52. कीटनाशक अनुकूलता (PESTICIDE COMPATIBILITY)

व्याख्यान 25: कीटनाशक अनुकूलता (PESTICIDE COMPATIBILITY)

कीटनाशकों की असंगति निम्न प्रकार की हो सकती है:

a. रासायनिक असंगति: दो कीटनाशकों में रासायनिक यौगिक एक-दूसरे के साथ प्रतिक्रिया करके एक अलग यौगिक बनाते हैं, जिससे कीटनाशकों की कीटनाशक गतिविधि कम हो जाती है (सक्रिय घटक का क्षरण / Degradation of active ingredient)।

b. जैविक असंगति (फाइटोटॉक्सिक असंगति) / Biological incompatibility: मिश्रित उत्पाद फाइटोटॉक्सिक क्रिया प्रदर्शित करता है, जो स्वतंत्र रूप से फाइटोटॉक्सिक नहीं है।

c. भौतिक असंगति: कीटनाशकों का भौतिक रूप बदल जाता है, और उनमें से एक अस्थिर या अनुप्रयोग के लिए खतरनाक हो जाता है (एग्लोमरेशन, चरण पृथक्करण, विस्फोटक प्रतिक्रिया / agglomeration, phase separation, explosive reaction आदि)।

कीटनाशकों के कारण होने वाले खतरे (HAZARDS CAUSED BY PESTICIDES):

निर्माण, निर्माण, अनुप्रयोग और उपचारित उत्पादों की खपत के दौरान मनुष्यों को कीटनाशकों के कारण होने वाले प्रतिकूल प्रभाव को खतरा कहा जाता है।

कीटनाशक का खतरा (Pesticide hazard) निम्न समय में होता है:

  1. a. विनिर्माण और फॉर्मूलेशन
  2. b. कीटनाशकों का प्रयोग (Application of pesticides)
  3. c. उपचारित उत्पादों की खपत

कीटनाशकों से होने वाले खतरों के उदाहरण:

  1. 1953 में केरल में, पैराथियोन विषाक्तता के कारण 108 लोगों की मृत्यु हो गई।
  2. 1984 में भोपाल में 'भोपाल गैस त्रासदी' जहां मिथाइल आइसोसाइनेट नामक गैस (कार्बेरिल के निर्माण में शामिल एक मध्यवर्ती / an intermediate involved in manufacture of carbaryl) का रिसाव हुआ, जिससे 5000 लोग मारे गए और 50,000 लोग विकलांग हो गए। कुल मिलाकर 2,00,000 व्यक्ति प्रभावित हुए। बचे लोगों द्वारा उत्परिवर्तजन और कैंसरजन्य प्रभाव जैसे दीर्घकालिक प्रभाव महसूस किए जाते हैं।
  3. महाराष्ट्र के कपास उगाने वाले क्षेत्रों में अंधापन, कैंसर, यकृत और तंत्रिका तंत्र की बीमारियों के मामले जहां कीटनाशकों का उच्च मात्रा में उपयोग किया जाता है।
  4. नियमित रूप से डीडीटी, मैलाथियान का छिड़काव करने वाले श्रमिकों में चिंता, नींद की गड़बड़ी, अवसाद, गंभीर सिरदर्द जैसे मनोवैज्ञानिक लक्षण।
  5. एंडोसल्फान - केरल में काजू में हवाई छिड़काव के कारण समस्या पैदा कर रहा है - हालिया विवाद - अभी विस्तार से अध्ययन किया जाना है।

कीटनाशकों का सुरक्षित संचालन:

1. कीटनाशकों का भंडारण (Storage of pesticides):

2. व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण:

3. कीटनाशकों के प्रयोग में सुरक्षा:

कीटनाशकों के सुरक्षित संचालन में मिश्रण और अनुप्रयोग के दौरान उचित चयन और सावधानीपूर्वक संचालन शामिल है।

  1. a) कीटनाशक का चयन (Pesticide selection): कीटनाशक का चयन कीट के प्रकार (type of pest), क्षति, नुकसान, लागत आदि पर निर्भर करता है।
  2. b) आवेदन से पहले सुरक्षा:
  3. c) आवेदन के दौरान सुरक्षा:
  4. d) आवेदन के बाद सुरक्षा:

प्राथमिक चिकित्सा:

संदिग्ध विषाक्तता के मामले में; तुरंत चिकित्सक को बुलाएं। डॉक्टर को बुलाने से पहले किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राथमिक चिकित्सा उपचार किया जा सकता है।

निगला हुआ जहर:

त्वचा का संदूषण:

सांस के जरिए जहर जाना:

III. कीटनाशक विषाक्तता में उपचार के लिए मारक और अन्य दवा:

क्र.सं.मारक/औषधिकिसके कारण होने वाले विषाक्तता में प्रयुक्त
1.सामान्य नमक (सोडियम क्लोराइड / Common salt - Sodium chloride)सामान्य रूप से पेट का जहर
2.गर्म पानी में सक्रिय चारकोल (7g), मैग्नीशियम ऑक्साइड, टैनिक एसिडसामान्य रूप से पेट का जहर
3.जिलेटिन या मैदा या दूध पाउडर या सोडियम थायोसल्फेटसामान्य रूप से पेट का जहर
4.कैल्शियम ग्लूकोनेटक्लोरिनेटेड कीटनाशक, कार्बन टेट्राक्लोराइड, एथिलीन डाइक्लोराइड, मर्क्यूरियल यौगिक
5.फेनोबार्बिटल या पेंटोबार्बिटल अंतःशिरा प्रशासनक्लोरिनेटेड हाइड्रोकार्बन कीटनाशकों का पेट का जहर
6.सोडियम बाइकार्बोनेटऑर्गेनोफॉस्फेट यौगिकों का पेट का जहर
7.एट्रोपिन सल्फेट (2-4 मिलीग्राम इंट्रामस्क्युलर / अंतःशिरा प्रशासन) या पीएएम (पाइरीडीन-जेड एल्डोक्साइम-एन-मेथलिओडाइड)ऑर्गेनोफॉस्फेट यौगिक
8.एट्रोपिन सल्फेट (2-4 मिलीग्राम इंट्रामस्क्युलर / अंतःशिरा प्रशासन)कार्बामेट्स
9.फेनोबार्बिटलसिंथेटिक पाइरेथ्रोइड
10.पोटेशियम परमैंगनेटनिकोटीन, जिंक फॉस्फाइड
11.विटामिन के1 और के2वारफारिन, जिंक फॉस्फाइड
12. (13)एपिनेफ्रीनमिथाइल ब्रोमाइड
13. (14)मिथाइल नाइट्राइट एम्पुलसाइनाइड

कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में कीटनाशकों का प्रभाव:

कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र (agro-eco system) में कीटनाशकों के कारण होने वाली कुछ समस्याएं निम्नलिखित हैं:

  1. 1. कीटनाशक अवशेष (Pesticide residues)
  2. 2. कीटनाशक प्रतिरोध
  3. 3. कीट का पुनरुत्थान और द्वितीयक कीट का प्रकोप
  4. 4. गैर लक्षित जीव के लिए विषाक्तता

1. कीटनाशक अवशेष: आवेदन के बाद पर्यावरण में रहने वाला कीटनाशक मनुष्यों और अलक्षित जीवों के लिए समस्या पैदा करता है। उदा. MRL से ऊपर दूध, सब्जी में डीडीटी, एचसीएच के अवशेष।

2. कीटनाशक प्रतिरोध: कीटनाशक प्रतिरोध कीटनाशक की एक मात्रा को सहन करने की क्षमता का विकास है, जो एक ही प्रजाति के अधिकांश व्यक्तियों के लिए घातक साबित होगा। यह क्षमता कीटनाशक के प्रयोग (pesticide application) की प्रतिक्रिया में कीट आबादी में आनुवंशिक परिवर्तन के कारण है।

भारत में कीटों में कीटनाशक प्रतिरोध:

कीट का नाम (Name of pest)सामान्य नामप्रतिरोधी कीटनाशक
1. Aphis craccivoraएफिड (Aphid)
2. Bemesia tabaciव्हाइटफ़्लाई (Whitefly)कार्बामेट्स, OP, साइपरमेथ्रिन, एंडोसल्फान, मोनोक्रोटोफॉस
3. Helicoverpa armigeraकॉटन बॉल वर्मOP, सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड, Bacillus thuringiensis (OP, Synthetic pyrethroid, Bacillus thuringiensis)
4. Plutella xylostellaगोभी, फूलगोभी पर डायमंड बैक मोथएबामेक्टिन, बीटी, ओपी यौगिक

कीट का पुनरुत्थान (Pest Resurgence): उपचार के समय कीटों की आबादी (pest population) में अच्छी प्रारंभिक कमी के बावजूद कीटनाशकों द्वारा कीटों की आबादी में भारी वृद्धि। कीटनाशक दो तरीकों से कीटों के पुनरुत्थान को जन्म देते हैं:

उदा. क्विनालफॉस, फोरेट - चावल में BPH के पुनरुत्थान का कारण। कार्बोफ्यूरान - चावल में लीफ फोल्डर।

द्वितीयक कीट का प्रकोप (Secondary pest outbreak): एक प्रमुख कीट (major pest) के खिलाफ कीटनाशक का प्रयोग मामूली या द्वितीयक कीट के प्राकृतिक शत्रुओं को मारता है। यह एक द्वितीयक कीट के प्रकोप का कारण बनता है। उदा. कपास में बॉलवर्म के खिलाफ सिंथेटिक पाइरेथ्रोइड्स के उपयोग से व्हाइटफ्लाई के प्राकृतिक शत्रु मारे गए, जिससे व्हाइटफ्लाई का प्रकोप हुआ, जो तब तक एक छोटा कीट (minor pest) था।

अलक्षित जीवों की विषाक्तता:

इसलिए कीटनाशक का चयन करते समय यह इन जीवों के लिए सुरक्षित (कम नुकसान पहुंचाने वाला / causing less harm) होना चाहिए।

🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन
अंतिम अद्यतन: 28 अगस्त 2026
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