अध्याय 11: दूध का प्रसंस्करण
शीतलन, पाश्चुरीकरण (LTLT, HTST, UHT) के फायदे और नुकसान
थर्मल प्रसंस्करण:
दूध के ताप उपचार का मुख्य उद्देश्य इसे मानव उपभोग के लिए सुरक्षित बनाना और इसकी शेल्फ लाइफ को बढ़ाना है। दूध में होने वाले सामान्य रोगजनक जीव अपेक्षाकृत हल्के ताप उपचार से मारे जाते हैं। सबसे प्रतिरोधी जीव बेसिलस ट्यूबरकुलोसिस (Bacillus tuberculosis) है और इसलिए दूध की पूर्ण सुरक्षा प्राप्त करने के लिए इसे सूचकांक जीव माना गया है। कोई भी ताप उपचार, जो इस जीव को नष्ट कर सकता है, उस पर दूध में अन्य सभी रोगजनकों को नष्ट करने के लिए भरोसा किया जा सकता है।
ताप उपचार की विभिन्न श्रेणियां:
| उपचार प्रक्रिया |
तापमान - °C |
समय - सेकंड |
| पाश्चुरीकरण (LTLT) | 63 | 1800 (30 मिनट) |
| HTST (दूध - milk) | 72 | 15-20 |
| HTST (क्रीम - cream) | >80 | 15 |
| थर्मिज़ेशन | 57-68 | 15 |
| नसबंदी | 115-121 | 180-780 |
| अल्ट्रा-पाश्चुरीकरण (Ultra-pasteurization) | 115-130 | 2-4 |
| UHT (अति उच्च तापमान) | 135-150 | 1-6 |
विभिन्न ताप उपचार विधियाँ:
- पाश्चुरीकरण: यह ठीक से डिज़ाइन और संचालित उपकरण में दूध के हर कण को निर्दिष्ट तापमान पर गर्म करने और एक निर्दिष्ट अवधि के लिए उसी तापमान पर रखने, और उसके बाद तुरंत ठंडा करने की प्रक्रिया है।
- LTLT (कम तापमान लंबा समय - Low Temperature Long Time): दूध को 30 मिनट के लिए 63°C पर गर्म किया जाता है। यह बैच प्रक्रिया है और कम मात्रा के लिए उपयुक्त है।
- HTST (उच्च तापमान कम समय - High temperature short time): दूध को 15 सेकंड के लिए 72°C पर लगातार प्रवाह में गर्म किया जाता है। यह स्वचालित है और बड़े पैमाने पर काम करने के लिए आदर्श है।
- थर्मिज़ेशन: इस प्रक्रिया में जीवाणु वृद्धि को अस्थायी रूप से रोकने के लिए दूध को 15 सेकंड के लिए 63-65°C पर गर्म किया जाता है।
- अल्ट्रा-पाश्चुरीकरण (Ultra-pasteurization): शेल्फ जीवन को 15 - 30 दिनों तक बढ़ाने के लिए दूध को 2-4 सेकंड के लिए 115-130°C पर गर्म किया जाता है।
- UHT (अति उच्च तापमान - Ultra-high temperature): तरल उत्पादों को 1-6 सेकंड के लिए 135-150°C पर संक्षिप्त तीव्र ताप देकर सुरक्षित रखने की तकनीक।
- नसबंदी: साफ कंटेनरों (कैन/बोतल) में पैक किए गए दूध को 20-30 मिनट के लिए उच्च तापमान (115-120°C) पर गर्म किया जाता है।
- माइक्रोवेव हीटिंग: यह एक नई विधि है जिसमें उत्पाद के भीतर पानी के अणुओं के दोलन द्वारा गर्मी उत्पन्न होती है।
बैक्टीरिया के गुणन पर भंडारण तापमान का प्रभाव:
18 घंटे के लिए रखा गया दूध:
| तापमान | जीवाणु वृद्धि (गुना) |
| 0 | 1.00 गुना |
| 5 | 1.05 गुना |
| 10 | 1.80 गुना |
| 15 | 10.00 गुना |
| 20 | 200.00 गुना |
| 25 | 1,20,000.00 गुना |
पाश्चुरीकरण के लाभ:
- यह दूध को उपभोग के लिए सुरक्षित बनाता है।
- यह सभी सामान्य रोग पैदा करने वाले जीवों जैसे टीबी (TB), टाइफाइड, डिप्थीरिया आदि को नष्ट कर देता है।
- लगभग 99% बैक्टीरिया और अधिकांश खमीर और फफूंदी को नष्ट कर देता है।
- रखने की गुणवत्ता में सुधार होता है, जिससे लंबी दूरी तक आसान परिवहन की सुविधा मिलती है।
- दूध से अवांछनीय दागों को समाप्त करता है।
- पाश्चुरीकृत दूध से तैयार उत्पाद अधिक समान गुणवत्ता के होते हैं।
- दूध का प्राकृतिक स्वाद प्रभावित नहीं होता है।
- यह लाइपेज एंजाइम को नष्ट कर देता है, जो दूध के बासीपन के लिए जिम्मेदार है।
पाश्चुरीकरण पर आपत्तियां:
- पाश्चुरीकृत दूध में विकसित होने वाले जीव हानिकारक उत्पाद बना सकते हैं।
- शिशु कच्चे दूध की तरह पाश्चुरीकृत दूध पर अच्छी तरह से विकसित नहीं होते हैं।
- जीवाणु वृद्धि के उत्पाद नष्ट नहीं होते हैं।
- पाश्चुरीकरण का उपयोग गंदे दूध को छिपाने के लिए किया जा सकता है।
- रासायनिक परिवर्तन (chemical changes) लाता है और कैल्शियम तथा फॉस्फोरस का अवक्षेपण करता है।
- विटामिन ई, के (K) और सी (C) का आंशिक विनाश होता है।
प्रसंस्करण प्रवाह आरेख:
- दूध प्राप्त करना
- ऑर्गेनोलेप्टिक ग्रेडिंग और नमूना लेना (Sampling - Fat, SNF)
- प्रीहीटिंग (Preheating: 95-105°F)
- निस्पंदन (Filtration)
- शीतलन और भंडारण (Cooling and storage: 40°F या कम)
- मानकीकरण
- पाश्चुरीकरण (Pasteurization: 30 मिनट के लिए 150°F या 30 सेकंड के लिए 161°F)
- होमोजिनाइजेशन (Homogenization: 2500 psi)
- शीतलन (Cooling: 50°F)
- भंडारण (Storage: 40°F या कम)
🔄 Updated Version 2.0
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 3 सितंबर 2026
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