अध्याय 11: दूध का प्रसंस्करण (Processing of milk)

शीतलन, पाश्चुरीकरण (LTLT, HTST, UHT) के फायदे और नुकसान

थर्मल प्रसंस्करण (Thermal processing):

दूध के ताप उपचार (heat treatment) का मुख्य उद्देश्य इसे मानव उपभोग (human consumption) के लिए सुरक्षित बनाना और इसकी शेल्फ लाइफ (shelf life) को बढ़ाना है। दूध में होने वाले सामान्य रोगजनक जीव (pathogenic organisms) अपेक्षाकृत हल्के ताप उपचार (mild heat treatment) से मारे जाते हैं। सबसे प्रतिरोधी जीव (resistant organism) बेसिलस ट्यूबरकुलोसिस (Bacillus tuberculosis) है और इसलिए दूध की पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करने के लिए इसे सूचकांक जीव (index organism) माना गया है। कोई भी ताप उपचार, जो इस जीव को नष्ट कर सकता है, उस पर दूध में अन्य सभी रोगजनकों को नष्ट करने के लिए भरोसा किया जा सकता है।

ताप उपचार की विभिन्न श्रेणियां (Different categories of heat treatment):

उपचार प्रक्रिया (Treatments Process) तापमान - °C (Temperature) समय - सेकंड (Time)
पाश्चुरीकरण (LTLT)631800 (30 मिनट)
HTST (दूध - milk)7215-20
HTST (क्रीम - cream)>8015
थर्मिज़ेशन (Thermization)57-6815
नसबंदी (Sterilization)115-121180-780
अल्ट्रा-पाश्चुरीकरण (Ultra-pasteurization)115-1302-4
UHT (अति उच्च तापमान)135-1501-6

विभिन्न ताप उपचार विधियाँ:

बैक्टीरिया के गुणन पर भंडारण तापमान का प्रभाव (Effect of storage temperature):

18 घंटे के लिए रखा गया दूध:

तापमान (°C)जीवाणु वृद्धि (गुना)
01.00 गुना
51.05 गुना
101.80 गुना
1510.00 गुना
20200.00 गुना
251,20,000.00 गुना

पाश्चुरीकरण के लाभ (Advantages of Pasteurization):

  1. यह दूध को उपभोग (consumption) के लिए सुरक्षित बनाता है।
  2. यह सभी सामान्य रोग पैदा करने वाले जीवों जैसे टीबी (TB), टाइफाइड (Typhoid), डिप्थीरिया (Diphtheria) आदि को नष्ट कर देता है।
  3. लगभग 99% बैक्टीरिया और अधिकांश खमीर (yeast) और फफूंदी (moulds) को नष्ट कर देता है।
  4. रखने की गुणवत्ता (Keeping quality) में सुधार होता है, जिससे लंबी दूरी तक आसान परिवहन की सुविधा मिलती है।
  5. दूध से अवांछनीय दागों (undesirable taints) को समाप्त करता है।
  6. पाश्चुरीकृत दूध से तैयार उत्पाद अधिक समान गुणवत्ता (uniform quality) के होते हैं।
  7. दूध का प्राकृतिक स्वाद (Natural flavour) प्रभावित नहीं होता है।
  8. यह लाइपेज एंजाइम (lipase enzyme) को नष्ट कर देता है, जो दूध के बासीपन (rancidity) के लिए जिम्मेदार है।

पाश्चुरीकरण पर आपत्तियां (Objections to Pasteurization):

  1. पाश्चुरीकृत दूध में विकसित होने वाले जीव हानिकारक उत्पाद (harmful products) बना सकते हैं।
  2. शिशु (Infants) कच्चे दूध की तरह पाश्चुरीकृत दूध पर अच्छी तरह से विकसित नहीं होते हैं।
  3. जीवाणु वृद्धि के उत्पाद नष्ट नहीं होते हैं।
  4. पाश्चुरीकरण का उपयोग गंदे दूध (dirty milk) को छिपाने (mask) के लिए किया जा सकता है।
  5. रासायनिक परिवर्तन (chemical changes) लाता है और कैल्शियम तथा फॉस्फोरस का अवक्षेपण (precipitation) करता है।
  6. विटामिन ई (Vit.E), के (K) और सी (C) का आंशिक विनाश (partial destruction) होता है।

प्रसंस्करण प्रवाह आरेख (Processing Flow Diagram):

  1. दूध प्राप्त करना (Receiving Milk)
  2. ऑर्गेनोलेप्टिक ग्रेडिंग (Organoleptic Grading) और नमूना लेना (Sampling - Fat, SNF)
  3. प्रीहीटिंग (Preheating: 95-105°F)
  4. निस्पंदन (Filtration)
  5. शीतलन और भंडारण (Cooling and storage: 40°F या कम)
  6. मानकीकरण (Standardization)
  7. पाश्चुरीकरण (Pasteurization: 30 मिनट के लिए 150°F या 30 सेकंड के लिए 161°F)
  8. होमोजिनाइजेशन (Homogenization: 2500 psi)
  9. शीतलन (Cooling: 50°F)
  10. भंडारण (Storage: 40°F या कम)
अस्वीकरण (Disclaimer):
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