3. ग्रामीण विकास (RURAL DEVELOPMENT)

ग्रामीण विकास की अवधारणा

ग्रामीण: यह वह क्षेत्र है, जहाँ लोग प्राथमिक उद्योग में इस अर्थ में लगे हुए हैं कि वे प्रकृति के सहयोग से पहली बार सीधे चीजों का उत्पादन करते हैं, जैसा कि श्रीवास्तव द्वारा कहा गया है।

एक समाज या समुदाय को कम जनसंख्या घनत्व, कम सामाजिक विभेद, कम सामाजिक और स्थानिक गतिशीलता, सामाजिक परिवर्तन की धीमी दर आदि के मानदंडों के आधार पर ग्रामीण के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। कृषि (Agriculture) ग्रामीण क्षेत्र का प्रमुख व्यवसाय होगा।

विकास: यह वृद्धि, विकास, प्रलोभन के चरण या प्रगति को संदर्भित करता है।

यह प्रगति या वृद्धि क्रमिक है और इसके अनुक्रमिक चरण थे। हमेशा बढ़ती हुई भिन्नता होती है। यह अधिक दक्षता और जटिल स्थितियों की दिशा में समग्र आंदोलन को भी संदर्भित करता है।

ग्रामीण विकास (Rural Development - RD): एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य सामूहिक प्रक्रिया के माध्यम से शहरीकृत क्षेत्रों के बाहर रहने वाले लोगों की भलाई और आत्म-साक्षात्कार (self-realisation) में सुधार करना है।

अग्रवाल (Agarwal, 1989) के अनुसार ग्रामीण विकास एक रणनीति है जिसे ग्रामीण गरीबों के आर्थिक और सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ग्रामीण विकास का दायरा और महत्व

ग्रामीण विकास एक गतिशील प्रक्रिया है जो मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित है। इनमें कृषि विकास, आर्थिक और सामाजिक बुनियादी ढांचा खड़ा करना, उचित मजदूरी और साथ ही भूमिहीनों के लिए आवास और घर की जगह, ग्राम नियोजन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा और कार्यात्मक साक्षरता, संचार आदि शामिल हैं।

ग्रामीण विकास एक राष्ट्रीय आवश्यकता है और निम्नलिखित कारणों से भारत में इसका काफी महत्व है:

  1. भारत की लगभग तीन-चौथाई आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है,
  2. देश की राष्ट्रीय आय का लगभग आधा हिस्सा कृषि से प्राप्त होता है,
  3. भारतीय आबादी का लगभग सत्तर प्रतिशत कृषि के माध्यम से रोजगार प्राप्त करता है,
  4. उद्योगों के लिए अधिकांश कच्चे माल कृषि और ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं,
  5. औद्योगिक आबादी में वृद्धि को केवल ग्रामीण आबादी की प्रेरणा और औद्योगिक सामान खरीदने के लिए क्रय शक्ति बढ़ाने में ही उचित ठहराया जा सकता है, और
  6. शहरी अभिजात वर्ग और ग्रामीण गरीबों के बीच बढ़ती असमानता राजनीतिक अस्थिरता को जन्म दे सकती है।

उद्देश्य: ग्रामीण विकास के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  1. ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हासिल करना,
  2. व्यापक सामाजिक-आर्थिक समानता (socio-economic equity) लाना,
  3. सामाजिक और आर्थिक विकास में स्थानिक संतुलन लाना,
  4. पारिस्थितिक पर्यावरण में सुधार लाना ताकि यह विकास और खुशी के लिए अनुकूल हो सके, और
  5. विकास की प्रक्रिया में व्यापक आधार वाली सामुदायिक भागीदारी विकसित करना।
🔄 Updated Version 2.0
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 3 सितंबर 2026
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