अध्याय 8: नवजात बछड़े (new born calf) और बछिया (heifers) की देखभाल और प्रबंधन
नवजात बछड़े की देखभाल (Care of the New-Born calf):
नाक और मुंह से श्लेष्मा (mucus) निकालें और उसे साफ करें। यदि बछड़ा सांस लेना शुरू नहीं करता है, तो हाथों से छाती की दीवारों (chest walls) को वैकल्पिक रूप से दबाकर और शिथिल (relaxing) करके कृत्रिम श्वसन (artificial respiration) का उपयोग किया जाना चाहिए। दूसरा तरीका बछड़े को पिछले पैरों (rear legs) से पकड़ना और सिर नीचे करके फर्श से उठाना है। इसे कई बार दोहराया जा सकता है और यह श्वसन को बहाल करने (restoring) में मदद करता है।
जैसे ही बछड़ा सांस लेना शुरू करता है, यह देखें कि क्या गर्भनाल (navel cord) अभी भी जुड़ी हुई है। गर्भनाल को कीटाणुरहित (disinfected) किया जाना चाहिए। बछड़े की गर्भनाल को शरीर से लगभग 2.5 सेमी दूर बांधा जाता है और बंध (ligature) से लगभग एक सेंटीमीटर नीचे काटा जाता है। कटे हुए सिरे पर आयोडीन का टिंचर (tincture of iodine) लगाएं और इसे 2-3 दिनों तक दोहराएं। यह संक्रमण (infection) को रोकेगा। फिर, यदि गाय बछड़े को चाटकर (lick) सूखा नहीं करती है, या यदि मौसम ठंडा है, तो चरवाहे (herdsman) को बछड़े को पोंछकर साफ और सूखा करना चाहिए।
अगला महत्वपूर्ण कदम यह है कि बछड़ा देने के 15 मिनट के भीतर कोलोस्ट्रम (Colostrum - खीस) खिलाया जाए। बछड़े को शरीर के वजन के 1/10वें हिस्से की दर से और भैंस के बछड़ों को शरीर के वजन के 1/15वें हिस्से की दर से कोलोस्ट्रम खिलाया जाना चाहिए। कम वसा (low fat), उच्च प्रोटीन (high protein), विटामिन और खनिजों से युक्त कोलोस्ट्रम नवजात बछड़ों के लिए एक संतुलित आहार (balanced feed) बनाता है। यह बछड़े को विभिन्न बीमारियों से बचाने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटीबॉडी (antibodies) होते हैं। कोलोस्ट्रम पाचन तंत्र (digestive tract) में जन्म से पहले जमा सामग्री को खत्म करने में भी मदद करता है।

यदि म्यूटोनियम (muconium - पहला मल) बाहर नहीं निकलता है, तो एक लीटर गर्म पानी में साबुन घोलकर हल्का एनीमा (mild enema) दिया जाना चाहिए।
दूध छुड़ाना (Weaning): यदि जन्म के समय दूध छुड़ाने का पालन किया जाता है, तो यह देखने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि पहले 3-4 दिनों के लिए पर्याप्त कोलोस्ट्रम खिलाया जाए। यदि बछड़ा देने के 4 दिन बाद दूध छुड़ाने का अभ्यास (practised) किया जाता है, तो वर्णित कार्यक्रम के अनुसार आगे का राशन खिलाया जाना चाहिए।
बछड़ा पालन प्रणाली (Calf rearing system):
यह किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार भिन्न होती है। उन्हें घर के अंदर (indoors) या बाहर (outdoors) या आंशिक रूप से घर के अंदर और आंशिक रूप से बाहर पाला जा सकता है। विचार करने के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं:
- गुणवत्तापूर्ण चारे (quality fodder) की उपलब्धता।
- आर्द्र उष्णकटिबंधीय वातावरण (humid tropical environment) आंतरिक परजीवियों (internal parasites) के प्रसार के लिए आदर्श है और यदि वे चर (grazing) रहे हैं तो बछड़ों को भारी संक्रमण (massive infection) से मुक्त रखना बहुत मुश्किल है।
- बाहरी चराई (Outside grazing) इष्टतम वृद्धि (optimum growth) के लिए पर्याप्त पोषक तत्व (nutrients) प्रदान नहीं कर सकती है।
- जलवायु तनाव (Climatic stress) वृद्धि और फ़ीड पोषक तत्वों के उपयोग को प्रभावित करता है।
आर्द्र कटिबंधों (humid tropics) में, बछड़ों को दिन के समय घर के अंदर और रात में बाहर रखना वांछनीय (desirable) हो सकता है। यह परजीवी संक्रमण (parasitic infection) को भी कम करेगा। इस प्रकार, पहले 3-4 सप्ताह की उम्र के लिए नवजात बछड़े को अलग बाड़े (individual pen) में रखना लाभप्रद है। जो बछड़े समूहों (batches) में भाग रहे हैं, वे अक्सर दूध पीने के बाद एक-दूसरे को चूसते (suckle) या चाटते (lick) हैं और दूध पिलाने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए बांध कर रखना (ties) एक अच्छा अभ्यास है। एक-दूसरे को चूसने के बाद बछड़ों द्वारा निगले गए बाल अक्सर एबोमासम (abomasum) में एक कठोर गेंद (hard ball) बना लेते हैं और यह पाचन संबंधी गड़बड़ी (digestive disturbances) का एक निरंतर कारण है। प्रत्येक दूध पिलाने के बाद बछड़ों के मुंह को साफ करना एक स्वच्छता अभ्यास (sanitary practice) है। बछड़े के बाड़े (calf pens) को आराम और आसान सफाई प्रदान करनी चाहिए।
पहचान (Identification):
यह अच्छे प्रबंधन के लिए आवश्यक है, विशेष रूप से प्रजनन फार्मों (breeding farms) में। स्थायी पहचान (permanent identification) का सबसे अच्छा तरीका कान के अंदर अमिट स्याही (indelible ink) से टैटू (tattooing) बनाना है। पहचान के साधन के रूप में कान में अक्षरों और संख्याओं वाले धातु के कान के टैग (Metal ear tags) या बटन डाले जा सकते हैं। एक नंबर प्लेट के साथ जुड़ी गर्दन का पट्टा (Neck strap) या गर्दन की चेन पहचान का एक आसान तरीका है।
अन्य प्रबंधन पद्धतियाँ:
- शरीर का वजन (Body weight): दूध भत्ते (milk allowance) की गणना (computation) के लिए लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई के साथ बछड़े का वजन तराजू (balance) पर दर्ज किया जाता है। अच्छी तरह से खिलाए गए संकर नस्ल (cross bred) के बछड़ों का वजन औसतन एक दिन में 400 ग्राम या प्रति सप्ताह 2.5 से 3 किलोग्राम बढ़ना चाहिए।
- अतिरिक्त थनों को हटाना (Removal of supernumerary teats): यह भी महत्वपूर्ण है और इसे विकास शुरू होने से पहले किया जाना चाहिए। यह आमतौर पर एक छोटी जोड़ी बाँझ कैंची (sterile scissors) की मदद से जीवन के पहले महीने में किया जाता है। यदि अतिरिक्त थन सामान्य थन के आधार (base) पर है, तो इसे हटाने के लिए पशु चिकित्सा (veterinary) सहायता ली जा सकती है।
- सींग हटाना (Dehorning / disbudding): सींग की कलियों को हटाना गर्म लोहे (hot iron), कास्टिक स्टिक्स (caustic sticks) और इलेक्ट्रिकल डीहॉर्निंग कोन (electrical dehorning cone) के उपयोग द्वारा किया जाता है। दोनों कलियों को कम उम्र (3 से 10 दिनों के भीतर) में नष्ट कर दिया जाता है।
आहार प्रबंधन (Feeding Management):
जिन बर्तनों (Utensils) में बछड़ों को संपूर्ण दूध या दूध का विकल्प (milk replacer) पिलाया जाता है, उन्हें साफ होना चाहिए और प्रत्येक भोजन के बाद साफ किया जाना चाहिए। भोजन के हिस्सों के इस तरह के संदूषण (contamination) से गंभीर पाचन संबंधी परेशानियां (Severe digestive upsets) हो सकती हैं। दूध या दूध का विकल्प पिलाने के लिए निप्पल पेल (nipple pail) या खुले प्रकार की बाल्टी (open type bucket) दोनों ही संतोषजनक हैं। एक बछड़े को खुले पेल से पीने के बजाय निप्पल पेल से दूध पीना सिखाने में कम प्रयास लग सकता है। साथ ही, खुली बाल्टी से दूध का तेजी से सेवन कभी-कभी पाचन संबंधी परेशानी (digestive upsets) पैदा कर सकता है。
एक बछड़े को खुले पेल से पीना सिखाने के लिए, अपनी उंगलियों को उसके मुँह में रखें और जब वह चूसना (nurse) शुरू कर दे, तो उसके सिर को गर्म दूध या दूध के विकल्प की बाल्टी में नीचे करें। इस प्रक्रिया को कई बार दोहराना (repeat) आवश्यक हो सकता है। एक जिद्दी (stubborn) बछड़े को एक कोने में धकेलने और उसकी गर्दन के पास खड़े होकर उसे प्रतिबंधित (restricted) करने की आवश्यकता हो सकती है। गाय से निकाले गए दूध का तापमान बनाए रखना आवश्यक नहीं है। हालाँकि, इस तापमान पर ही दूध पिलाने का लक्ष्य (aimed) होना चाहिए। हालाँकि, अत्यधिक ठंडा दूध बछड़ों को कंपकंपी (shiver) और ठंड (chill) का कारण बन सकता है। किसी भी दर पर, बछड़ों को अधिक नहीं खिलाया जाना चाहिए (overfed)।
बछिया की देखभाल और प्रबंधन (CARE AND MANAGEMENT OF HEIFERS):
- बछिया (Heifers) को घर के अंदर (indoors) या बाहर (outdoors) 9-12 महीने तक पाला जाता है।
- बाहर (Outdoors): प्रतिकूल जलवायु (adverse climatic condition), बारिश, तेज धूप, बर्फ, तेज हवाओं, काटने वाली मक्खियों (biting flies), और परजीवी संक्रमण (parasitic infestation) से सुरक्षा।
- विदेशी नस्लें (Exotic breeds): उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बाहर बछिया का प्रदर्शन (performance) धीमा होता है।
- छोटी नस्लें (Small breeds): पहले प्रजनन की आयु - 15 महीने। बड़ी नस्लें (Large breeds): 18 महीने।
- छोटी नस्लों के लिए पर्याप्त जीवित वजन (live weight) 200-225 किलोग्राम और बड़ी नस्लों के लिए 275 किलोग्राम होगा।
- संकर नस्ल (Cross bred) की बछिया 10 महीने की उम्र में ही मद (heat) के लक्षण दिखाती हैं, लेकिन 225/275 शरीर का वजन या कम से कम 14 महीने की उम्र प्राप्त करने तक उनमें से किसी का भी संभोग (mated) नहीं कराया जाता है।
- पहली बार बछड़ा देने की उम्र (Age at first calving) 25-28 महीने है।
- बछिया को खिलाना (Feeding of Heifers):
- A. सांद्रित चारा (Concentrate feed):
a. 3 महीने - 1 साल: 1 किलोग्राम
b. एक साल से ऊपर: 2 किलोग्राम
c. गर्भवती बछिया (Pregnant Heifers): 3-3.5 किलोग्राम
- B. हरा चारा (Green Fodder):
a. फलीदार चारा (Leguminous fodder): 10 किलोग्राम
b. गैर-फलीदार चारा (Non Leguminous fodder): 25 किलोग्राम
- C. सूखा चारा (Dry fodder): 3 किलोग्राम
- टीकाकरण कार्यक्रम (Vaccination Schedule):
- ब्रूसेल स्ट्रेन 19 (Brucell Strain 19): ब्रूसेलोसिस (Brucellosis) के कारण गर्भपात (abortion) को रोकने के लिए - बछड़े के 4-6 महीने की उम्र में टीका (Vaccinated) लगाया जाता है।
- अन्य संक्रामक रोगों (Contagious Disease) का टीकाकरण बीमारी के प्रसार (prevalence) से पहले और बारिश के मौसम से पहले किया जाता है।
- खुरपका और मुंहपका रोग (Foot and Mouth disease): 4 महीने / 9 महीने / 12 महीने में एक बार।
- रिंडरपेस्ट (Rinderpest): 1-3 साल।
- हेमोरेजिक सेप्टीसीमिया (Haemorrhagic Septicaemia): 1 साल।
- एंथ्रेक्स (Anthrax): 1 साल।
- ब्लैक क्वार्टर (Black Quarters): 1 साल।
- आवास (Housing): आवास कक्षा में पहले ही चर्चा की जा चुकी है।
a. बाहरी प्रणाली / चराई विधि (Outdoor system / Grazing method):
मुख्य रूप से चराई (grazing) पर पाला जाता है।
- यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि सीमित चरागाह भूमि (limited grazing land) पर अत्यधिक पशु (overstock) न रखें।
- चक्रीय चराई (Rotational grazing)।
- चरागाह भूमि (pasture land) पर छाया और पीने के पानी की व्यवस्था।
- सांद्रित चारा (Concentrate feed) प्रदान किया जाना चाहिए - केंद्र में स्थित चारे की नांद (feed trough)।
- बारिश से बचाव (Protect from rain)।
b. घर के अंदर (Indoors):
- कवर किए गए क्षेत्र में प्रबंधन (Management in covered area)।
- पर्याप्त सांद्रित चारा और चारा (Sufficient concentrate feed and fodder) प्रदान किया जाता है।
- बछिया को स्टीमिंग अप (Steaming up of heifers): बछड़ा देने से पहले गर्भवती बछिया को 1.5 किलोग्राम प्रति दिन के हिसाब से अनाज खिलाना। यह उनके विकास में मदद करता है और भ्रूण (foetus) का तनाव सहन करने की शक्ति देता है। यह बछड़ा देने के बाद अधिक दूध पैदा करता है और दुद्ध निकालना अवधि (lactation length) को बढ़ाता है।
बछिया का प्रशिक्षण (Training of heifers):
- शुरुआती अवस्था में बछिया को विनम्र (docile) बनाने के लिए लगाम (halter) के साथ ले जाना चाहिए।
- गर्भवती बछिया (Pregnant Heifers) को बछड़ा देने से कम से कम एक महीने पहले दुधारू गायों (milking cows) के साथ रखा जाना चाहिए।
- इस स्थान पर हाथों को महसूस करने की आदत (accustom) डालने के लिए थन (udder) को गर्म पानी से धोना चाहिए और कपड़े से पोंछना (mopped) चाहिए। बछड़ा देने से कुछ दिन पहले थनों (teats) को थोड़ा खींचने का अभ्यास (practiced) किया जा सकता है ताकि बछिया उत्तेजित (excited) न हो।
- परजीवियों का नियंत्रण (Control of Parasites): समय-समय पर कृमिनाशक (Dewormed) दिया जाता है - 4 - 6 महीने के अंतराल (intervals) पर।
- एक्टो-परजीवियों (ecto-parasites) से बचने के लिए ग्रूमिंग (Grooming) का अभ्यास किया जाना चाहिए।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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