46. कीटनाशक समूह (PESTICIDES GROUPS)

व्याख्यान 19: कीटनाशक समूह (PESTICIDES GROUPS)

कीटनाशकों के समूह (Groups of pesticides):

कीटनाशकों को आम तौर पर कीट जीवों के आधार पर विभिन्न समूहों में वर्गीकृत किया जाता है, जिनके खिलाफ यौगिकों का उपयोग किया जाता है, उनकी रासायनिक प्रकृति, प्रवेश का तरीका और कार्रवाई का तरीका।

1. जीवों के आधार पर:

  1. a) कीटनाशक: कीड़ों को मारने या नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त रसायन (उदा. एंडोसल्फान, मैलाथियान / endosulfan, malathion)।
  2. b) कृंतकनाशक: विशेष रूप से चूहों को नियंत्रित करने के लिए प्रयुक्त रसायन (उदा. जिंक फॉस्फाइड / Zinc phosphide)।
  3. c) एकरीसाइड्स: फसलों / जानवरों पर घुन को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन (उदा. डिकोफोल / Dicofol)।
  4. d) एविसाइड्स: पक्षियों को दूर भगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन (उदा. एंथ्राक्विनोन / Anthraquionone)।
  5. e) मोलस्किसिड्स: घोंघे और स्लग को मारने के लिए प्रयुक्त रसायन (उदा. मेटल्डेहाइड / Metaldehyde)।
  6. f) नेमाटीसाइड्स: नेमाटोड को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन (उदा. एथिलीन डाइब्रोमाइड / Ethylene dibromide)।
  7. g) कवकनाशक: कवक के कारण होने वाले पौधों के रोगों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन (उदा. कॉपर ऑक्सी क्लोराइड / Copper oxy cholirde)।
  8. h) जीवाणुनाशक: जीवाणु के कारण होने वाले पौधों के रोगों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन (उदा. स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट / Streptomycin sulphate)।
  9. i) शाकनाशी: खरपतवारों को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले रसायन (उदा. 2,4,-डी / 2,4, - D)।

2. प्रवेश के तरीके के आधार पर:

  1. a) पेट का जहर: पौधे की पत्तियों और अन्य भागों में लगाया जाने वाला कीटनाशक जब निगल लिया जाता है, तो यह कीट के पाचन तंत्र (digestive system) में कार्य करता है और उसे मार देता है (उदा. मैलाथियान / Malathion)।
  2. b) संपर्क जहर: वह विषाक्त पदार्थ जो संपर्क के माध्यम से कीट प्रजातियों की मृत्यु का कारण बनता है (उदा. फेनवालेरेट / Fenvalerate)।
  3. c) फ्यूमिगेंट: टॉक्सिकेंट स्पाइरैड्स (spiracles) के माध्यम से वाष्प के रूप में श्वासनली प्रणाली (tracheal system - श्वसन विष / respiratory poison) में प्रवेश करता है (उदा. एल्यूमीनियम फॉस्फाइड / Aluminium phosphide)।
  4. d) प्रणालीगत जहर (Systemic poison): रसायन जब पौधे या मिट्टी पर लागू होते हैं, तो पर्णसमूह (या) जड़ों द्वारा अवशोषित होते हैं और संवहनी प्रणाली (vascular system) के माध्यम से स्थानांतरित होते हैं और पौधे पर भोजन करने वाले कीट की मृत्यु का कारण बनते हैं। (उदा. डाइमेथोएट / Dimethoate)।

3. कार्रवाई के तरीके के आधार पर:

  1. a) शारीरिक जहर: विष जो शारीरिक प्रभाव डालकर एक कीट को मारता है (उदा. सक्रिय मिट्टी / Activated clay)।
  2. b) प्रोटोप्लाज़मिक जहर: प्रोटीन के वर्षा के लिए जिम्मेदार विष (उदा. शस्त्रागार / Arsenicals)।
  3. c) श्वसन विष: रसायन जो श्वसन एंजाइमों को निष्क्रिय करते हैं (उदा. हाइड्रोजन साइनाइड / hydrogen cyanide)।
  4. d) तंत्रिका विष: रसायन आवेग चालन को रोकते हैं (उदा. मैलाथियान / Malathion)।
  5. e) चिटिन अवरोध: रसायन चिटिन संश्लेषण को रोकते हैं (उदा. डिफ्लुबेंजुरोन / Diflubenzuron)।

4. रासायनिक प्रकृति के आधार पर:

कीटनाशकों की रासायनिक प्रकृति के आधार पर वर्गीकरण:

कीटनाशक (Pesticides) -> I. अकार्बनिक कीटनाशक (Inorganic pesticides) और II. कार्बनिक कीटनाशक (Organic pesticides)।

II. कार्बनिक कीटनाशक के प्रकार:

I. अकार्बनिक कीटनाशक: कीटनाशकों के रूप में प्रयुक्त अकार्बनिक रसायन। उदा. आर्सेनिक, फ्लोरीन, सल्फर, चूना सल्फर (कीटनाशक / Insecticides), जिंक फॉस्फाइड (कृंतकनाशक / Rodenticide)।

II. कार्बनिक कीटनाशक: कार्बनिक यौगिक (मुख्य रूप से C, H, O और N द्वारा निर्मित)।

🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन
अंतिम अद्यतन: 28 अगस्त 2026
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