7. सामाजिक संस्थाएं (SOCIAL INSTITUTIONS)

सामाजिक संस्थाएं (Social Institutions)

स्थिरता (stability), कानून और व्यवस्था (law and order) और अधिकार (authority) तथा निर्णय लेने (decision making) की स्पष्ट रूप से परिभाषित भूमिकाओं (clearly defined roles) जैसी बुनियादी जरूरतों (basic needs) को पूरा करने के लिए मनुष्य द्वारा समाज (society) में सामाजिक संबंधों (social relationships) से सामाजिक संस्थानों (Social institutions) का निर्माण किया गया है।

हर संगठन (organisation) नियमों (rules), परंपराओं (traditions) और उपयोगों (usages) के कुछ मान्यता प्राप्त (recognised) और स्थापित (established) सेट (set) पर निर्भर है। इन उपयोगों और नियमों को संस्थाओं (institutions) का नाम दिया जा सकता है। ये प्रक्रिया के रूप (forms of procedure) हैं जिन्हें समाज द्वारा मान्यता प्राप्त (recognised) और स्वीकार (accepted) किया जाता है और व्यक्तियों और समूहों (groups) के बीच संबंधों (relations) को नियंत्रित (govern) करते हैं।

परिभाषा (Definition)

वुड वार्ड और मैक्सवेल (Wood ward and Maxwell): एक संस्था लोक-रीतियों (folkways) और रूढ़ियों (mores) का एक इकाई (unit) में एक सेट (set) है जो कई सामाजिक कार्यों (social functions) को पूरा करती है।

हॉर्टन (Horton): एक संस्था सामाजिक संबंधों (social relationships) की एक संगठित प्रणाली (organized system) है जो कुछ सामान्य मूल्यों (common values) और प्रक्रियाओं (procedures) का प्रतीक (embodies) है और समाज की कुछ बुनियादी जरूरतों (basic needs) को पूरा करती है।

लैंडिस (Landis): सामाजिक संस्थाएं बुनियादी सामाजिक जरूरतों (basic social needs) को पूरा करने के लिए तैयार (devised) की गई औपचारिक सांस्कृतिक संरचनाएं (formal cultural structures) हैं.

लक्षण (Characteristics)

  1. संस्थाएँ व्यक्तियों को नियंत्रित (controlling) करने का साधन (means) हैं।
  2. संस्थाएँ मनुष्य की सामूहिक गतिविधियों (collective activities) पर निर्भर (depend) करती हैं।
  3. संस्था की कुछ निश्चित प्रक्रियाएं (definite procedures) होती हैं जो रीति-रिवाजों (customs) और हठधर्मिता (dogmas) के आधार पर बनती हैं।
  4. सामाजिक नियंत्रण (social control) के अन्य साधनों की तुलना में संस्था अधिक स्थिर (stable) है।
  5. हर संस्था के कुछ नियम (rules) होते हैं जिनका व्यक्ति द्वारा अनिवार्य रूप से (compulsorily) पालन (obeyed) किया जाना चाहिए।

ग्रामीण समाजशास्त्र (rural sociology) में पाँच प्रमुख संस्थाएँ (major institutions) राजनीतिक (political), शैक्षिक (educational), आर्थिक (economic), पारिवारिक (family) और धर्म (religion) हैं।

  1. राजनीतिक (Political): राजनीतिक संस्था के रूप में सरकार (Government), कानून और व्यवस्था (Law and order) के नियामक कार्यों (regulatory functions) का प्रबंधन (administers) करती है, और समाज में सुरक्षा (security) बनाए रखती है। सरकार का स्वरूप (Form of government) और इसके काम करने का तरीका (method of working) समाज में व्यवहार (behaviour) के स्वीकृत पैटर्न (accepted patterns) पर निर्भर करता है। विकास कार्य (Development work) आजकल सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी (major responsibility) है। कार्यक्रमों (programmes) के प्रभावी कार्यान्वयन (effective implementation) के लिए, सरकार विभिन्न स्तरों पर पंचायतों (panchayats) जैसे स्थानीय स्वशासन (local self-government) का निर्माण करके अपने कामकाज (functioning) का विकेंद्रीकरण (decentralise) कर सकती है।
  2. शिक्षा (Education): समाजीकरण (socialisation) की प्रक्रिया (process) है, जो घर (home) पर अनौपचारिक रूप से (informally) शुरू होती है और फिर शैक्षणिक संस्थानों (educational institutions) में औपचारिक रूप से (formally) शुरू होती है। एक संस्था के रूप में शिक्षा लोगों के ज्ञान (knowledge), कौशल (skill), दृष्टिकोण (attitude) और समझ (understanding) को विकसित करने में मदद करती है और उन्हें समाज के सक्षम सदस्य (competent members) बनाने का प्रयास (strive) करती है। शिक्षा लोगों के मानसिक क्षितिज (mental horizon) को चौड़ा (widens) करती है और उन्हें नए विचारों के प्रति ग्रहणशील (receptive) बनाती है।
  3. आर्थिक (Economic): अर्थव्यवस्था (Economy) भोजन (food), आश्रय (shelter), कपड़े (clothing) और अन्य आवश्यक आपूर्ति (supply) और सेवाओं (services) की जरूरतों को पूरा करके समाज का बुनियादी शारीरिक निर्वाह (basic physical sustenance) प्रदान करती है। आर्थिक संस्थानों (Economic institutions) में कृषि (agriculture), उद्योग (industry), विपणन (marketing), ऋण (credit) और बैंकिंग प्रणाली (banking system), सहकारी समितियां (co-operatives) आदि शामिल हैं।
  4. परिवार (Family): समाज में सबसे बुनियादी सामाजिक संस्था (basic social institution) है, और संगठित संबंधों (organized relationship) की एक प्रणाली (system) है जिसमें बुनियादी सामाजिक जरूरतों (basic social needs) को पूरा करने के व्यावहारिक (workable) और भरोसेमंद तरीके (dependable ways) शामिल हैं।
  5. धर्म (Religion): अलौकिक (supernatural) में विश्वास है। धर्म ब्रह्मांड (universe) में अंतिम शक्ति (ultimate power), व्यवहार के आदर्श (ideal) और उचित पैटर्न (proper pattern) और इन मान्यताओं (beliefs) को व्यक्त (expressing) करने के औपचारिक तरीकों (ceremonial ways) के संबंध में विश्वासों (beliefs) का एक समूह (set) बनाता है। धर्म समाज के रीति-रिवाजों (mores) के लिए एक नींव (foundation) भी प्रदान करता है। विभिन्न संस्कृतियों (various cultures) में वर्जनाओं (Taboos) को धार्मिक स्वीकृति (religious sanction) प्राप्त है। धर्म एक ऐसा साधन (means) प्रदान करता है जिसके द्वारा व्यक्ति जीवन में संकटों (crises) और उतार-चढ़ाव (ups and downs) का ताकत (strength) और धैर्य (fortitude) के साथ सामना (face) कर सकते हैं।

कार्य (Function)

  1. यौन विनियमन (Sex regulation)।
  2. परिवार और मानव जाति (human race) का प्रजनन (Reproduction) और स्थायीकरण (perpetuation)।
  3. समाजीकरण (Socialisation)।
  4. कई संस्कृतियों में आर्थिक रखरखाव (economic maintenance) और आजीविका (livelihood) का प्रावधान (Provision)।
  5. व्यक्ति को प्रेम (love), स्नेह (affection) और सुरक्षा (security) का प्रावधान।
  6. जिस परिवार में व्यक्ति पैदा (born) हुआ है, उसके व्यक्ति को वर्ग की स्थिति (class status) का प्रावधान।

परिवार की परिभाषा (Definition of Family)

बर्गेस और लोके (Burgress and Locke) द्वारा परिवार को विवाह (marriage), रक्त (blood) या गोद लेने (adoption) के संबंधों (ties) से जुड़े व्यक्तियों के समूह के रूप में परिभाषित (defined) किया गया है; एक ही घर (single household) का गठन (constituting), पति और पत्नी (husband and wife), माँ और पिता (mother and father), बेटे और बेटी (son and daughter), भाई और बहन (brother and sister) की अपनी सामाजिक भूमिकाओं (social roles) में एक-दूसरे के साथ बातचीत (interacting) और संचार (inter communicating) करना, एक आम संस्कृति (common culture) का निर्माण करना।

एलियट और मेरिल (Eliott and Merrill) ने परिवार को "पति, पत्नी और बच्चों से बनी जैविक सामाजिक इकाई (biological social unit)" के रूप में परिभाषित किया।

परिवार के लक्षण (Characteristics of family)

परिवार सबसे सार्वभौमिक समूह (universal group) है। परिवार को संरचना (structure) (पितृसत्तात्मक (patriarchal) या मातृसत्तात्मक (matriarchal)) और निवास (residence) के आधार पर वर्गीकृत (classified) किया जाता है।

  1. पितृसत्तात्मक परिवार (Patriarchal family): यह वह परिवार है जहां पुरुष (male) शक्तियों (powers) सहित परिवार का मुखिया (head of family) होता है। वह परिवार की संपत्ति (property) और अधिकार (right) का मालिक (owner) और प्रशासक (administrator) है। उसके प्रति परिवार में रहने वाले सभी व्यक्ति अधीनस्थ (subordinated) हैं।
  2. मातृसत्तात्मक परिवार (Matriarchal family): अधिकार परिवार की महिला मुखिया (woman head) में निहित (vests) है। पुरुष उसके अधीन (subordinated) है। वह संपत्ति की मालिक है और परिवार पर शासन (rules) करती है। कहा जाता है कि इस प्रकार का परिवार आदिम लोगों (primitive people) में प्रचलित (prevail) था, जो भटकने (wandering) या शिकार (hunting) का जीवन व्यतीत करते थे।
  3. निवास के आधार पर (Based on residence) परिवार को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
    a) मातृस्थानीय परिवार (Matrilocal family): इस प्रकार के परिवार में पति अपनी पत्नी (wife) के घर रहने (live) जाता है।
    b) पितृस्थानीय परिवार (Patrilocal family): पत्नी जाती है और अपने पति (husband) के घर में रहती है।
  4. विवाह के आधार पर (Based on the marriage) परिवार को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है:
    i. एकविवाही परिवार (Monogamous family): जिसमें पुरुष एक समय (one time) में केवल एक ही महिला (one woman) से विवाह (marries) करता है।
    ii. बहुविवाही परिवार (Polygamous family): इस प्रकार के परिवार में एक पुरुष एक ही समय में कई महिलाओं (many women) से विवाह करता है।
    iii. बहुपतित्व परिवार (Polyandrous family): इस प्रकार के परिवार में एक पुरुष कई महिलाओं से विवाह करता है और उन सभी के साथ या उनमें से प्रत्येक के साथ वैकल्पिक रूप से (alternatively) रहता है।
  5. परिवार को वंश (ancestry) के आधार पर भी इस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है:
    i. मातृवंशीय परिवार (Matrilineal family): यहाँ महिला को परिवार का पूर्वज (ancestor) माना जाता है।
    ii. पितृवंशीय परिवार (Patrilineal family): यहाँ वंशानुक्रम (ancestry) पिता के माध्यम से जारी (continues) रहता है।
  6. धर्म (Religion): अलौकिक (super natural) में विश्वास (belief) है। धर्म ब्रह्मांड (universe) में अंतिम शक्ति (ultimate power), व्यवहार के आदर्श और उचित पैटर्न (proper pattern of behaviour) और इन मान्यताओं को व्यक्त करने के औपचारिक तरीकों (ceremonial ways) के संबंध में विश्वासों का एक सेट (set) बनाता है। धर्म समाज के रीति-रिवाजों (mores) के लिए एक आधार (foundation) भी प्रदान करता है। विभिन्न संस्कृतियों में वर्जनाओं (Taboos) को धार्मिक स्वीकृति (religious sanction) प्राप्त है। धर्म एक ऐसा साधन प्रदान करता है जिसके द्वारा व्यक्ति जीवन में संकटों (crises) और उतार-चढ़ाव (ups and downs) का ताकत और धैर्य (strength and fortitude) के साथ सामना कर सकते हैं। (नोट: यह बिंदु मूल पाठ में दोहराया गया है)
अस्वीकरण (Disclaimer):
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