भारत में, अवैज्ञानिक भंडारण (unscientific storage), कीटों (insects), कृंतकों (rodents), सूक्ष्मजीवों (micro-organisms) आदि के कारण फसल कटाई के बाद (post-harvest) लगभग 10 प्रतिशत खाद्यान्न का नुकसान होता है। अनाज को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों से होने वाला प्रमुख आर्थिक नुकसान (economic loss) हमेशा उनके द्वारा खाया गया वास्तविक पदार्थ नहीं होता है, बल्कि उनके और उनके मलमूत्र (excreta) द्वारा दूषित मात्रा भी होती है, जो भोजन को मानव उपभोग (human consumption) के लिए अनुपयुक्त बना देती है। लगभग 500 कीट प्रजातियां भंडारित अनाज उत्पादों (stored grain products) से जुड़ी हुई हैं। भंडारित उत्पादों के लगभग 100 प्रजातियों के कीट आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
भंडारण के कीटों (Storage insect pests) को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
जो कीट स्वस्थ अनाजों (sound grains) को नुकसान पहुंचाते हैं, वे प्राथमिक भंडारण कीट कहलाते हैं।
| सामान्य नाम (Common name) | कीट (Pest) | कुल (Family) | गण (Order) |
|---|---|---|---|
| चावल का घुन (Rice weevil) | Sitophilus oryzae, S. zeamais, S. granarius | Curculionidae | Coleoptera |
| छोटा अनाज बेधक (Lesser grain borer) | Rhyzopertha dominica | Bostrychidae | Coleoptera |
| अंगौमोइस अनाज कीट (Angoumois grain moth) | Sitotroga cerealella | Gelechiidae | Lepidoptera |
| दाल का भृंग (Pulse beetle) | Callosobruchus chinensis, C. maculatus | Bruchidae | Coleoptera |
| सिगरेट भृंग (Cigarette beetle) | Lasioderma sericorne | Anobiidae | Coleoptera |
| दवा की दुकान का भृंग (Drug store beetle) | Stegobium paniceum | Anobiidae | Coleoptera |
| इमली का भृंग (Tamarind Beetle) | Pachymeres gonagra | Bruchidae | Coleoptera |
| शकरकंद का घुन (Sweet Potato weevil) | Cylas formicarius | Apionidae | Coleoptera |
| आलू कंद कीट (Potato tuber moth) | Phthorimoea operculella | Gelechiidae | Lepidoptera |
| सुपारी भृंग (Arecanut beetle) | Araecerus fasciculatus | Anthribidae | Coleoptera |
| सामान्य नाम (Common name) | कीट (Pest) | कुल (Family) | गण (Order) |
|---|---|---|---|
| लाल आटे का भृंग (Red flour beetle) | Tribolium castaneum, Tribolium confusum | Tenebrionidae | Coleoptera |
| भारतीय भोजन कीट (Indian meal moth) | Plodia interpunctella | Phycitidae | Lepidoptera |
| अंजीर कीट या बादाम कीट (Fig moth or almond moth) | Ephestia cautella | Phycitidae | Lepidoptera |
| चावल का कीट (Rice moth) | Corcyra cephalonica | Galleriidae | Lepidoptera |
| खपरा भृंग (Khapra beetle) | Trogoderma granarium | Dermestidae | Coleoptera |
वे कीट जो टूटे हुए या पहले से क्षतिग्रस्त अनाजों (damaged grains) को नुकसान पहुंचाते हैं, द्वितीयक भंडारण कीट कहलाते हैं।
| सामान्य नाम (Common name) | कीट (Pest) | कुल (Family) | गण (Order) |
|---|---|---|---|
| आरी दांत वाला अनाज भृंग (Saw toothed grain beetle) | Oryzaephillis surinamensis | Silvanidae | Coleoptera |
| लंबे सिर वाला आटे का भृंग (Long headed flour beetle) | Latheticus oryzae | Tenebrionidae | Coleoptera |
| चपटा अनाज भृंग (Flat grain beetle) | Cryptolestus minutas | Cucujidae | Coleoptera |
| अनाज की जूं (Grain lice) | Liposcelis divinitorius | Liposcelidae | Psocoptera |
| अनाज का घुन/माइट (Grain mite) | Acarus siro | Acari | - |
वितरण और स्थिति (Distribution and status): दुनिया भर में और व्यावहारिक रूप से पूरे भारत में पाया जाता है। यह भंडारित अनाज का सबसे विनाशकारी कीट (destructive pest) है। चावल का घुन धान के खेतों में भी पाया जा सकता है।
परपोषी सीमा (Host range): चावल, ज्वार (sorghum), गेहूं, जौ (barley), मक्का (maize)
बायोनॉमिक्स (Bionomics): पूर्ण विकसित लार्वा (larva) 5 मिमी लंबा और मोटा, मांसल, पैर रहित जीव होता है। लाल-भूरे रंग का वयस्क भृंग (adult beetle) 3 मिमी लंबा होता है, जिसका शरीर बेलनाकार (cylindrical) और एक लंबा, पतला, घुमावदार थूथन (curved rostrum) होता है। इसके पंखों (elytra) पर चार हल्के लाल या पीले रंग के धब्बे होते हैं।
चावल का घुन अप्रैल से अक्टूबर तक प्रजनन (breeds) करता है और सर्दियों में गोदामों में दरारों (cracks and crevices) या गेहूं के बोरों के नीचे एक वयस्क के रूप में शीतनिद्रा (hibernates) में रहता है। सक्रिय मौसम (active season) के दौरान, मादाएं दाने पर एक गड्ढा (depression) बनाकर लगभग 400 अंडे देती हैं और छेद को एक जेली जैसे स्राव (gelatinous secretion) से सील कर दिया जाता है। अंडे 6-7 दिनों में फूटते हैं और युवा लार्वा सीधे दाने में छेद करते हैं, जहां वे भोजन करते हैं और परिपक्वता (maturity) तक बढ़ते हैं। फिर, वे दाने के अंदर प्यूपा (pupate) बनाते हैं। प्यूपा अवस्था (pupal stage) 6-14 दिनों तक रहती है। बाहर निकलने पर, वयस्क घुन दाने से अपना रास्ता काटता है और लगभग 4-5 महीने तक जीवित रहता है। एक वर्ष में कम से कम कई पीढ़ियाँ (generations) पूरी होती हैं।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): वयस्क और ग्रब (grubs) दोनों नुकसान पहुंचाते हैं। विकासशील लार्वा कटाई से पहले और भंडारण में चावल, ज्वार, गेहूं, जौ, मक्का के दानों पर 1.5 मिमी व्यास के अनियमित छेद (irregular holes) बनाकर दाने के अंदर रहता है और खाता है। घुन जितना खाते हैं उससे कहीं अधिक नष्ट कर देते हैं।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): भारत, अल्जीरिया, ग्रीस, संयुक्त राज्य अमेरिका, न्यू साउथ वेल्स (ऑस्ट्रेलिया), जापान, चीन।
परपोषी सीमा (Host range): गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार, जौ, दाल (lentils), सेना के बिस्कुट, जहाज के बिस्कुट, भंडारित सूखे आलू, मकई का आटा (corn flour), बीन्स, कद्दू के बीज, इमली के बीज और बाजरा (millets)।
बायोनॉमिक्स (Bionomics): लार्वा लगभग 3 मिमी लंबा, गंदा सफेद रंग का, हल्के भूरे रंग के सिर और सिकुड़े हुए लंबे शरीर वाला होता है। वयस्क एक छोटा बेलनाकार भृंग होता है जिसकी लंबाई लगभग 3 मिमी और चौड़ाई 1 मिमी से कम होती है। यह एक नीचे की ओर झुके हुए सिर (deflexed head) के साथ चमकदार गहरा भूरा होता है, जो एक दांतेदार हुड के आकार के प्रोनोटम (crenulated hood-shaped pronotum) से ढका होता है। दोनों लिंगों (sexes) को अलग करने वाला कोई रूपात्मक अंतर (morphological difference) नहीं है।
यह कीट मार्च से नवंबर तक प्रजनन करता है और दिसंबर में, यह एक वयस्क या लार्वा के रूप में शीतनिद्रा (hibernation) में प्रवेश करता है। एक मादा 23-60 दिनों में 4-23 अंडे प्रति दिन की दर से 300-400 अंडे दे सकती है। अंडे अकेले कचरे (frass) के बीच दिए जाते हैं या अनाज पर समूहों में चिपका दिए जाते हैं। जब अंडे ताजे दिए जाते हैं, तो वे चमकदार सफेद होते हैं, लेकिन बाद में उन पर एक गुलाबी अपारदर्शी रेखा (pink opaque line) दिखाई देती है। ऊष्मायन अवधि (incubation period) लगभग 5-9 दिन है।
लार्वा अंडों के पेडीसेल (pedicel) सिरे में एक गोलाकार छेद काटता है और उसमें से बाहर आता है। लार्वा अवधि 23 - 50 दिन, प्यूपा अवधि 4 - 6 दिन और वयस्क लगभग 40 - 80 दिनों तक जीवित रहते हैं। एक वर्ष में 5-6 पीढ़ियाँ होती हैं।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): वयस्क और ग्रब (grubs) दोनों नुकसान पहुंचाते हैं। वयस्क और ग्रब दानों में छेद करके खाते हैं और उन्हें कई अनियमित छेदों (irregular holes) के साथ केवल छिलकों (shells) में बदल देते हैं। वयस्क शक्तिशाली उड़ने वाले होते हैं और एक गोदाम से दूसरे गोदाम में पलायन (migrate) करते हैं, जिससे नया संक्रमण (infestation) होता है। वयस्क काफी मात्रा में मल/कचरा (frass) पैदा करते हैं, जो उनके खाने से ज्यादा अनाज को खराब करता है।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): विश्वव्यापी। भारतीय उपमहाद्वीप में, यह कीट पहाड़ी क्षेत्रों में या जहां जलवायु काफी हल्की होती है, अधिक प्रचुर मात्रा (abundant) में पाया जाता है।
परपोषी सीमा (Host range): धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, जौ, जई (oats) आदि।
बायोनॉमिक्स (Bionomics): एक पूर्ण विकसित लार्वा लगभग 5 मिमी लंबा होता है, जिसका शरीर सफेद और सिर पीला भूरा होता है। वयस्क एक बफ, भूरा-पीला, भूरा या पुआल के रंग (straw coloured) का पतंगा (moth) होता है, जिसके पंखों का फैलाव लगभग 10-12 मिमी होता है। इसकी विशेषता लंबे बालों से घिरे संकीर्ण नुकीले पंखों (narrow pointed wings) की उपस्थिति है।
प्रजनन अप्रैल से अक्टूबर तक होता है। यह कीट शीतनिद्रा वाले लार्वा (hibernating larva) के रूप में सर्दियां बिताता है और मौसम गर्म होने पर, यह शुरुआती वसंत (early spring) में प्यूपा बनाता है। मादाएं अनाज पर या उसके पास अकेले या समूहों में अंडे देना शुरू कर देती हैं। जब ताजे अंडे दिए जाते हैं तो वे छोटे और सफेद होते हैं, जो बाद में लाल हो जाते हैं। एक मादा संभोग (mating) के बाद एक सप्ताह के भीतर औसतन 150 अंडे देती है। अंडे की अवधि 4-8 दिन है। लार्वा अवस्था लगभग 3 सप्ताह तक चल सकती है। प्यूपेशन (pupation) से पहले, लार्वा एक गुहा (cavity) में रेशमी कोकून (silken cocoon) बनाता है। प्यूपा अवधि 9-12 दिन है और वयस्क लगभग 4-10 दिनों तक जीवित रहते हैं। सक्रिय मौसम के दौरान, जीवन चक्र लगभग 50 दिनों में पूरा हो जाता है। एक वर्ष में कई पीढ़ियाँ पूरी होती हैं।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): मानसून के दौरान नुकसान अधिकतम होता है। कटाई से पहले और भंडार (store) में केवल लार्वा अनाज के दानों (grain kernels) को खाकर नुकसान पहुंचाते हैं। लार्वा अनाज में छेद करता है और उसकी सामग्री (contents) को खाता है। प्रभावित अनाज के दानों पर ट्रैप डोर (trap door) के साथ या उसके बिना 1 मिमी व्यास के निकास छेद (Exit holes) देखे जाते हैं। जैसे-जैसे यह बढ़ता है, यह छेद को चौड़ा करता है जो आंशिक रूप से मल के छर्रों (pellets of excreta) से भर जाता है। यह अस्वस्थ रूप (unhealthy appearance) और गंध (smell) प्रदान करता है। अनाज के ढेर में, ऊपरी परतें (upper layers) सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): संयुक्त राज्य अमेरिका, मॉरीशस, फॉर्मोसा, अफ्रीका, चीन, फिलीपींस, जापान, इंडोनेशिया, श्रीलंका, म्यांमार और भारत।
परपोषी सीमा (Host range): चना (Gram), मूंग (Phaseolus aureus), मोठ (Phaseolus aconitifolius), मटर, लोबिया (cow peas), मसूर (lentil) और अरहर (Cajanus cajan), कपास के बीज, ज्वार और मक्का।
बायोनॉमिक्स (Bionomics): लार्वा हल्के भूरे रंग के सिर के साथ सफेद रंग का होता है। परिपक्व लार्वा (mature larva) 6-7 मिमी लंबा होता है। 3-4 मिमी लंबाई वाला वयस्क भृंग, अंडाकार, चॉकलेट या लाल भूरे रंग का होता है और इसमें लंबे दांतेदार एंटीना (long serrated antennae) और कटे हुए पंख (truncate elytra) होते हैं जो पाइजीडियम (pygidium) को नहीं ढंकते हैं।
यह कीट मार्च से नवंबर के अंत तक सक्रिय रूप से प्रजनन (breeds actively) करता है। यह लार्वा अवस्था में सर्दियों में शीतनिद्रा (hibernates) में रहता है। एक मादा 1-37 प्रति दिन की दर से छोटे, अंडाकार, पपड़ी जैसे (scale like) 34-113 अंडे देती है। अंडे की अवधि 6-16 दिन, लार्वा अवधि 10-38 दिन है। शीतनिद्रा वाले लार्वा अपना विकास पूरा करने में 117-168 दिन लेते हैं। प्यूपा अवस्था 4-28 दिनों तक चलती है। वयस्क बीज के आवरण (seed coat) में एक गोलाकार छेद काटकर भाग जाता है और ऐसे दानों को आसानी से पहचाना जा सकता है। एक वयस्क का औसत जीवन-काल (life-span) 5-20 दिन होता है। कीट एक वर्ष में 7-8 अतिव्यापी पीढ़ियों (overlapping generations) से गुजरता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): वयस्क और ग्रब (grub) एक छोटा सा छेद बनाकर दाने को खाते हैं। संक्रमित भंडारित बीज (Infested stored seed) को बीज की सतह पर सफेद अंडों (white eggs) और बीज के आवरण के 'फ्लैप' (flap) वाले गोल निकास छेद (round exit holes) द्वारा पहचाना जा सकता है। काबुली प्रकार विशेष रूप से अतिसंवेदनशील (susceptible) होते हैं।
बायोनॉमिक्स (Bionomics): वयस्क हल्के भूरे रंग का गोल भृंग जिसका वक्ष (thorax) और सिर नीचे की ओर झुका होता है और यह कीट को एक अत्यधिक कूबड़ वाला रूप (humped appearance) प्रस्तुत करता है। पंखों (elytra) पर महीन बाल (minute hairs) होते हैं। एंटीना समान मोटाई का होता है। मलाईदार सफेद अंडाकार अंडे भंडारित सामग्री की सतह पर दिए जाते हैं और ऊष्मायन अवधि (incubation period) 9-14 दिन होती है। लार्वा और प्यूपा अवधि क्रमशः 17-29 दिन और 2-8 दिन तक होती है। ग्रब सफेद बालों वाला होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): ग्रब और वयस्क दोनों तंबाकू उत्पादों (tobacco products) जैसे सिगरेट, चेरूट और चबाने वाले तंबाकू (chewing tobacco) में छेद करते हैं। प्रसंस्कृत तंबाकू (processed tobacco) पर पिन के सिर के आकार के गोल छेद (circular pin head sized bore holes) की उपस्थिति हमले का विशिष्ट लक्षण है। यह गेहूं, मूंगफली, कोको, बीन्स, कपास के बीज आदि के दानों पर भी हमला करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics): वयस्क लाल भूरे रंग के छोटे भृंग के धारीदार पंख (striated elytra) होते हैं और इसकी लंबाई 3 मिमी मापी जाती है। एंटीना गदाकार (clubbed) होता है। यह 10-40 के जत्थों (batches) में अंडे देता है। ग्रब बालों वाला नहीं होता है, बल्कि हल्का सफेद, मांसल होता है जिसका पेट (abdomen) दो गहरे सींग वाले बिंदुओं (horny points) पर समाप्त होता है। लार्वा अवधि (LP): 10-20 दिन और प्यूपा अवधि (PP): 8-12 दिन।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms): हल्दी (turmeric), धनिया, अदरक, सूखी सब्जी और पशु पदार्थों (animal matter) पर पिन-हेड आकार का गोल छेद (Circular pin-head sized bore hole)।
वयस्क (adult) छोटा और भूरे रंग का होता है। यह पेड़ और भंडारण (storage) दोनों में इमली के फलों (fruits of tamarind) पर गोलाकार छेद बनाता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
इसकी ग्रब (grub) सफेद रंग की, बिना पैर वाली (apodous) और भूरे सिर वाली होती है। वयस्क (adult) चींटी जैसा पतला, लंबी सूंड वाला और चमकदार काले रंग का होता है, जिसका वक्ष (thorax) और पैर लाल-भूरे रंग के होते हैं। ग्रब और वयस्क दोनों कंदों (tubers) में छेद कर देते हैं और उन्हें खाने योग्य नहीं छोड़ते हैं। यह खेत और भंडारण दोनों जगह नुकसान पहुँचाता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
इसका लार्वा हल्का हरा होता है। वयस्क छोटा होता है, जिसके पंख किनारे से झालरदार (fringed) होते हैं; आगे के पंख (forewings) गहरे धब्बों के साथ भूरे-भूरे रंग के होते हैं और पीछे के पंख (hindwings) मटमैले सफेद होते हैं। यह खेत और भंडारण दोनों जगह नुकसान पहुँचाता है। इल्लियों (caterpillars) द्वारा कंदों में छेद करने से फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण (infection) हो जाता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
वयस्क भूरे रंग का होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
यह बाहरी आवरण (outer coat) को सुरक्षित छोड़कर अंदर की सामग्री को खा जाता है। यह वास्तविक नुकसान (actual damage) से ज्यादा संदूषण (contamination) का कारण बनता है। यह कॉफी, कोको, मसाले, मक्का, मूंगफली, ब्राजील नट, सूखी कसावा की जड़ों और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों (processed foods) को नुकसान पहुंचाता है।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): विश्वव्यापी (Worldwide)
परपोषी श्रेणी (Host range):
गेहूं का आटा, मेवे (dry fruits), दालें और तैयार अनाज के खाद्य पदार्थ, जैसे कि कॉर्नफ्लेक्स।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
युवा लार्वा पीला-सफेद होता है और इसकी लंबाई 1 मिमी होती है। जैसे-जैसे यह परिपक्व होता है, यह लाल-पीले रंग का हो जाता है। यह कीट अप्रैल से अक्टूबर तक प्रजनन (breeds) करता है और सर्दियाँ ज्यादातर वयस्क/प्यूपा अवस्था (adult/pupal stage) में बिताता है। मादाएं सफेद अंडे देती हैं। प्यूपीकरण (Pupation) आटे के अंदर ही होता है। प्यूपा पीले रंग का और बालों वाला होता है। प्यूपा अवस्था 5-9 दिनों तक रहती है। गर्मियों में अंडे से वयस्क बनने तक की विकास अवधि (development period) 26-30 दिन होती है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
लार्वा और वयस्क दोनों नुकसान पहुँचाते हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गर्म और आर्द्र (humid) मानसून के मौसम में होता है। लार्वा हमेशा भोजन में छिपे हुए पाए जाते हैं। हालांकि, वयस्क सक्रिय जीव (active creatures) हैं, लेकिन ज्यादातर आटे में छिपे हुए पाए जाते हैं। जब वयस्क आटे और अन्य दानेदार खाद्य उत्पादों से होकर गुजरते हैं, तो वे सुरंगें (tunnels) बनाते हैं। गंभीर संक्रमण (severe infestation) में, आटा भूरे रंग का और फफूंदयुक्त (mouldy) हो जाता है, और इसमें एक तीखी, अप्रिय गंध (pungent odour) आती है जिससे यह मानव उपभोग के लिए अयोग्य (unfit for human consumption) हो जाता है।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): यह कीट विश्वव्यापी है।
परपोषी श्रेणी (Host range):
यह अनाज (grains), भोजन (meals), नाश्ते के खाद्य पदार्थ (breakfast foods), सोयाबीन, सूखे मेवे (dried fruits), मेवे (nuts), बीज (seeds), सूखी जड़ें, जड़ी-बूटियाँ (herbs), मरे हुए कीड़े आदि को संक्रमित करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
लार्वा सफेद होता है, जिसमें अक्सर हरा या गुलाबी रंग होता है, और इसका सिर हल्का भूरा होता है। परिपक्व (maturity) होने पर, लार्वा की लंबाई 8-13 मिमी होती है। वयस्क शलभ (adult moth) के पंखों का फैलाव (wing expanse) लगभग 13-20 मिमी होता है और इसमें तांबे जैसी चमक (coppery lustre) होती है।
प्रजनन साल भर जारी रहता है। मादा शलभ 30-350 बहुत छोटे, सफेद अंडाकार अंडे (ovate eggs) उपयुक्त खाद्य पदार्थों पर या उसके पास, अकेले या समूहों में देती है। मौसम के आधार पर अंडे की अवधि 2 दिन से 2 सप्ताह तक होती है। लार्वा 30-35 दिनों में पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। वे खाद्य सामग्री की सतह पर रेंगकर आ जाते हैं और एक पतले रेशमी कोकून (silken cocoon) के अंदर प्यूपीकरण (pupate) करते हैं। प्यूपा अवस्था 4-35 दिनों तक रहती है। गर्मियों में, जीवन-चक्र 5 या 6 सप्ताह में पूरा हो जाता है और एक वर्ष में लगभग 4-6 पीढ़ियाँ (generations) होती हैं।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
केवल लार्वा नुकसान पहुँचाता है। रेंगने वाली इल्लियां (caterpillars) अनाज के ढेर की सतह को रेशमी धागों (silken threads) से पूरी तरह से जाल (web) से ढँक देती हैं। वयस्क एक डिब्बे (bin) से दूसरे डिब्बे में उड़ते हैं और संक्रमण (infestation) फैलाते हैं।
इस कीट को सूखे करंट मोथ (dried currant moth) के नाम से भी जाना जाता है।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): विश्वव्यापी (Worldwide)
परपोषी श्रेणी (Host range):
यह सूखे मेवों जैसे करंट, किशमिश (raisins), सूखे सेब, खजूर, जामुन (berries), अंजीर, बादाम, अखरोट, इमली के बीज आदि का एक गंभीर कीट (serious pest) है। इसे लाख (lac), माल्टेड दूध, सूखे आम, गूदे (pulp), लहसुन के बल्ब, विभिन्न अनाज और अनाज उत्पादों पर भी देखा गया है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
वयस्क शलभ के पंख भूरे रंग के होते हैं, जिनके बाहरी हिस्से पर आड़ी धारियाँ (transverse stripes) होती हैं और पंखों का फैलाव लगभग 12 मिमी होता है। मादा अंधाधुंध (indiscriminately) तरीके से बर्तनों (receptacles) की दरारों और छेदों (cracks and crevices) में या खाद्य सामग्री पर सफेद अंडे देती है। भोजन करते समय, लार्वा खाद्य सामग्री में नलियां (tubes) बनाते हैं और 40-50 दिनों में पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं। पूर्ण विकसित लार्वा सफेद रंग का होता है जिसमें हल्का गुलाबी रंग होता है और यह 1.5 सेमी लंबा होता है। लार्वा कोकून के अंदर प्यूपीकरण (pupate) करते हैं और प्यूपा अवस्था लगभग 12 दिनों तक रहती है। जीवन चक्र लगभग दो महीने में पूरा हो जाता है और एक वर्ष में 5-6 पीढ़ियाँ होती हैं।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
इल्लियां खाद्य सामग्री में सुरंगें (tunnels) बनाती हैं। रेशमी नलियों (silken tubes) की संख्या कभी-कभी बहुत अधिक होती है और ये मिल की मशीनरी (mill machinery) को जाम (clog) कर देती हैं जहां संक्रमित अनाज मिलिंग के लिए भेजा जाता है।
वितरण और स्थिति (Distribution and status):
चावल का शलभ एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और यूरोप में पाया जाता है। लार्वा अवस्था (larval stage) में, यह भारत और पाकिस्तान दोनों में एक महत्वपूर्ण भंडारित-अनाज का कीट (stored-grain pest) है。
परपोषी श्रेणी (Host range):
यह चावल, ज्वार (sorghum), मक्का, चना, मूंगफली, बिनौला (cotton-seed), मिल उत्पादों, कोको बीन्स और किशमिश को भी संक्रमित करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
चावल का शलभ मार्च से नवंबर तक सक्रिय रहता কমপক্ষে (active) रहता है। यह सर्दियाँ लार्वा अवस्था में बिताता है। शलभ अनाज, बोरियों (bags) और गोदामों (godowns) की अन्य वस्तुओं पर अकेले या 3-5 के समूहों में अंडे देता है। एक अकेली मादा अपने 24 दिनों के जीवन काल में 62-150 अंडे देती है। अंडे 4-7 दिनों में फूटते हैं और लार्वा रेशमी जाल (silken web) जैसे आश्रयों (shelters) के नीचे रहते हैं,
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त (partially damaged) अनाज को प्राथमिकता देते हैं। वे 21-41 दिनों में पूरी तरह से भोजन कर लेते हैं, जिसके बाद वे संक्रमित अनाज के बीच रेशमी कोकून (silken cocoons) बनाते हैं। प्यूपा अवस्था 9-14 दिनों तक रहती है और वयस्क एक सप्ताह तक जीवित रहते हैं। वे अपना जीवन चक्र 33-52 दिनों में पूरा करते हैं और यह कीट एक वर्ष में लगभग 6 पीढ़ियाँ (generations) पूरी करता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
केवल लार्वा रेशमी जालों के नीचे खाकर चावल और मक्का के अनाज को नुकसान पहुँचाते हैं। जब संक्रमण अधिक होता है, तो अनाज का पूरा स्टॉक एक जालेदार द्रव्यमान (webbed mass) में बदल सकता है। अंततः, एक विशिष्ट दुर्गंध (foul odour) विकसित होती है और अनाज मानव उपभोग के लिए अयोग्य (unfit for human consumption) हो जाते हैं।
वितरण और स्थिति (Distribution and status): विश्वव्यापी (Worldwide)
परपोषी श्रेणी (Host range):
खपरा भृंग किसी भी सूखे पौधे या पशु पदार्थ (animal matter) पर हमला करेगा। यह अनाज और अनाज उत्पादों (cereal products) को प्राथमिकता देता है, मुख्य रूप से गेहूं, जौ, जई (oats), राई, मक्का, चावल, आटा, माल्ट और नूडल्स। यह मृत चूहों, सूखे खून और सूखे कीड़ों जैसे पशु उत्पादों (animal products) को भी खा सकता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
यह कीट अप्रैल से अक्टूबर तक प्रजनन करता है और नवंबर से मार्च तक दरारों (cracks) और छेदों में लार्वा अवस्था में शीतनिद्रा (hibernates) में रहता है। मादा अनाज पर अकेले या कभी-कभी 2-5 के समूहों में सफेद पारभासी (translucent) अंडे देना शुरू करती है। अंडे कुछ हद तक बेलनाकार (cylindrical) होते हैं, एक सिरे पर गोल और दूसरे सिरे पर संकरे (narrow) होते हैं। एक मादा 1-7 दिनों में 1-26 अंडे प्रति दिन की दर से 13-35 अंडे दे सकती है। अंडे की अवधि 3-10 दिनों तक भिन्न होती है। लार्वा अवधि 20-40 दिन और प्यूपा अवधि 4-6 दिन होती है। प्यूपीकरण अनाज के बीच अंतिम लार्वा त्वचा (last larval skin) में होता है। वयस्क उड़ने में असमर्थ (incapable of flying) होते हैं। एक वर्ष में 4-5 पीढ़ियाँ (generations) होती हैं।
ताजा पीला-सफेद लार्वा 4 मिमी लंबा हो जाता है और भूरा हो जाता है। वयस्क एक छोटा गहरे भूरे रंग का भृंग (beetle) होता है, 2-3 मिमी लंबा, जिसका सिर सिकुड़ने वाला (retractile head) और एंटीना गदाकार (clubbed) होता है। पूरा शरीर महीन बालों से ढका होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
सबसे ज्यादा नुकसान गर्मियों में जुलाई से अक्टूबर तक होता है। ग्रब भ्रूण (embryo) के पास या किसी अन्य कमजोर बिंदु पर अनाज खाते हैं और वहां से अंदर की ओर बढ़ते हैं। वे आमतौर पर खुद को ढेर में अनाज की ऊपरी 50 सेमी परत तक या अनाज की बोरी की परिधि (periphery) तक ही सीमित रखते हैं। वे अनाज को केवल मलमूत्र/चूरे (frass) में बदल सकते हैं। चूँकि लार्वा सकारात्मक रूप से थिग्मोटैक्टिक (positively thigmotactic - स्पर्श के प्रति संवेदनशील) होते हैं, इसलिए उन्हें केवल अनाज के ढेर पर जूट की बोरियां (gunny bags) रखकर इकट्ठा किया जा सकता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
यह पतला, गहरा, संकरा और चपटा भृंग है जिसके अग्रवक्ष (prothorax) के प्रत्येक तरफ आरी (saw) जैसे तेज दांतों की एक पंक्ति होती है। एंटीना गदाकार (clubbed) होता है और एलीट्रा (elytra - पंख का आवरण) पेट को पूरी तरह से ढक लेता है। यह गोदाम के भंडारण बर्तनों की दरारों में स्वतंत्र रूप से 300 सफेद अंडे देता है। अंडे की अवधि 3-17 दिन होती है। लार्वा पतला, हल्के क्रीम रंग का होता है जिसके प्रत्येक खंड (segment) पर थोड़े गहरे रंग के धब्बे (patches) होते हैं। लार्वा अवधि 14-20 दिन होती है। यह चिपचिपे स्राव (sticky secretion) के साथ एक सुरक्षात्मक कोकून जैसे आवरण में प्यूपीकरण करता है। प्यूपा अवधि 7-21 दिन होती है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms):
यह अनाज की सतह को खुरच कर (scarving) या उनमें छेद करके अनाज, सूखे मेवे आदि को खाता है। यह चावल, गेहूं, मक्का, अनाज उत्पादों, तिलहन (oil seeds) और सूखे मेवों पर हमला करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics) / जीवन चक्र:
भृंग हल्के भूरे रंग का होता है जिसका शरीर लम्बा (elongated) होता है, जिसकी लंबाई 2-3 मिमी होती है और यह Tribolium castaneum के जैसा दिखता है। यह अनाज और बोरियों की सिलाई (seams) पर अकेले 400 सफेद अंडे देता है। ऊष्मायन अवधि (incubation period) 7-12 दिन होती है। ग्रब छोटा, सफेद और सक्रिय होता है जो भोजन करता है (feeds)।
...भयंकर रूप से खाता है। इसका लार्वा काल (larval period) 15-80 दिनों का होता है। यह 5-10 दिनों तक प्यूपा (pupa) अवस्था में रहता है। 35°C तापमान और 70% सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) पर इसका जीवन चक्र 25 दिनों में पूरा हो जाता है।
यह ट्राइबोलियम (Tribolium) के समान दिखता है। इसका सिर शरीर के अनुपात में ट्राइबोलियम से लंबा होता है, और यह ट्राइबोलियम की तुलना में अधिक पीला और चमकीला होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms)
ग्रब (grubs) और वयस्क भृंग (adult beetles) दोनों पिसे हुए उत्पादों (milled products) को खाते हैं। यह भंडारित अनाज में द्वितीयक संक्रमण (secondary infestation) के रूप में होता है। यह अनाज के आटे, पैकेज्ड फूड, चावल और चावल के उत्पादों पर हमला करता है। भंडारित ज्वार (sorghum), गेहूं आदि में भी यह द्वितीयक संक्रमण के रूप में पाया जाता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics)
यह भंडारित अनाज के कीटों में सबसे छोटा है। यह 1.5 मिमी से 2.0 मिमी आकार का हल्का से गहरा लाल-भूरे रंग का भृंग (beetle) होता है। यह आटे, अनाज या दरारों (crevices) में ढीले रूप से सफेद अंडे देता है। अंडे का समय 5 दिन का होता है। इसका लार्वा सिगार (cigar) की तरह पीला-सफेद होता है जिसके गुदा खंड (anal segment) पर दो लाल-भूरे रंग के धब्बे होते हैं। लार्वा काल (larval period) 21 दिनों का होता है। यह जिलेटिनस कोकून (gelatinous cocoon) में प्यूपा (pupa) में बदलता है। जीवन चक्र 42 दिनों में पूरा होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms)
ग्रब (grubs) और वयस्क (adults) दोनों टूटे हुए अनाज या पिसे हुए उत्पादों (milled products) को खाते हैं। भारी संक्रमण (heavy infestation) की स्थिति में यह अनाज और आटे में गर्मी (heating) पैदा करता है। यह चावल, मक्का, अत्यधिक टूटे हुए गेहूं, विभिन्न प्रकार के आटे, विशेष रूप से उच्च नमी वाली मूंगफली और फफूंदयुक्त (mouldy) अनाज पर हमला करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics)
यह हल्के भूरे या पीले-सफेद रंग का, छोटा, पिन के सिर के आकार का जूँ (louse) होता है जिसके फिलीफॉर्म एंटीना (filiform antenna) होते हैं। यह लगभग 7-60 अंडे देता है। इसका कायांतरण (metamorphosis) अपूर्ण (incomplete) होता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms)
ये स्केवेंजर (scavengers) होते हैं जो भारी संक्रमण (heavy infestation) में केवल भ्रूण भाग (germ portion) को प्रभावित करते हैं। यह कीटों के टुकड़ों और टूटे हुए अनाज पर पनपते हैं। यह सभी स्टार्चयुक्त सामग्री (starchy material) पर हमला करता है।
बायोनॉमिक्स (Bionomics)
यह हल्के भूसे के रंग से लेकर गहरे लाल-भूरे रंग का घुन (mite) होता है। यह लगभग 100 अंडे देता है। अंडे से 6 पैरों वाले लार्वा (larvae) निकलते हैं जो निर्मोचन (moulting) करके निम्फ (nymphs) में बदल जाते हैं। इसके 1-3 इंस्टार (instars) होते हैं। जीवन चक्र 23°C तापमान और 70% सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) पर 9-12 दिनों में पूरा हो जाता है।
क्षति के लक्षण (Damage symptoms)
यह अनाज की सतह को खाता है। यह अनाज, आटे और अन्य खाने-पीने की चीजों पर हमला करता है।
भारत में भंडारित अनाज और उत्पादों पर गौण कीटों (minor pests) के रूप में दर्ज की गई अन्य कीट प्रजातियां हैं: कैडेल (cadelle), Tenebroides mauritanicus (Trogossitidae: Coleoptera) और ब्लैक फंगस बीटल (black fungus beetle), Alphitobius laevigatus (Tenebrionidae: Coleoptera)।
भंडारण कीटों का प्रभावी प्रबंधन (effective management) अनाज को भंडारण से पहले ठीक से सुखाकर, नए अनाज को साफ गोदामों (clean godowns) या डिब्बों (receptacles) में जमा करके और गोदामों में सभी दरारों और छेदों (cracks, crevices and holes) को पूरी तरह से बंद करके सुनिश्चित किया जा सकता है। यदि अनाज का संक्रमण (infestation) पहले ही हो चुका है, तो रसायनों का प्रयोग (application of chemicals) आवश्यक हो जाता है।
पुरानी जूट की बोरियों (gunny bags) को अनाज से भरने से पहले 10 मिनट के लिए 0.0125 प्रतिशत फेनवेलरेट (fenvalerate) 20EC या साइपरमेथ्रिन (cypermethrin) 25EC में डुबोकर और छाया में सुखाकर कीटाणुरहित (disinfect) करें या नई जूट की बोरियों का उपयोग करें। फर्श, दीवारों और छत पर 0.05 प्रतिशत मैलाथियान (malathion) इमल्शन (emulsion) का छिड़काव करके खाली गोदामों या डिब्बों को कीटाणुरहित करें।
250 ग्राम प्रति क्विंटल बीज की दर से मैलाथियान (malathion) 5 प्रतिशत मिलाने की सिफारिश की जाती है। अनाज को 500 मिली पानी में 25 मिली मैलाथियान 50 EC या 2 मिली फेनवेलरेट (fenvalerate) 20EC या 1.5 मिली साइपरमेथ्रिन (cypermethrin) 25EC या 14 मिली डेल्टामेथ्रिन (deltamethrin) 2.8EC प्रति क्विंटल बीज की दर से पतला करके उपचारित किया जा सकता है। पल्स बीटल (pulse beetle - ढोरा) के खिलाफ, थोक (bulk) में भंडारित दालों को रेत, चूरा (sawdust) या गोबर की राख (dung ash) की 7 सेमी परत से ढक दें।
अनाज की थोड़ी मात्रा को धूमन (fumigation) करने के लिए धातु के ड्रम (metallic drums) या लकड़ी के बक्से (wooden boxes) का उपयोग किया जा सकता है। भारत में, कृषि स्तर पर भंडारण में खाद्यान्न के धूमन के लिए एथिलीन डाइक्लोराइड और कार्बन टेट्राक्लोराइड (ethylene dichloride and carbon tetrachloride) मिश्रण की सिफारिश की गई है, और गोदामों और साइलो (silos) में सुरक्षा के लिए एल्यूमीनियम फॉस्फाइड (aluminium phosphide) या मिथाइल ब्रोमाइड (methyl bromide) के रूप में हाइड्रोजन फॉस्फाइड (hydrogen phosphide) की सिफारिश की गई है।
20 क्विंटल अनाज के लिए 1 लीटर या 100 घन मीटर जगह के लिए 35 लीटर की दर से एथिलीन डाइक्लोराइड और कार्बन टेट्राक्लोराइड के मिश्रण की सिफारिश की जाती है, जिसे 4 दिनों तक रखना चाहिए (exposure period)। मिथाइल ब्रोमाइड (Methyl bromide) का उपयोग 3.5 किलोग्राम प्रति 100 घन मीटर (100 m³) स्थान की दर से 10-12 घंटे के एक्सपोज़र के साथ किया जाता है। धूमन रसायन (fumigant), हाइड्रोजन फॉस्फाइड (hydrogen phosphide - एल्यूमीनियम फॉस्फाइड), टैबलेट के रूप में उपलब्ध है और इसे 7 दिनों के एक्सपोज़र के साथ प्रति मीट्रिक टन एक टैबलेट (3 ग्राम) या प्रति 100 घन मीटर जगह में 25 टैबलेट की दर से उपयोग किया जा सकता है।
विभिन्न प्रकार के उन्नत कीट-रोधी डिब्बों (insect-proof receptacles) का उपयोग करके अनाज को सर्वोत्तम रूप से सुरक्षित किया जा सकता है।
(a) इंडोर बिन्स (Indoor Bins)
घरेलू धातु के डिब्बे (Domestic metal bins), घरेलू ठेका (Gharelu theka), पक्की कोठी (Pucca kothi), वेल्डेड वायर-मेश बिन (Welded wire-mesh bin), प्रबलित सीमेंट रिंग बिन (Reinforced cement ring bins), धान के पुआल-मिट्टी की संरचना (Paddy straw-mud structure)।
(b) आउटडोर बिन्स (Outdoor Bins)
फ्लैट और हॉपर बॉटम-मेटल डिब्बे (Flat and hopper bottom-metal bins), कम्पोजिट डिब्बे (Composite bins), आंशिक रूप से भूमिगत और जमीन के ऊपर की संरचनाएं (Partly underground and above ground structures), बीज भंडारण डिब्बे (Seed storage bins), फेरो-सीमेंट डिब्बे (Ferro-cement bins), पूसा बिन (Pusa bin), उन्नत गोदाम (Improved godowns), थोक भंडारण प्रतिष्ठान (Bulk storage installations) और वैक्यूम प्रक्रिया भंडारण (Vacuum process storage)।
भंडारित उपज के कीटों के नियंत्रण के तरीकों को निवारक (preventive) और उपचारात्मक उपायों (curative measures) में वर्गीकृत किया जा सकता है।
i) पारिस्थितिक विधियाँ (Ecological methods)
ii) भौतिक विधियाँ (Physical methods)
iii) कर्षण विधियाँ (Cultural methods)
iv) यांत्रिक विधियाँ (Mechanical methods)
v) रासायनिक विधियाँ (Chemical methods)
भंडारित उपज के कीटों (stored produce pests) को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने के लिए एथिलीन डाइब्रोमाइड (EDB), एथिलीन डाइक्लोराइड कार्बन टेट्राक्लोराइड (EDCT), एल्युमिनियम फॉस्फाइड (ALP) जैसे धूमकों (fumigants) का उपयोग करें। एप्लिकेटर (applicator) की मदद से खाद्यान्न के प्रति टन लॉट के लिए 3 टैबलेट (प्रत्येक 3 ग्राम) की दर से एल्युमिनियम फॉस्फाइड (0.6 ग्राम और 3 ग्राम टैबलेट में उपलब्ध) का प्रयोग करें। निम्नलिखित दिशानिर्देशों के आधार पर धूमन रसायन (fumigant) चुनें और आवश्यकता तय करें:
मिट्टी या लाल मिट्टी (red earth) को पानी में मिलाकर पेस्ट (paste) का रूप दें और धूमन कवर (fumigation cover) के चारों ओर पलस्तर (plastering) करने के लिए तैयार रखें या रेत से भरे बोरे (sand snakes) तैयार रखें। बैगों के बीच विभिन्न परतों (layers) में आवश्यक संख्या में एल्यूमीनियम फॉस्फाइड गोलियां रखें। बैगों को तुरंत धूमन कवर (fumigation cover) से ढक दें। गैस रिसाव (leak proof) को रोकने के लिए गीली लाल मिट्टी या मिट्टी के पलस्तर के साथ कवर के किनारों को चारों ओर प्लास्टर करें या रेत के बोरों (sand snakes) से दबा दें। चुने हुए धूमक (fumigant) के आधार पर बैगों को 5-7 दिनों की अवधि के लिए धूमन (fumigation) के तहत रखें। निर्दिष्ट धूमन अवधि के बाद मिट्टी का पलस्तर हटा दें और अवशिष्ट गैस (residual gas) को बाहर निकलने देने के लिए कवर को कोने से उठाएं। वातन (aeration) के लिए कुछ घंटों के बाद कवर को पूरी तरह से हटा दें।