2. कीड़ों की बहुतायत के कारक (FACTORS FOR INSECTS ABUNDANCE)

प्रभुत्व के उपाय (Measures of dominance)

  1. प्रजातियों की अधिक संख्या (More number of species): जंतु जगत (animal kingdom) में 85 प्रतिशत से अधिक प्रजातियां (more than 85 per cent of the species) कीट समूह (insect group) से संबंधित हैं। अब तक वर्णित कीड़ों की कुल संख्या 9 लाख (more than 9 lakhs) से अधिक है।
  2. एक ही प्रजाति में बड़ी संख्या में व्यक्ति (Large number of individuals in a single species): उदाहरण के लिए, टिड्डियों का झुंड (Locust swarm) जिसमें 109 व्यक्ति (109 number of individuals) शामिल हैं, जो बड़े क्षेत्र (large area) पर कब्जा कर लेते हैं।
  3. विभिन्न प्रकार के आवास (Great variety of habitats): कीड़े विविध परिस्थितियों (varied conditions) में अच्छी तरह से पनपते हैं।
  4. लंबा भूवैज्ञानिक इतिहास (Long geological history): कीड़े 350 मिलियन से अधिक वर्षों (more than 350 million years) से इस पृथ्वी पर कब्जा करने के लिए जाने जाते थे, जो एक अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है। इसने कीड़ों को विभिन्न परिस्थितियों में गोद लेने की महान विविधता (great variety of adoptions under different conditions) दी है।
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प्रभुत्व के कारण (Reasons for dominance)

1. उड़ान की क्षमता (Capacity for flight): कीड़ों के पंख (posess wings) होते हैं, जो एक्सोस्केलेटन का पार्श्व विस्तार (lateral extension of exoskeleton) है। कीड़े सबसे शुरुआती जानवर (earliest animals) और एकमात्र उड़ने वाले अकशेरुकी (only flying invertebrates) हैं। उड़ान (Flight) का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्य (following purpose) के लिए किया जाता है:

2. अनुकूलनशीलता या सार्वभौमिकता (Adaptability or Universality): कीड़े पृथ्वी पर अपना जीवन बनाने और मिट्टी और पानी (soil and water) के विशाल आवासों पर कब्जा करने वाले सबसे शुरुआती समूह हैं।

3. आकार (Size): अधिकांश कीड़े छोटे (small) होते हैं जो निम्नलिखित शारीरिक और पारिस्थितिक लाभ (physiological and ecological advantages) प्रदान करते हैं:

4. एक्सोस्केलेटन (Exoskeleton): कीट का शरीर एक बाहरी छल्ली (outer cuticle) से ढका होता है जिसे एक्सोस्केलेटन (exoskeleton) कहा जाता है जो काइटिन (Chitin) नामक एक छल्ली प्रोटीन (cuticular protein) से बना होता है। यह वजन में हल्का (light in weight) होता है और कीट शरीर (insect body) को ताकत, कठोरता और लचीलापन (strength, rigidity and flexibility) देता है।

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उपयोग (Uses): i. बाहरी कवच (external armour) के रूप में कार्य करता है ii. मांसपेशियों के जुड़ाव के लिए जगह (space for muscle attachment) प्रदान करता है iii. पानी की कमी को रोकता है (Prevents water loss)।

5. शुष्कन का प्रतिरोध (Resistance to desiccation): कीड़े निम्नलिखित प्रक्रियाओं (following processes) के माध्यम से अपने शरीर की सतह से पानी की कमी (water loss from their body surface) को कम करते हैं:

I. पानी की कमी की रोकथाम (Prevention of water loss):
i. एपिक्यूटिकल (Epicuticle) में मौजूद लिपिड और पॉलीफेनोल्स (Lipids and polyphenols) वॉटर प्रूफिंग (water proofing) का काम करते हैं।
ii. कसकर पैक किए गए मोम के अणुओं (closely packed wax molecules) वाली मोम की परत (Wax layer) पानी के भागने (escape of water) को रोकती है。
iii. पानी की कमी को रोकने के लिए स्पाइराकल (Spiracles) बंद कर दिए जाते हैं。
iv. अंडे के चरण में (egg stage) खोल का विकास आंतरिक भ्रूण (inner embryos) के पानी की कमी और शुष्कन (desiccation) को रोकता है।

II. जल का संरक्षण (Conservation of water):
i. चयापचय जल (metabolic water) का उपयोग करने में सक्षम。
ii. मल (faeces) से पानी का गुदा पुनर्जीवन (Rectal resorption)।
iii. स्थलीय कीड़े (Terrestrial insects) नाइट्रोजन युक्त अपशिष्ट (यूरिक एसिड / nitrogenous waste - Uric acid) को हटाने के लिए कम मात्रा में पानी का उपयोग करते हैं जो पानी में अघुलनशील (water insoluble) है।

6. श्वसन की श्वासनली प्रणाली (Tracheal system of respiration): यह सक्रिय रूप से सांस लेने वाले ऊतकों (actively breathing tissues) में पर्याप्त ऑक्सीजन के सीधे हस्तांतरण (direct transfer of adequate oxygen) को सुनिश्चित करता है। स्पाइराकल (Spiracles) अपने समापन तंत्र (closing mechanism) के माध्यम से हवा को स्वीकार करते हैं और पानी की कमी (water loss) को रोकते हैं।

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7. प्रजनन क्षमता (Reproductive potential): निम्नलिखित कारणों से कीट की प्रजनन क्षमता (Reproductive potential of insect) अधिक है:

8. पूर्ण कायांतरण (Complete metamorphosis): 82 प्रतिशत से अधिक कीड़े पूर्ण कायांतरण (complete metamorphosis - Holometabolous insects) से गुजरते हैं जिसमें निम्नलिखित चार चरण (four stages) होते हैं:

  1. अंडा (Egg): निष्क्रिय, सस्ता, अगोचर (Inactive, inexpensive, inconspicuous) और भ्रूण (embryo) अंदर विकसित होता है।
  2. लार्वा (Larva): सक्रिय (Active), फ़ीड करता है, पचाता है, बढ़ता है और भोजन संग्रहीत (feeds, digests, grows and store food) करता है।
  3. प्यूपा (Pupa): निष्क्रिय (Inactive), आंतरिक पुनर्गठन (internal reorganisation) और प्रतिकूल परिस्थितियों का विरोध (resist adverse conditions) करता है।
  4. वयस्क (Adult): सक्रिय, प्रजनन और फैलाव (Active, reproduce and disperse)।

चूंकि लार्वा और वयस्क (larval and adult) के खाद्य स्रोत अलग-अलग (different) हैं, भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा (competition for food) कम है।

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9. रक्षा तंत्र (Defense mechanisms): निम्नलिखित रक्षा तंत्रों का उपयोग करके, कीड़े दुश्मनों से बचते हैं ताकि उनकी जीवित रहने की दर (survival rate) बढ़ सके:

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10. हेक्सापॉड लोकोमोशन (Hexapod locomotion): कीड़े लोकोमोशन (locomotion) के दौरान एक बार में 3 पैरों (3 legs at a time) का उपयोग करते हैं, जबकि शेष 3 पैर (remaining 3 legs) स्थिर (static) होते हैं, जो अधिक स्थिरता (greater stability) देता है。

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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