानांतर छड़ (parallel rods) या कड़े तारों (stiff wires) को उस गहराई (depth) तक मिट्टी में डाला जाता है जिस पर औसत पानी की मात्रा (average water content) वांछित है। छड़ें एक ऐसे उपकरण से जुड़ी होती हैं जो छड़ों के साथ ऊर्जा (energy) की एक विद्युत चुम्बकीय नाड़ी (electromagnetic pulse) (या लहर - wave) भेजता है। जिस दर (rate) से ऊर्जा की लहर (wave of energy) मिट्टी में संचालित (conducted) होती है और मिट्टी की सतह पर वापस परिलक्षित (reflected back) होती है, वह सीधे मिट्टी के औसत पानी की मात्रा (average water content) से संबंधित होती है। छड़ों के सैकड़ों जोड़े (hundreds of pairs of rods) के लिए एक उपकरण का उपयोग किया जा सकता है। यह उपकरण (device), जो अभी व्यावसायिक रूप से उपलब्ध (commercially available) हो रहा है, उपयोग में आसान और विश्वसनीय (reliable) है।

सही डिवाइस का चयन (Selecting the Right Device)

जब लागत (cost), उपयोग में आसानी (ease of use) और विश्वसनीयता (reliability) पर विचार किया जाता है, तो उत्तरी कैरोलिना (North Carolina) में मिट्टी-पानी को मापने के लिए टेंसियोमीटर (tensiometers) और विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (electrical resistance blocks) आमतौर पर सबसे व्यावहारिक उपकरण (most practical devices) हैं। सर्वोत्तम परिणामों (best results) के लिए, प्रत्येक क्षेत्र में प्राथमिक मिट्टी के प्रकारों (primary soil types) के लिए टेंसियोमीटर और विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों को ठीक से स्थापित (installed), बनाए रखा (maintained) और कैलिब्रेट (calibrated) किया जाना चाहिए। टेंसियोमीटर और प्रतिरोध ब्लॉकों (resistance blocks) के लिए स्थापना प्रक्रिया (Installation Focedures) अगले भाग में वर्णित हैं। ग्रेविमेट्रिक विधि (gravimetric method) का उपयोग खेत पर टेंसियोमीटर और विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों (electrical resistance blocks) को कैलिब्रेट (calibrate) करने के लिए किया जा सकता है।

मापक यंत्र तैयार करना और स्थापित करना (Preparing and Installing Measuring Devices)

टेंसियोमीटर (Tensiometers):

टेंसियोमीटर (tensiometer) स्थापित करने से पहले, झरझरा टिप (porous tip) को रात भर पानी में भिगोया (soaked) जाना चाहिए। ट्यूब को तब उबले हुए (वायु-मुक्त) पानी (boiled - air-free water) से भरा जाना चाहिए, और गेज (gauge) और टिप को एक छोटे, हाथ से पकड़ने वाले वैक्यूम पंप (hand-held vacuum pump) (टेंसियोमीटर निर्माताओं - tensiometer manufacturers से उपलब्ध) का उपयोग करके परीक्षण (tested) किया जाना चाहिए। वैक्यूम पंप एक वैक्यूम गेज (vacuum gauge) से भी सुसज्जित (equipped) होना चाहिए। इसका उपयोग टेंसियोमीटर में वैक्यूम बनाने के लिए किया जाता है।

टेंसियोमीटर (tensiometer) के झरझरा टिप (porous tip) के संतृप्त (saturated) होने के बाद, कैप (cap) को हटाकर वैक्यूम पंप (vacuum pump) को टेंसियोमीटर के शीर्ष (top) पर संलग्न करें। टेंसियोमीटर बैरल (tensiometer barrel) से हवा निकालने (evacuate air) के लिए पंप का उपयोग करें। पंप और टेंसियोमीटर पर वैक्यूम गेज रीडिंग (vacuum gauge reading) समान होनी चाहिए। इसके अलावा, यह रीडिंग कई सेकंड के लिए स्थिर (constant) रहनी चाहिए, जो यह दर्शाता है कि हवा झरझरा टिप (porous tip) के माध्यम से लीक (leaking) नहीं हो रही है।

यदि तनाव (tension) बनाए नहीं रखा जा सकता है, तो टिप या बैरल (tip or barrel) शायद क्षतिग्रस्त (damaged) या टूट गया (cracked) है। विफलता (failure) का सबसे आम कारण (common cause) रफ हैंडलिंग (rough handling) के परिणामस्वरूप झरझरा टिप (porous tip) में दरार (crack) है। एक फटा हुआ टिप हवा को बैरल में प्रवेश करने की अनुमति देता है ताकि मिट्टी में तनाव बल (tension forces) गेज (gauge) को सही ढंग से प्रेषित (transmitted) न हों। टेंसियोमीटर निर्माता (tensiometer manufacturer) द्वारा टिप्स, सील और गेज (Tips, seals and gauges) को बदला जा सकता है।

वैक्यूम पंप परीक्षण (vacuum pump test) पूरा होने के बाद, टोपी में रबर सील (rubber seal in the cap) का परीक्षण (tested) किया जाना चाहिए। टेंसियोमीटर (tensiometer) को पूरी तरह से इकट्ठा (assemble) करें और इसे एक मेज या सतह (surface) पर रखें ताकि झरझरा टिप (porous tip) हवा के संपर्क (exposed) में आ जाए। नोक (tip) से पानी वाष्पित (evaporating) होने लगेगा। कुछ ही मिनटों के भीतर, गेज (gauge) पर तनाव पढ़ने (tension reading) में वृद्धि (increase) शुरू होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो टोपी में रबर स्टॉपर (rubber stopper) एक अच्छी सील (good seal) प्रदान नहीं कर रहा है और इसे बदला जाना चाहिए। अन्यथा, टेंसियोमीटर स्थापना (installation) के लिए तैयार है। इसे खेत में ले जाया जाना चाहिए जिसमें टिप पानी के कंटेनर (container of water) में डूबा (submersed) हो या नम कपड़े (moist cloth) में लपेटा गया हो ताकि स्थापना (installation) से पहले तनाव (tension) न टूटे।

टेंसियोमीटर (tensiometer) के लिए मिट्टी में छेद करने के लिए छिद्रपूर्ण टिप (porous tip) के व्यास (diameter) से थोड़ा छोटा (slightly smaller) एक जांच (probe) (उदाहरण के लिए, एक स्टील रॉड - steel rod, झाड़ू का हैंडल - broom handle, या ट्यूब - tube) का उपयोग किया जाता है। छेद की गहराई (depth of the hole) छिद्रपूर्ण टिप (porous tip) के लिए वास्तविक गहराई (actual depth) से लगभग 1/4 से 1 इंच कम होनी चाहिए (चित्र 3 - Figure 3)। नीचे की मिट्टी को नम (moisten) करने के लिए छेद में 1/4 कप पानी (cup of water) डालें। टेंसियोमीटर डालें और धीरे से इसे वांछित गहराई (desired depth) तक नीचे धकेलें (push), आमतौर पर प्रभावी जड़ क्षेत्र की गहराई (effective root zone depth) का आधा। मिट्टी और झरझरा टिप (porous tip) के बीच अच्छे संपर्क (good contact) को सुनिश्चित करने के लिए, जांच (probe) द्वारा बनाई गई गहराई के ठीक नीचे निर्बाध मिट्टी (undisturbed soil) में टिप को धकेलें। जांच (probe) स्थापित होने के बाद, मिट्टी और झरझरा टिप आमतौर पर 24 घंटों के भीतर संतुलन (equilibrium) तक पहुंच जाते हैं, और उपकरण (instrument) तब उपयोग के लिए तैयार (ready to use) होता है।

टेंसियोमीटर (tensiometer) को प्रभावी जड़ गहराई (effective root depth) के आधे हिस्से (one-half) तक स्थापित (installed) किया जाना चाहिए। झरझरा टिप (porous tip) आसन्न मिट्टी (adjacent soil) के साथ अच्छे संपर्क (good contact) में होना चाहिए।

टेंसियोमीटर (tensiometers) के साथ क्षेत्र के अनुभव (Field experiences) मिश्रित (mixed) रहे हैं। ठीक से स्थापित (properly installed) और रखरखाव (maintained) होने पर, टेंसियोमीटर विश्वसनीय (reliable) होते हैं। असंतोषजनक परिणाम (Unsatisfactory results) आमतौर पर अपर्याप्त रखरखाव (inadequate maintenance) के कारण होते हैं। रेतीली मिट्टी (Sandy soils), जो टेंसियोमीटर के लिए सबसे उपयुक्त (best suited) हैं, में पौधे के उपलब्ध पानी (plant-available water) का स्तर कम (low levels) होता है। मोटे, रेतीली मिट्टी (coarse, sandy soils) में पानी की मात्रा (water content) तीन दिनों के भीतर क्षेत्र की क्षमता (field capacity) से 20 प्रतिशत से कम पौधे-उपलब्ध पानी (plant-available water) तक कम हो सकती है। इस कमी दर (depletion rate) पर, पानी के स्तंभ (water column) (तनाव) को तोड़ते हुए तनाव तीन दिनों के भीतर 80 सीबी (cb) से अधिक हो सकता है। तब मिट्टी सूखी दिखाई (appear dry) दे सकती है और फसल में तनाव के स्पष्ट लक्षण (visible signs of stress) दिखाई दे सकते हैं। चूंकि तनाव टूट (tension was broken) गया था और टेंसियोमीटर अब सही ढंग से काम (functioning correctly) नहीं कर रहा है, हालांकि, गेज (gauge) कम तनाव (low tension) (उच्च मिट्टी की नमी - high soil moisture) दिखाता है। इस प्रकार सिंचाई करने वाला (irrigator) यह निष्कर्ष निकालता है कि टेंसियोमीटर अविश्वसनीय (unreliable) है। वर्षा या सिंचाई (rainfall or irrigation) के बाद मिट्टी कितनी तेजी से सूखती है, इसका अहसास (feel) प्राप्त करने के लिए टेंसियोमीटर को हर दिन पढ़ा जाना चाहिए (कभी-कभी बहुत रेतीली मिट्टी में दिन में दो बार - twice a day)।

जब भी तनाव टूट (tension is broken) जाता है, तो टेंसियोमीटर की सर्विस (serviced) की जानी चाहिए। इसमें उपकरण को उबले हुए पानी (boiled water) से फिर से भरना (refilling) और वैक्यूम पंप (vacuum pump) से इसकी जांच करना शामिल है। उबले हुए पानी में थोड़ा सा भोजन का रंग (food coloring) मिलाने से यह देखना आसान हो जाता है कि टेंसियोमीटर में पानी अभी भी मौजूद है या नहीं। पानी के स्तंभ (water column) में हवा के बुलबुले (Air bubbles) बैरल के शीर्ष (top of the barrel) पर एकत्र (collect) होते हैं और रंगीन पानी (colored water) की तुलना में स्पष्ट (clear) दिखाई देते हैं। पानी का स्तंभ हमेशा हवा के बुलबुले (air bubbles) से मुक्त होना चाहिए, और पानी हमेशा जलाशय (reservoir) में जमा (stored) होना चाहिए। मौसम के दौरान जलाशय (reservoir) में पानी जोड़ने की आवश्यकता (necessary) हो सकती है, भले ही तनाव न टूटा हो।

विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (Electrical Resistance Blocks):

टेंसियोमीटर (tensiometers) की तरह, विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों (electrical resistance blocks) को खेत में स्थापित (installed) करने से पहले रात भर भिगोना (soaked overnight) चाहिए। वांछित स्थापना गहराई (installation depth) के लिए छेद बनाने के लिए मिट्टी जांच (soil probe) का उपयोग किया जाना चाहिए। छेद नमी ब्लॉक (moisture block) से थोड़ा बड़ा (slightly larger) होना चाहिए ताकि ब्लॉक आसानी से अंदर खिसक (slips in easily) जाए। प्रतिरोध ब्लॉक (resistance block) को छेद में रखने के बाद, स्थापना गहराई (installation depth) से मिट्टी का उपयोग करके एक मोटी मिट्टी की घोल (thick soil slurry) के साथ छेद को बैकफ़िल (backfill) करें। चूँकि महीन बनावट (fine-textured) वाली मिट्टी रेतीली मिट्टी (sandy soils) की तरह तेज़ी से (rapidly) नहीं सूखती है, इसलिए प्रतिरोध ब्लॉकों (resistance blocks) को टेंसियोमीटर (tensiometers) की तरह बार-बार (frequently) पढ़ने की आवश्यकता नहीं होती है। आमतौर पर, प्रति सप्ताह तीन से चार रीडिंग (readings) पर्याप्त (adequate) हैं।

मिट्टी-पानी का विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) पानी में घुले पदार्थों (substances dissolved) से प्रभावित होता है। सिंचाई के मौसम (irrigation season) के दौरान मिट्टी और ब्लॉक के बीच पानी का आदान-प्रदान (exchange of water) धीरे-धीरे ब्लॉक के विद्युत प्रतिरोध (electrical resistance) को बदल सकता है और अंततः अंशांकन (calibration) को बदल (alter) सकता है। उत्तरी कैरोलिना (North Carolina) की मिट्टी में यह कोई गंभीर समस्या (serious problem) नहीं है जब तक कि सिंचाई के लिए अत्यधिक खारे पानी (highly saline water) का उपयोग न किया जाए। चूंकि विद्युत प्रतिरोध ब्लॉक (electrical resistance blocks) सस्ते (inexpensive) हैं, हालांकि, प्रत्येक बढ़ते मौसम (growing season) की शुरुआत में नए कैलिब्रेटेड ब्लॉक (calibrated blocks) स्थापित किए जाने चाहिए।

मिट्टी-जल मापने वाले उपकरणों की स्थिति (Positioning Soil-Water Measuring Devices)

यदि टेंसियोमीटर (tensiometers) या विद्युत प्रतिरोध ब्लॉकों (electrical resistance blocks) का उपयोग किया जाता है, तो सिंचित क्षेत्र (irrigated field) में प्रमुख मिट्टी के प्रकारों (major soil types) में से प्रत्येक में कम से कम एक उपकरण (device) स्थित होना चाहिए। उत्तरी कैरोलिना (North Carolina) में सिंचित अधिकांश मिट्टी (most soils) के लिए, प्रभावी जड़ गहराई (effective root depth) लगभग 12 इंच है। इसलिए मिट्टी-जल मापने वाले उपकरण (soil-water measuring device) को 6 इंच की गहराई (depth of 6 inches) तक स्थापित किया जाना चाहिए। मिट्टी की सतह (soil surface) के 12 इंच के भीतर एक नाटकीय बनावट परिवर्तन (dramatic textural change) वाली मिट्टी में, जैसे कि रेतीली मिट्टी दोमट (sandy clay loam) के ऊपर एक दोमट रेत सतह बनावट (loamy sand surface texture), एक उपकरण प्रत्येक परत (each layer) के प्रभावी जड़ क्षेत्र (effective root zone) भाग के केंद्र (center) में स्थापित (installed) किया जाना चाहिए।

पौधे की पंक्ति (plant row) में मिट्टी-जल मापने वाले उपकरण (Soil-water measuring devices) स्थापित (installed) किए जाने चाहिए। उन्हें रोपण के बाद (after planting) जितनी जल्दी हो सके स्थापित (Install) करें ताकि जड़ें (roots) उनके चारों ओर बढ़ सकें और पानी का निष्कर्षण (water extraction) प्राकृतिक क्षेत्र की स्थितियों (natural field conditions) के समान हो। प्रत्येक उपकरण (device) को ध्वजांकित (Flag) करें ताकि यह बढ़ती फसल (growing crop) में आसानी से मिल (easily found) सके। किसी उपकरण (device) वाले प्रत्येक पंक्ति के अंत (end of each row) को चिह्नित (Mark) करें।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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