जैव प्रौद्योगिकी की अवधारणाएँ (Concepts of Biotechnology)

"जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)" शब्द पहली बार 1919 में कार्ल एरेकी (Karl Ereky) द्वारा गढ़ा गया था, जिसका अर्थ है कि जीवित जीवों (living organisms) की सहायता से कच्चे माल (raw materials) से उत्पाद (products) तैयार किए जाते हैं।

जैव प्रौद्योगिकी नई नहीं है। मनुष्य सहस्राब्दियों (millennia) से समस्याओं को हल करने और अपने जीवन के तरीके को बेहतर बनाने के लिए जीवित चीजों में संशोधन (manipulating) कर रहा है। प्रारंभिक कृषि (Early agriculture) मुख्य रूप से खाद्य उत्पादन पर केंद्रित थी। पौधों और जानवरों का चयनात्मक प्रजनन (selectively bred) किया जाता था और सूक्ष्मजीवों (microorganisms) का उपयोग पेय पदार्थ, पनीर और ब्रेड जैसी खाद्य सामग्री बनाने के लिए किया जाता था। अठारहवीं सदी के अंत और उन्नीसवीं सदी की शुरुआत में टीकाकरण (vaccinations), फलीदार फसलों (leguminous crops) वाली फसल चक्रण (crop rotation) और जानवरों द्वारा खींची जाने वाली मशीनरी का आगमन हुआ। उन्नीसवीं सदी का अंत जीव विज्ञान (biology) के लिए एक मील का पत्थर था। सूक्ष्मजीवों की खोज की गई, आनुवंशिकी (genetics) पर मेंडेल (Mendel) का काम पूरा हुआ और कोच (Koch), पाश्चर (Pasteur) और लिस्टर (Lister) द्वारा किण्वन (fermentation) और अन्य सूक्ष्मजीवी प्रक्रियाओं की जांच के लिए संस्थान स्थापित किए गए।

बीसवीं सदी की शुरुआत में जैव प्रौद्योगिकी ने उद्योग और कृषि को एक साथ लाना शुरू किया। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, किण्वन प्रक्रियाएं (fermentation processes) विकसित की गईं जिनसे तेजी से बढ़ते ऑटोमोबाइल उद्योग (automobile industry) के लिए स्टार्च (starch) और पेंट सॉल्वैंट्स (paint solvents) से एसीटोन (acetone) का उत्पादन किया गया। 1930 के दशक में काम आयात या पेट्रोकेमिकल्स के बजाय उद्योग की आपूर्ति के लिए अतिरिक्त कृषि उत्पादों का उपयोग करने की दिशा में तैयार किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के आगमन के साथ पेनिसिलिन (penicillin) का निर्माण शुरू हुआ। जैव प्रौद्योगिकी का फोकस फार्मास्युटिकल्स (pharmaceuticals) की ओर स्थानांतरित हो गया। "शीत युद्ध (cold war)" के वर्षों में जैविक युद्ध (biological warfare) की तैयारी के साथ-साथ एंटीबायोटिक्स (antibiotics) और किण्वन प्रक्रियाओं के लिए सूक्ष्मजीवों के साथ काम का बोलबाला था (गुडमैन, 1987)।

जैव प्रौद्योगिकी का वर्तमान में कृषि, बायोरेमेडिएशन (bioremediation), खाद्य प्रसंस्करण (food processing) और ऊर्जा उत्पादन (energy production) सहित कई क्षेत्रों में उपयोग किया जा रहा है। DNA फिंगरप्रिंटिंग (DNA fingerprinting) फोरेंसिक (forensics) में एक आम बात बन गई है। इंसुलिन (insulin) और अन्य दवाओं का उत्पादन वैक्टर (vectors) की क्लोनिंग (cloning) के माध्यम से पूरा किया जाता है जो अब चुने हुए जीन (gene) को ले जाते हैं। इम्युनोएसे (Immunoassays) का उपयोग न केवल दवा के स्तर (drug level) और गर्भावस्था परीक्षण (pregnancy testing) के लिए चिकित्सा में किया जाता है, बल्कि किसानों द्वारा फसलों और पशु उत्पादों पर कीटनाशकों (pesticides), शाकनाशियों (herbicides) और विषाक्त पदार्थों (toxins) के असुरक्षित स्तर का पता लगाने में सहायता के लिए भी किया जाता है। ये एसे (assays) भूजल (ground water), तलछट (sediment) और मिट्टी में औद्योगिक रसायनों के लिए तेजी से क्षेत्र परीक्षण भी प्रदान करते हैं। कृषि में, आनुवंशिक इंजीनियरिंग (genetic engineering) का उपयोग ऐसे पौधों को तैयार करने के लिए किया जा रहा है जो कीड़ों, खरपतवारों और पौधों की बीमारियों के प्रतिरोधी हों。

परिभाषा (Definition)

जैव प्रौद्योगिकी- बायो (Bio) का अर्थ है जीवन और प्रौद्योगिकी (technology) का अर्थ है व्यावहारिक उपयोग के लिए ज्ञान का अनुप्रयोग, यानी किसी उत्पाद को बनाने या सुधारने के लिए जीवित जीवों का उपयोग।

जैव प्रौद्योगिकी शब्द के लिए अन्य परिभाषाएँ (Other definitions for the term Biotechnology):

जैव प्रौद्योगिकी को "जानूस-फेस्ड (Janus-faced)" के रूप में वर्णित किया गया है। इसका अर्थ है कि इसके दो पहलू हैं। एक ओर, तकनीकें DNA में संशोधन करने की अनुमति देती हैं ताकि जीन (genes) को एक जीव से दूसरे जीव में ले जाया जा सके। दूसरी ओर, इसमें अपेक्षाकृत नई प्रौद्योगिकियां (new technologies) शामिल हैं जिनके परिणामों का परीक्षण नहीं किया गया है और इनसे सावधानी के साथ निपटा जाना चाहिए।

जैव प्रौद्योगिकी विकास के चरण (Stages of biotechnology development)

जैव प्रौद्योगिकी विभिन्न तकनीकों का एक संग्रह है जो हमें कृषि में फसल की उपज (crop yield) और भोजन की गुणवत्ता (food quality) में सुधार करने और उद्योगों में उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला (broader array) का उत्पादन करने में सक्षम बनाती है।

विभिन्न प्रौद्योगिकियाँ और उनके उपयोग (Various technologies and their uses)

हाई-थ्रूपुट प्रौद्योगिकियाँ (High-throughput technologies / the -omics)

जैव प्रौद्योगिकी और जीनोमिक्स के अनुप्रयोग (Applications of biotechnology & genomics)

  1. पर्यावरणीय जैव प्रौद्योगिकी (Environmental biotechnology)
  2. चिकित्सा जैव प्रौद्योगिकी (Medical biotechnology)
  3. कृषि जैव प्रौद्योगिकी (Agricultural biotechnology)
  4. विकासवादी और पारिस्थितिक जीनोमिक्स (Evolutionary and ecological genomics)

पादप जैव प्रौद्योगिकी / कृषि जैव प्रौद्योगिकी (Plant biotechnology / Agricultural biotechnology)

किसी जीव से आनुवंशिक जानकारी (genetic information) को निकालकर, प्रयोगशाला में उसमें संशोधन करके और फिर उसे पौधे में स्थानांतरित करके इसके कुछ गुणों (characteristics) को बदलने के लिए एक आनुवंशिक रूप से संशोधित पौधा (genetically modified plant) तैयार करने की एक प्रक्रिया है। संक्षेप में यह मानव जाति के लाभ के लिए पौधों में संशोधन (manipulation) है।

पौधों में मुख्य रूप से दो प्रमुख उद्देश्यों के लिए संशोधन किया जाता है:

  1. फसल सुधार (Crop improvement)
  2. फसलों का पोषण मूल्य (Nutritional value of crops)

पादप जैव प्रौद्योगिकी में लागू विभिन्न तकनीकों में शामिल हैं (Various technologies applied in plant biotechnology includes):

पारंपरिक पादप प्रजनन (Traditional plant breeding) में विभिन्न गुणों (traits) वाली नई किस्में (varieties) पैदा करने के लिए समान पौधों का क्रॉस-ब्रीडिंग (cross-breeding) शामिल है। लेकिन वांछित परिणाम प्राप्त करने में कई पीढ़ियां (generations) लग जाती हैं। विभिन्न जैव तकनीकी उपकरणों (biotechnological tools) का उपयोग करके, फसल सुधार तेजी से प्राप्त किया जा सकता है और यह असंबंधित प्रजातियों (unrelated species) से जीन स्थानांतरित करने की भी सुविधा प्रदान करता है।

जेनेटिक इंजीनियरिंग

जीन में संशोधन को जेनेटिक इंजीनियरिंग या रिकॉम्बिनेंट DNA तकनीक (recombinant DNA technology) कहा जाता है। यह एक जीव से जीन को निकालता है और या तो:

जेनेटिक इंजीनियरिंग में उपयोग की जाने वाली विभिन्न जीन स्थानांतरण (gene transfer) तकनीकों में शामिल हैं:

ऊतक संवर्धन

ऊतक संवर्धन कोशिकाओं, परागकोषों (anthers), पराग कणों (pollen grains), या अन्य ऊतकों (tissues) में संशोधन करता है; ताकि वे प्रयोगशाला की स्थितियों में विस्तारित अवधि तक जीवित रहें या संपूर्ण, जीवित, बढ़ते जीव (living, growing organisms) बन जाएं; आनुवंशिक रूप से इंजीनियर की गई कोशिकाओं को ऊतक संवर्धन के माध्यम से आनुवंशिक रूप से इंजीनियर किए गए जीवों में परिवर्तित किया जा सकता है।

मार्कर असिस्टेड सिलेक्शन (Marker Assisted Selection)

मार्कर-सहायक आनुवंशिक विश्लेषण (Marker-aided genetic analysis) जीन, क्यूटीएल (QTLs - मात्रात्मक विशेषता लोकी / quantitative trait loci) और अन्य आणविक मार्करों (molecular markers) की पहचान करने और उन्हें जीवों के कार्यों से जोड़ने, यानी जीन की पहचान (gene identification) करने के लिए DNA अनुक्रमों (DNA sequences) का अध्ययन करता है। मार्कर-सहायक चयन पीढ़ियों की एक श्रृंखला के माध्यम से पहले पहचाने गए DNA अंशों (DNA fragments) की पहचान (identification) और वंशानुक्रम ट्रेसिंग (inheritance tracing) है।

कृषि (पौधों) में जैव प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग (Applications of biotechnology in agriculture - plants)

  1. फसल सुधार
  2. फार्मास्यूटिकल्स
  3. भोजन (Food)
  4. औद्योगिक (Industrial)
  5. अन्य (Other)

कृषि (जानवरों) में जैव प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग (Applications of biotechnology in agriculture - animals)

  1. भोजन
  2. फार्मास्यूटिकल्स
  3. प्रजनन (Breeding)
  4. स्वास्थ्य

जैव प्रौद्योगिकी का इतिहास (History of biotechnology)

स्रोत (Source):
http://www.woodrow.org/teachers/bi/1993/intro.html
http://www.biotechno.netfirms.com/Biotechnology.htm
http://en.wikipedia.org/wiki/Genetic_engineering
http://en.wikipedia.org/wiki/Marker_assisted_selection

प्रश्न (Questions)

  1. "जैव प्रौद्योगिकी" शब्द पहली बार …………… में गढ़ा गया था।
    1. 1919
    2. 1916
    3. 1991
    4. 1961
  2. "जैव प्रौद्योगिकी" शब्द पहली बार ……………. द्वारा गढ़ा गया था।
    1. न्यूबर्ग (Neuberg)
    2. लिपमैन (Lipmann)
    3. फ्रेडरिक सेंगर
    4. कार्ल एरेकी
  3. जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग उन क्षेत्रों में किया जाता है जिनमें …………………….. शामिल हैं
    1. कृषि (Agriculture)
    2. बायोरेमेडिएशन
    3. खाद्य प्रसंस्करण
    4. उपरोक्त सभी (All the above)
  4. कृषि में, जेनेटिक इंजीनियरिंग का उपयोग ऐसे पौधे तैयार करने के लिए किया जा रहा है जो ………………. के प्रतिरोधी हों
    1. कीड़े (insects)
    2. खरपतवार (weeds)
    3. पौधों की बीमारियाँ (plant diseases)
    4. उपरोक्त सभी
  5. इम्युनोएसे का उपयोग ……………… के लिए किया जाता है
    1. दवा स्तर परीक्षण (drug level testing)
    2. फसलों और पशु उत्पादों में कीटनाशकों, शाकनाशियों और विषाक्त पदार्थों के असुरक्षित स्तर का पता लगाना (detection of unsafe levels of pesticides, herbicides and toxins on crops and in animal products)
    3. a और b दोनों
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं (None of the above)
  6. जेनेटिक इंजीनियरिंग है ………..
    1. DNA में संशोधन करने के लिए सेलुलर एंजाइमों का उपयोग
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. संपूर्ण जीव का उत्पादन करने के लिए या नए उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रयोगशाला की स्थितियों में कोशिकाओं/ऊतकों (cells/tissues) को विकसित करना
  7. प्रोटीन इंजीनियरिंग (Protein engineering) है ………..
    1. DNA में संशोधन करने के लिए सेलुलर एंजाइमों का उपयोग
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. संपूर्ण जीव का उत्पादन करने के लिए या नए उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रयोगशाला की स्थितियों में कोशिकाओं/ऊतकों (cells/tissues) को विकसित करना
  8. एंटीसेंस या RNAआई (Antisense or RNAi) तकनीक है ………..
    1. DNA में संशोधन करने के लिए सेलुलर एंजाइमों का उपयोग
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. संपूर्ण जीव का उत्पादन करने के लिए या नए उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रयोगशाला की स्थितियों में कोशिकाओं/ऊतकों (cells/tissues) को विकसित करना
  9. सेल और ऊतक संवर्धन (Cell and tissue culture) तकनीक है ………..
    1. DNA में संशोधन करने के लिए सेलुलर एंजाइमों का उपयोग
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. संपूर्ण जीव का उत्पादन करने के लिए या नए उत्पादों का उत्पादन करने के लिए प्रयोगशाला की स्थितियों में कोशिकाओं/ऊतकों (cells/tissues) को विकसित करना
  10. जैव सूचना विज्ञान (Bioinformatics) तकनीक है …………..
    1. DNA में संशोधन करने के लिए सेलुलर एंजाइमों का उपयोग
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. जैविक डेटा का कम्प्यूटेशनल विश्लेषण (Computational analysis of biological data)
  11. फंक्शनल जीनोमिक्स (Functional Genomics) है …………..
    1. सभी जीनों और उनके उत्पादों के जैविक कार्य को निर्धारित करने के लिए हाई-थ्रूपुट दृष्टिकोण
    2. उपयोगी उत्पाद बनाने के लिए मौजूदा प्रोटीनों में सुधार करना / नए प्रोटीन बनाना
    3. कुछ प्रोटीनों के उत्पादन को रोकना या कम करना
    4. जैविक डेटा का कम्प्यूटेशनल विश्लेषण
  12. ट्रांसलेशनल जीनोमिक्स में शामिल है(हैं)……………
    1. केवल ट्रांसक्रिप्टोमिक्स (Transcriptomics alone)
    2. केवल प्रोटिओमिक्स (Proteomics alone)
    3. मेटाबॉलोमिक्स और ट्रांसजीनोमिक्स
    4. उपरोक्त सभी
  13. मेटाबॉलोमिक्स में शामिल है(हैं) …………
    1. मेटाबोलाइट प्रोफाइलिंग (Metabolite profiling)
    2. रासायनिक फ़िंगरप्रिंटिंग (Chemical fingerprinting)
    3. फ्लक्स विश्लेषण (Flux analysis)
    4. उपरोक्त सभी
  14. पादप जैव प्रौद्योगिकी (plant biotechnology) में लागू विभिन्न तकनीकों में शामिल हैं ……………….
    1. जेनेटिक इंजीनियरिंग / रिकॉम्बिनेंट DNA तकनीक (Genetic engineering/ recombinant DNA technology)
    2. ऊतक संवर्धन
    3. आणविक प्रजनन - एमएएस (Molecular breeding - MAS)
    4. उपरोक्त सभी
  15. टीकाकरण (Vaccination) का पहला प्रयास …………………… द्वारा किया गया था
    1. ग्रेगोर मेंडल
    2. ओसवाल्ड एवरी
    3. कॉलिन मैकलियोड
    4. एडवर्ड जेनर
  16. टीकाकरण का पहला प्रयास …………………… वर्ष में किया गया था
    1. 1797
    2. 1777
    3. 1787
    4. 1767
  17. वंशानुक्रम के नियमों की खोज …………………… द्वारा की गई थी
    1. ग्रेगोर मेंडल
    2. ओसवाल्ड एवरी
    3. कॉलिन मैकलियोड
    4. एडवर्ड जेनर
  18. आनुवंशिकी का विज्ञान (science of genetics) वर्ष …………………… में पैदा हुआ था
    1. 1865
    2. 1856
    3. 1855
    4. 1846
  19. फेजेज संक्रमित करते हैं ……………………
    1. केवल बैक्टीरिया (Only bacteria)
    2. केवल वायरस (Only viruses)
    3. a और b दोनों
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  20. उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने खोजा था कि विकिरण गुणसूत्रों में दोष उत्पन्न करता है ……………………
    1. ग्रेगोर मेंडल
    2. ओसवाल्ड एवरी
    3. कॉलिन मैकलियोड
    4. हरमन मुलर
  21. DNA को आनुवंशिक जानकारी ले जाने के लिए सिद्ध किया गया है …………………… द्वारा
    1. ओसवाल्ड एवरी
    2. कॉलिन मैकलियोड
    3. मैक्लिन मैककार्टी
    4. उपरोक्त सभी
  22. DNA को आनुवंशिक जानकारी ले जाने के लिए वर्ष …………………… में सिद्ध किया गया है
    1. 1944
    2. 1946
    3. 1948
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  23. DNA की द्वि-कुंडलिनी संरचना का वर्णन ………………… द्वारा किया गया है
    1. जेम्स वॉटसन
    2. फ्रांसिस क्रिक
    3. दोनों (Both)
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  24. इंसुलिन के अमीनो एसिड अनुक्रम की खोज ………………… द्वारा की गई है
    1. जेम्स वॉटसन
    2. फ्रांसिस क्रिक
    3. फ्रेडरिक सेंगर
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  25. सिकल सेल रोग ……………….अमीनो एसिड में बदलाव के कारण होता है।
    1. एक (One)
    2. दो (Two)
    3. तीन (Three)
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  26. जीन का पहला पूर्ण संश्लेषण …………... में हुआ।
    1. 1917
    2. 1971
    3. 1791
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  27. प्रतिबंध एंजाइमों का उपयोग करके DNA को काटने और चिपकाने की जेनेटिक इंजीनियरिंग तकनीक (Genetic engineering technique) ………….. द्वारा परिपूर्ण (perfected) की गई है।
    1. स्टेनली कोहेन
    2. हर्बर्ट बोयर
    3. दोनों
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  28. मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उत्पन्न करने की तकनीक ……..... द्वारा विकसित की गई है।
    1. जॉर्जेस कोहलर
    2. सीजर मिलस्टीन
    3. दोनों
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  29. ……………… ने पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन तकनीक विकसित की।
    1. कैरी मुलिस
    2. जॉर्जेस कोहलर
    3. सीजर मिलस्टीन
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  30. मानव उपयोग के लिए स्वीकृत पहला रीकॉम्बिनेंट टीका …………... है।
    1. हेपेटाइटिस बी
    2. पोलियो (polio)
    3. हेपेटाइटिस सी (hepatitis C)
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  31. ………………. क्षेत्र परीक्षण के लिए स्वीकृत पहला आनुवंशिक रूप से संशोधित पौधा है।
    1. वायरस प्रतिरोधी टमाटर
    2. वायरस प्रतिरोधी बैंगन (virus-resistant brinjal)
    3. वायरस प्रतिरोधी कपास (virus-resistant cotton)
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  32. आनुवंशिक रूप से संशोधित टमाटर अमेरिका में पहली बार वर्ष …………... में बेचे गए।
    1. 1994
    2. 1971
    3. 1991
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  33. मानव जीनोम परियोजना ………………. में शुरू की गई है।
    1. 1990
    2. 1991
    3. 2000
    4. उपरोक्त में से कोई नहीं
  34. मानव जीनोम का मसौदा संस्करण …….. में प्रकाशित हुआ है।
    1. 1990
    2. 2000
    3. 2002
    4. 2004
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता की गारंटी नहीं देते। यह फाइल अभी सुधार और परीक्षण (Improvement Purpose) के लिए उपलब्ध है। बहुत जल्द हम इसे PDF फॉर्मेट में भी अपडेट करेंगे।

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