अध्याय 12: पोषण, राशन की परिभाषा और संतुलित राशन की विशेषताएँ

पोषण:

पोषण में विभिन्न रासायनिक प्रतिक्रियाएं (chemical reactions) और शारीरिक प्रक्रियाएं (physiological processes) शामिल हैं जो भोजन को शरीर के ऊतकों (दूध, मांस, अंडा, ऊन) और गतिविधियों (कार्य शक्ति) में बदल देती हैं। पोषण में विभिन्न पोषक तत्वों का अंतर्ग्रहण, पाचन, और अवशोषण और शरीर की सभी कोशिकाओं तक उनका परिवहन और चयापचय के अनुपयोगी तत्वों और अपशिष्ट उत्पादों को हटाना शामिल है।

पोषक तत्वों को ऐसे पदार्थों कहलाता है जो जीवन को बनाए रख सकते हैं या सहायता कर सकते हैं। फ्रांसीसी वैज्ञानिक लवॉज़ियर को पोषण का जनक कहा जाता है। पशु पोषण के दो पहलू हैं:

  1. पोषण का विज्ञान: यह पशु पोषण विशेषज्ञ का कार्य है।
  2. जानवरों को खिलाने की कला: यह एक अच्छे पशुपालक की कला है।

राशन (RATION):

यह 24 घंटे के दिन के दौरान किसी दिए गए जानवर के लिए अनुमत चारा है।

संतुलित राशन (Balanced Ration):

संतुलित राशन जो जानवरों को ऐसे अनुपात और मात्रा में आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है जो किसी विशेष जानवर के उचित पोषण के लिए आवश्यक होते हैं।

चारा सामग्री का सामान्य वर्गीकरण:

सांद्र और चारा के बीच अंतर:

क्र.सं. सांद्र चारा
1. 10% नमी और 90% शुष्क पदार्थ सूखा चारा: 10% नमी और 90% शुष्क पदार्थ।
हरा चारा: 80-90% नमी और 10% शुष्क पदार्थ।
2. अत्यधिक पचने योग्य तुलनात्मक रूप से कम पचने योग्य
3. अपरिष्कृत रेशा 18% से कम 18% से अधिक
4. पोषक मूल्य/इकाई द्रव्यमान (Nutritive Value/unit mass) उच्च है निम्न
5. प्रकृति में सघन भारी/स्थूल
6. रखने की गुणवत्ता - उच्च परिवर्तनीय: सूखा चारा - उच्च, हरा चारा - कम/निम्न (Less/low)

एक राशन की वांछनीय विशेषताएं:

  1. उदार आहार: सभी शारीरिक स्थितियों को संतुष्ट करे + तैयारी और खिलाने में बर्बादी की भरपाई करे। लेकिन अधिक आहार नहीं - यह दोगुना बर्बादी है।
  2. व्यक्तिगत आहार: प्रतिस्पर्धा से बचें; पर्याप्त व्यक्तिगत आहार हमेशा बेहतर होता है।
  3. उचित रूप से संतुलित: सांद्र और चारा। a. हरा चारा (फलीदार और गैर-फलीदार चारा)। b. सूखा चारा।
  4. स्वादिष्ट और विविधता: प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों का बेहतर और संतुलित मिश्रण।
  5. अच्छा और स्वस्थ: कम गुणवत्ता वाले अस्वास्थ्यकर तत्व या विषैले घटक चारा मूल्य को कम करते हैं।
  6. खनिज मिश्रण: प्रत्येक किलो दूध में 0.7%। कमी से चयापचय रोग (metabolic disease) होता है। उदाहरण के लिए दूध में 3 ग्राम Ca और अंडे के छिलके में 3 ग्राम Ca होता है।
  7. रेचक: अन्यथा भोजन अपूर्ण रूप से पचेगा जिससे कब्ज और पाचन संबंधी विकार होंगे। पोषक तत्वों का उपयोग प्रभावित होगा और उत्पादन में कमी आएगी।
  8. भारी/स्थूल: पेट भरने और तृप्ति के लिए।
  9. हरा चारा: विटामिन-'ए' (vitamin-'A') का स्रोत - प्रजनन के लिए। भारी, रेचक, लागत के हिसाब से सस्ता, और आसानी से पचने योग्य।
  10. आहार में परिवर्तन से बचें: जीवाणु पाचन विशिष्ट प्रजातियों पर निर्भर करता है। अचानक परिवर्तन से पाचन संबंधी विकार हो सकता है।
  11. नियमितता बनाए रखें: पाचन के लिए ग्रंथि स्राव आवश्यक है।
  12. ठीक से तैयार: कठोर अनाज - मोटे तौर पर पिसा हुआ, बिनौला - भिगोया हुआ, मोटा चारा - कटा हुआ। नमक-शीरा (salt-molasses) छिड़कने से खपत बढ़ती है।
  13. श्रम और लागत: अंतिम उद्देश्य लाभ है; उत्पादन लागत का 70% जानवरों को खिलाने पर खर्च होता है।

कुल शुष्क पदार्थ का वितरण:

उदाहरण: 400 किलोग्राम शरीर के वजन वाले जानवर के लिए।
शरीर के वजन का 2 - 2.5% = 8-10 किलोग्राम (औसतन 9 किलोग्राम कुल शुष्क पदार्थ)।
इस 9 किलोग्राम का विभाजन इस प्रकार होगा:

🔄 Updated Version 2.0
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 3 सितंबर 2026
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