10. उत्सर्जन तंत्र की संरचना और कार्य (STRUCTURE AND FUNCTIONS OF EXCRETORY SYSTEM)

विभिन्न प्रकार और उनके कार्यात्मक तंत्र (Different types and their functional mechanisms)

चयापचय के अपशिष्ट उत्पादों (waste products of metabolism) को विशेष रूप से कीड़ों के शरीर से नाइट्रोजनयुक्त यौगिकों (nitrogenous compounds from the body of insects) को हटाने को उत्सर्जन (excretion) के रूप में जाना जाता है। उत्सर्जन प्रक्रिया (excretion process) कीट को खारे पानी के संतुलन (salt water balance) और इस तरह शारीरिक होमोस्टैसिस (physiological homeostasis) को बनाए रखने में मदद करती है। उत्सर्जन अंग (excretory organs) निम्नलिखित हैं:

  1. मालपिघियन नलिकाएं (Malpighian tubules): पतली, अंधी-समाप्त नलिकाएं (Thin, blind-ending tubules), जो मिड और हिंडगट के जंक्शन (junction of mid and hindgut) के पास उत्पन्न होती हैं, मुख्य रूप से नमक, पानी और नाइट्रोजनयुक्त अपशिष्ट उत्सर्जन के नियमन (regulation of salt, water and nitrogenous waste excretion) में शामिल होती हैं। इस संरचना (structure) की खोज मार्सेलो माल्पीघी (Marcello Malpighi) ने की थी।
  2. नेफ्रोसाइट्स (Nephrocytes): वे कोशिकाएँ जो हीमोलम्फ (haemolmph) को उन उत्पादों (products) के लिए छलनी करती हैं जिनका वे चयापचय (metabolize) करते हैं (पेरीकार्डियल कोशिकाएँ / pericardial cells)।
  3. फैट बॉडीज (Fat bodies): भंडारण और उत्सर्जन (storage and excretion) के लिए जिम्मेदार हीमोकोल (haemocoel) में निलंबित (suspended) कोशिकाओं (mostly trophocytes) का एक ढीला या कॉम्पैक्ट एकत्रीकरण (loose or compact aggregation of cells)।
  4. ओएनोसाइट्स (Oenocytes): हीमोकोल, एपिडर्मिस या फैट बॉडी की कोशिकाएं (cells of haemocoel, epidermis or fat body) कई कार्यों के साथ (with many functions)।
  5. पूर्णांक (Integument): कीट के जीवित ऊतकों (living tissues of an insect) का बाहरी आवरण (outer covering)।
  6. ट्रेकिअल सिस्टम (Tracheal system): कीट गैस विनिमय प्रणाली (insect gas exchange system), जिसमें श्वासनली और ट्रेकिओल्स (tracheae and tracheoles) शामिल हैं।
  7. मलाशय (Rectum): हिंद आंत का पिछला हिस्सा (posterior part of hind gut)। उपरोक्त अंगों में से, मालपिघियन नलिकाएं (malpighian tubules) उत्सर्जन का प्रमुख अंग (major organ of excretion) हैं।
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उत्सर्जन और ऑस्मोरग्यूलेशन (Excretion and Osmoregulation)

कीट के मल (Insect faeces), तरल रूप या ठोस छर्रों (liquid form or solid pellets) में, बिना पचे भोजन और चयापचय उत्सर्जन (undigested food and metabolic excretions) दोनों होते हैं। जलीय कीड़े (Aquatic insects) पानी से निस्तब्धता (flushing with water) करके अपने गुदा (anus) से सीधे पानी में (directly into water) पतला अपशिष्ट (dilute wastes) निकालते हैं। लेकिन, स्थलीय कीड़ों (Terrestrial insects) को पानी का संरक्षण (conserve water) करना चाहिए। इसके लिए एक केंद्रित या यहां तक कि सूखे रूप (concentrated or even dry form) में कुशल अपशिष्ट निपटान (efficient waste disposal) की आवश्यकता होती है, साथ ही साथ नाइट्रोजन के विषाक्त प्रभावों से बचना (avoiding the toxic effects of nitrogen) होता है। स्थलीय और जलीय दोनों कीड़ों (Both terrestrial and aquatic insects) को सोडियम (Na+), पोटेशियम (K+) और क्लोराइड (Cl-) जैसे आयनों का संरक्षण (conserve ions) करना चाहिए, जो उनके भोजन में सीमित (limiting in their food) हो सकते हैं या प्रसार (diffusion) द्वारा पानी में खो सकते हैं। इसलिए कीट मल (मूत्र या छर्रों / insect excreta - urine or pellets) का उत्पादन दो संबंधित प्रक्रियाओं (two related processes) का परिणाम है: उत्सर्जन और ऑस्मोरग्यूलेशन (excretion and osmoregulation - अनुकूल आसमाटिक दबाव और शरीर के तरल पदार्थ की आयनिक सांद्रता का रखरखाव / maintenance of favourable osmotic pressure and ionic concentration of body fluid)। उत्सर्जन और ऑस्मोरग्यूलेशन के लिए जिम्मेदार प्रणाली (system responsible for excretion and osmoregulation) को उत्सर्जन प्रणाली (excretory system) के रूप में जाना जाता है और इसकी गतिविधियाँ (activities) बड़े पैमाने पर माल्पीघियन नलिकाओं और हिंदगट (Malpighian tubules and hindgut) द्वारा की जाती हैं। हालांकि ताजे पानी के कीड़ों (fresh water insects) में, उत्सर्जन प्रणाली और विशेष कोशिकाओं (excretory system and special cells) की मदद से आसपास के पानी में आयनों के नुकसान (loss of ions to the surrounding water) के जवाब में हीमोलिम्फ संरचना को विनियमित (haemolymph composition is regulated) किया जाता है। विशेष कोशिकाओं (Special cells) को क्लोराइड कोशिकाएं (Chloride cells) कहा जाता है जो हिंडगट में मौजूद (present in the hindgut) होती हैं, जो पतला समाधान (dilute solutions) से अकार्बनिक आयनों को अवशोषित (absorbing inorganic ions) करने में सक्षम होती हैं। (उदा: ड्रैगनफली और डैम्फली की अप्सराएं / Naids of dragonflies and damselflies)।

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माल्पीघियन नलिकाएं (Malpighian Tubules)

कीड़ों में उत्सर्जन और ऑस्मोरग्यूलेशन का मुख्य अंग (main organ of excretion and osmoregulation in insects) मालपिघियन नलिकाएं (malpighian tubules) हैं, जो मलाशय या इलियम (rectum or ileum) के सहयोग से कार्य करती हैं। माल्पीघियन नलिकाएं (Malpighian tubules) आहार नाल की वृद्धि (outgrowths of the alimentary canal) हैं और इसमें लंबे पतले ट्यूबल (long thin tubles) होते हैं जो एक अंधे-अंत वाले लुमेन (blind-ending lumen) के आसपास कोशिकाओं की एक परत (single layer of cells) से बने होते हैं, वे स्प्रिंग टेल और एफिड्स (spring tail and aphids) में अनुपस्थित होते हैं, स्केल कीड़ों में 2 संख्याएं (2 numbers in scale insects), कीड़े (bugs) में 4, मच्छरों (mosquitoes) में 5, पतंगों और तितलियों (moths and butterflies) में 6, तिलचट्टे (cockroach) में 60 और टिड्डियों (locusts) में 200 से अधिक। आम तौर पर वे स्वतंत्र (free) होते हैं, हीमोलिम्फ के चारों ओर लहरते (waving around in the haemolymph) हैं जहां वे विलेय को फ़िल्टर (filter out solutes) करते हैं। प्रत्येक नलिका (tubule) को बाहरी रूप से पेरिटोनियल कोट (externally covered by peritonial coat) द्वारा कवर किया जाता है और मांसपेशियों के तंतुओं (muscle fibres - पेरिस्टाल्सिस में सहायता / aiding in peristalsis) और ट्रेकेलोस (tracheloes) के साथ आपूर्ति की जाती है। नलिकाओं के कार्यात्मक विभेदन (Functional differentiation of the tubules) को डिस्टल स्रावी क्षेत्र और समीपस्थ अवशोषक क्षेत्र (distal secretory region and proximal absorptive region) के साथ देखा गया था।

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फिजियोलॉजी (Physiology)

माल्पीघियन नलिकाएं (malpighian tubules) एक छानना (प्राथमिक मूत्र / filtrate - the primary urine) पैदा करती हैं जो आइसोस्मोटिक (isosmotic) है लेकिन हीमोलिम्फ के आयनिक रूप से भिन्न (ionically dissimilar to the haemolymph) है और चुनिंदा रूप से पानी और कुछ विलेय को पुन: अवशोषित (selectively reabsorbs water and certain solutes) करता है, लेकिन दूसरों को समाप्त (eliminates others) करता है। मालपिघियन नलिकाएं (malpighian tubules) एक आइसोस्मोटिक छानना (isosmotic filtrate) पैदा करती हैं जो प्रमुख आयनों (major anion) के रूप में Cl- के साथ K+ में उच्च और Na+ में कम (high in K+ and low in Na+) होता है। नलिका लुमेन (tubule lumen) में आयनों (विशेष रूप से K+ / active transport of ions especially K+) का सक्रिय परिवहन पानी के निष्क्रिय प्रवाह (passive flow of water) के लिए एक आसमाटिक दबाव प्रवणता (osmotic pressure gradiant) उत्पन्न करता है।

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शर्करा और अधिकांश अमीनो एसिड (Sugars and most amino acids) को ट्यूबल कोशिकाओं के बीच जंक्शनों (junctions between the tubule cells) के माध्यम से हीमोलिम्फ से निष्क्रिय रूप से फ़िल्टर (passively filtered from the haemolymph) किया जाता है, जहां अमीनो एसिड और गैर-चयापचय और विषैले कार्बनिक यौगिक (amino acids and non-metabolizables and toxic organic compounds) सक्रिय रूप से ट्यूबल लुमेन (actively transported into the tubule lumen) में ले जाए जाते हैं। शर्करा को लुमेन से पुन: अवशोषित (Sugars are reabsorbed from the lumen) किया जाता है और हीमोलिम्फ में वापस (returned to the haemolymph) कर दिया जाता है। प्रत्येक माल्पीघियन नलिका की निरंतर स्रावी गतिविधि (continuous secretory activity) प्राथमिक मूत्र के प्रवाह (flow of primary urine) को उसके लुमेन से आंत (lumen towards and into the gut) की ओर ले जाती है। मलाशय (rectum) में, शरीर के द्रव और आयनिक होमोस्टैसिस को बनाए रखने (maintain fluid and ionic homeostasis of the body) के लिए विलेय और पानी (solutes and water) को हटाकर मूत्र (urine) को संशोधित (modified) किया जाता है।

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नाइट्रोजन उत्सर्जन (Nitrogen excretion)

स्थलीय कीड़े (Terrestrial insects) अपशिष्ट उत्पादों को यूरिक एसिड या इसके कुछ लवणों (waste products as uric acid or certain of its salts) के रूप में उत्सर्जित करते हैं जिन्हें यूरेट्स (urates) कहा जाता है, जो पानी में अघुलनशील (water insoluble) थे और अपशिष्ट उत्पाद को हटाने के लिए कम मात्रा में पानी की आवश्यकता (requires less amount of water for waste product removal) होती है। इस प्रकार के उत्सर्जन (excretion) को यूरिकोटेलिज्म (uricotelism) के रूप में जाना जाता है। जलीय कीड़ों (aquatic insects) में अमोनिया उत्सर्जी उत्पाद (ammonia is the excretory product) है, जो पानी में स्वतंत्र रूप से घुलनशील (freely soluble in water) है और अपशिष्ट उत्पाद को हटाने के लिए अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता (requires more amount of water for waste product removal) होती है। इस प्रकार के उत्सर्जन (excretion) को अमोनोटेलिज्म (ammonotelism) के रूप में जाना जाता है।

क्रिप्टोनेफ्री (Cryptonephry)

मालपिघियन नलिकाओं के दूरस्थ सिरों (distal ends of the Malpighian tubules) को पेरीनेफ्रिक झिल्ली (perinephric membrane) द्वारा मलाशय की दीवार के संपर्क में रखा (held in contact with the rectal wall) जाता है, जो उनके उन्मूलन या आयनिक विनियमन (elimination or ionic regulation) से पहले मल के कुशल निर्जलीकरण (efficient dehydration of faeces) से संबंधित है। (उदा: वयस्क कोलेप्टेरा, लार्वा लेपिडोप्टेरा और लार्वा सिम्फाइटा / Adult Coleptera, larval Lepidoptera and larval symphyta)

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माल्पीघियन नलिका के कार्य (Functions of malphighian tubule)

उत्सर्जी कार्य (Excretory in function) मुख्य रूप से नाइट्रोजनयुक्त कचरे को हटाने (removal of nitrogenous wastes) से संबंधित है। अन्य सहायक कार्य (accessory functions) इस प्रकार हैं:

  1. स्पिटलबग (spittle bug) में स्पिटल स्राव (Spittle secretion)।
  2. बोसिटोफिला (Bolitophila) में प्रकाश उत्पादन (Light production)।
  3. लार्वा न्यूरोप्टेरा (larval neuroptera) में रेशम उत्पादन (Silk production)।

भंडारण उत्सर्जन (Storage Excretion)

उत्सर्जी अपशिष्ट सामग्री (excretory waste materials) को शरीर के भीतर (within the body) विभिन्न स्थानों (different sites) पर बनाए रखा जाता है।

अस्वीकरण (Disclaimer):
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