4. सामाजिक समूह (SOCIAL GROUPS)

सामाजिक समूह (Social groups)

समूह दो या दो से अधिक व्यक्तियों की एक इकाई (unit) है जो एक दूसरे के साथ पारस्परिक संचार (reciprocal communication) और बातचीत (interaction) में हैं।

व्यापक अर्थों में (widest sense) 'समूह' (group) शब्द का उपयोग वस्तुओं के संग्रह (collection of items) को निर्दिष्ट (designate) करने के लिए किया जाता है। निम्नलिखित शब्दों (terms) पर विचार करने से इस बात की स्पष्ट अवधारणा (clear concept) मिल जाएगी कि 'सामाजिक समूह' (social group) से हमारा सामान्य रूप से क्या तात्पर्य है।

  1. श्रेणी (Category): इसका अर्थ उन वस्तुओं का संग्रह (collection) है जिनमें कम से कम एक सामान्य विशेषता (common characteristic) होती है जो अन्य वस्तुओं से अलग (distinguishes) करती है जिनमें अन्य विशेषताएं समान होती हैं (जैसे) 15 से 20 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को, उदाहरण के लिए (for instance), आयु वर्ग (age group) के रूप में संदर्भित किया जाता है।
  2. एकत्रीकरण (Aggregation): यह एक दूसरे के भौतिक निकटता (physical proximity) में व्यक्तियों का एक संग्रह है। (जैसे) सिनेमा के दर्शक (cinema audience), फुटबॉल खेल के दर्शक (spectators)। एकत्रीकरण में व्यक्तियों के बीच कुछ बातचीत (interaction) हो सकती है लेकिन यह आम तौर पर एक अस्थायी प्रकृति (temporary nature) की होती है और संगठन (organisation) के निश्चित पैटर्न (definite pattern) का अभाव (lacks) होता है। आमतौर पर बातचीत का अभाव (lacking) होगा।
  3. संभावित समूह (Potential group): यह कुछ सामान्य विशेषताओं वाले लोगों की संख्या से बना एक समूह है, लेकिन इसकी कोई पहचान योग्य संरचना (recognizable structure) नहीं है। एक संभावित समूह एक वास्तविक समूह (real group) बन सकता है, यदि वह संगठित (organised) हो जाता है और संघ (union) या संगठन (organisation) बन जाता है। छात्र तब तक एक संभावित समूह बनाते हैं जब तक उनका कोई संघ नहीं होता, लेकिन एक बार जब वे संगठित हो जाते हैं, तो वे एक सामाजिक समूह (social group) बनाते हैं।
  4. सामाजिक समूह (Social group): यह दो या दो से अधिक व्यक्तियों का एक संग्रह है जिसमें मनोवैज्ञानिक बातचीत (psychological interactions) और टिकाऊ संपर्कों (durable contacts), साझा मानदंडों (shared norms) और रुचियों (interests), सामूहिक व्यवहार (collective behaviour) के विशिष्ट पैटर्न (distinctive patterns) और नेतृत्व (leadership) और अनुयायित्व (followership) के संरचनात्मक संगठन (structural organisation) के आधार पर पारस्परिक भूमिकाएं (reciprocal roles) होती हैं।

विभिन्न लेखकों के अनुसार सामाजिक समूह की परिभाषा (Social group definition according to different authors)

बोगार्डस (Bogardus): यह एक दूसरे के करीब (close proximity) किसी भी चीज़ की कई इकाइयाँ (units) हैं।

मैक आइवर (Mac Iver): मनुष्य (human beings) का कोई भी संग्रह (collection) जो एक दूसरे के साथ सामाजिक संबंधों (social relationships) में लाया जाता है।

शेरिफ और शेरिफ (Sheriff and Sheriff): एक समूह एक सामाजिक इकाई (social unit) है जिसमें ऐसे व्यक्ति शामिल होते हैं जो कमोबेश एक दूसरे के लिए निश्चित स्थिति (definite status) और भूमिका संबंधों (role relationships) में खड़े होते हैं और जिनके पास मूल्यों (values) या मानदंडों (norms) का अपना एक समूह होता है, जो व्यक्तिगत सदस्य (individual member) के व्यवहार (behaviour) को नियंत्रित (regulating) करता है, कम से कम उन मामलों में जो समूह के लिए परिणाम (consequence) के होते हैं।

विलियम्स (Williams): एक सामाजिक समूह लोगों का एक दिया गया समुच्चय (given aggregate) है, जो परस्पर संबंधित भूमिकाएँ (inter-related roles) निभाते हैं और स्वयं (themselves) या दूसरों (others) द्वारा बातचीत की इकाई (unit of interaction) के रूप में पहचाने (recognised) जाते हैं।

समूह का अर्थ (Meaning of Group)

एक सामाजिक समूह (social group) है:

सामाजिक समूह के लक्षण (Characteristics of Social Group)

  1. संबंध (Relationship): समूह के सदस्य एक दूसरे से परस्पर जुड़े (inter-related) होते हैं। पारस्परिक संबंध (Reciprocal relations) एक समूह की एक आवश्यक विशेषता (essential feature) बनाते हैं।
  2. एकता की भावना (Sense of Unity): समूह के सदस्य एकता की भावना (sense of unity) और सहानुभूति की भावना (feeling of a sympathy) से एकजुट (united) होते हैं।
  3. हम-भावना (We-feeling): एक समूह के सदस्य एक-दूसरे की मदद करते हैं और सामूहिक रूप से (collectively) अपने हितों (interests) की रक्षा (defend) करते हैं।
  4. समान हित (Common interest): समूह के हित और विचार समान (common) होते हैं। यह सामान्य हितों की प्राप्ति (realisation) के लिए है कि वे एक साथ मिलते हैं।
  5. समान व्यवहार (Similar Behaviour): एक समूह के सदस्य सामान्य हित (common interest) की खोज (pursuit) के लिए एक समान तरीके से (similar way) व्यवहार करते हैं।
  6. समूह मानदंड (Group Norms): प्रत्येक समूह के अपने नियम या मानदंड (rules or norms) होते हैं जिनका सदस्यों को पालन (follow) करना चाहिए।

यह याद रखना चाहिए कि सामाजिक समूह गतिशील (dynamic) है और स्थिर (static) नहीं है। यह अपना रूप बदलता है और समय-समय पर अपनी गतिविधियों का विस्तार (expands) करता है। कभी-कभी परिवर्तन तेज़ (swift) और अचानक (sudden) हो सकते हैं, जबकि अन्य समय में यह इतनी धीरे-धीरे (gradually) हो सकता है कि इसके सदस्य इससे अनजान (unaware) रहते हैं।

समूह गठन के अवसर (Occasions for group Formation)

  1. शारीरिक रिश्तेदारी (Physiological kinship)
  2. विवाह (Marriage)
  3. धर्म (Religion)
  4. सामान्य भाषा (Common language)
  5. पड़ोसी होना (Neighbourliness)
  6. व्यावसायिक या आर्थिक हित (Occupational or economic interests)
  7. स्कूल, पेशा, क्लब आदि जैसे कुछ अवसरों (occasions) की प्राप्ति (Attainment)
  8. सामान्य खतरे (Common dangers)
  9. पारस्परिक सहायता (Mutual aid) और इसी तरह (and so on)

समूह का वर्गीकरण (Classification of Group)

विभिन्न लेखकों द्वारा सामाजिक समूहों को विभिन्न तरीकों (various ways) से वर्गीकृत (classified) किया गया है।

1. ड्वाइट सैंडरसन के अनुसार (According to Dwight Samderson):

उन्होंने संरचना (structure) के आधार पर सामाजिक समूह को अनैच्छिक (involuntary), स्वैच्छिक (voluntary) और प्रतिनिधि (delegate) समूहों के रूप में तीन गुना (three fold) वर्गीकरण का सुझाव दिया।

  1. अनैच्छिक समूह (Involuntary group) रिश्तेदारी (kinship) पर आधारित है जैसे परिवार (family)। एक आदमी के पास यह विकल्प (choice) नहीं है कि वह किस परिवार का होगा।
  2. स्वैच्छिक समूह (Voluntary group) वह है जिसमें एक आदमी अपनी मर्जी (own volition) से जुड़ता है। वह इसका सदस्य (member) बनने के लिए सहमत होता है और किसी भी समय इसकी सदस्यता (membership) से हटने (withdraw) के लिए स्वतंत्र (free) है।
  3. प्रतिनिधि समूह (Delegate group) वह है जिसमें एक व्यक्ति कई लोगों के प्रतिनिधि (representative) के रूप में जुड़ता है, या तो उनके द्वारा चुना गया (elected) या किसी शक्ति (some power) द्वारा नामित (nominated) किया गया। संसद (Parliament) एक प्रतिनिधि समूह है।

2. टोनीज़ के अनुसार (According to Tonnies):

उन्होंने समूहों को समुदायों (communities) और संघों (associations) में वर्गीकृत किया। इन दोनों समूहों को पहले ही परिभाषित (defined) और चर्चा (discussed) की जा चुकी है।

3. कूली के अनुसार (According to Cooley):

कूली ने संपर्क के प्रकार (kind of contact) के आधार पर समूहों को प्राथमिक (primary) और द्वितीयक (secondary) समूहों में वर्गीकृत किया। प्राथमिक समूह में परिवार (family) की तरह आमने-सामने (face to face) और घनिष्ठ संबंध (intimate relationship) होते हैं। एक राजनीतिक दल (political party) जैसे द्वितीयक समूह में संबंध अप्रत्यक्ष (indirect), द्वितीयक (secondary) या अवैयक्तिक (impersonal) होते हैं। इन समूहों को अलग से (separately) परिभाषित और चर्चा की गई है।

4. एफ.एच. गिडिंग्स के अनुसार (According to F.H.Giddings):

एफ.एच. गिडिंग्स समूहों को आनुवंशिक (genetic) और सामूहिक समूहों (congregate groups) में वर्गीकृत करते हैं।

आनुवंशिक समूह (Genetic group) एक परिवार है जिसमें एक व्यक्ति अनैच्छिक रूप से (involuntarily) पैदा होता है। सामूहिक समूह (congregate group) एक स्वैच्छिक समूह (voluntary group) है जिसमें कोई स्वेच्छा से (voluntarily) जाता है या शामिल होता है।

उनके अनुसार सामाजिक समूह वियोजक (disjunctive) या अतिव्यापी (overlapping) भी हो सकता है। वियोजक समूह वह है जो किसी व्यक्ति को एक ही समय में (at the same time) अन्य समूहों का सदस्य बनने की अनुमति (allow) नहीं देता है। (जैसे) कॉलेज या राष्ट्र (nation) जो अपने सदस्यों को एक ही समय में अन्य कॉलेजों या राष्ट्रों का सदस्य होने की अनुमति नहीं देते हैं।

एक अतिव्यापी समूह (overlapping group) वह है जिसके सदस्य उसी प्रकार (same type) के अन्य समूहों से भी संबंधित (belong) होते हैं जैसे भारतीय राजनीति विज्ञान संघ (Indian Political Science Association)।

5. जॉर्ज हेसन के अनुसार (According to George Hasen):

उन्होंने अन्य समूहों (other groups) के साथ उनके संबंधों (relationships) के आधार पर समूहों को असामाजिक (unsocial), छद्म-सामाजिक (pseudo-social), समाज-विरोधी (anti-social) और समाज-समर्थक (pro-social) में वर्गीकृत किया।

6. सोरोकिन के अनुसार (According to Sorokin):

सोरोकिन ने सामाजिक समूहों को क्षैतिज (horizontal) और ऊर्ध्वाधर (vertical) समूहों में विभाजित (divided) किया।

7. चार्ल्स ए. एलवुड के अनुसार (According to Charles A.Ellwood):

उन्होंने निम्नलिखित के बीच अंतर (distinguished) किया:

  1. अनैच्छिक और स्वैच्छिक समूह (Involuntary and voluntary groups)
  2. संस्थागत और गैर-संस्थागत समूह (Institutional and non-institutional groups)
  3. अस्थायी और स्थायी समूह (Temporary and permanent groups)

8. लियोपोल्ड के अनुसार (According to Leopold):

उन्होंने समूहों को वर्गीकृत किया:

  1. भीड़ (Crowd)
  2. समूह (Groups) और
  3. सार संग्रह (Abstract collectives)

9. पार्क और बर्गर के अनुसार (According to Park and Burgers):

उन्होंने समूहों को प्रादेशिक (territorial) और गैर-प्रादेशिक समूहों (non-territorial groups) के रूप में अलग (distinguished) किया।

10. लोविस गिलिन और फिलिप गिलिन (Lowis Gillin and Philip Gillin - Gillin and Gillin):

उन्होंने समूहों को निम्नलिखित के आधार पर वर्गीकृत किया:

  1. रक्त संबंध (Blood relationship)
  2. शारीरिक विशेषताएं (Bodily characteristics)
  3. शारीरिक निकटता (Physical proximity) और
  4. सांस्कृतिक रूप से व्युत्पन्न रुचियां (Culturally derived interests)

11. समर के अनुसार (According to Summer):

उन्होंने समूह को अंतःसमूह (ingroup) और बाह्यसमूह (outgroup) के रूप में वर्गीकृत किया।

अंतःसमूह (Ingroup) वह समूह है जिसके साथ व्यक्ति समानता (likeness) के प्रति अपनी जागरूकता (awareness) के आधार पर अपनी पहचान (identifies) करता है, अपने परिवार, जनजाति (tribe), लिंग (sex), कॉलेज, व्यवसाय (occupation), धर्म आदि से।

इसमें कुछ व्यक्तियों का समावेश (inclusion) और अन्य व्यक्तियों का बहिष्कार (exclusion) होता है। इसमें सामूहिक सर्वनाम (collective pronoun) 'हम' ('we') है। इसमें कुछ सहानुभूति (sympathy) और समूह के अन्य सदस्यों के प्रति लगाव की भावना (sense of attachment) है।

बाह्यसमूह (Outgroup) को 'वे' ('they') और 'हम' ('we') के बीच विपरीत (contrast) में परिभाषित किया गया है, जैसे हम डेमोक्रेट (democrats) हैं और वे कम्युनिस्ट (communists) हैं। हम हिंदू हैं और वे मुसलमान हैं। हम ब्राह्मण हैं और वे नादर (Nadars) हैं।

इस तरह के दृष्टिकोण (attitudes) कि "ये मेरे लोग हैं" ("these are my people") और "वे मेरे लोग नहीं हैं" ("those are not my people"), समूह में अन्य सदस्यों के प्रति लगाव की भावना (sense of attachment) पैदा करते हैं, जबकि बाह्यसमूह के सदस्यों के प्रति उदासीनता (indifferences) और यहां तक कि विरोध की भावना (antagonism) भी पैदा करते हैं।

प्राथमिक और द्वितीयक समूह (Primary and Secondary group)

वे अपने प्रकार के सामाजिक संपर्क (social contact) और औपचारिक संगठन की डिग्री (degree of formal organization) के साथ एक दूसरे से अलग (distinguished) होते हैं। प्राथमिक समूह में आमने-सामने का जुड़ाव (face-to-face association) होता है, संपर्क व्यक्तिगत (personal) होते हैं, व्यक्ति सामाजिक रूप से (socially) एक दूसरे के करीब रहते हैं और अपने उद्देश्य (purpose) को प्राप्त करने के लिए संविधान (constitution) के औपचारिक ढांचे (formal framework) की आवश्यकता नहीं होती है। परिवार के सदस्य, एक पड़ोस (neighbourhood), दोस्तों का मंडली (friends circle) प्राथमिक समूह के अच्छे उदाहरण (examples) हैं। इस प्रकार में सदस्य व्यक्तिगत सम्मान (personal regards) और कई हितों (interests) को साझा (sharing) करने के कारण एक दूसरे के प्रति वफादार (loyal) होते हैं। द्वितीयक समूह बड़ा (larger), अधिक औपचारिक (more formal), विशिष्ट (specialized) और अपने संपर्क में अप्रत्यक्ष (indirect) होता है।

प्राथमिक समूह के लक्षण (Characteristics of Primary Group)

  1. शारीरिक निकटता (Physical proximity): निकटता (Close proximity) क्योंकि वे एक दूसरे के करीब (close to each other) हैं।
  2. छोटा आकार (Small size): घनिष्ठ (Intimate) और व्यक्तिगत (personal)।
  3. स्थिरता (Stability): घनिष्ठ संबंध (intimate relationship) रखने के लिए प्राथमिक समूह कुछ हद तक (some extent) स्थिर (stable) होना चाहिए।
  4. पृष्ठभूमि की समानता (Similarity of back ground): प्रत्येक सदस्य समान रूप से अनुभवी (equally experienced), बुद्धिमान (intelligent) आदि आते हैं।
  5. स्वार्थ (Self interest): उनका सीमित स्वार्थ (limited self interest) है।
  6. साझा हितों की तीव्रता (Intensity of shared interests): प्राथमिक समूह में प्रत्येक सदस्य द्वारा सामान्य हित (common interests) साझा (shared) किए जाते हैं।
  7. जुड़ाव (Association): बंद करें (Close) और आमने-सामने (face to face) संपर्क है।

आमने-सामने संपर्क का मतलब यह नहीं है कि यह अपने सदस्यों पर एक सम्मोहक प्रभाव (compelling influence) डालता है।

प्राथमिक और द्वितीयक समूहों के बीच अंतर (Difference between primary and secondary groups)

क्र.सं. (S.No) विशेषता (Characteristic) प्राथमिक समूह (Primary group) द्वितीयक समूह (Secondary group)
1 आकार (Size) छोटा (Small) व्यापक रूप से फैला हुआ (Wide spread)
2 सहयोग का प्रकार (Kind of co-operation) अन्य सदस्यों के साथ सहयोग प्रत्यक्ष (direct) है। सदस्य एक साथ बैठते हैं (sit together), एक साथ चर्चा (discuss) करते हैं और एक साथ निर्णय (decide) लेते हैं। सहयोग अप्रत्यक्ष (indirect) और कम (less) है। सदस्य सामान्य लक्ष्यों (common goals) और उद्देश्यों (objectives) को प्राप्त करने (achieve) के लिए सहयोग (co-operate) करते हैं।
3 संरचना का प्रकार (Type of structure) अनौपचारिक संरचना (Informal structure)। समूह के कामकाज में स्वतःस्फूर्त समायोजन (spontaneous adjustment) होता है। कोई औपचारिक (formal) या विस्तृत नियम (detailed rules) नहीं। संरचना सरल (simple) है। औपचारिक संरचना (Formal structure)। औपचारिक प्राधिकारी (formal authority) द्वारा विनियमित (Regulated)। द्वितीयक समूह, इसलिए, सावधानीपूर्वक काम किया (carefully worked out) जाता है।
4 रिश्ता (Relationship) प्रत्यक्ष (Direct), घनिष्ठ (intimate) और व्यक्तिगत (personal)। आमने-सामने (Face to face)। अप्रत्यक्ष (Indirect), कम घनिष्ठ (less intimate) और अवैयक्तिक (impersonal)। आमने-सामने संपर्क (face to face contact) रखने की आवश्यकता है।
अस्वीकरण (Disclaimer):
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