33. मधुमक्खी गतिविधि पर कृषि आदानों का प्रभाव (कीटनाशक विषाक्तता) / Effect of Agricultural Inputs on Bee Activity (Pesticide Poisoning)

व्याख्यान 6 (Lecture 6): मधुमक्खी गतिविधि पर कृषि आदानों का प्रभाव - कीटनाशक विषाक्तता (Effect of agricultural inputs on bee activity – Pesticide poisoning)

आधुनिक कृषि (modern agriculture) में कीटनाशकों (pesticides) का उपयोग अपरिहार्य (inevitable) हो गया है। अधिकांश फसलों पर किसी न किसी कीट (pests) का हमला होता है। कीटों, बीमारियों और खरपतवारों (insect pests, diseases and weeds) का नियंत्रण ज्यादातर मामलों में कुछ कीटनाशक लगाकर (applying some pesticide) किया जाता है। कीटों के नियंत्रण के लिए खेत की फसलों (field crops) पर उपयोग किए जाने वाले कीटनाशकों के अपने दुष्प्रभाव (side effects) होते हैं, जिनमें से एक मधुमक्खियों के लिए उनकी विषाक्तता (toxicity to honey bees) है। मधुमक्खियां (Honeybees) कई कीटनाशकों, विशेषकर कीटनाशकों (insecticides) के प्रति संवेदनशील होती हैं। हर साल कीटनाशकों (मुख्य रूप से कीटनाशकों / primarily insecticides) से मधुमक्खियों की कॉलोनियां (honeybee colonies) क्षतिग्रस्त या नष्ट (damaged or destroyed) हो जाती हैं। इस तरह के नुकसान का मधुमक्खी पालकों (beekeepers) पर विनाशकारी प्रभाव (devastating impact) पड़ता है, जिन्हें क्षतिग्रस्त छत्तों को स्थानांतरित (relocate damaged hives) करना पड़ सकता है या शायद व्यवसाय से बाहर भी होना (forced out of business) पड़ सकता है। कीटनाशकों से मधुमक्खियों के नुकसान की सीमा (extent of losses) का आकलन करना बहुत मुश्किल है। कृषि (agriculture) में स्पष्ट रूप से तीन प्रकार के हानिकारक प्रभाव (Three types of harmful effects) हैं:

  1. शहद के उत्पादन में कमी (Loss in production of honey)।
  2. मधुमक्खी उत्पादों का संदूषण (Contamination of bee products)।
  3. पार-परागित फसलों की उपज में कमी (Reduction in the yield of cross-pollinated crops)।

ये प्रभाव मधुमक्खी जीवों (bee fauna) के कीटनाशकों (pesticides) के सीधे संपर्क (direct exposure) या उनके अवशेषों (residues) के साथ अप्रत्यक्ष संपर्क (indirect contact) के परिणामस्वरूप हो सकते हैं। कीटाणुशोधन (disinfestation) के उद्देश्य से कीटनाशकों के साथ मधुमक्खी के छत्तों (bee hives) के उपचार या स्प्रे के समय (time of spray) खेतों का दौरा करने वाली मधुमक्खियों से सीधा संपर्क (Direct exposure) होता है। जबकि अप्रत्यक्ष संपर्क (indirect exposure) पास के खेतों से स्प्रे बहाव (spray drift) या छिड़काव वाली फसलों में मधुमक्खी के चारा (bee foraging in sprayed crops) से होता है। मधुमक्खियां अनजाने में गिरे हुए (spilled inadvertently) या पानी के बहाव (watercourses) में फेंके गए स्प्रे तरल पदार्थ (spray fluid) के संपर्क में भी आ सकती हैं।

मधुमक्खी विषाक्तता के लक्षण (Symptoms of bee poisoning)

विषाक्तता के कारण (Causes of poisoning)

मधुमक्खी विषाक्तता (Bee poisoning) मुख्य रूप से तब होती है जब कीटनाशकों (pesticides) को फूल के दौरान फसल (crop during bloom) पर लागू किया जाता है। यह गैर-लक्षित क्षेत्रों (non-target areas) में जहरीले रसायनों के बहाव (drift of toxic chemicals) या पराग और अमृत (pollen and nectar) के लिए पौधों पर कीटनाशकों के अवशेषों (residues of pesticides) से संपर्क करने वाली मधुमक्खियों के कारण भी हो सकता है और मधुमक्खियां पानी के बहाव या रिसाव (watercourses or spillage) में दूषित पानी (contaminated water) पीती हैं या उससे संपर्क करती हैं। यदि रसायन अत्यधिक जहरीला (highly poisonous) है तो मधुमक्खियां खेत में या उसके पास मर सकती (get killed in or near the field) हैं। हालांकि, यदि रसायन में विलंबित क्रिया (delayed action) है तो मधुमक्खियां अपने छत्ते तक पहुंच (reach their hives) सकती हैं लेकिन प्रवेश द्वार के पास (near the entrance) मर सकती हैं। कुछ श्रमिक छत्ते में प्रवेश भी कर सकते हैं और अंदर अमृत और पराग (nectar and pollen) जमा कर सकते हैं और इस प्रकार, चारागाहों (foragers) द्वारा ले जाए गए और कंघी (comb) में जमा दूषित पराग (contaminated pollen) के लिए नर्स मधुमक्खियों (nurse bees) को उजागर कर सकते हैं। दूषित पराग के परिणामी संचयी प्रभाव (cumulative effect) से ब्रूड की कमी (depletion of brood), युवाओं की मृत्यु (death of young ones), नर्स मधुमक्खियों और अन्य श्रमिकों की मृत्यु हो सकती है। इसलिए, न केवल कॉलोनी की आबादी (population of colony) काफी कम हो जाती है बल्कि मधुमक्खी उत्पादों (bee products) का संदूषण (contamination) भी होता है।

मधुमक्खी विषाक्तता के कारक (Factors of bee poisoning)

कीटनाशकों से जुड़े कई कारक (Many factors) मधुमक्खी विषाक्तता (honey bee poisoning) की क्षमता को प्रभावित करते हैं। महत्वपूर्ण कारकों (important factors) का वर्णन नीचे किया गया है:

मधुमक्खियों के लिए कीटनाशक खतरों को कम करना / प्रबंधन प्रथाएं (Minimizing pesticide hazards to bees / management practices)

उपर्युक्त सिद्धांतों (above-mentioned principles) की उचित समझ मधुमक्खियों के लिए कीटनाशक के खतरों (pesticide hazards to honey bees) को कम करने में काफी मदद कर सकती है। मूल सिद्धांत (basic principle) यह है कि मधुमक्खियों को जहाँ तक संभव हो कीटनाशकों के विषाक्त प्रभावों (toxic effects of insecticides) के संपर्क में नहीं आना चाहिए। मधुमक्खियों को कीटनाशकों की चोट (pesticide injury to honeybees) को कम करने के लिए मधुमक्खी पालकों और किसानों के बीच संचार और सहयोग (communication and cooperation) की आवश्यकता होती है। चूंकि दोनों पारस्परिक रूप से मधुमक्खियों से लाभान्वित (mutually benefit) होते हैं, मधुमक्खी पालक अपने उत्पादों के मामले में और किसान फसलों के उत्पादन में वृद्धि (increased production of crops) के मामले में। हालांकि यह असंभव (unlikely) है कि सभी विषाक्तता से बचा (poisoning can be avoided) जा सके, कीटनाशकों के प्रभावी उपयोग (effective use of insecticides), परागणकों के संरक्षण (preservation of pollinators) और मधुमक्खी पालक, किसानों और समुदाय (beekeeper, farmers and the community) के अधिकारों के बीच संतुलन (balance must be struck) बनाना चाहिए।

मधुमक्खी पालकों के लिए दिशानिर्देश (GUIDELINES FOR BEEKEEPERS)

किसानों के लिए दिशानिर्देश (GUIDELINES FOR FARMERS)

तालिका 1: मधुमक्खी जोखिम श्रेणियों के अनुसार कीटनाशकों की चुनिंदा सूची (Table 1: Select list of insecticides according to bee hazard categories)

कीटनाशक (Insecticide) सूत्रीकरण (Formulation)
उच्च जोखिम वर्ग श्रेणी (High hazard class category)
कार्बेरिल (Carbaryl)डी, डब्ल्यूपी (D, WP)
साइपरमेथ्रिन (Cypermethrin)ईसी (EC)
डेल्टामेथ्रिन (Deltamethrin)ईसी (EC)
डायज़िनॉन (Diazinon)डी, ईसी (D, EC)
डाइक्लोरवास (Dichlorvos)ईसी (EC)
डाइमेथोएट (Dimethoate)ईसी (EC)
फेनिट्रोथियन (Fenitrothion)ईसी (EC)
फेंथियन (Fenthion)ईसी (EC)
फेनवलरेट (Fenvalerate)डी, ईसी (D, EC)
मैलाथियान (Malathion)डी, यूएलवी, ईसी (D, ULV, EC)
मोनोक्रोटोफॉस (Monocrotophos)ईसी (EC)
मिथाइल पैराथियान (Methyl parathion)डी, ईसी (D, EC)
मेथोमाइल (Methomyl)डी, डब्ल्यूपी (D, WP)
कम जोखिम श्रेणी (Low hazard category)
एंडोसल्फान (Endosulphan)ईसी (EC)
फेंथियन (Fenthion)जी (G)
फोरेट (Phorate)जी (G)
एल्डिकार्ब (Aldicarb)जी (G)
कार्बोफ्यूरान (Carbofuran)जी (G)
फ़ोसालोन (Phosalone)ईसी (EC)
फ्लुवालिनेट (Fluvalinate)ईसी (EC)
मेनाज़ोन (Menazon)ईसी (EC)

चूंकि फसल सुरक्षा (crop protection) के लिए कीटनाशक अपरिहार्य (indispensable) हैं, इसलिए एक विकल्प के रूप में वैज्ञानिक (scientists) लगातार ऐसे रसायनों (chemicals) की तलाश कर रहे हैं जो मधुमक्खियों के लिए चयनात्मक और विकर्षक (selective and repellent to bees) हों, इसके अलावा कीटनाशकों के विषाक्त प्रभावों के प्रतिरोधी मधुमक्खी तनाव (bee strain resistant to toxic effects of pesticides) के विकास के अलावा।

मधुमक्खी पालक अपने संगठनों (organizationz) के माध्यम से कीटनाशक अधिनियम, 1968 (The Insecticides Act, 1968) में संशोधनों (amendments) के लिए प्रवर्तन एजेंसी (enforcement agency) से संपर्क कर सकते हैं ताकि इन लाभकारी कीड़ों (beneficial insects) को सुरक्षा मिल सके जो कि मधुमक्खी पालन क्षेत्रों (apiculture zones) में कीटनाशकों के उपयोग (use of pesticides) को प्रतिबंधित करके संभव है।

अस्वीकरण (Disclaimer):
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