प्रमुख अनाज (Cereals), दलहन (Pulses), तिलहन (Oilseeds), शर्करा फसलें (Sugar crops), औषधीय और सुगंधित (Medicinal and aromatics) तथा चारा फसलों (Forage crops) का महत्व, क्षेत्रफल, उत्पादन और उत्पादकता
अनाज (Cereals) का महत्व
- अनाज को आम तौर पर अनाज के पौधों के बीज (seeds) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इनकी विशेषता इनका छोटा आकार, कठोरता और कम पानी की मात्रा है।
- इनमें से अधिकांश घास (grasses) के परिवार से संबंधित हैं, जिन्हें वैज्ञानिक रूप से ग्रामिनी (Gramineae) परिवार के रूप में जाना जाता है।
- अपनी व्यापक खेती, अच्छी भंडारण क्षमता, मिश्रित स्वाद और विशाल विविधता के कारण प्रागैतिहासिक काल से ही अधिकांश अनाज मानव के मुख्य आहार (staple diet) रहे हैं।
- मानव उपभोग के लिए अनाज की खेती संभवतः 10,000 ईसा पूर्व के आसपास विकसित हुई थी। इसने आदिम अस्थिर घुमंतू जीवन से एक स्थिर सभ्यता के युग की शुरुआत का संकेत दिया।
- पिसे हुए अनाज को भोजन के लिए रोटी (bread) में बदलना शीघ्र ही शुरू हो गया। सदियों की खेती और चयनात्मक प्रजनन (selective breeding) द्वारा अनाज को संशोधित और उन्नत किया गया है।
अनाज (Grain Cereals) का खाद्य मूल्य (Food Value)
- सभी अनाजों के साबुत दानों (whole grains) की रासायनिक संरचना और पोषण मूल्य (nutritive value) समान होता है।
- इन्हें कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों (carbohydrate rich foods) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, क्योंकि इनमें औसत कार्बोहाइड्रेट की मात्रा प्रति 100 ग्राम में 70 प्रतिशत होती है। ये ऊर्जा प्रदान करते हैं और साथ ही कुछ प्रोटीन भी देते हैं जो आमतौर पर अच्छी गुणवत्ता वाला होता है। अनाज में प्रोटीन की मात्रा प्रति 100 ग्राम में गेहूं (wheat) के लिए 11.8 प्रतिशत से लेकर चावल (rice) के लिए 8.5 प्रतिशत तक होती है।
- साबुत अनाज कैल्शियम (calcium) और आयरन (iron) के अच्छे स्रोत होते हैं, लेकिन इनमें एस्कॉर्बिक एसिड (ascorbic acid) बिल्कुल नहीं होता है और विटामिन ए (vitamin A) की गतिविधि व्यावहारिक रूप से शून्य होती है।
- पीला मक्का (Yellow maize) एकमात्र ऐसा अनाज है जिसमें कैरोटीन (carotene) की पर्याप्त मात्रा होती है। साबुत अनाज में विटामिन के बी समूह (B group vitamins) की भी महत्वपूर्ण मात्रा होती है।
- संतुलित आहार (balanced diet) के लिए, अनाज को अन्य प्रोटीन, खनिज और विटामिन ए तथा सी के साथ पूरक (supplement) किया जाना चाहिए, जो मेवे, बीज, दूध, फल और ताजी हरी सब्जियों में पाए जाते हैं।
- साबुत अनाज आहार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इन्हें अंकुरित (sprouted) किया जाता है, तो ये प्रोटीन संतुलन के साथ-साथ अन्य सभी पोषक तत्वों, विशेष रूप से विटामिन सी में वृद्धि प्रदान करते हैं।
- इनके कार्बोहाइड्रेट का जटिल रूप (complex form), विशेष रूप से साबुत अवस्था में, पाचन आवश्यकताओं (digestive needs) के लिए मूल्यवान है, क्योंकि यह महत्वपूर्ण फाइबर (fibre) का उत्कृष्ट स्रोत प्रदान करता है।
गेहूं (Wheat) का महत्व
- क्षेत्रफल (area) के मामले में दुनिया का नंबर एक अनाज।
- गेहूं की खेती सभ्यता जितनी ही पुरानी है।
- यह बाइबिल (Bible) में उल्लेखित पहली फसल है।
- इसका उपयोग रोटी, केक, बेकरी उत्पादों के साथ-साथ डेक्सट्रोज (dextrose), अल्कोहल (alcohol) आदि के निर्माण में भी होता है।
- यह सभी के लिए एक पौष्टिक भोजन (nutritious food) है।
गेहूं: भारतीय परिदृश्य (Wheat: Indian Scenario)
| राज्य (State) |
क्षेत्रफल ('000 हेक्टेयर) (Area) |
उत्पादन ('000 टन) (Production) |
उत्पादकता (किलोग्राम/हेक्टेयर) (Productivity) |
| उत्तर प्रदेश (UP) | 9163.9 | 24073.8 | 2627 |
| मध्य प्रदेश (MP) | 3692.8 | 5957.7 | 1613 |
| पंजाब (Punjab) | 3468 | 14493 | 4179 |
| राजस्थान (Rajasthan) | 2123.9 | 5865.3 | 2762 |
| हरियाणा (Haryana) | 2304 | 8857 | 3844 |
| बिहार (Bihar) | 2003.7 | 3239 | 1617 |
| अखिल भारत (All India) | 26484 | 69354.5 | 2619 |
(कृषि मंत्रालय, भारत सरकार, 2005-06)
भारत में गेहूं की खेती के क्षेत्रफल का विस्तार - मिलियन में (Area Expansion in wheat cultivation in India - In million)
| वर्ष (Year) |
क्षेत्रफल (हेक्टेयर) (Area) |
उत्पादन (टन) (Production) |
उत्पादकता (टन) (Productivity) |
| 1950-51 | 9.75 | 6.45 | 0.66 |
| 1960-61 | 12.93 | 11.00 | 0.85 |
| 1967-68 | 15.00 | 16.54 | 1.10 |
| 1970-71 | 18.24 | 23.83 | 1.30 |
| 1980-81 | 22.28 | 36.31 | 1.63 |
| 1990-91 | 24.17 | 56.13 | 2.26 |
| 1998-99 | 27.40 | 70.78 | 2.58 |
रबी मौसम की दलहन (Rabi season pulses)
- ठंडे मौसम की खाद्य फलियां (Cool season food legumes) हैं - चना (Chickpea), मटर (Fieldpea), मसूर (Lentil), फ्रेंचबीन (Frenchbean)।
- वे विश्व के दलहन उत्पादन (pulse production) में 60% का योगदान देती हैं।
- विश्व स्तर पर 28 मिलियन हेक्टेयर।
- वे समशीतोष्ण (temperate) और उपोष्णकटिबंधीय (sub-tropical) जलवायु पर केंद्रित हैं।
- विकासशील देशों (developing countries) में चना और मसूर।
- विकसित देशों (developed countries) में मटर।
वैश्विक दलहन उत्पादन (Global Pulse production)
तमिलनाडु में दलहन की मांग (Demand for pulses in Tamil Nadu)
- वार्षिक उत्पादन (Annual production): 1.77 लाख टन
- अनुमानित जनसंख्या के लिए आवश्यकता (Requirement for the projected population): 7.0 लाख टन
- आयात (Import): 5.23 लाख टन
- देश (Countries): ऑस्ट्रेलिया, म्यांमार, कनाडा, तुर्की, फ्रांस और तंजानिया
- भारतीय राज्य (Indian States): महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और मध्य प्रदेश
तिलहन (Oilseeds) का महत्व
- भारत दुनिया में चौथा सबसे बड़ा तिलहन उत्पादक (oilseed producing) देश है।
- प्रमुख तिलहन (major oilseeds) हैं - सोयाबीन, कपास के बीज (Cottonseed), मूंगफली (Groundnut), सूरजमुखी (Sunflower), रेपसीड (Rapeseed), तिल (Sesame seed), खोपरा (Copra), अलसी (Linseed), अरंडी के बीज (Castor seed) और पाम कर्नेल (Palm Kernels)।
- भारत में, देश भर में लगभग 27 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में तिलहन उगाए जाते हैं।
चित्र: वैश्विक दलहन उत्पादन
विश्व तिलहन उत्पादन (World Oilseed Production)
शर्करा फसलों (Sugar crops) का महत्व
- चीनी (sugar) के निर्माण का स्रोत प्रदान करने के अलावा, शर्करा फसलों का उपयोग अल्कोहल (alcohol) और इथेनॉल (ethanol) के उत्पादन के लिए भी किया जाता है।
- कुछ देशों में, गन्ने (sugar cane) को कम मात्रा में कच्चा खाया जाता है।
- इसका उपयोग जूस (juices) और पशुओं के चारे (animal feed) की तैयारी में भी किया जाता है।
- दो प्रमुख शर्करा फसलें हैं: चुकंदर (sugar beets) और गन्ना। हालांकि, चीनी और सिरप (syrups) कुछ मेपल पेड़ों (maple trees) के रस, मीठे ज्वार (sweet sorghum) (जब विशेष रूप से सिरप बनाने के लिए खेती की जाती है) और शुगर पाम (sugar palm) से भी उत्पादित होते हैं।
- चुकंदर जिनकी खेती विशेष रूप से चारे की फसल (fodder crop) के रूप में की जाती है, उन्हें सब्जियों की फसल (vegetable crops) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
- गन्ना एक बारहमासी घास (perennial grass) है जिसकी खेती मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय (tropics) क्षेत्रों में की जाती है।
- चुकंदर एक वार्षिक फसल (annual crop) है जिसे फूलों के बीजों द्वारा प्रचारित किया जाता है, और यह गन्ने की तुलना में ठंडी जलवायु में उगाई जाती है।
- चुकंदर और गन्ना दोनों में पानी की मात्रा (water content) अधिक होती है, जो पौधों के कुल वजन का लगभग 75 प्रतिशत होता है। गन्ने में शर्करा (sugar content) कुल वजन का 10 से 15 प्रतिशत होता है, जबकि चुकंदर में यह 13 से 18 प्रतिशत के बीच होता है।
- चीनी के पारंपरिक स्रोत गन्ना और चुकंदर हैं।
चित्र: विश्व तिलहन उत्पादन
औषधीय और सुगंधित फसलों (Medicinal and aromatic crops) का महत्व
- भारत औषधीय पौधों (medicinal plants) की समृद्ध संपदा से संपन्न है। इन पौधों ने प्राचीन भारतीय चिकित्सा (ancient Indian medicine) के विकास में अच्छा योगदान दिया है।
- भारतीय चिकित्सा के सबसे पुराने ग्रंथों में से एक चरक संहिता (Charak Samhita - 1000 ईसा पूर्व), वनस्पति मूल (vegetable origin) की 340 से अधिक दवाओं के उपयोग को दर्ज करता है।
- औषधीय और सुगंधित पौधे मानव स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन पौधों का उपयोग प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक किया जा रहा है। इन पौधों पर आधारित दवाएं सभी सभ्यताओं में सेवन की जाती हैं।
- यह माना जाता है कि हर्बल दवा (herbal medicine) मानव जीवन पर दुष्प्रभाव (side effects) डाले बिना शरीर पर अच्छा प्रभाव दे सकती है। इसके अलावा, एक महत्वपूर्ण भूमिका के रूप में औषधीय पौधों का उपयोग बढ़ रहा है जो आर्थिक प्रणाली (economic system) का समर्थन कर सकता है।
- स्वास्थ्य के लिए औषधीय और सुगंधित पौधों का उपयोग हर्बल उपचार और चिकित्सा (herbal treatments and therapies) के रूप में किया जाता है जो संस्कृति के लिए नई आदतें बन सकती हैं।
- औषधीय पौधों की उच्च खपत के साथ, यह संभव है कि ऐसे पौधों का अत्यधिक दोहन (over exploitation) हो सकता है।
- कुछ औषधीय पौधों को अनुसंधान केंद्र (research centre), कृषि स्थल या घर में भी अच्छी तरह से उगाया जा सकता है। लेकिन जंगली औषधीय पौधों (wild medical plants) के लिए, अत्यधिक कटाई से बचने और औषधीय तथा सुगंधित पौधों की स्थिरता (sustainability) बनाए रखने के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
गन्ना क्षेत्रफल और उत्पादकता (Cane area and productivity)
| क्षेत्र (Region) |
क्षेत्रफल (मिलियन हेक्टेयर) (Area) |
उत्पादकता (टन/हेक्टेयर) (Productivity) |
| तमिलनाडु (Tamil Nadu) | 0.276 | 103.3 |
| भारत (India) | 4.08 | 62.1 |
| विश्व (World) | 20.42 | 65.2 |
चारा फसलों (Forage crops) का महत्व
भारत मूल रूप से एक कृषि प्रधान देश है और इसके लगभग 70 प्रतिशत लोग गांवों में रहते हैं। उनकी आजीविका (livelihood) मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन (animal husbandry) पर निर्भर है। यद्यपि भारत में पोल्ट्री (poultry) के अलावा 582 मिलियन से अधिक पशुओं की विशाल आबादी (livestock population) है, लेकिन दूध और अन्य पशु उत्पादों का उत्पादन विश्व के उत्पादन की तुलना में सबसे कम है।
भारत में पशुधन आबादी (Livestock population in India)
| क्रम संख्या (S. No.) |
पशुधन (Livestock) |
जनसंख्या (मिलियन) (Population) |
| 1. | मवेशी (Cattle) | 245.73 |
| 2. | भैंस (Buffalo) | 109.44 |
| 3. | भेड़ (Sheep) | 79.78 |
| 4. | बकरी (Goat) | 125.60 |
| 5. | सूअर (Pig) | 18.23 |
| 6. | अन्य (Others) | 3.79 |
| 7. | पोल्ट्री (Poultry) | 459.96 |
| कुल (Total) | | 582.61 |
भारत में पशु चारा और चारे की बैलेंस शीट (Balance-sheet of animal feed and fodder in India)
| चारा (Feed & fodder) |
उपलब्धता (मिलियन टन) (Availability) |
आवश्यकता (मिलियन टन) (Requirement) |
कमी (मिलियन टन) (Deficit) |
| हरा चारा (Green fodder) | 224.08 | 611.99 | 387.91 |
| फसल अवशेष (Crop residues) | 231.05 | 869.79 | 638.74 |
| सघन चारा (Concentrates) | 31.60 | 65.40 | 81.80 |
तालिका से यह देखा जा सकता है कि सभी प्रकार के चारे (feeds and fodders) की मांग और आपूर्ति (demand and supply) के बीच भारी अंतर है।
दूसरी ओर, चारा और चारा फसलों (fodder and forage crops) को उगाने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों में, यह अनुमान लगाया गया है कि चारा उत्पादन के लिए समर्पित औसत खेती योग्य क्षेत्र (cultivated area) कुल क्षेत्र का केवल 4.4 प्रतिशत है। इसी तरह, स्थायी चरागाहों (permanent pastures) और खेती योग्य बंजर भूमि (cultivable wastelands) के अंतर्गत क्षेत्र क्रमशः लगभग 13 और 15 मिलियन हेक्टेयर है। इसके अतिरिक्त, वनों के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल 2.51 करोड़ हेक्टेयर है और चराई के लिए खुला क्षेत्र 2.1 करोड़ हेक्टेयर है। ये सभी संसाधन केवल मानसून के मौसम (monsoon season) के दौरान चरने वाले जानवरों की चारा आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम हैं। लेकिन वर्ष के शेष समय के लिए, जानवरों को ज्वार, बाजरा, रागी, गेहूं, जौ, गन्ने की पत्ती आदि के फसल अवशेषों (crop residues) या भूसे (straws) पर निर्भर रहना पड़ता है, चाहे वे पूरे पुआल या भूसे के रूप में हों, या कुछ हरे चारे के साथ पूरक (supplemented) हों, या एकमात्र चारे के रूप में हों।
संकर गायों (hybrid cows) को पालने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, उन्हें पौष्टिक चारा (nutritious fodder) खिलाना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। पौष्टिक चारा पशु के स्वास्थ्य में सुधार करता है। भारत में चारे की गुणवत्ता (quality) और मात्रा (quantity) में सुधार करने के लिए, स्थान विशिष्ट (location specific) चारा किस्मों और प्रजातियों की पहचान की गई है और साथ ही आर्थिक उत्पादन (economic production) के लिए उपयुक्त खेती तकनीक (cultivation technology) विकसित की गई है।
कृषि के सबसे सीमित संसाधनों (limiting resources) में से एक पानी है। अपशिष्ट जल (Waste water - Effluent, sewage) की भारी मात्रा उपलब्ध है। पानी और पौधों के पोषक तत्वों (plant nutrients) के पुनर्चक्रण (recycling) के लिए इष्टतम चारा उत्पादन रणनीतियों (optimum forage production strategies) की पहचान करना, साथ ही चारे की गुणवत्ता, पोषण विरोधी/विषाक्त तत्वों (antinutritional/toxic principles) और भारी धातुओं (heavy metals) की निगरानी करना न केवल चारा उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करेगा बल्कि प्रदूषण के खतरे (pollution hazard) को भी रोकेगा।
बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple choice questions)
- भारत में अनाज के बीच सबसे अधिक खेती की जाने वाली फसल कौन सी है? (The most cultivated crop in India among cereals)
- चावल (Rice)
- गेहूं (Wheat)
- मक्का (Maize)
- गेहूं का विश्व उत्पादन __________ मिलियन टन है। (World production of wheat is __________ million tonnes)
- 578.34
- 478.34
- 678.34
- ___________ दुनिया में गेहूं की सबसे अधिक उत्पादकता में अग्रणी है। (___________ leads as highest productivity of wheat in the world)
- भारत (India)
- यूएसए (USA)
- चीन (China)
- भारत में मूंगफली का 70% क्षेत्रफल और 75% उत्पादन कहाँ होता है? (70% of area and 75% of the production of groundnut in India is in)
- आंध्र प्रदेश (A.P)
- तमिलनाडु (Tamil Nadu)
- दोनों (Both)
- भारत में गेहूं का उत्पादन __________ मिलियन टन है। (Production of wheat is __________ million tonnes in India)
- 71
- 81
- 61
- भारत के ________ राज्य में गेहूं की उत्पादकता सबसे अधिक है। (Highest productivity of wheat is in ________ state of India)
- तमिलनाडु (Tamil Nadu)
- पंजाब (Punjab)
- महाराष्ट्र (Maharashtra)
- भारत में, गन्ने की उत्पादकता किस राज्य में सबसे अधिक है? (In India, productivity of sugarcane is highest in the state)
- तमिलनाडु (Tamil Nadu)
- पंजाब (Punjab)
- कोई नहीं (None)
- रबी मौसम की दलहन का उल्लेख करें (Mention the Rabi season pulse)
- चना (Chick pea)
- हरा चना / मूंग (Green gram)
- लाल चना / अरहर (Red gram)
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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