ऊतक संवर्धन और इसका इतिहास
पादप ऊतक संवर्धन (Plant tissue culture) का तात्पर्य व्यापक रूप से सभी पौधे के भागों, चाहे वह एकल कोशिका (single cell), ऊतक (tissue) या अंग (organ) हो, की इन विट्रो (in vitro) खेती (cultivation) से है, जिसे रोगाणुमुक्त परिस्थितियों (aseptic conditions) में किया जाता है। पादप ऊतक संवर्धन के क्षेत्र में हाल की प्रगति ने इस क्षेत्र को प्रायोगिक जीव विज्ञान (experimental biology) के सबसे गतिशील और होनहार क्षेत्रों में से एक बना दिया है।
ऊतक संवर्धन प्रक्रिया का अवलोकन (Overview of tissue culture process)
इस नई तकनीक ने हमें निम्नलिखित अध्ययन के क्षेत्रों में ज्ञान बढ़ाने में सक्षम बनाया है:
- पादप कोशिकाओं (plant cells) की पूर्णशक्तता (Totipotency), पोषण (nutrition), चयापचय (metabolism), विभाजन (division), विभेदन (differentiation) और संरक्षण (preservation)।
- अंगजनन (organogenesis) या कायिक भ्रूणजनन (somatic embryogenesis) की प्रक्रिया के माध्यम से व्यक्तिगत कोशिकाओं या ऊतकों से आकारजनन (Morphogenesis) और पादप पुनर्जनन (plant regeneration)।
- इन विट्रो संवर्धन (in vitro culture) के माध्यम से उत्पन्न विविधताएं (Variations)।
- बीजांड संवर्धन (ovule culture) सहित परागकोश (anther) और पराग संवर्धन (pollen culture) के माध्यम से अगुणितों (haploids) का विकास।
- पूर्व-युग्मनज (pre zygotic) और पश्च-युग्मनज (post zygotic) दोनों तरह की बंध्यता तंत्रों (sterility mechanisms) को दूर करने के लिए बीजांड, अंडाशय (ovary) और भ्रूण संवर्धन (embryo cultures) के माध्यम से व्यापक संकरण कार्यक्रम (Wide hybridization programmes)।
- पादप सामग्री का सूक्ष्म प्रवर्धन (Micropropagation)।
- जैविक (biotic) और अजैविक (abiotic) तनावों (stresses) के प्रति सहनशील उत्परिवर्तियों (mutants) का इन विट्रो चयन (In vitro selection)।
- इन विट्रो संवर्धन और द्वितीयक चयापचयी जैवसंश्लेषण (secondary metabolite biosynthesis)।
- इन विट्रो संवर्धन विधियों और DNA स्थानांतरण तकनीक (DNA transfer technique) के माध्यम से पादप आनुवंशिक इंजीनियरिंग (Plant genetic engineering)।
इस प्रकार पादप कोशिका, ऊतक और अंग संवर्धन पादप जैव प्रौद्योगिकी (plant biotechnology) में व्याप्त है और इसके विभिन्न पहलुओं जैसे शरीर विज्ञान (Physiology), जैव रसायन (Biochemistry), आनुवंशिकी (Genetics) और कोशिका विज्ञान (Cell Biology) को एक साथ जोड़ता है।
इतिहास (History)
अन्य विषयों की तरह, पादप कोशिका और ऊतक संवर्धन की अपनी उत्पत्ति और विकास है। इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले नए लोगों के लाभ के लिए इस क्षेत्र की प्रमुख घटनाओं का कालक्रम (chronology) प्रस्तुत किया गया है।
- 1756 - दुहर्मेल डू मोंसेउ (Duharmel du Monceau H. L) ने छाल निकाले गए (decorticated) एल्म पेड़ (elm tree) से कैलस निर्माण (callus formation) की खोज की। यह बहुत पुराना काम पादप ऊतक संवर्धन की खोज की प्रस्तावना था।
- 1839 - श्वान (Schwann, T.H) ने यह विचार व्यक्त किया कि एक बहुकोशिकीय जीव (multicellular organism) की प्रत्येक जीवित कोशिका स्वतंत्र रूप से विकसित होने में सक्षम होगी यदि उचित बाहरी परिस्थितियाँ (external conditions) प्रदान की जाएं।
- 1853 - ट्रेकुल (Trecul. A) ने रॉबिनिया (Robinia), पावलोनिया (Pawlonia) और उल्मुस (Ulmus) जैसे छाल निकाले गए पेड़ों द्वारा कैलस निर्माण पर प्रयोग किया।
- 1878 - वोचिंग (Vochting. H) ने Brassica rapa से बहुत शानदार कैलस प्राप्त किया और एक तने के टुकड़े के ऊपरी हिस्से से कलियों (buds) के विकास में और निचले हिस्से से जड़ों (roots) या कैलस के विकास में ध्रुवता (polarity) का प्रस्ताव रखा।
- 1885 - रौक्स (Roux, W.Z) ने ऊतक संवर्धन में पहला प्रयोगात्मक कदम उठाया जब उन्होंने चूजे के भ्रूण (chick embryo) की तंत्रिका प्लेट (neural plate) का एक टुकड़ा निकाला और उसे गर्म नमक के घोल (warm salt solution) में संवर्धित किया।
- 1893 - रेचिंगर (Rechinger, C) ने अलग किए गए तने के टुकड़ों और जड़ के स्लाइस पर कैलस निर्माण का वर्णन किया।
- 1901 - मॉर्गन (Morgan, T.H) ने एक कोशिका की एक व्यक्तिगत पौधे बनाने की क्षमता का वर्णन करने के लिए पूर्णशक्तता शब्द गढ़ा।
- 1902 - हैबरलैंड्ट (Haberlandt, G) - पादप ऊतक संवर्धन के जनक (Father of plant tissue culture) ने "अलग-थलग पादप कोशिकाओं के संवर्धन पर प्रयोग (Experiments on the culture of isolated plant cells)" पर एक शोध पत्र प्रकाशित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि कोशिकाओं में वृद्धि देखी गई, लेकिन कोशिका विभाजन (cell division) कभी नहीं देखा गया। उन्होंने अलग-थलग पादप कोशिकाओं के संवर्धन में प्रयास करने और विफल होने के बाद कोशिका संवर्धन के उद्देश्यों और संभावनाओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया।
- 1907 - हैरिसन (Harrison, R.G) ने जीवित तंत्रिका (living nerve) के टुकड़ों की खेती के तरीके ईजाद किए।
- 1910 - कैरेल (Carrel, A) पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने किसी जीव के शरीर के बाहर जीवित कोशिकाओं के संवर्धन का प्रदर्शन किया।
- 1922 - कोट्टे (Kotte, W) विभिन्न पोषक तत्वों में मटर और मक्के के छोटे जड़ युक्तियों (root tips) की खेती करने में सफल रहे।
- 1922 - रॉबिंस (Robbins, W.J) ने बाँझ (sterile) परिस्थितियों में मक्के की कटी हुई जड़ युक्तियों और तने के युक्तियों की खेती शुरू की; हालांकि, संवर्धन स्वतंत्र रूप से जीवित नहीं रहे।
- 1925 - लियाबैक (Liabach, F) ने संकुचित बीजों (shriveled seeds) से संकर पौधे प्राप्त करने के लिए Linum perenae को L. austriacum के साथ क्रॉस करके भ्रूण संवर्धन (embryo culture) के सबसे महत्वपूर्ण अनुप्रयोग का प्रदर्शन किया।
- 1934 - गौथेरेट (Gautheret, R.J) ने पादप ऊतकों की खेती के लिए तरल माध्यम (liquid medium) के साथ प्रारंभिक प्रयास किए लेकिन पूरी तरह विफल रहे। बाद में उन्होंने एगर (agar) से ठोस किए गए माध्यम पर एक्सप्लांट्स (explants) का संवर्धन किया और एक्सप्लांट्स से स्वस्थ कैली (calli) प्राप्त किए।
- 1934 - व्हाइट (White, P.R) ने तरल माध्यम में उप-संवर्धन (sub culturing) पर संवर्धित टमाटर की जड़ों की अनिश्चित काल तक उत्तरजीविता (indefinite survival) प्राप्त की।
- 1939 - व्हाइट, पी.आर., गौथेरेट, आर.जे. और नोबेकोर्ट, पी. ने एक साथ असीमित अवधि के लिए पादप ऊतकों की खेती की संभावना की घोषणा की।
- 1941 - वान ओवरबीक, कॉनक्लिन और ब्लैकस्ली ने बहुत छोटे धतूरा भ्रूण (Datura embryos) के विकास के लिए नारियल के दूध (coconut milk) के महत्व को स्थापित किया।
- 1942 - व्हाइट और ब्राउन ने पौधों में क्राउन गॉल (crown gall) और ट्यूमर गठन (tumour formation) पर अध्ययन शुरू किया।
- 1944 - स्कूग (Skoog, F) ने तंबाकू कैलस में अंगजनन पर अपना काम शुरू किया।
- 1946 - बॉल (Ball, E.A) ने तने की युक्तियों के बाँझ संवर्धन से छोटे पौधों (plantlets) का विकास दिखाया। उन्हें सूक्ष्म प्रवर्धन का जनक माना जाता है।
- 1947 - ला रू (La Rue C.D) ने मक्का (Zea mays) के भ्रूणपोष संवर्धन (endosperm cultures) की शुरुआत की और उप-संवर्धन (subcultures) प्राप्त किए।
- 1948 - स्कूग और त्सुई (Skoog, F. and Tsui, C) ने इन विट्रो संवर्धित तंबाकू तने के खंडों और कैलस में वृद्धि और कली गठन के रासायनिक नियंत्रण का अध्ययन किया और सुझाव दिया कि कैलस प्रेरण (callus induction) और प्ररोह दीक्षा (shoot initiation) को संवर्धन माध्यम में संशोधन करके विनियमित किया जा सकता है।
- 1949 - स्ट्रीट और डॉर्मर ने जड़ संवर्धन और इसकी पोषक तत्वों की आवश्यकताओं पर काम शुरू किया।
- 1951 - मोरेल और वेटमोर को एकबीजपत्री (monocots) से सफल संवर्धन प्राप्त हुआ, जिन्हें कभी संवर्धन स्थितियों के लिए प्रतिरोधी (recalcitrants) माना जाता था।
- 1952 - स्टीवर्ड, कैपलिन और मिलर ने आलू के ऊतक के संवर्धन में 2, 4-डी (2, 4-D) और नारियल के दूध की सहक्रियात्मक क्रिया (synergistic action) की खोज की।
- 1952 - मोरेल और मार्टिन (Morel, G. and Martin, C) यह प्रदर्शित करने वाले पहले व्यक्ति थे कि प्ररोह विभज्योतक संवर्धन (shoot meristem culture) के माध्यम से संक्रमित पौधों से वायरस मुक्त (virus free) पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं।
- 1953 - मुइर (Muir, W.H) ने इन विट्रो में उच्च पौधों से एकल कोशिकाओं के अलगाव और विकास के अनुकूल संवर्धन स्थितियों का पता लगाया और नर्स संवर्धन तकनीक (nurse culture technique) की स्थापना की।
- 1954 - मुइर, हिल्डेब्रांट और रिकर (Muir, Hildebrandt and Riker) ने आंदोलित तरल माध्यम (agitated liquid medium) में कैलस के टुकड़ों को स्थानांतरित करके पहला निलंबन संवर्धन (suspension cultures) प्राप्त किया।
- 1955 - मिलर, स्कूग, वॉन साल्ट्ज़ा और स्ट्रॉन्ग ने कोशिका विभाजन कारक (cell division factor) की पहचान की, जिसे सामान्यतः काइनेटिन (kinetin) कहा जाता है।
- 1957 - स्कूग और मिलर ने यह परिकल्पना (hypothesis) प्रस्तुत की कि संवर्धित कैलस में प्ररोह और जड़ की शुरुआत को ऑक्सिन (auxins) और साइटोकाइनिन (cytokinin) के विशिष्ट अनुपातों द्वारा विनियमित किया जा सकता है।
- 1957 - स्कूग और मिलर ने तंबाकू में कोशिका विभाजन को बढ़ावा देने में ऑक्सिन और साइटोकाइनिन के सहक्रियात्मक प्रभावों (synergistic effects) के विचार की खोज की और उसे पेश किया।
- 1958 - स्टीवर्ड, मेप्स और मियर्स ने गाजर के निलंबन संवर्धन में कायिक भ्रूणजनन की घटना का अवलोकन किया। उन्होंने यह भी बताया कि गाजर की जड़ों से प्राप्त निलंबन में कोशिकाएं असंगठित कोशिका गुच्छे (unorganised cell clusters) बनाने में सक्षम थीं, जो बदले में पहले जड़ें, फिर प्ररोह और अंततः पूरे पौधे दे सकती थीं।
- 1959 - रेइनर्ट (Reinert, J) ने एगरिफाइड माध्यम (agarified medium) पर उगाए गए गाजर के कैलस संवर्धन से कायिक भ्रूण (somatic embryo) के निर्माण का अवलोकन किया।
- 1959 - मेल्चर्स और बर्गमैन (Melchers, G. and Bergmann L) पराग (pollen) के अलावा अन्य अगुणित ऊतकों (haploid tissues) का संवर्धन करने वाले पहले व्यक्ति थे।
- 1960 - कॉकिंग (Cocking, E.C) ने सेल्युलेस एंजाइम का उपयोग करके कोशिका भित्तियों को पचाने के बाद प्रोटोप्लास्ट (protoplasts) के अलगाव और संवर्धन की तकनीक की खोज की और टमाटर के फल ऊतक से प्रोटोप्लास्ट पर नई कोशिका भित्ति पुनर्जनन का प्रदर्शन किया।
- 1960 - बर्गमैन (Bergmann L) निलंबन संवर्धन से कोशिकाओं को ठोस माध्यम पर प्लेटिंग (plating) करके कैलस प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति थे। (बर्गमैन प्लेटिंग तकनीक)
- 1960 - मोरेल (Morel, G) ने Cymbidium में मेरिस्टेम संवर्धन द्वारा वायरस मुक्त संतति (virus free progenies) का उत्पादन करने की तकनीक की खोज की।
- 1964 - गुहा और माहेश्वरी (Guha, S. and Maheshwari, S.C) ने Datura innoxia के परिपक्व परागकोशों (anthers) का संवर्धन करके अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) के शरीर विज्ञान का अध्ययन किया और काइनेटिन और नारियल के दूध के पूरक बेसल माध्यम पर परागकोशों से भ्रूणाभ (embryoids) के विकास को देखा।
- 1965 - वासिल और हिल्डेब्रांट (Vasil, V. and Hildebrandt, A.C) ने शुरू में सूक्ष्म संवर्धन (microculture) में उगाई गई एकल कोशिका से एक परिपक्व तंबाकू पौधे के पालन-पोषण का वर्णन किया।
- 1966 - टॉरे (Torrey, J.G) ने परिकल्पना प्रस्तुत की कि कैलस में अंगजनन विभज्योतक कोशिकाओं (meristematic cells) के गुच्छों के निर्माण के साथ शुरू होता है जिन्हें मेरिस्टेमॉइड (meristemoids) कहा जाता है।
- 1966 - स्ट्रॉन आदि (Stroun, M. et al.) ने इन विट्रो स्थितियों में टमाटर में DNA स्थानांतरण (DNA transfer) किया।
- 1970 - काशा और काओ (Kasha, K. J and Kao, K.N) ने Hordeum vulgare को Hordeum bulbosum के साथ क्रॉस करके प्राप्त भ्रूणों के इन विट्रो संवर्धन द्वारा Hordeum vulgare के अगुणित पौधे (haploid plants) तैयार किए, जिसमें बल्बोसम गुणसूत्र (bulbosum chromosome) का उन्मूलन हुआ।
- 1971 - ताकेबे आदि (Takebe, I. et al.) ने तंबाकू के पृथक मेसोफिल प्रोटोप्लास्ट (mesophyll protoplasts) से पूरे पौधों को पुनर्जीवित (regenerated) किया।
- 1971 - बेंडिच और फिलानेर ने परिवर्तन अध्ययनों (transformation studies) के लिए संवर्धन में कोशिकाओं और ऊतकों का उपयोग किया।
- 1972 - विथर्स और कॉकिंग (Withers, L. and Cocking, E.C) ने प्रोटोप्लास्ट संलयन तकनीक (protoplast fusion technique) की नींव रखी।
- 1973 - पोट्रीकस (Potrykus, I) ने उसी प्रजाति के एल्बिनो प्रोटोप्लास्ट (albino protoplasts) में Petunia hybrida से क्लोरोप्लास्ट (chloroplast) और केंद्रक (nucleus) स्थानांतरण का पहला प्रयास किया।
- 1974 - मेल्चर्स और लाबीब ने Nicotiana tabacum की दो किस्मों के प्रोटोप्लास्ट को संलयित करके लैंगिक संकरों (sexual hybrids) के समान संकरों का प्रस्ताव रखा।
- 1974 - मुराशिगे (Murashige, T) ने इन विट्रो संवर्धन में विकासात्मक चरणों (developmental stages) की अवधारणा विकसित की: चरण I: एक्सप्लांट स्थापना; चरण II: प्रोपेग्यूल (propagule) का गुणन और चरण III: मिट्टी में रोपण के लिए जड़ें निकालना (Rooting) और सख्त करना (hardening)।
- 1975 - मोरेल ने एक वर्ष के लिए पुनर्जीवित पौधों के कोल्ड स्टोरेज (cold storage) की स्थापना की।
- 1976 - मुलिन और श्लेगल ने स्ट्रॉबेरी के इन विट्रो वायरस मुक्त पौधों को बनाए रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज को सफलतापूर्वक नियोजित किया।
- 1976 - सीबर्ट (Seibert, M) ने -196°C पर जमे हुए कार्नेशन प्ररोह शीर्षों से प्ररोह दीक्षा की स्थापना की।
- 1978 - ज़ेल्सर, अवीव और गालुन ने पौधों के बीच ऑर्गेनेल ट्रांसफर (organelle transfer) के पक्ष में डोनर - प्राप्तकर्ता प्रोटोप्लास्ट संलयन (Donor - Recipient protoplast fusion) नामक प्रक्रिया विकसित की।
- 1979 - पोलाको, स्पार्क्स और हावीर ने वेक्टर मध्यस्थता स्थानांतरण प्रणाली (vector mediated transfer system) द्वारा सोयाबीन यूरियाज़ (urease) संरचनात्मक जीन की क्लोनिंग का वर्णन किया।
- 1980 - ग्लेबा और हॉफमैन ने Arabidopsis और Brassica के प्रोटोप्लास्ट को संलयित करके एक नया पौधा "अरेबिडोब्रासिका (Arabidobrassica)" संश्लेषित किया।
- 1981 - लार्किन और स्कोवक्रॉफ्ट ने सोमाक्लोनल विविधता (somaclonal variation) की अवधारणा विकसित की: पौधे के सुधार के लिए कोशिका संवर्धन से परिवर्तनशीलता (variability) का एक नया स्रोत।
- 1981 - पटनायक, विल्सन और कॉकिंग ने एक एकल मुक्त संवर्धित तंबाकू प्रोटोप्लास्ट से एक संपूर्ण पौधा पुनर्जीवित किया।
- 1982 - क्रेंस आदि ने प्रोटोप्लास्ट में DNA के सीधे वितरण के लिए पॉली एथिलीन ग्लाइकॉल विधि (poly ethylene glycol method) विकसित की।
- 1983 - ज़ैम्ब्रिस्की आदि ने अपनी सामान्य पुनर्जनन क्षमता (regeneration capacity) में परिवर्तन के बिना पादप कोशिकाओं में DNA की शुरूआत के लिए टीआई प्लास्मिड वेक्टर (Ti plasmid vector) का निर्माण किया।
- 1984 - वाट्स और किंग ने प्रोटोप्लास्ट के बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रोफ्यूजन (electrofusion) के लिए एक सरल तरीका विकसित किया।
- 1984 - ब्रिसन आदि ने परिवर्तन प्राप्त किया जिसमें फूलगोभी मोज़ेक वायरस (cauliflower mosaic virus) जीनोम के हिस्से को चयन योग्य मार्कर (selectable marker) द्वारा बदल दिया गया था।
- 1985 - घिसेन आदि ने Agrobacterium tumefaciens के प्राकृतिक जीन स्थानांतरण तंत्र का उपयोग करके बहुत कुशल जीन स्थानांतरण प्रणाली (gene transfer system) विकसित की।
- 1985 - कॉकिंग (Cocking E. C) ने फसल के पौधों की एक विस्तृत श्रृंखला के मूल रोमों (root hairs) के सिरों में प्लाज्मा झिल्ली (plasma membrane) को उजागर किया।
- 1985 - तबाता और फुजिता ने Lythospermum erythrorhizon द्वारा लाल नेफ्थोक्विनोन पिगमेंट (red napthoquinone pigments) के जैव संश्लेषण को नियंत्रित करने वाले भौतिक और रासायनिक कारकों की व्याख्या की तकनीक विकसित की।
- 1986 - क्रॉस्वे आदि ने तंबाकू मेसोफिल प्रोटोप्लास्ट के केंद्रक में सीधे DNA के माइक्रोइंजेक्शन (microinjection) द्वारा क्लोन किए गए जीनों (cloned genes) को प्रोटोप्लास्ट में स्थानांतरित करने का सीधा तरीका विकसित किया।
- 1986 - हैमिल आदि ने Agrobacterium rhizogenes के साथ संक्रमण के बाद Beta vulgaris और Nicotiana rustica की बालों वाली जड़ संवर्धन (hairy root cultures) स्थापित की।
- 1986 - अब्दुल्ला, कॉकिंग और थॉम्पसन ने प्रदर्शित किया कि चावल के प्रोटोप्लास्ट से कायिक भ्रूणजनन के माध्यम से सामान्य हरे चावल के पौधों को कुशलतापूर्वक पुनर्जीवित किया जा सकता है।
- 1986 - पिरी और पावर ने पत्ती (2n) और पराग टेट्राड (n) के प्रोटोप्लास्ट को संलयित करके तंबाकू के उपजाऊ, अंतरविशिष्ट (interspecific) गैमेटोसोमैटिक ट्रिपलोइड संकर (gametosomatic triploid hybrids) का उत्पादन किया।
- 1986 - किंसारा आदि ने Lycopersicon esculentum और L. peruvianum के बीच कायिक संकर (somatic hybrids) का उत्पादन किया।
- 1987 - टेराडा आदि ने Oryza sativa और Echinochloa oryzicola की कायिक संकर कोशिकाओं से छोटे पौधों को पुनर्जीवित किया।
- 1987 - एथलेनफेल्ट और हेल्गेसन ने Solanum bravidens (2x) और S. tuberosum (2x और 4x) के बीच प्रोटोप्लास्ट संलयन से टेट्राप्लोइड और हेक्साप्लोइड कायिक संकर का उत्पादन किया।
- 1987 - न्यूहॉस आदि ने माइक्रोस्पोर व्युत्पन्न प्रोएम्ब्रियो (proembryos) की कोशिकाओं में DNA को माइक्रोइंजेक्ट करके जीन स्थानांतरण (gene transfer) को प्रभावित किया।
- 1987 - डी ला पेना आदि ने युवा पुष्प टिलर्स (floral tillers) में DNA इंजेक्ट करके ट्रांसजेनिक राई (transgenic rye) पौधे विकसित किए।
- 1988 - नोमोरू और कोमामाइन ने माइक्रोइंजेक्शन के लिए प्रोटोप्लास्ट के बजाय सेल सस्पेंशन से गाजर की एकल कोशिकाओं का उपयोग किया।
- 1988 - रोड्स आदि ने इलेक्ट्रोपोरेशन (electroporation) द्वारा ट्रांसजेनिक मक्का संयंत्र का उत्पादन किया।
- 1988 - तोरियामा आदि ने इलेक्ट्रोपोरेशन द्वारा ट्रांसजेनिक चावल का पौधा तैयार किया।
- 1989 - शिमामोटो आदि ने रूपांतरित (transformed) प्रोटोप्लास्ट से उपजाऊ ट्रांसजेनिक चावल के पौधों का उत्पादन किया।
- 1989 - प्रियोली और सोंडाहल ने मक्के के प्रोटोप्लास्ट से उपजाऊ पौधे प्राप्त किए।
- 1990 - मिलानोवा और ज़ागोर्स्का Nicotiana africana और N. tabacum के बीच संकर असंगति (hybrid incompatibility) को दूर करने में सफल रहे और भ्रूण संवर्धन द्वारा साइटोप्लाज्मिक नर बांझ (cytoplasmic male sterile) पौधे का उत्पादन किया।
- 1990 - इडा आदि ने न्यूमेटिक पार्टिकल गन (pneumatic particle gun) द्वारा त्वरित DNA-लेपित सोने के कणों द्वारा संवर्धित पादप कोशिकाओं में जीन पहुँचाए।
- 1991 - क्योज़ुका आदि ट्रांसजेनिक चावल के पौधों और उनकी संतानों में मक्का अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज I जीन (maize alcohol dehydrogenase 1 gene) के ऊतक विशिष्ट अभिव्यक्ति (tissue specific expression) प्राप्त करने में सफल रहे।
- 1991 - स्पांगेनबर्ग आदि ने उप प्रोटोप्लास्ट (sub protoplasts) (साइटोप्लास्ट और कैरियोप्लास्ट) का उपयोग करके आंशिक जीनोम (partial genomes) के अनुमानित हस्तांतरण के लिए एक विधि विकसित की।
- 1991 - सॉटर आदि ने माइक्रो प्रोजेक्टाइल (micro projectiles) के त्वरण (acceleration) के लिए एक नई विधि विकसित की। इस विधि को माइक्रो टारगेटिंग (micro targeting) कहा जाता है।
पादप ऊतक संवर्धन का इतिहास 1934 में शुरू हुआ जब गौथेरेट ने व्यवस्थित माध्यम पर पृथक कोशिकाओं और जड़ युक्तियों की खेती करने की कोशिश की। द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के कारण इस अग्रणी काम से एक नया मोड़ आया। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, अमेरिकी पादप रोगविज्ञानी (plant pathologists) पादप ऊतक संवर्धन में रुचि लेने लगे।
जैसा कि स्टीवर्ड (1970) ने बताया, पादप ऊतक संवर्धन तकनीक कृषि में एक और "मौन क्रांति (Silent Revolution in Agriculture)" है जिसमें पारंपरिक प्रजनन दृष्टिकोण (conventional breeding approaches) के पूरक के लिए बहुत अच्छी क्षमता है। इसके संभावित अनुप्रयोगों और संभावनाओं पर अगले अध्यायों में चर्चा की जाएगी।
आनुवंशिक इंजीनियरिंग (Genetic engineering)
जीनों (genes) के संशोधन (Manipulation) को आनुवंशिक इंजीनियरिंग या पुनः संयोजक DNA तकनीक (recombinant DNA technology) कहा जाता है। यह एक जीव से जीन को हटाता है और या तो:
- उन्हें दूसरे में स्थानांतरित करता है (Transfers them to another)
- एक अलग संयोजन के साथ मूल में वापस रखता है (Puts them back in the original with a different combination)
आनुवंशिक इंजीनियरिंग में वर्तमान रुचि इसके विभिन्न अनुप्रयोगों पर केंद्रित है, जैसे:
- एक विशेष जीन, जीन का हिस्सा, या जीनोम (genome) के क्षेत्र का अलगाव (Isolation)।
- विशेष RNA (RNA) और प्रोटीन (protein) अणुओं का उत्पादन उन मात्राओं में जो पहले अप्राप्य मानी जाती थीं।
- जैव रसायनों (biochemicals) (जैसे एंजाइम और दवाएं) और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण कार्बनिक रसायनों के उत्पादन में सुधार।
- विशेष वांछनीय विशेषताओं (desirable characteristics) वाले पौधों की किस्मों का उत्पादन (उदाहरण के लिए, कम उर्वरक (fertilizer) की आवश्यकता या बीमारी के प्रतिरोधी (resistant to disease) होना)।
- उच्च जीवों (higher organisms) में आनुवंशिक दोषों (genetic defects) का सुधार।
- आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण विशेषताओं (economically important features) वाले जीवों का निर्माण (उदाहरण के लिए, तेजी से परिपक्व होने (maturing faster) या अधिक उपज (greater yield) देने में सक्षम पौधे)।
सफल आनुवंशिक इंजीनियरिंग के लिए बुनियादी आवश्यकताएं (basic requirements) हैं:
- प्रतिबंध एंजाइम (Restriction enzymes)
- रुचि के जीन को ले जाने के लिए क्लोनिंग वाहन (वेक्टर) (Cloning vehicles - vectors)
- क्लोन किए गए जीनों का पता लगाना और चयन (Detection and selection of cloned genes)।
आनुवंशिक इंजीनियरिंग में प्रयुक्त विभिन्न जीन स्थानांतरण तकनीकों (gene transfer techniques) में शामिल हैं:
- एग्रोबैक्टीरियम मध्यस्थता जीन स्थानांतरण (Agrobacterium mediated gene transfer): वांछित लक्षण मूल जीव के DNA (DNA) से अलग किया जाता है, एग्रोबैक्टीरियम में डाला जाता है, लक्षित पौधे को संक्रमित किया जाता है। DNA स्वीकार करने वाली कोशिकाओं को नए गुण वाले पौधों में विकसित किया जाता है।
- जीन गन (Gene gun): जो DNA वांछित गुण को कोड करता है, उसे टंगस्टन (tungsten) के छोटे कणों पर लेपित किया जाता है और पादप कोशिकाओं के एक समूह में दागा जाता है। DNA स्वीकार करने वाली कोशिकाओं को वांछित गुण वाले पौधों में विकसित किया जाता है।
पौधे के एक मॉडल आनुवंशिक इंजीनियरिंग में निम्नलिखित सामान्य चरण शामिल हैं:
- एक पौधे जीन का चयन (Selection) जिसकी अन्य पौधों में शुरुआत सकारात्मक कृषि मूल्य (positive agricultural value) की होगी;
- ऐसे जीनों की पहचान और अलगाव (Identification and isolation);
- अलग किए गए जीनों का पादप कोशिका में स्थानांतरण (Transference);
- स्थानांतरित कोशिकाओं या ऊतकों से पूर्ण पौधों का पुनर्जनन (Regeneration)।
पादप आनुवंशिक इंजीनियरों के कुछ लक्ष्यों में ऐसे पौधों का उत्पादन शामिल है जो:
- शाकनाशी (herbicide), कीट (insect), फंगल (fungal) और वायरल रोगजनकों (viral pathogens) के प्रतिरोधी (Resistant) हैं।
- उन्नत प्रोटीन गुणवत्ता (protein quality) और अमीनो एसिड संरचना (amino acid composition)।
- बेहतर प्रकाश संश्लेषक दक्षता (photosynthetic efficiency)।
- उन्नत फसल के बाद की हैंडलिंग (post harvest handling)।
यह तकनीक पौधे प्रजनक (plant breeder) के लिए एक अतिरिक्त उपकरण प्रदान कर सकती है जो पारंपरिक तरीकों से फसलों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा, पौधों को आनुवंशिक संसाधन (genetic resource) के रूप में देखा जा सकता है, जीन क्लोन किए जा रहे हैं, और बैक्टीरिया (bacteria) में व्यक्त किए जा रहे हैं। इन बैक्टीरिया का उपयोग फरमेंटर (fermenter) का उपयोग करके औद्योगिक स्तर पर वांछनीय संयंत्र उत्पादों का उत्पादन करने के लिए किया जा सकता है। इंजीनियर बहिर्जात जीन (engineered foreign genes) व्यक्त करने वाले पहले ट्रांसजेनिक पौधों (transgenic plants) को 1984 में प्राप्त किया गया था।
उच्च पौधों के लिए जीन स्थानांतरण प्रणाली के विकास में पिछले कुछ वर्षों में नाटकीय प्रगति हुई है। वर्तमान में लगभग 20 फसलों को आनुवंशिक रूप से इंजीनियर किया जा सकता है। कई प्रजातियों के आनुवंशिक संशोधन में तेजी से प्रगति हो रही है और लगभग हर महीने एक और सफल पौधे परिवर्तन की सूचना दी जाती है।
प्रश्न (Questions)
- छाल निकाले गए एल्म के पेड़ में कैलस निर्माण की खोज किसके द्वारा की गई थी (Callus formation in the decorticated elm tree was discovered by)?
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ (Duharmel du Monceau)
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट (Haberlandt)
- d) रेचिंगर (Rechinger)
- किसका काम पादप ऊतक संवर्धन की खोज की प्रस्तावना था (Who's work was foreword for the discovery of plant tissue culture)?
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट
- d) रेचिंगर
- उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने यह विचार व्यक्त किया कि एक बहुकोशिकीय जीव की प्रत्येक जीवित कोशिका स्वतंत्र रूप से विकसित होने में सक्षम होगी यदि उचित बाहरी परिस्थितियां प्रदान की जाएं (Name the scientist who expressed the view that each living cell of a multicellular organism would be capable of developing independently if provided with proper external conditions)।
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) श्वान (Schwann)
- c) हैबरलैंड्ट
- d) रेचिंगर
- उस वैज्ञानिक का नाम बताइए जिसने एक तने के टुकड़े के ऊपरी भाग से कलियों के विकास में और निचले भाग से जड़ों या कैलस के विकास में ध्रुवता का प्रस्ताव रखा (Name the scientist who proposed the polarity in development of buds from the upper portion and roots or callus and from the lower portion of a stem piece)।
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट
- d) वोचिंग (Vochting)
- अलग किए गए तने के टुकड़ों और जड़ के स्लाइस पर कैलस निर्माण किसके द्वारा वर्णित है (Callus formation on isolated stem fragments and root slices is described by)?
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट
- d) रेचिंगर
- पूर्णशक्तता शब्द किसके द्वारा गढ़ा गया था (The term totipotency was coined by)?
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट
- d) रेचिंगर
- पूर्णशक्तता शब्द का अर्थ है (The term totipotency means)?
- a) एक कोशिका की व्यक्तिगत पौधा बनाने की क्षमता (the capability of a cell to form an individual plant)
- b) एक कोशिका की व्यक्तिगत कोशिका बनाने की क्षमता (the capability of a cell to form an individual cell)
- c) दोनों a & b (both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं (None of the above)
- पादप ऊतक संवर्धन के जनक हैं (Father of plant tissue culture is)?
- a) दुहर्मेल डू मोंसेउ
- b) मॉर्गन, टी.एच
- c) हैबरलैंड्ट
- d) रेचिंगर
- भ्रूण संवर्धन का सबसे पहले प्रदर्शन किसके द्वारा किया गया था (The embryo culture was first demonstrated by)?
- a) रॉबिंस (Robbins)
- b) हैरिसन (Harrison)
- c) लियाबैक (Liabach)
- d) कोट्टे (Kotte)
- सूक्ष्म प्रवर्धन के जनक हैं (Father of micropropagation is)?
- a) बॉल (Ball)
- b) हैरिसन
- c) रॉबिंस
- d) कोट्टे
- तंबाकू कैलस में अंगजनन पर काम सबसे पहले किसके द्वारा शुरू किया गया था (The work on organogenesis in tobacco callus is first started by)?
- a) बॉल
- b) स्कूग (Skoog)
- c) रॉबिंस
- d) व्हाइट (White)
- किसने पौधों में क्राउन गॉल और ट्यूमर गठन पर अध्ययन शुरू किया (initiated studies on crown gall and tumour formation in plants)?
- a) व्हाइट
- b) ब्राउन (Braun)
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- किसने प्रदर्शित किया कि प्ररोह विभज्योतक संवर्धन के माध्यम से संक्रमित पौधों से वायरस मुक्त पौधे प्राप्त किए जा सकते हैं (Who demonstrated that virus free plants can be recovered from infected plants through shoot meristem culture)?
- a) मोरेल (Morel)
- b) मार्टिन (Martin)
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- नर्स संवर्धन तकनीक किसके द्वारा स्थापित की गई थी (The nurse culture technique was established by)?
- a) व्हाइट
- b) ब्राउन
- c) मुइर (Muir)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- आंदोलित तरल माध्यम में कैलस के टुकड़ों को स्थानांतरित करके पहला निलंबन संवर्धन (suspension culture) किसके द्वारा प्राप्त किया गया था (The first suspension culture by transferring callus fragments to agitated liquid medium was obtained by)?
- a) हिल्डेब्रांट (Hildebrandt)
- b) रिकर (Riker)
- c) मुइर
- d) उपरोक्त सभी (All the above)
- काइनेटिन की पहचान किसके द्वारा की गई थी (Kinetin was identified by)?
- a) मिलर (Miller)
- b) स्कूग
- c) वॉन साल्ट्ज़ा और स्ट्रॉन्ग (Von Saltza and Strong)
- d) उपरोक्त सभी
- गाजर के निलंबन संवर्धन में कायिक भ्रूणजनन की घटना किसके द्वारा देखी गई थी (The phenomenon of somatic embryogenesis in suspension culture of carrot was observed by)?
- a) स्टीवर्ड (Steward)
- b) मेप्स (Mapes)
- c) मियर्स (Mears)
- d) उपरोक्त सभी
- आंदोलित तरल माध्यम में कैलस के टुकड़ों को स्थानांतरित करके पहला निलंबन संवर्धन किसके द्वारा प्राप्त किया गया था?
- a) हिल्डेब्रांट
- b) रिकर
- c) मुइर
- d) उपरोक्त सभी
- एगरिफाइड माध्यम पर उगाए गए गाजर के कैलस संवर्धन से कायिक भ्रूण निर्माण (somatic embryo formation) किसके द्वारा देखा गया था (The somatic embryo formation from callus cultures of carrot grown on an agarified medium was observed by)?
- a) हिल्डेब्रांट
- b) रेइनर्ट (Reinert)
- c) मुइर
- d) उपरोक्त सभी
- सेल्युलेस एंजाइम का उपयोग करके कोशिका भित्तियों को पचाने के बाद प्रोटोप्लास्ट के अलगाव और संवर्धन की तकनीक किसके द्वारा खोजी गई थी (the technique of isolation and culture of protoplasts after digesting the cell walls enzymatically was discovered by)?
- a) हिल्डेब्रांट
- b) कॉकिंग (Cocking)
- c) मुइर
- d) उपरोक्त सभी
- प्लेटिंग तकनीक (plating technique) का आविष्कार किसके द्वारा किया गया था (The plating technique was invented by)?
- a) बर्गमैन (Bergmann)
- b) रिकर
- c) मुइर
- d) उपरोक्त सभी
- मेरिस्टेम संवर्धन (Meristem culture) किसके द्वारा खोजा गया था (Meristem culture was discovered by)?
- a) बर्गमैन
- b) रिकर
- c) मोरेल
- d) उपरोक्त सभी
- परागकोश संवर्धन (Anther culture) किसके द्वारा खोजा गया था (Anther culture was discovered by)?
- a) गुहा (Guha)
- b) माहेश्वरी (Maheshwari)
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- इन विट्रो संवर्धन में विकासात्मक चरणों की अवधारणा किसके द्वारा विकसित की गई थी (The concept of developmental stages in cultures in vitro culture was developed by)?
- a) मुराशिगे (Murashige)
- b) स्कूग
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- इन विट्रो संवर्धन में विकासात्मक चरणों की अवधारणा किसके द्वारा विकसित की गई थी? (नोट: यह प्रश्न दोहराया गया है)
- a) मुराशिगे
- b) स्कूग
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- प्रोटोप्लास्ट में DNA के सीधे वितरण के लिए पॉली एथिलीन ग्लाइकॉल विधि किसके द्वारा विकसित की गई थी (The poly ethylene glycol method for the direct delivery of DNA into protoplasts was developed by)?
- a) क्रेंस (Krens)
- b) मोलोन्डिज्क (Molondijk)
- c) विलियम्स (Williams)
- d) उपरोक्त सभी
- प्रोटोप्लास्ट के बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रोफ्यूजन के लिए एक सरल विधि किसके द्वारा विकसित की गई थी (A simple method for large scale electrofusion of protoplasts was developed by)?
- a) वाट्स (Watts)
- b) किंग (King)
- c) दोनों a & b (Both a & b)
- d) उपरोक्त में से कोई नहीं
- सफल आनुवंशिक इंजीनियरिंग के लिए बुनियादी आवश्यकताएं हैं (The basic requirements for successful genetic engineering are)?
- a) प्रतिबंध एंजाइम
- b) क्लोनिंग वाहन (वेक्टर)
- c) क्लोन किए गए जीनों का पता लगाना और चयन
- d) उपरोक्त सभी
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अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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