53. कीटों पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव (IMPACT OF GLOBAL WARMING ON PESTS)
व्याख्यान 26 (Lecture 26): कीटों पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव (IMPACT OF GLOBAL WARMING ON PESTS)
ग्लोबल वार्मिंग क्या है? (What is global warming?)
सूर्य (SUN): पृथ्वी इन्फ्रारेड विकिरण (infrared radiation) के रूप में कुछ सौर ऊर्जा (solar energy) को दर्शाती है।
ग्रीन हाउस गैसें (Green house gases): पृथ्वी से इन्फ्रारेड विकिरण (Infra red radiation) ग्रीन हाउस गैसों द्वारा पृथ्वी पर वापस परावर्तित (reflected back to earth) होता है। इससे पृथ्वी का तापमान (temperature of earth) और निचला वायुमंडल (lower atmosphere) बढ़ जाता है। इसे ग्लोबल वार्मिंग या ग्रीनहाउस प्रभाव (global warming or greenhouse effect) कहा जाता है।
पृथ्वी (EARTH): सौर विकिरण पृथ्वी की सतह (Solar radiation falls on earth surface) पर गिरता है। पृथ्वी अवशोषित (absorbs) करती है और गर्म (gets heated up) हो जाती है।
- सूर्य की गर्मी (Warmth from sun) पृथ्वी की सतह को गर्म करती है।
- पृथ्वी अधिकांश ऊर्जा को अवशोषित (absorbs most of the energy) कर लेती है लेकिन कुछ ऊर्जा को इन्फ्रारेड विकिरण (infra red radiation) के रूप में वापस परावर्तित (reflects back) कर देती है।
- ग्रीनहाउस गैसें (Greenhouse gases) (उदा. CO2, मीथेन / Methane, CFC - क्लोरो फ्लोरो कार्बन / Chloro Fluoro Carbon, नाइट्रस ऑक्साइड / Nitrous oxide) वायुमंडल में मौजूद (present in atmosphere) अवरक्त विकिरण को स्थानांतरित (trans the infrared radiation) करती हैं और पृथ्वी पर वापस परावर्तित (reflects back to earth) करती हैं।
- यह परावर्तित ऊर्जा (reflected energy) पृथ्वी पर और निचले वायुमंडल (lower atmosphere) पर भी गिरती है और इसे गर्म (warmer) रखती है (पृथ्वी की सतह को गर्म करती है / Heats the earth's surface)।
- इसे ग्लोबल वार्मिंग (global warming) या ग्रीन हाउस प्रभाव (green house effect) कहा जाता है।
विश्व और कृषि पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव (Effect of global warming on world and agriculture):
- पृथ्वी पर समग्र तापमान में वृद्धि (Increase in overall temperature on earth) (उदा.) पिछली एक सदी में पृथ्वी की सतह का तापमान 1.4oF बढ़ गया है (Earth's surface temperature has increased 1.4oF in lst one century)। (पूर्वानुमान: अगली सदी में 5oF की वृद्धि / Forecast: 5oF rise in next century)।
- जलवायु में भारी बदलाव (Change in climate tremendously)।
- ध्रुवीय क्षेत्र (Polar region) में बर्फ का पिघलना (Melting of ice)।
- समुद्र के स्तर में वृद्धि (Increase in seas level) और तटीय क्षेत्रों का जलमग्न होना (submerging of coastal areas)।
- बाढ़ और तीव्र बारिश (Flooding and intense down pours)।
- गर्म क्षेत्रों में सूखा (Drought in warmer regions)।
कीट की स्थिति पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव (Impact of global warming on pest status):
- जलवायु, तापमान और पानी की उपलब्धता में बदलाव (change in climate, temperature and water availability) के कारण, किसान उगाई जाने वाली फसलों के प्रकार (type of crops grown) को बदल सकते हैं।
- तापमान में वृद्धि (increase in temperature) के कारण, कुछ कीटों और बीमारियों का प्रकोप (outbreak of certain insect pests and diseases) हो सकता है।
- वन क्षेत्रों (forest areas) में वृक्ष प्रजातियों (tree species) और कीट प्रजातियों (pest species) में बदलाव (shift) होगा।
- कृषि भूमि (agriculture lands) में चूँकि फसल का स्वरूप बदल (cropping pattern is changed) गया है, इसलिए जलवायु के अनुकूल (suit the climate) नई फसलें शुरू की गई हैं और नए कीट (new pests) भी पेश किए गए हैं।
- जब पानी की उपलब्धता कम (water availability is less) होती है, तो फसलों को बारानी (rainfed) के रूप में उगाया जाएगा। पानी के बिना नियंत्रण के उपाय (control measures without water) करना मुश्किल (difficult) होगा।
ग्रीन हाउस गैसों के स्रोत (Sources of green house gases):
- विकसित देश (Developed countries): ऑटोमोबाइल (Automobiles) और कारखानों (factories) से होने वाले उत्सर्जन में सीएफसी (CFCs) शामिल हैं।
- विकासशील देश (Developing countries): वनों की कटाई (Deforestation) से CO2 का स्तर बढ़ता है। धान के खेतों और पशुओं (paddy fields and livestock) से मीथेन गैस (Methane gas)। 'एन' आधारित उर्वरक ('N' based fertilizer) से नाइट्रस ऑक्साइड (Nitrous oxide)।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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