17. स्मृति (MEMORY)

मनोविज्ञान (psychology) में, स्मृति (memory) जानकारी (information) को संग्रहीत (store), बनाए रखने (retain) और याद रखने (recall) की एक जीव की क्षमता (organism's ability) है। स्मृति के पारंपरिक अध्ययन (Traditional studies) कृत्रिम रूप से (artificially) स्मृति को बढ़ाने की तकनीकों (techniques) सहित दर्शन के क्षेत्रों (fields of philosophy) में शुरू (began) हुए। उन्नीसवीं सदी (nineteenth century) के अंत और बीसवीं सदी (twentieth century) की शुरुआत (early) ने स्मृति को संज्ञानात्मक मनोविज्ञान (cognitive psychology) के प्रतिमानों (paradigms) के भीतर रखा। हाल के दशकों (recent decades) में, यह संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान (cognitive neuroscience) नामक विज्ञान की एक शाखा (branch of science) के प्रमुख स्तंभों (principal pillars) में से एक बन गया है, जो संज्ञानात्मक मनोविज्ञान (cognitive psychology) और तंत्रिका विज्ञान (neuroscience) के बीच एक अंतःविषय कड़ी (interdisciplinary link) है।

संवेदी स्मृति (Sensory memory)

संवेदी स्मृति (Sensory memory) लगभग (approximately) किसी आइटम को समझने के बाद प्रारंभिक (initial) 200 - 500 मिलीसेकंड (milliseconds) से मेल खाती है (corresponds)। किसी वस्तु को देखने की क्षमता, और याद रखना कि वह केवल एक सेकंड के अवलोकन (observation), या संस्मरण (memorization) के साथ कैसा दिखता है, संवेदी स्मृति (sensory memory) का एक उदाहरण है। बहुत छोटी प्रस्तुतियों (short presentations) के साथ, प्रतिभागी (participants) अक्सर रिपोर्ट करते हैं कि वे वास्तव में रिपोर्ट करने से अधिक "देखते" ("see") हैं। संवेदी स्मृति के इस रूप (form) की खोज (exploring) करने वाले पहले प्रयोग (first experiments) जॉर्ज स्पर्लिंग (George Sperling - 1960) द्वारा "आंशिक रिपोर्ट प्रतिमान" ("partial report paradigm") का उपयोग (using) करके आयोजित (conducted) किए गए थे। विषयों (Subjects) को 12 अक्षरों (12 letters) के ग्रिड (grid) के साथ प्रस्तुत (presented) किया गया था, जो 4 की तीन पंक्तियों (three rows) में व्यवस्थित (arranged) था। एक संक्षिप्त प्रस्तुति (brief presentation) के बाद, विषयों को फिर से एक उच्च (high), मध्यम (medium) या निम्न स्वर (low tone) में खेला (played) गया था, उन्हें संकेत (cuing) दिया गया था कि कौन सी पंक्तियों (rows) की रिपोर्ट (report) करनी है। इन आंशिक रिपोर्ट प्रयोगों (partial report experiments) के आधार पर (Based on), स्परलिंग (Sperling) यह दिखाने में सक्षम (able to show) था कि संवेदी स्मृति (sensory memory) की क्षमता लगभग 12 आइटम (12 items) थी, लेकिन यह बहुत जल्दी (very quickly) (कुछ सौ मिलीसेकंड (few hundred milliseconds) के भीतर) खराब (degraded) हो गई। चूंकि स्मृति का यह रूप (form of memory) इतनी जल्दी खराब (degrades) हो जाता है, प्रतिभागी (participants) प्रदर्शन (display) देखेंगे, लेकिन उनके क्षय (decayed) होने से पहले (before) सभी वस्तुओं (items) ( "पूरी रिपोर्ट" - "whole report" प्रक्रिया में 12) की रिपोर्ट करने में असमर्थ (unable) होंगे। इस प्रकार की स्मृति (type of memory) को पूर्वाभ्यास (rehearsal) के माध्यम से लम्बा (prolonged) नहीं किया जा सकता है।

अल्पावधि (Short-term)

अल्पकालिक स्मृति (Short-term memory) पूर्वाभ्यास (rehearsal) के बिना एक मिनट के कई सेकंड (several seconds) की अवधि के लिए याद (recall) करने की अनुमति (allows) देती है। इसकी क्षमता (capacity) भी बहुत सीमित (very limited) है: जॉर्ज ए. मिलर (George A. Miller - 1956), जब बेल लेबोरेटरीज (Bell Laboratories) में काम कर रहे थे, ने प्रयोग (experiments) किए जो यह दिखाते हैं (showing) कि अल्पकालिक स्मृति का भंडार (store of short term memory) 7±2 आइटम (7±2 items) था (उनके प्रसिद्ध पेपर का शीर्षक, "जादुई संख्या 7±2" - "The magical number 7±2")। अल्पकालिक स्मृति की क्षमता (capacity) के आधुनिक अनुमान (Modern estimates) कम (lower) हैं, आमतौर पर (typically) 4-5 वस्तुओं (4-5 items) के क्रम में, और हम जानते हैं कि चंकिंग (chunking) नामक प्रक्रिया के माध्यम से स्मृति क्षमता (memory capacity) बढ़ाई जा सकती है। उदाहरण के लिए, 10-अंकीय टेलीफोन नंबर (10-digittelephone number) को याद करते हुए, एक व्यक्ति अंकों (digits) को तीन समूहों (three groups) में चंक (chunk) कर सकता है: पहला, क्षेत्र कोड (area code) (जैसे 215), फिर एक तीन-अंकीय भाग (three-digit chunk) (123) और अंत में एक चार-अंकीय भाग (four-digit chunk) (4567)। टेलीफोन नंबरों को याद रखने (remembering telephone numbers) की यह विधि 10 अंकों (10 digits) की एक स्ट्रिंग (string) को याद रखने का प्रयास (attempting) करने की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी (far more effective) है; ऐसा इसलिए है क्योंकि हम जानकारी (information) को अक्षरों (letters) के सार्थक समूहों (meaningful groups) में बांटने (chunk) में सक्षम (able) हैं। हर्बर्ट साइमन (Herbert Simon) ने दिखाया कि अक्षरों (letters) और संख्याओं (numbers) को चंक (chunking) करने का आदर्श आकार (ideal size), सार्थक या नहीं (meaningful or not), तीन था। यह कुछ देशों (some countries) में टेलीफोन नंबरों को तीन नंबरों (three numbers) के कई टुकड़ों (several chunks) के रूप में याद रखने की प्रवृत्ति (tendency) में परिलक्षित (reflected) हो सकता है, जिसमें अंतिम चार-संख्या समूह (four-number groups), आमतौर पर (generally) दो के दो समूहों (two groups) में टूट (broken down) जाते हैं।

अल्पकालिक स्मृति (Short-term memory) को जानकारी (information) संग्रहीत (storing) करने के लिए ध्वनिक कोड (acoustic code) पर और कम सीमा (lesser extent) तक दृश्य कोड (visual code) पर निर्भर (rely) माना (believed) जाता है। कॉनराड (Conrad - 1964) ने पाया कि परीक्षण विषयों (test subjects) को ऐसे शब्दों के संग्रह (collections of words) को याद (recalling) करने में अधिक कठिनाई (more difficulty) थी जो ध्वनिक रूप से समान (acoustically similar) थे (जैसे कुत्ता (dog), हॉग (hog), कोहरा (fog), दलदल (bog), लॉग (log))।

दीर्घावधि (Long-term)

संवेदी स्मृति (sensory memory) और अल्पकालिक स्मृति (short-term memory) में भंडारण (storage) में आम तौर पर (generally) कड़ाई से सीमित क्षमता (strictly limited capacity) और अवधि (duration) होती है, जिसका अर्थ है कि जानकारी (information) केवल एक निश्चित अवधि (certain period of time) के लिए उपलब्ध (available) है, लेकिन अनिश्चित काल (indefinitely) तक बरकरार नहीं (not retained) है। इसके विपरीत (By contrast), दीर्घकालिक स्मृति (long-term memory) संभावित असीमित अवधि (potentially unlimited duration) (कभी-कभी एक संपूर्ण जीवन काल (whole life span)) के लिए बहुत बड़ी मात्रा में जानकारी (much larger quantities of information) संग्रहीत (store) कर सकती है। क्षमता (capacity) भी अनंत (infinity - असीमित (unlimited)) तक पहुंच (approach) सकती है। उदाहरण के लिए, एक यादृच्छिक सात-अंकीय संख्या (random seven-digit number) को देखते हुए, हम इसे भूलने (forgetting) से पहले केवल कुछ सेकंड (few seconds) के लिए याद (remember) रख सकते हैं, यह सुझाव (suggesting) देते हुए कि यह हमारी अल्पकालिक स्मृति (short-term memory) में संग्रहीत (stored) था। दूसरी ओर (On the other hand), हम पुनरावृत्ति (repetition) के माध्यम से कई वर्षों (many years) तक टेलीफोन नंबर (telephone numbers) याद रख सकते हैं; इस जानकारी (information) को दीर्घकालिक स्मृति (long-term memory) में संग्रहीत (stored) कहा जाता है। जबकि अल्पकालिक स्मृति जानकारी को ध्वनिक रूप से (acoustically) एन्कोड (encodes) करती है, दीर्घकालिक स्मृति (long-term memory) इसे शब्दार्थ रूप से (semantically) एन्कोड करती है: बैडले (Baddeley - 1966) ने पाया (discovered) कि 20 मिनट के बाद, परीक्षण विषयों (test subjects) को शब्दों के एक संग्रह (collection of words) को याद (recalling) करने में सबसे अधिक कठिनाई (most difficulty) थी, जिनका समान अर्थ (similar meanings) था (जैसे बड़ा (big), बड़ा (large), महान (great), विशाल (huge))।

अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए यहाँ उपलब्ध कराई गई है। बहुत जल्द हम इसे डाउनलोड करने के लिए PDF फॉर्मेट में अपडेट करेंगे।

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