विभिन्न फसलों के लिए जल आवश्यकता: खेत की फसलों के लिए सिंचाई कार्यक्रम (Water requirement for different crops: Irrigation schedules for field crops)

चावल (Rice)

कुल जल आवश्यकता (Total water requirement) 1100-1250 है

कृषि जलवायु स्थिति (agro climatic situation) के आधार पर चावल का दैनिक उपभोग्य उपयोग (daily consumptive use) 6-10 मिमी (mm) से भिन्न होता है और कुल पानी 1100 से 1250 मिमी (mm) तक होता है। फसल के लिए आवश्यक कुल पानी में से, 3% या 40 मिमी का उपयोग नर्सरी (nursery) के लिए किया जाता है, 16% या 200 मिमी भूमि की तैयारी (land preparation) यानी पडलिंग (puddling) के लिए और 81% या 1000 मिमी फसल की खेत सिंचाई (field irrigation) के लिए किया जाता है।

जल प्रबंधन (water management) के संबंध में चावल के पौधे (rice plant) की वृद्धि (growth) को चार अवधियों (four periods) में विभाजित किया जा सकता है, अर्थात्, अंकुर (Seedling), वानस्पतिक (vegetative), प्रजनन (reproductive) और पकना (ripening)। अंकुर अवस्था (seedling stage) के दौरान कम पानी की खपत (consumed) होती है। रोपाई के समय (time of transplanting), 2 सेमी की उथली गहराई (shallow depth) पर्याप्त है और इसे 7 दिनों तक बनाए रखा जाता है और उसके बाद नई जड़ों के विकास (development of new roots) को सुविधाजनक बनाने के लिए 5 सेमी जलमग्नता (submergence) आवश्यक है। वानस्पतिक चरण (vegetative phase) के दौरान टिलर उत्पादन (tiller production) के लिए समान जल स्तर (water level) की आवश्यकता होती है। अधिकतम टिलरिंग चरण (maximum tillering stage) की शुरुआत में खेत में पूरे पानी को निकाला (drained) जा सकता है और एक या दो दिनों के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जा सकता है जिसे मध्य सीज़न जल निकासी (mid season drainage) कहा जाता है। यह मध्य सीज़न जल निकासी (mid season drainage) जड़ों के श्वसन कार्यों (respiratory functions) में सुधार कर सकती है, जड़ों के जोरदार विकास (vigorous growth) को उत्तेजित (stimulate) कर सकती है और गैर-प्रभावी टिलर (non-effective tillers) के विकास (development) की जाँच कर सकती है। वानस्पतिक चरण (vegetative phase) के दौरान कोई भी तनाव (stress) जड़ वृद्धि (root growth) को प्रभावित कर सकता है और पत्ती के क्षेत्र (leaf area) को कम कर सकता है।

फूल आने के चरण (flowering phase) के दौरान 5 सेमी जलमग्नता (submergence) बनाए रखा जाना चाहिए क्योंकि यह पानी की आवश्यकता का एक महत्वपूर्ण चरण (critical stage) है। इस चरण (phase) के दौरान तनाव (Stress) उपज के सभी घटकों (yield components) को खराब (impair) कर देगा और उपज (yield) में भारी कमी (severe reduction) का कारण बनेगा। 5 सेमी से अधिक पानी भी आवश्यक नहीं है, विशेष रूप से बूटिंग अवस्था (booting stage) में, जिससे बालियां आने (heading) में देरी (delay) हो सकती है।

पकने के चरण (ripening phase) के दौरान पानी की आवश्यकता (Water requirement) कम होती है और पीला पकने (yellow ripening) के बाद पानी आवश्यक नहीं है। फसल की कटाई (harvest of crop) से 15-21 दिन पहले खेत से धीरे-धीरे पानी निकाला जा सकता है (gradually drained)। जब भी 5 सेमी जलमग्नता (submergence) की सिफारिश (recommended) की जाती है, सिंचाई प्रबंधन (irrigation management) संतृप्ति (saturation) पर 5 सेमी जलमग्नता तक सिंचाई करके या तालाब के पानी (ponded water) के गायब होने के एक या दो दिन बाद किया जा सकता है। इससे निरंतर जलमग्नता (continuous submergence) की तुलना में सिंचाई के पानी की 30% बचत (saving) होगी।

मूंगफली (Groundnut)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement) 500-550 मिमी (mm)

बुवाई के बाद (after sowing) पहले 35 दिनों के दौरान और कटाई से पहले (before harvest) अंतिम 35 दिनों के दौरान वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) कम होता है और खूंटी प्रवेश (peg penetration) और फली विकास चरणों (pod development stages) के बीच चरम आवश्यकता (peak requirement) तक पहुँच जाता है। बुवाई की सिंचाई (sowing irrigation) के बाद दूसरी सिंचाई बुवाई के 25 दिन बाद यानी पहली बार हाथ से निराई (first hand hoeing) के 4 या 6 दिन बाद निर्धारित की जा सकती है और उसके बाद 15 दिनों का सिंचाई अंतराल (irrigation interval) चरम फूल आने (peak flowering) तक बनाए रखा जाता है। महत्वपूर्ण चरणों (critical stages) के दौरान अंतराल मिट्टी और जलवायु (soil and climate) के आधार पर 7 या 10 दिन हो सकता है। परिपक्वता अवधि (maturity period) के दौरान अंतराल 15 दिन है।

रागी / फिंगर बाजरा (Finger millet)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement): 350 मिमी (mm)

रागी (Finger millet) सूखा सहिष्णु फसल (drought tolerant crop) है। 7 या 8 सेमी पर पूर्व-रोपण सिंचाई (Pre-planting irrigation) दी जाती है। रोपाई के तीसरे दिन (Third day after transplantation) एक समान स्थापना (uniform establishment) के लिए कम मात्रा (small quantity) में पानी के साथ जीवन सिंचाई (life irrigation) पर्याप्त है। स्वस्थ और जोरदार विकास (healthy and vigorous growth) के लिए अंकुर (seedling) की स्थापना के बाद 10-15 दिनों के लिए पानी रोक (withheld) दिया जाता है। इसके बाद आदिम दीक्षा (primordial initiation), फूल आने (flowering) और दाना भरने के चरणों (grain filling stages) में तीन सिंचाई आवश्यक (essential) हैं।

गन्ना (Sugarcane)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement): 1800-2200 मिमी (mm)

गठनात्मक चरण (Formative phase) (रोपण से 120 दिन - 120 days from planting) पानी की मांग (water demand) के लिए महत्वपूर्ण अवधि (critical period) है। एक समान उद्भव (uniform emergence) और प्रति इकाई क्षेत्र में टिलर की इष्टतम संख्या (optimum number of tillers per unit area) सुनिश्चित करने के लिए, अधिक आवृत्तियों (more frequencies) पर पानी की कम मात्रा (lesser quantity) बेहतर है। लागू पानी (applied water) के लिए प्रतिक्रिया (response) इस महत्वपूर्ण चरण (critical phase) के दौरान अधिक होती है, जिसके दौरान फसल को अन्य दो चरणों (other two phases) की तुलना में अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। इस अवधि के दौरान पानी की आवश्यकता (Water requirement), सिंचाई की संख्या (number of irrigations) आदि अधिक होती है। चूँकि तने का कोई द्वितीयक मोटा होना (secondary thickening of stem) नहीं है, चीनी के भंडारण के लिए सिंक (sink for storage of sugar) के रूप में तने का बढ़ाव (elongation of stem) होता है, इसलिए भव्य विकास अवधि (grand growth period) के दौरान इष्टतम स्तर (optimum level) की नमी (moisture) बनाए रखना वांछनीय (desirable) है। इस अवस्था में पानी के लिए प्रतिक्रिया (Response for water) कम होती है और पकने की अवस्था (ripening stage) में यह और भी कम हो जाएगी। पकने के चरण (ripening phase) के दौरान जैसे-जैसे कटाई का समय (harvest time) आता है, मिट्टी की नमी की मात्रा (soil moisture content) को धीरे-धीरे (gradually) कम होने देना चाहिए ताकि गन्ने की वृद्धि (growth of cane) रुक जाए और सुक्रोज की मात्रा (sucrose content) बढ़ जाए।

मक्का (Maize)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement): 500 - 600 मिमी (mm)

मक्के की जल आवश्यकता (water requirement of maize) अधिक होती है लेकिन यह जल उपयोग (water use) में बहुत कुशल (efficient) है। मक्के की फसल के विकास के चरण (Growth stages) बुवाई (sowing), चार पत्ती अवस्था (four leaf stage), घुटने तक ऊंचाई (knee high), भव्य वृद्धि (grand growth), बालियां आना (tasseling), सिल्किंग (silking), प्रारंभिक आटा (early dough) और देर से आटा अवस्था (late dough stages) हैं। फसल को इन सभी चरणों (stages) में समान रूप से (uniformly) पानी की आवश्यकता होती है। इसमें से टैसलिंग, सिल्किंग और प्रारंभिक डौघ अवस्थाएं (tasseling, silking and early dough stages) महत्वपूर्ण अवधि (critical periods) हैं।

कपास (Cotton)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement): 550 - 600 मिमी (mm)

कपास (Cotton) मिट्टी की नमी की स्थिति (soil moisture conditions) के प्रति संवेदनशील (sensitive) है। सीज़न के शुरुआती भाग (early part of the season) में पौधे द्वारा थोड़ा पानी (Little water) इस्तेमाल किया जाता है और वाष्पोत्सर्जन (transpiration) की तुलना में वाष्पीकरण (evaporation) के माध्यम से अधिक पानी खो जाता है। जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, पानी का उपयोग (use of water) 3 मिमी / दिन (3 mm / day) से बढ़कर 10 मिमी एक दिन (10 mm a day) के चरम पर पहुंच जाता है, जब पौधा फूलों और बोंडों (flowers and boll) से लद (loaded) जाता है। उद्भव और प्रारंभिक पौधे के विकास (emergence and early plant growth) के दौरान इस्तेमाल किया जाने वाला पानी कुल आवश्यकता का केवल 10% है। फूल आने (flowering) और बोंडा विकास चरणों (boll development stages) के दौरान पर्याप्त नमी (Ample moisture) आवश्यक है। शुरुआती अवस्था (early stage) के साथ-साथ अंत (end) में फसल को कम पानी (less water) की आवश्यकता होती है। बोंडा विकास चरण (boll development stage) तक पानी की आवश्यकता (water requirement) अधिक रहती है। यदि महत्वपूर्ण चरणों (critical stages) के अलावा अन्य चरणों में अतिरिक्त पानी (excess water) दिया जाता है तो यह वानस्पतिक विकास (vegetative growth) को प्रोत्साहित करता है क्योंकि यह एक अनिश्चित पौधा (indeterminate plant) है जिससे बोंडा लगना (boll setting) कम हो सकता है। सिंचाई तब तक जारी (continued) रहती है जब तक कि अंतिम फ्लश का पहला बोंडा (first boll of the last flush) नहीं खुल जाता, और फिर सिंचाई रोक दी जाती है।

ज्वार (Sorghum)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement): 350-500 मिमी (mm)

पानी की आवश्यकता (water requirement) की महत्वपूर्ण अवधि (critical periods) बूटिंग (booting), फूल आना (flowering) और आटा अवस्था (dough stages) हैं। बुवाई के तुरंत बाद (immediately after sowing) फसल की सिंचाई (irrigated) की जाएगी। एक मजबूत माध्यमिक जड़ प्रणाली (strong secondary root system) के विकास (development) को प्रोत्साहित करने के लिए बुवाई (sowing) के 15 दिन बाद अगली सिंचाई (Next irritation) दी जाती है। सफल फसल उत्पादन (successful crop production) के लिए बालियां आने से पहले (prior to heading) और बालियां आने के दस दिन बाद (ten days after heading) सिंचाई आवश्यक (essential) है।

दालें (Pulses)

कुल पानी की आवश्यकता (Total water requirement) - 200-450 मिमी (mm)

ज्यादातर दलहन (pulse) वर्षा आधारित स्थिति (rainfed condition) में उगाई जाती हैं। कुछ दलहनी फसलें (pulse crops) जैसे अरहर (Redgram), उड़द (Blackgram), मूंग (Greengram) गर्मी के मौसम (summer season) में सिंचित फसल (irrigated crop) के रूप में उगाई जाती हैं, जिन्हें अंकुरण (germination), फूल आने (flowering) और फली बनने (pod formation) जैसे महत्वपूर्ण चरणों (critical stags) में 3 से 4 सिंचाई की आवश्यकता होती है।

फसलों की जल आवश्यकता (Water requirement of crops)

क्र.सं. (S.No.) फसलें (Crops) दिनों में अवधि (Duration in days) पानी की आवश्यकता (Water requirement - mm) सिंचाई की संख्या (No. of irrigations)
1. चावल (Rice) 135 1250 18
2. मूंगफली (Groundnut) 105 550 10
3. ज्वार (Sorghum) 100 350 6
4. मक्का (Maize) 110 500 8
5. गन्ना (Sugarcane) 365 2000 24
6. रागी (Ragi) 100 350 6
7. कपास (Cotton) 165 550 11
8. दालें (Pulses) 65 350 4
अस्वीकरण (Disclaimer):
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