अजैविक तनाव प्रतिरोध के लिए प्रजनन (Breeding For Abiotic Stress Resistance)

(सूखा (Drought), ठंड (Cold), लवणता (Salinity) और बेसीयता (alkalinity))

1. तापमान तनाव (Temperature stress)

  1. शीत प्रतिरोध / सहिष्णुता (Cold resistance / tolerance): यह नीलगिरी के गुडालुर तालुक और कंबम घाटी में उगाए जाने वाले चावल (rice) के मामले में लागू होता है। शीत कठोरता (cold hardiness) के मूल्यांकन के लिए कई तरीके विकसित किए गए हैं। इसमें कृत्रिम कम तापमान और फ्रीज परीक्षण (freeze tests) शामिल हैं। हालाँकि, उनमें से कोई भी एकल पौधे के चयन (single plant selection) के लिए उपयोगी नहीं है। यह प्रजनक (breeder) के लिए एक बाधा है। खेत की स्थिति (field condition) के तहत अलग होने वाली लाइनों (segregating lines) का परीक्षण सबसे उपयुक्त है। लेकिन इसमें समय लगेगा और अक्सर अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध नहीं हो सकती हैं।
  2. उच्च तापमान (High temperature): उच्च तापमान के कारण बीज सेट (seed set) प्रभावित हो सकता है। नर बांझ लाइनों (male sterile lines) के मामले में, बांझपन (sterility) टूट सकता है। इस मामले में भी उच्च तापमान प्रतिरोध के लिए एकल पौधों का परीक्षण करने में समय लगता है और कौशल (skill) की आवश्यकता होती है। पत्ती डिस्क (leaf discs) के साथ ताप परीक्षण (heat test) और निर्जलीकरण सहिष्णुता परीक्षण (desiccation tolerance test) जैसे परीक्षण किए जाते हैं।

2. जल तनाव (Water stress)

  1. कम पानी यानी, सूखा प्रतिरोध (Low water i.e., Drought resistance): यह सभी शुष्क भूमि फसलों (dry land crops) के लिए अधिक महत्वपूर्ण है। 75% क्षेत्र वर्षा सिंचित परिस्थितियों (rainfed conditions) में खेती की जाती है और सूखा सहिष्णुता (drought tolerance) अधिक महत्वपूर्ण है।

फसली पौधों में सूखा प्रतिरोध को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

फसली पौधों में सूखा प्रतिरोध मुख्य रूप से पौधे की शारीरिक स्थितियों (physiological conditions) जैसे रंध्र छिद्र (stomatal aperture) और प्रकाश संश्लेषक दर (photosynthetic rates), जड़ विशेषताओं (root characteristics) के कारण होता है। सूखा प्रतिरोध का परीक्षण करने के लिए विभिन्न तकनीकें विकसित की गई हैं। एक उदाहरण पत्तियों में प्रोलाइन (proline) का संचय (accumulation) है। एकल पौधों के मूल्यांकन में आवश्यक उच्च कौशल के कारण प्रक्रिया थकाऊ है।

  1. अधिक पानी (Excess water): यह कावेरी डेल्टा (Cauvery delta) के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों जैसी जगहों का मामला है। यहां धान की किस्मों (paddy varieties) का तना लंबा होना चाहिए - यानी गहरे पानी का धान (deep water paddy)। स्क्रीनिंग प्रक्रिया खेत की स्थिति और प्रयोगशाला स्थिति (laboratory conditions) दोनों के तहत की जाती है।

3. रासायनिक तनाव (Chemical stress)

  1. लवणता और बेसीयता (Salinity and alkalinity): इन विट्रो तकनीकों (in vitro techniques) द्वारा लवणता और बेसीयता के लिए स्क्रीनिंग अधिक सफलतापूर्वक की जा सकती है। चावल के मामले में नमक (salt) की विभिन्न सांद्रता (concentration) वाले टेस्ट ट्यूब में अंकुर (seedling) उगाना किया जाता है। कीटनाशक (pesticide) और शाकनाशी (herbicide) सहिष्णुता के मामले में भी इसका पालन किया जाता है।

4. पवन सहिष्णुता (Wind tolerance)

उच्च वेग (high velocity) वाली हवा से मिट्टी की नमी का वाष्पीकरण (evaporation) हो सकता है और कई फसलों में सिरे सूख (tip drying) सकते हैं। लेकिन तमिलनाडु में यह तनाव कोई गंभीर समस्या नहीं है।

5. अजैविक तनाव प्रजनन में कठिनाइयाँ (Difficulties in abiotic stress breeding)

  1. स्क्रीनिंग तकनीकों (Screening techniques) के लिए उच्च कौशल की आवश्यकता होती है और वे समय लेने वाली होती हैं।
  2. कृत्रिम परिस्थितियाँ (artificial conditions) बनाना महंगा है।
  3. खेत की स्क्रीनिंग के तहत, प्रकृति (nature) स्क्रीनिंग के लिए अनुकूल स्थिति प्रदान कर सकती है या नहीं भी कर सकती है।
  4. कई मामलों में इन विट्रो तकनीकों का पालन किया जाना चाहिए जो महंगा है।
  5. अजैविक तनाव प्रजनन ज्यादातर शारीरिक लक्षणों (physiological traits) पर निर्भर करता है जो अक्सर स्थिर (stable) नहीं होते हैं।

B. सूखा प्रतिरोधी किस्म के लिए प्रजनन (Breeding for Drought resistance variety)

High yield (उच्च उपज) × High cuticular wax content (उच्च उपचर्म मोम सामग्री - Poor cuticular Transpiration)

F1 (F1 tested under moisture stress condition - नमी तनाव की स्थिति में F1 का परीक्षण किया गया)

F2

  1. दो स्थानों पर नमी तनाव नर्सरी में संतति पंक्तियों (Progeny rows) की स्क्रीनिंग की गई।
  2. उपचर्म मोम (cuticular wax) के आधार पर चयन और किसी भी कृषि संबंधी लक्षणों (agronomic characters) पर विचार नहीं किया जाता है।

F3
चयनित एकल पौधे (Selected single plants) - उपज और फिर संबंधित लक्षणों के लिए सामान्य परिस्थितियों में जांच की गई।

F4
चयनित एकल पौधे - तनाव की स्थिति (stress situation) में जांच की गई।

F5 - सामान्य स्थिति (Normal condition) - उपज (yield)

F7 / F8

  1. सूखे के सापेक्ष प्रतिरोध और काफी उपज के साथ समरूपता (Homogeneity)।
  2. उपज और सूखा प्रतिरोध के लिए जीन (genes) का अभिसरण (Converge)।

C. सूखा प्रतिरोध के लिए प्रजनन (Breeding for Drought Resistance)

  1. प्रजनक सूखा प्रतिरोध के स्रोत की खोज करता है।
  2. उपज एक द्वितीयक लक्षण (secondary character) होना चाहिए → आर्थिक भाग (Economic Parts)
  3. प्रकाश संश्लेषक (photosynthates) का विभाजन → वानस्पतिक भाग (Vegetative Parts)

कुल शुष्क पदार्थ (Total Dry matter) को चयन का मानदंड माना जाना चाहिए।

सूखा प्रतिरोध (Drought Resistance)


D. लवण सहिष्णुता के लिए स्क्रीनिंग (Screening for salt tolerance)

विभिन्न लवण सहिष्णुता स्तर (salt tolerance level) की चावल की किस्में:

1. लवणीय मिट्टी विधि (Salinized soil method)

संवेदनशील और मध्यम सहिष्णु; संवेदनशील × अत्यधिक सहिष्णु; और मध्यम × अत्यधिक सहिष्णु प्रकारों के बीच क्रॉस बनाए गए थे। F1 संतति (progenies) और बाद की अलग होने वाली संततियों के साथ माता-पिता को उनकी सहिष्णुता के लिए जांचना होगा।

10 किलो मिट्टी वाले प्लास्टिक के टब (45 x 30 x 45 सेमी) लिए गए, एक सामान्य मिट्टी के साथ और अन्य को 6 लीटर 0.3% \(NaCl\) घोल (solution) के साथ लवणीय (salinized) किया गया, ताकि विद्युत चालकता (electrical conductivity) सभी टबों में समान रूप से 4.9 mmhos/cm तक बढ़ जाए।

फिर परीक्षण किए जाने वाले पौधों की सामग्री (20 दिन पुराने अंकुरित पौधे - labeled 20 day old seedlings) को 15 x 10 सेमी की दूरी के साथ टब में लगाया जाता है ताकि प्रत्येक टब में 6 पौधे हों। सामान्य सांस्कृतिक प्रथाओं (cultural practices) का पालन किया गया और मिट्टी के स्तर से 1 सेमी ऊपर जल स्तर बनाए रखने के लिए दैनिक सिंचाई की गई। सप्ताह में एक बार पौधों के बीच की मिट्टी को मिश्रण और वातन (aeration) की सुविधा के लिए सावधानीपूर्वक खुरचा (racked) गया। पौधों को परिपक्वता (maturity) तक उगाया गया और उपज के लक्षणों (yield characters) के लिए डेटा रिकॉर्ड किया गया। जिस कल्टीवेटर (cultivar) ने नियंत्रण (control) में संवर्धन के बराबर अनाज की उपज (grain yield) दर्ज की, उसे सहिष्णु के रूप में चुना जाता है।

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अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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