दूध के ताप उपचार (heat treatment) का मुख्य उद्देश्य इसे मानव उपभोग (human consumption) के लिए सुरक्षित बनाना और इसकी शेल्फ लाइफ (shelf life) को बढ़ाना है। दूध में होने वाले सामान्य रोगजनक जीव (pathogenic organisms) अपेक्षाकृत हल्के ताप उपचार (mild heat treatment) से मारे जाते हैं। सबसे प्रतिरोधी जीव (resistant organism) बेसिलस ट्यूबरकुलोसिस (Bacillus tuberculosis) है और इसलिए दूध की पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करने के लिए इसे सूचकांक जीव (index organism) माना गया है। कोई भी ताप उपचार, जो इस जीव को नष्ट कर सकता है, उस पर दूध में अन्य सभी रोगजनकों को नष्ट करने के लिए भरोसा किया जा सकता है।
| उपचार प्रक्रिया (Treatments Process) | तापमान - °C (Temperature) | समय - सेकंड (Time) |
|---|---|---|
| पाश्चुरीकरण (LTLT) | 63 | 1800 (30 मिनट) |
| HTST (दूध - milk) | 72 | 15-20 |
| HTST (क्रीम - cream) | >80 | 15 |
| थर्मिज़ेशन (Thermization) | 57-68 | 15 |
| नसबंदी (Sterilization) | 115-121 | 180-780 |
| अल्ट्रा-पाश्चुरीकरण (Ultra-pasteurization) | 115-130 | 2-4 |
| UHT (अति उच्च तापमान) | 135-150 | 1-6 |
18 घंटे के लिए रखा गया दूध:
| तापमान (°C) | जीवाणु वृद्धि (गुना) |
|---|---|
| 0 | 1.00 गुना |
| 5 | 1.05 गुना |
| 10 | 1.80 गुना |
| 15 | 10.00 गुना |
| 20 | 200.00 गुना |
| 25 | 1,20,000.00 गुना |