फिंगर मिलेट (Finger Millet)

रागी (Ragi) - Eleusine coracana Gaertn. (2n = 36)

(फिंगर मिलेट / केझवरगु / केप्पई / मुथायर / थामिडा / नचेनी / मन्डल)

फिंगर मिलेट पूर्वी और मध्य अफ्रीका और भारत के कुछ हिस्सों में, विशेष रूप से कर्नाटक में एक महत्वपूर्ण मुख्य भोजन (staple food) है। इसका उपयोग माल्टिंग (malting) और शराब बनाने (brewing) के लिए किया जाता है।

उत्पत्ति स्थान (Place of Origin): भारत

वर्गीकरण (Classification): Eleusine वंश (genus) में ग्यारह प्रजातियां (species) होती हैं। इनमें से छह द्विगुणित (diploids) हैं और पांच चतुर्गुणित (tetraploids) हैं।

कृष्य प्रजातियों की उत्पत्ति (Origin of cultivated species):

E. indica को चतुर्गुणित (tetraploid) E. africana के जनकों (parents) में से एक माना जाता है। E. coracana, E. africana से चयनित उत्परिवर्ती (mutants) थे।

E. indica द्विगुणित (2n=18) × निकट संबंधी टैक्सा (Closely related taxon)

↓ गुणसूत्र द्विगुणन (Chromosome doubling)

E. africana (2n = 36)

↓ इंट्रोग्रेशन (introgression) / उत्परिवर्ती (mutant)

E. coracana (2n = 36) चतुर्गुणित

उष्णकटिबंधीय अफ्रीका (Tropical Africa) के उच्च क्षेत्रों (highlands) में E. coracana और E. africana के बीच संकरण (Hybridisation) और इंट्रोग्रेशन जारी रहा और अभी भी जारी है।

Eleusine के लक्षण (Characters of Eleusine):

रागी के कृष्य प्रकार (Cultivated types of Ragi):

रागी के दो कृष्य प्रकार हैं:

  1. भारतीय रागी (Indian ragi), E. coracana
  2. अफ्रीकी रागी (African ragi), E. africana

रागी (फिंगर मिलेट)

Eleusine coracana (2n = 36)

उत्पत्ति (Origin):
कृष्णास्वामी (Krishnaswamy) (1952) के अनुसार कृष्य प्रजाति E. coracana अपने जंगली संबंधी (wild relative) E. indica से एलोटेट्राप्लॉइड (allotetraploid) के रूप में उत्पन्न हुई। एशिया (Asia) और अफ्रीका (Africa) को उत्पत्ति का स्थान माना जाता है। अफ्रीकी प्रकारों में बड़े दाने होते हैं।

जंगली संबंधी (Wild relatives):

Eleusine वंश में 11 प्रजातियां शामिल हैं जिनमें से 6 द्विगुणित हैं और 5 चतुर्गुणित हैं।

द्विगुणित (2n = 18):

  1. Eleusine indica
  2. Eleusine oligostachya
  3. E. tristachya
  4. E. poranansis
  5. E. jaegeri
  6. E. flacifolia

चतुर्गुणित (2n = 36):

  1. Eleusine coracana
  2. E. africana
  3. E. longipoides
  4. E. verticillata
  5. E. cagopoides

प्रजनन उद्देश्य (Breeding objectives):

  1. सिंचित स्थितियों (irrigated conditions) के लिए उपयुक्त 80 दिनों की अवधि वाली रागी का विकास।
  2. वर्षा आधारित स्थितियों (rainfed conditions) के लिए उपयुक्त कम अवधि (short duration) वाली सूखा प्रतिरोधी (drought resistant) किस्मों का प्रजनन।
  3. माल्ट बनाने (malt making) के लिए उपयुक्त उच्च प्रोटीन (high protein) वाली सफेद रागी (white ragi) किस्मों के लिए प्रजनन।
  4. ब्लास्ट प्रतिरोधी (Blast resistant) किस्में।
  5. सोडिक मृदा (sodic soils) और चर्मशोधन अपशिष्ट (tannery effluent) से प्रभावित मृदा के लिए किस्मों का प्रजनन।

प्रजनन तकनीकें (Breeding techniques):

  1. पुरःस्थापन द्वारा (By introduction):
    कर्नाटक से Indaf 5 रागी (Indaf 5 Ragi from Karnataka)।
  2. चयन द्वारा (By selection):
    शुद्ध वंशक्रम चयन (Pure line selection)। पहले की सभी किस्में शुद्ध वंशक्रम चयन द्वारा ही विकसित की गई थीं।
    उदाहरण: Co7, Co11, Co12, Paiyur 1, TRY I
  3. संकरण और चयन (Hybridization and selection):
    अफ्रीकी प्रकार लंबी उंगलियों, बड़े दानों और सख्त पुआल वाले होते हैं। इसके अलावा वे प्रकाश संवेदी (photosensitive) होते हैं और उनमें असमान दाना परिपक्वता (uneven grain maturity) होती है। इस लक्षण (character) के कारण उन्हें भारत में खेती के लिए अनुशंसित नहीं किया जाता है। भारतीय प्रकार छोटी उंगलियों, छोटे दानों और प्रकाश असंवेदी वाले होते हैं। रोग और सूखा प्रतिरोध (disease and drought resistance) से युक्त अतिरिक्त लंबी उंगलियों (extra long fingered) वाली किस्मों को विकसित करने के लिए अफ्रीकी प्रकारों का उपयोग संकरण कार्यक्रम (hybridization programme) में किया जाता है। भारतीय-अफ्रीकी क्रॉस डेरिवेटिव्स (Indian African cross derivatives) को Indaf किस्मों कहलाता है जो अंतर-विशिष्ट (interspecific) हैं।

    अन्य राज्य की किस्में (Other state varieties):
    उदाहरण: Indaf 5 (Cauvery × IE 929), Indaf 9

    तमिलनाडु की किस्में (Tamil Nadu varieties):
  4. हेटेरोसिस प्रजनन (Heterosis breeding):
    गेमेटोसाइड (gametocide), GA3, 2,4-D के उपयोग के माध्यम से नर बंध्यता (male sterility) का कृत्रिम प्रेरण (Artificial induction) करने का प्रयास किया जा रहा है।
  5. उत्परिवर्तन प्रजनन (Mutation breeding):
    T20 - AKP-7 से उत्परिवर्ती।
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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