बीज गुणन और एक किस्म का विमोचन (Seed Multiplication and Release of a Variety)

A. एक किस्म में बीजों का गुणन (Multiplication of seeds in a variety)

1. मूल बीज (Nucleus seed)

यह वह बीज है जिसे उस विशेष प्रजनक (breeder) द्वारा अनुरक्षित (maintained) किया जाता है जिसने उस विशेष किस्म (variety) को विकसित किया है। मूल बीज 100% आनुवंशिक रूप से शुद्ध (genetically pure) होगा, जो किसी विशेष किस्म के किस्म संबंधी गुणों (varietal characters) की पुष्टि करता है। मूल बीज का उपयोग प्रजनक बीज (breeder seed) उगाने के लिए किया जाता है।

2. प्रजनक बीज

पादप प्रजनकों (plant breeders) द्वारा अनुसंधान केंद्रों (Research Stations) में मूल बीज से प्रजनक बीज को गुणित (multiply) किया जाएगा। राज्य कृषि विभाग (State Dept. of Agriculture) द्वारा आधार बीज (foundation seed) उगाने के लिए प्रजनक बीज का उपयोग किया जाएगा। हर साल कृषि निदेशक (Director of Agriculture) विश्वविद्यालय को प्रजनक बीज की मांग (indent) सौंपेंगे। अनुरोध (request) के आधार पर, विश्वविद्यालय अनुसंधान केंद्रों में प्रजनक बीज उत्पादन का कार्य करेगा। उस विशेष फसल के किस्म संबंधी गुणों और आनुवंशिक शुद्धता (genetic purity) को सत्यापित (verify) करने के लिए निगरानी टीम (monitoring team) द्वारा प्रजनक बीज के खेत (plot) की निगरानी की जाएगी। निगरानी टीम के सदस्यों में एक पादप प्रजनक, कृषि उप निदेशक (बीज प्रमाणीकरण) और राष्ट्रीय बीज निगम (National Seeds Corporation) का एक नामांकित व्यक्ति (nominee) शामिल होगा। निगरानी टीम फसल वृद्धि की अवधि (crop growth period) में दो बार बीज उत्पादन खेत का दौरा करेगी, यानी फूल आने (flowering) के समय और कटाई (harvest) के समय।

3. आधार बीज

प्रजनक बीज से, राज्य बीज फार्मों में आधार बीज उगाया जाएगा। इस आधार बीज उत्पादन खेत को बीज प्रमाणीकरण विभाग (seed certification dept.) द्वारा प्रमाणित (certify) किया जाना चाहिए। आधार बीज का उपयोग प्रमाणित बीज उत्पादन (certified seed production) उगाने के लिए किया जाता है।

4. प्रमाणित बीज उत्पादन

यह या तो कृषि विभाग (Agricultural Department) द्वारा या व्यक्तिगत किसानों द्वारा नाममात्र शुल्क (nominal fee) का भुगतान करने के बाद किया जाता है। बीज उत्पादन खेत को बीज प्रमाणीकरण एजेंसी (seed certification agency) द्वारा प्रमाणित किया जाएगा और उसके बाद बीज किसानों को बेचा जाएगा।

B. एक किस्म के विमोचन (release) में शामिल चरण (Steps involved in release of a variety)

पृथक्करण पीढ़ी (segregating generation) या किसी अन्य स्रोत से सर्वोत्तम संवर्धनों (cultures) की पहचान (identification) के बाद इसे निम्नलिखित परीक्षणों (trials) से गुजरना पड़ता है:

1. पंक्ति उपज परीक्षण (Row yield trial - RYT)

हर 10वीं पंक्ति (row) के लिए एक चेक प्रविष्टि (check entry) होगी और परीक्षण गैर-प्रतिकृत (non-replicated) होगा।

2. प्रतिकृत पंक्ति उपज परीक्षण (Replicated row yield trials - RRYT)

पंक्ति उपज परीक्षण (row yield trial) से, सर्वोत्तम संवर्धनों का परीक्षण उचित चेक (check) के साथ RRYT में किया जाएगा। RRYT की सर्वोत्तम प्रविष्टियों (entries) को प्रारंभिक उपज परीक्षण (preliminary yield trial) के लिए आगे बढ़ाया जाएगा।

3. प्रारंभिक उपज परीक्षण (Preliminary yield trial - PYT)

उचित चेक के साथ प्रतिकृत परीक्षण (replicated trial) आयोजित किया जाता है। PYT सामान्य रूप से दो मौसमों (seasons) के लिए आयोजित किया जाएगा। PYT आयोजित करते समय, सर्वोत्तम प्रविष्टियों को अखिल भारतीय परीक्षणों (All India trials) के लिए भी नामांकित (nominate) किया जाएगा। जैविक और अजैविक तनावों (biotic and abiotic stresses) के लिए स्क्रीनिंग PYT चरण के दौरान की जाएगी। सर्वोत्तम प्रविष्टि को तुलनात्मक उपज परीक्षण (comparative yield trial) में ले जाया जाएगा। अखिल भारतीय परीक्षण में शामिल प्रविष्टियों को प्रोजेक्ट नंबर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, ज्वार (sorghum) की प्रविष्टि को SPV (Sorghum Project Variety) दिया जाएगा। चावल - IET (Initial Evaluation Trial), आदि।

4. तुलनात्मक उपज परीक्षण (Comparative Yield trial - CYT)

CYT एक से अधिक चेक के साथ आयोजित एक प्रतिकृत (replicated) परीक्षण है। यह परीक्षण 3 मौसमों के लिए दोहराया जाएगा। सभी 3 मौसमों में श्रेष्ठ साबित होने वाली प्रविष्टि को बहु-स्थान परीक्षण (multilocation trial - MLT) के लिए प्रस्तावित (propose) किया जाएगा।

5. बहु-स्थान परीक्षण

MLT के लिए प्रविष्टियों का निर्णय वर्ष में एक बार आयोजित होने वाली फसल वैज्ञानिकों (Crop scientists) की बैठक में किया जाएगा। प्रत्येक स्टेशन (station) अपनी स्वयं की प्रविष्टि प्रस्तावित करेगा। प्रत्येक संवर्धन (culture) के गुणों (merits) और दोषों (demerits) पर चर्चा के आधार पर, प्रविष्टियों को नामांकित किया जाएगा। MLT पूरे राज्य में फैले TNAU के अनुसंधान केंद्रों में आयोजित किया जाएगा। सर्वोत्तम प्रविष्टियों को अनुकूली अनुसंधान परीक्षण (Adaptive Research Trial - ART) के लिए प्रस्तावित किया जाएगा।

6. अनुकूली अनुसंधान परीक्षण

ART कृषि विभाग के कर्मचारियों (Agricultural Department Staff) द्वारा किसानों के खेतों में आयोजित किया जाएगा। ART के लिए प्रविष्टियों का निर्णय वैज्ञानिक कार्यकर्ता सम्मेलन (Scientific Workers Conference - SWC) के दौरान किया जाएगा, जो TNAU में वर्ष में एक बार आयोजित किया जाएगा। इसमें TNAU के वैज्ञानिक और कृषि विभाग के कर्मचारी दोनों भाग लेंगे। SWC में, प्रविष्टियाँ तय की जाएंगी और कृषि के प्रत्येक संयुक्त निदेशक (Joint Director of Agriculture) अपने प्रभाग (division) के लिए परीक्षणों की संख्या तय करेंगे। ART में अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रविष्टियों को एक किस्म के रूप में विमोचन के लिए प्रस्तावित किया जाएगा। प्रत्येक संवर्धन का पूरे राज्य में फैले न्यूनतम 50 केंद्रों में परीक्षण किया जाना चाहिए। यदि कोई संवर्धन गैर-मौसम बाध्य (non-season bound) है, तो इसका सभी तीन मौसमों में परीक्षण किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं है, तो एक या दो मौसमों के परिणाम पर्याप्त हैं।

7. किस्म विमोचन प्रस्ताव (Variety Release Proposal)

संवर्धन के प्रभारी वैज्ञानिक (scientist incharge) संवर्धन को एक किस्म के रूप में विमोचन के लिए प्रस्तावित करेंगे। किस्म विमोचन के लिए एक प्रपत्र (proforma) होता है। इस प्रपत्र में संवर्धन के बारे में सभी जानकारी शामिल होगी जैसे, वंशावली (parentage), माता-पिता की आकारिकी (parents morphology), संवर्धनों की आकारिकी, पहचान के लिए संवर्धन के प्रमुख लक्षण (key characters), कृषि संबंधी अभ्यास (agronomic practices), कीट और रोग प्रतिरोध (pest and disease resistance), गुणवत्ता लक्षण (quality characters) और उपज परीक्षण (yield trial) के परिणाम।

8. किस्म विमोचन समिति (Variety release committee)

इसका नेतृत्व कृषि विभाग के आयुक्त और सचिव (Commissioner and Secretary, Agrl. Dept.) करेंगे। सदस्यों में कृषि निदेशक, कृषि के संयुक्त निदेशक (Joint Directors of Agriculture) और TNAU के वैज्ञानिक शामिल होंगे। इनके अलावा, राज्य के दो प्रमुख किसान (leading farmers) भी सदस्य होंगे। चर्चा के बाद, योग्यता (merit) के आधार पर VRC इसे विमोचन के लिए मंजूरी (approve) देगी। फिर संवर्धन को सामान्य खेती (general cultivation) के लिए जारी किया जाएगा।

9. किस्म की अधिसूचना (Notification of the variety)

प्रमाणित बीज उत्पादन के लिए, किस्म को केंद्रीय किस्म विमोचन समिति (central variety release committee), दिल्ली द्वारा अधिसूचित (notified) किया जाना है। अधिसूचना (notification) के उद्देश्य से किस्म के विमोचन के बाद जानकारी को निर्धारित प्रपत्र (prescribed proforma) में प्रस्तुत किया जाएगा। उस समय अखिल भारतीय परीक्षण (All India trial) के बारे में विवरण भी प्रस्तुत किया जाएगा। अधिसूचना के बाद ही, प्रमाणित बीज उत्पादन के तहत एक किस्म को गुणित किया जा सकता है।

🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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