39. कीट निगरानी (PEST MONITORING)
व्याख्यान 12 (Lecture 12): कीट निगरानी - कीट निगरानी और पूर्वानुमान - उद्देश्य, सर्वेक्षण, नमूनाकरण, तकनीक और निर्णय लेना - ईटीएल और ईआईएल। ईआईएल और ईटीएल को प्रभावित करने वाले कारक (PEST MONITORING - PEST SURVEILLANCE AND FORECASTING - OBJECTIVES, SURVEY, SAMPLING, TECHNIQUES AND DECISION MAKING - ETL AND EIL. FACTORS INFLUENCING EIL AND ETL.)
कीट निगरानी (Pest Monitoring):
- प्रबंधन निर्णय (management decision) लेने के लिए फाइटोफैगस कीड़ों (phytophagous insects) और उनके प्राकृतिक दुश्मनों (natural enemies) की निगरानी करना आईपीएम (IPM) में एक मौलिक उपकरण (fundamental tool) है।
- निगरानी (Monitoring):
- कीट वितरण और बहुतायत (insect distribution and abundance) में परिवर्तन का अनुमान।
- कीड़ों, जीवन इतिहास (insects, life history) के बारे में जानकारी।
- कीट आबादी पर जैविक और अजैविक कारकों (biotic and abiotic factors) का प्रभाव।
कीट निगरानी/सर्वेक्षण (Pest Surveillance):
यह कीटों की जनसंख्या की गतिशीलता (population dynamics of pests), इसकी घटनाओं (incidence) और प्रत्येक फसल पर निश्चित अंतराल (fixed intervals) पर होने वाले नुकसान पर लगातार नज़र (constant watch) रखने को संदर्भित करता है ताकि किसानों को समय पर फसल सुरक्षा के उपाय (timely crop protection measures) करने की पूर्व चेतावनी (forewarn) दी जा सके।
कीट निगरानी के तीन बुनियादी घटक (Three basic components of pest surveillance) - निम्नलिखित का निर्धारण:
- a. कीट प्रजातियों की घटनाओं का स्तर (level of incidence of the pest species)।
- b. घटना से होने वाला नुकसान (loss caused by the incidence)।
- c. आर्थिक लाभ (economic benefits), नियंत्रण प्रदान करेगा।
कीट का पूर्वानुमान (Pest Forecasting):
कीट निगरानी (pest surveillance) से प्राप्त जानकारी के आधार पर कीट की घटनाओं या प्रकोप का पूर्वानुमान (Forecasting of pest incidence or outbreak)।
उपयोग (Uses):
- कीट के प्रकोप की भविष्यवाणी (Predicting pest outbreak) जिसके लिए नियंत्रण उपाय (control measure) की आवश्यकता होती है।
- उपयुक्त चरण (Suitable stage) जिस पर नियंत्रण उपाय अधिकतम सुरक्षा (maximum protection) देता है।
कीट पूर्वानुमान के दो प्रकार (Two types of pest forecasting):
- a. अल्पकालिक पूर्वानुमान (Short term forecasting): 1 या 2 सीज़न (1 or 2 seasons) पर आधारित।
- b. दीर्घकालिक पूर्वानुमान (Long term forecasting): कीट पर मौसम के मापदंडों के प्रभाव (affect of weather parameters on pest) पर आधारित।
कीट निगरानी के उद्देश्य (Objectives of Pest Surveillance):
- मौजूदा और नई कीट प्रजातियों (existing and new pest species) को जानना।
- फसल के विभिन्न विकास चरण (different growth stage) में कीट आबादी और क्षति का आकलन (assess pest population and damage) करना।
- कीट पर मौसम के मापदंडों के प्रभाव (influence of weather parameters) का अध्ययन करना।
- बदलती कीट स्थिति (changing pest status) का अध्ययन करना (मामूली से प्रमुख / Minor to major)।
- प्राकृतिक दुश्मनों (natural enemies) और कीटों पर उनके प्रभाव का आकलन करना।
- कीट पर नए फसल पैटर्न और किस्मों (new cropping pattern and varieties) का प्रभाव।
सर्वेक्षण (Survey):
एक कीट प्रजाति की बहुतायत का अध्ययन (study the abundance of a pest species) करने के लिए आयोजित किया जाता है।
सर्वेक्षण के दो प्रकार - रोविंग सर्वेक्षण और निश्चित प्लॉट सर्वेक्षण (Two types of survey - Roving survey and fixed plot survey):
- रोविंग सर्वेक्षण (Roving survey):
- बड़े क्षेत्र का प्रतिनिधित्व (representing larger area) करने वाले बेतरतीब ढंग से चयनित स्थानों (randomly selected spots) से कीट आबादी/क्षति का आकलन (Assessment of pest population/damage)।
- कम समय (short period) में बड़े क्षेत्र (Large area) का सर्वेक्षण किया गया।
- बड़े क्षेत्र में कीट स्तर (pest level over large area) की जानकारी प्रदान करता है।
- निश्चित प्लॉट सर्वेक्षण (Fixed plot survey):
- खेत में चुने गए एक निश्चित भूखंड (fixed plot selected in a field) से कीट आबादी/क्षति का आकलन। बुआई से कटाई तक (from sowing till harvest) समय-समय पर दर्ज की गई कीट आबादी/क्षति का डेटा।
- उदा. चावल के मामले में फसल क्षेत्र के एक एकड़ में 5 स्थानों से बेतरतीब ढंग से 1 वर्ग मीटर भूखंड (1 sq.m. plots randomly selected from 5 spots) का चयन किया जाता है। प्रत्येक भूखंड (plot) से बेतरतीब ढंग (random) से 10 पौधे चुने गए। इन 10 पौधों में कुल टिलर (Total tillers) और स्टेम बोरर (stem borer) से प्रभावित टिलर की गिनती की गई। कुल पत्तियों और पत्ती मोड़ने वाले (leaf folder) से प्रभावित संख्या को देखा गया। क्षतिग्रस्त टिलर या पत्तियों के प्रतिशत (per cent damaged tillers or leaves) के रूप में व्यक्त क्षति। 10 पौधों में सभी टिलर से बीपीएच (BPH) की आबादी देखी गई और संख्या/टिलर (number/tiller) के रूप में व्यक्त की गई।
गुणात्मक सर्वेक्षण (Qualitative survey): कीट का पता लगाने (detection of pest) के लिए उपयोगी।
मात्रात्मक सर्वेक्षण (Quantitative survey): कीट की गणना (enumeration of pest) के लिए उपयोगी।
नमूनाकरण तकनीक (Sampling Techniques):
- पूर्ण नमूनाकरण (Absolute sampling): एक भूखंड में होने वाले सभी कीटों को गिनने (count all the pests) के लिए।
- सापेक्ष नमूनाकरण (Relative sampling): कीट को कुछ मूल्यों (some values) के संदर्भ में मापने के लिए जिसकी तुलना समय और स्थान (compared over time and space) पर की जा सकती है। उदा. लाइट ट्रैप कैच, फेरोमोन ट्रैप (Light trap catch, Pheromone trap)।
नमूनाकरण के तरीके (Methods of sampling):
- स्वस्थाने में गिनती (In situ counts): पौधों की छतरी पर कीड़ों की संख्या (number of insects on plant canopy) पर दृश्य अवलोकन (Visual observation) (या तो पूरा भूखंड या बेतरतीब ढंग से चयनित भूखंड / entire plot or randomly selected plot)।
- नॉक डाउन (Knock down) / अचानक जाल (Sudden trap): फसल से निकाल कर (removing from crop) और गिनती (Jarring) करके एक क्षेत्र से कीड़ों को इकट्ठा करना।
- नेटिंग (Netting): हॉपर, ओडोनेट, टिड्डे (hoppers, odonates, grasshopper) के लिए स्वीप नेट (sweep net) का उपयोग।
- नारकोटाइज़्ड संग्रह (Norcotised collection): तेज गति से चलने वाले कीड़ों (Quick moving insects) को एनेस्थेसिया (anaesthetized) दिया जाता है और गिना जाता है।
- फँसाना (Trapping):
- प्रकाश जाल (Light trap) - फोटोट्रोपिक कीड़े (Phototropic insects)।
- फेरोमोन जाल (Pheromone trap) - प्रजाति विशिष्ट (Species specific)।
- चिपचिपा जाल (Sticky trap) - चूसने वाले कीड़े (Sucking insects)।
- बैट ट्रैप (Bait trap) - ज्वार शूटफ्लाई - फिशमील ट्रैप (Sorghum shootfly - Fishmeal trap)।
- उद्भव जाल (Emergence trap) - मिट्टी के कीड़ों (soil insects) के लिए।
- फसल के नमूने (Crop samples): पौधों के हिस्सों को हटा दिया जाता है और कीटों की गिनती (Plant parts removed and pest counted) की जाती है। उदा. बॉलवर्म (Bollworms)।
नमूनाकरण का चरण (Stage of Sampling):
- आमतौर पर सबसे हानिकारक चरण (most injurious stage) की गणना की जाती है।
- कभी-कभी अंडे के द्रव्यमान (egg masses) की गिनती की जाती है - व्यावहारिक विचार (Practical considerations)।
- हॉपर्स (Hoppers) - निम्फ और वयस्क (Nymphs and adult) की गिनती की जाती है।
नमूना आकार (Sample Size):
- कीट और फसल की प्रकृति (nature of pest and crop) के साथ अलग होता है।
- बड़ा नमूना आकार (Larger sample size) सटीक परिणाम (accurate results) देता है।
निर्णय लेना (Decision Making):
- फसल से जनसंख्या या क्षति का आकलन (Population or damage assessed)।
- ETL और EIL से तुलना (Compared with ETL and EIL)।
- जब कीट स्तर ETL को पार (crosses ETL) कर जाता है, तो कीट को EIL को कम करने से रोकने (prevent pest from reaching EIL) के लिए नियंत्रण उपाय (control measure) किया जाना चाहिए।
आर्थिक चोट स्तर (Economic Injury Level - EIL):
- सबसे कम जनसंख्या घनत्व (lowest population density) के रूप में परिभाषित किया गया है जो आर्थिक क्षति का कारण (cause economic damage) बनेगा (Stern et al., 1959)।
- एक महत्वपूर्ण घनत्व (critical density) के रूप में भी परिभाषित किया गया है जहां कीट के कारण होने वाला नुकसान नियंत्रण उपाय की लागत के बराबर (loss caused by the pest equals the cost of control measure) होता है।
EIL की गणना (Calculation of EIL):
EIL = C / (V x I x D x K) (या) C / VIDK
- EIL = कीड़े/उत्पादन (insects/production) (या) कीड़े/हेक्टेयर (insects/ha) में आर्थिक चोट का स्तर।
- C = प्रति इकाई उत्पादन प्रबंधन गतिविधि की लागत (Cost of management activity per unit of production) (रुपये/हेक्टेयर)।
- V = उपज या उत्पाद की प्रति इकाई बाजार मूल्य (Market value per unit of yield or product) (रुपये/टन)।
- I = प्रति कीट फसल की चोट (Crop injury per insect) (प्रतिशत नुकसान/कीट)।
- D = प्रति यूनिट चोट के नुकसान या उपज की हानि (Damage or yield loss per unit of injury) (टन हानि/% नुकसान)।
- K = कीटनाशक के उपयोग से चोट में आनुपातिक कमी (Proportionate reduction in injury from pesticide use)।
EIL का उदाहरण (Worked example of EIL):
निम्नलिखित आंकड़ों के साथ कीट जनसंख्या/हेक्टेयर के संदर्भ में ईआईएल की गणना (Calculate EIL in terms of pest population/ha) करें:
- C = प्रबंधन लागत प्रति इकाई क्षेत्र (Management cost per unit area) = 3,000/- रुपये प्रति हेक्टेयर।
- V = रुपये/इकाई उत्पाद में बाजार मूल्य (Market value in Rs./unit product) = 1,000 रुपये/टन।
- I = फसल की चोट/कीट घनत्व (Crop injury/pest density) = 1% नुकसान/100 कीड़े (1% defoliation/100 insects) = 0.01
- D = इकाई की चोट के कारण होने वाला नुकसान (Loss caused by unit injury) = 0.05 टन हानि/1% नुकसान (0.05 tonne loss/1% defoliation)।
- K = कीटनाशक के प्रयोग से चोट में आनुपातिक कमी (Proportionate reduction in injury by pesticide application) = 0.8 (80% नियंत्रण)।
EIL = 3000 / (1000 x 0.01 x 0.05 x 0.8) = 7500 insects/ha (कीड़े/हेक्टेयर)
आर्थिक दहलीज स्तर (Economic threshold level - ETL) या कार्रवाई की सीमा (Action threshold):
- ETL को कीट घनत्व (pest density) के रूप में परिभाषित किया गया है जिस पर बढ़ती कीट आबादी को आर्थिक चोट के स्तर (EIL) तक पहुंचने से रोकने (prevent an increasing pest population from reaching EIL) के लिए नियंत्रण उपाय (control measures) लागू किए जाने चाहिए।
- ETL नियंत्रण उपाय शुरू करने (initiation of control measure) के लिए समय (time) की अनुमति देने के लिए EIL से कम कीट घनत्व (pest density lower than EIL) का प्रतिनिधित्व करता है।
ETL और EIL को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Influencing ETL and EIL):
- प्राथमिक कारक (Primary factors): a. फसल का बाजार मूल्य (Market value of crop), b. प्रबंधन लागत (Management costs), c. प्रति कीट चोट की डिग्री (Degree of injury per insect), d. चोट के लिए फसल की संवेदनशीलता (Crop susceptibility to injury)।
- द्वितीयक कारक (Secondary factors):
- a. फसल का बाजार मूल्य (Market value of crop): जब फसल का मूल्य बढ़ता है, EIL घटता है (crop value increases, EIL decreases) और इसके विपरीत।
- b. प्रति कीट चोट का प्रबंधन (Management of injury per insect - costs): जब प्रबंधन लागत बढ़ती है, तो EIL भी बढ़ता है (management costs increase, EIL also increases)।
- c. प्रति कीट चोट की डिग्री (Degree of injury per insect):
- पत्तियों या प्रजनन भागों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों का EIL अलग-अलग होता है (प्रजनन भाग के नुकसान के लिए कम EIL / Lower EIL for Rep. part damages)।
- यदि कीड़े बीमारी के वैक्टर (vectors of disease) हैं तो EIL बहुत कम है यहाँ तक कि 1 या 2 कीड़े पाए जाने पर भी - प्रबंधन किया जाना है।
- यदि फलों पर कीड़े पाए जाते हैं - विपणन क्षमता कम (Marketability reduced) हो जाती है - EIL बहुत कम।
- d. चोट के लिए फसल की संवेदनशीलता (Crop susceptibility to injury):
- यदि फसल चोट को सहन कर सकती है और अच्छी उपज (tolerate the injury and give good yield) दे सकती है। EIL को उच्च मूल्य (higher value) पर तय किया जा सकता है।
- जब फसल पुरानी (older) हो जाती है, तो यह उच्च कीट आबादी (high pest population) का सामना कर सकती है - EIL अधिक (high) हो सकता है।
- तृतीयक कारक (Tertiary factors): मौसम, मिट्टी के कारक, जैविक कारक और मानव सामाजिक वातावरण (Weather, soil factors, biotic factors and human social environment)। ये तृतीयक कारक द्वितीयक कारकों में परिवर्तन (change in secondary factors) का कारण बनते हैं जिससे ETL और EIL प्रभावित (affect the ETL and EIL) होते हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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