अध्याय 9: गर्भवती, दुधारू पशुओं और काम करने वाले बैलों की देखभाल और प्रबंधन

गर्भवती पशुओं की देखभाल और प्रबंधन (Care, management of Pregnant animals):

  1. A.I. (कृत्रिम गर्भाधान) के 90 दिन बाद गर्भवती की पहचान (Identify) करें।
  2. सौम्य व्यवहार (gentle treatment) प्रदान करें।
  3. गर्भकाल (gestation period) की पहली तिमाही (First quarter) महत्वपूर्ण होती है।
  4. गर्भावस्था के प्रारंभिक चरणों में गड़बड़ी (disturbances) गर्भपात (abortion) का कारण बन सकती है।
  5. प्रतिदिन 3.5 किलोग्राम सांद्रित चारा (concentrate feed) प्रदान करें।
  6. प्रतिदिन 25 - 35 किलोग्राम हरा चारा (Green fodder) और 5 किलोग्राम धान का पुआल (Paddy straw) प्रदान करें।
  7. कम से कम 45 - 60 दिनों की सूखी अवधि (dry period) आवश्यक है।
  8. लंबी दूरी की यात्रा से बचें (Avoid long distance travel)।
  9. छप्पर में फिसलन की स्थिति (slippery condition) से बचें।
  10. कुत्तों, सांडों या बच्चों द्वारा पीछा करने (chasing) से बचें।
  11. गर्भवती जानवरों के बीच आपसी लड़ाई (infighting) से बचें।
  12. गर्भवती जानवरों को हाल ही में गर्भपात (aborted) किए गए जानवरों या ब्रूसेलोसिस (brucellosis) जैसी बीमारियों के वाहक से अलग करें।
  13. पर्याप्त स्वच्छ पेयजल (clean drinking water) प्रदान करें।
  14. जलवायु की चरम सीमाओं (extremes of climate) से बचाएं।

दुधारू पशुओं की देखभाल और प्रबंधन (Care and Management: Lactating animals):

  1. खराब मौसम (inclement weather) से सुरक्षा।
  2. आवास (Housing): पहले चर्चा की जा चुकी है - जगह की आवश्यकता।
  3. मवेशी शेड की स्वच्छता और साफ-सफाई (Hygiene and sanitation) और जानवरों की ग्रूमिंग (grooming), धुलाई (washing), कीटाणुशोधन (disinfection) आदि।
  4. आहार (Feeding):
    a) सांद्र (Concentrate) - DM, DCP TDN
    b) चारा (Roughages) - GF (हरा चारा) - L (फलीदार), NL (गैर-फलीदार) - DF (सूखा चारा)
    थंब रूल (Thumb Rule): 450-500 ग्राम सांद्रित चारा / किलोग्राम दूध उत्पादन।
    DCP 15% : TDN 75% : मक्का (M) 33% : GNC 25% : गेहूं का चोकर (Wheat Bran) 40% : खनिज मिश्रण (Mineral Mixture) 1% : नमक (Salt) 1%
    हरा चारा (Green Fodder): 1/3 फलीदार (L) : 2/3 गैर-फलीदार (NL)
  5. चरम उपज (Peak yield): 6 सप्ताह - 'कैल्शियम' (ca) की कमी 1-1-1.3/1.18 ग्राम ca : 1.1/1.0 ग्राम 'p' (फॉस्फोरस)।
    पूरक (Supplemented): चरनी पर चूने का लेप (Lime coat manger) : कैल्शियम का i/v इंजेक्शन।
  6. प्रजनन (Breeding): यदि बछड़ा देने के 60 दिन बाद मद (heat) में नहीं आती है - तो पशु चिकित्सक (veterinary Doctor) से जाँच कराएं।
  7. कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination): गर्भावस्था का सत्यापन - 90 दिन।
    यदि गर्भाधान में देरी होती है - 2 A.I : जाँच करें - 13-14 महीने का बछड़ा।
  8. गर्भवती (Pregnant) - 45-60 दिनों की अवधि।
  9. सूखना (Drying): सांद्रित चारा वापस लें : सूखा चारा खिलाएं : 4 दिनों तक सुबह/शाम (M/E) बारी-बारी से दूध निकालें (milking alternate)।
  10. आवधिक टीकाकरण (Periodical vaccination):
    RP, Bq, Hs, एंथ्रेक्स (Anthrax) - साल में एक बार।
    खुरपका और मुंहपका (Foot and mouth) - 4 महीने में एक बार।
  11. गर्भवती जानवर को अलग करना (Isolation of pregnant animal):
    गिल्मोर (Gilmore - 1952) प्रजनन दक्षता (reproductive efficiency):
    RE = [12 x पैदा हुए बछड़ों की संख्या / (गाय की आयु (महीने) – पहले प्रजनन की आयु) + 3] x 100
    = 12 x 4 / (60-15) + 3 x 100 = (12 x 4) / 48 x 100 = 100%

काम करने वाले बैलों की देखभाल और प्रबंधन (Care and management of Work Bullocks):

  1. 60% - 70% समय - अंगों (limbs) और गर्दन (neck) की देखभाल और प्रबंधन के लिए आवंटित (allotted) किया जाना चाहिए।
  2. कृषि क्षेत्र (Agrl. Sector) के लिए आवश्यक कुल ऊर्जा स्थिर (stationery) और जुताई (tillage) दोनों के लिए 44 मिलियन hp ऊर्जा है।
    11.8 मिलियन hp - मानव स्रोत : 28.0 मिलियन hp पशुधन (Livestock) : 4.2 मिलियन hp - बिजली।
    80 मिलियन काम करने वाले जानवर : 70 मिलियन काम करने वाले बैल : 8 मिलियन भैंस।
  3. बैलों से अत्यधिक काम लेने (over working) से बचें। काम को इस तरह से समान रूप से वितरित किया जाना चाहिए कि हल्का और भारी काम समान रूप से बंटा हो।
  4. बैलों को बारिश और खराब मौसम के संपर्क (inclement weather exposure) से बचाएं।
  5. किसानों के घर के किनारे ढलान वाली छत (Lean type roof)।
  6. कठोर जमीन पर काम करने के लिए बैलों का उपयोग करने से पहले उन्हें ठीक से नाल पहनाएं (Shoe the bullock properly)।
  7. खुर (hoof) को पहले तैयार किया जाना चाहिए और नाल को खुर के प्राकृतिक आकार में फिट होने के लिए बनाया जाना चाहिए।
  8. नाल लगाना (Shoeing):
    सड़क का काम (road work) - महीने में एक बार।
    खेत का काम (Field work) - दो महीने में एक बार।
  9. खुर कठोर, काले और मोमी (waxy) होने चाहिए। दोनों हिस्से सम (even) होने चाहिए। खुर की फांक (cleft of hoof) संकीर्ण (narrow) होनी चाहिए।
  10. ग्रूमिंग (Grooming) आवश्यक है क्योंकि यह त्वचीय श्वसन (cutaneous respiration) को बढ़ाता है, चमड़े के नीचे के स्राव (subcutaneous) को समान रूप से फैलाता है और परजीवी संक्रमण (parasitic infection) से बचा जाता है।
  11. खिलाना (Feeding) काम के प्रकार पर निर्भर करता है: रखरखाव (Maintenance): 1.5 किलोग्राम सांद्रित चारा (concentrate)।

खिलाने का विवरण (Feeding Details):

शरीर का वजन (Body weight) सामान्य काम (Normal work) भारी काम (Heavy work)
300 Kg 2 Kg 2.5 Kg
400 Kg 2.5 Kg 3 Kg
500 Kg 3 Kg 3.5 Kg

इसके अलावा 25 किलोग्राम हरा चारा और 3 से 5 किलोग्राम सूखा चारा दिया जाना चाहिए।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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