आनुवंशिक पुनर्संयोजन क्रॉसिंग ओवर (Genetic recombination crossing over) अर्धसूत्रीविभाजन I (meiosis I) के पैचीटीन (pachytene) के आसन्न पैतृक और मातृ क्रोमैटिड्स (adjacent paternal and maternal chromatids) के संबंधित भागों (corresponding parts) का पारस्परिक आदान-प्रदान (mutual exchange) है, जो जीन के नए संयोजन (new combinations of genes) का उत्पादन करता है। खंडों के आदान-प्रदान (interchange of segments) के परिणामस्वरूप होने वाले क्रोमैटिड्स (chromatids) को क्रॉस ओवर रिकॉम्बिनेंट (cross over recombinants) कहते हैं और जो क्रोमैटिड बरकरार (chromatids that remain intact) रहते हैं उन्हें गैर-क्रॉसओवर पैतृक क्रोमैटिड (non-crossover parental chromatids) कहा जाता है।
A: सिंगल संकरण (Single Crossing), B: रेसिप्रोकल डबल क्रॉसिंग ओवर (Reciprocal Double Crossing Over), C और D: पूरक डबल क्रॉसिंग ओवर (Complementary Double Crossing Over)
यह 50% पैतृक (parental) और 50% पुनः संयोजक क्रोमैटिड (recombinant chromatids) पैदा करता है
a. यह नए संयोजन वाले लक्षण (new combinations of traits) वाले नए व्यक्ति (new individuals) पैदा करता है।
b. क्रॉसिंग ओवर ने जीन की रैखिक व्यवस्था (linear arrangement of genes) की अवधारणा (concept) को स्थापित करने (establishing) में मदद की है।
c. क्रॉसिंग ओवर की आवृत्ति (frequency of crossing over) गुणसूत्रों (chromosomes) के मानचित्रण (mapping) में मदद करती है, अर्थात गुणसूत्रों में जीन (genes) के स्थान (location) का निर्धारण (determining) करना।
d. आनुवंशिकीविदों (geneticists) द्वारा उपयोगी पुनर्संयोजन (useful recombination) के चयन (Selection) से हमारे देश में हरित क्रांति (green revolution) आई है।
1931 में, ज़िया मेयस (Zea mays) में क्राइटन (Creighton) और मैक्लिंटॉक (McClintock) द्वारा इसी तरह के प्रयोगों (similar experiments) के प्रकाशन (publication) के कुछ हफ्तों बाद, स्टर्न (Stern) ने ड्रोसोफिला (Drosophila) के साथ काम (work) की सूचना दी।
2 लिंक्ड लक्षण (Linked traits) हैं: कार्नेशन आई (carnation eye) और बार-आई मक्खियाँ (bar-eye flies)। कार्नेशन (Carnation) अप्रभावी (recessive) है, बार-आई (bar-eye) प्रमुख (dominant) है। B/B होमोजाइगोट्स (homozygotes) में, आँख (eye) बहुत संकीर्ण (very narrow) होती है। B/+ हेटरोस (heteros) में, "वाइड-बार" ("wide-bar") मिलता है।
नर (Male) में सामान्य X गुणसूत्र (normal X chromosome), car +/Y था और मादा (Female) में 2 साइटोलॉजिकल रूप से अलग (cytologically distinct) X गुणसूत्र (X chromosomes) थे। एक X में Y गुणसूत्र का एक हिस्सा (portion of the Y chromosome) जुड़ा (attached) हुआ था, जिससे यह सामान्य से अधिक लंबा (longer than normal) हो गया। यह दोनों जीनों (both genes) के लिए जंगली प्रकार (wild type) का था। दूसरा X सामान्य से छोटा (shorter than normal) था, और उस पर car और B एलील (alleles) थे।
देखे गए परिणामों (observed results) के लिए मादाओं (females) द्वारा उपरोक्त प्रकार के युग्मक (above types of gametes) उत्पन्न (produced) करने की आवश्यकता होती है। मुख्य अवलोकन (key observation) यह था कि आनुवंशिक पुनर्संयोजन (genetic recombination) के हर मामले (every case) में, साइटोलॉजिकल विशेषताओं (cytological features) का पुनर्संयोजन (recombination) भी हुआ था। मकई के प्रयोगों (corn experiments) में भी इसी तरह के परिणाम (same type of results) पाए गए थे। आनुवंशिक पुनर्संयोजन (Genetic recombination - संतानों के फेनोटाइप - phenotypes of the offspring) हमेशा (always) साइटोलॉजिकल विशेषताओं के पुनर्संयोजन के साथ (accompanied) था। साथ में (Together), इन दो अध्ययनों (two studies) ने आनुवंशिकी के क्षेत्र (field of genetics) को आश्वस्त (convinced) किया कि गुणसूत्र खंडों (chromosome segments) का भौतिक आदान-प्रदान (physical exchange) जुड़े हुए जीनों (linked genes) के पुनर्संयोजन का आधार (basis) था।
लेकिन (BUT), संकरण-ओवर (crossing-over) कब (when) हुआ। याद रखें (Remember), अर्धसूत्रीविभाजन की शुरुआत (start of meiosis) में, होमोलॉग (homologues) पहले से ही दोहराए गए (already replicated) हैं, और पहले से ही युग्मित (already paired up) हैं। तो, एक प्रशंसनीय मॉडल (plausible model) यह है कि प्रतिकृति (replication) से पहले (before), इंटरफेज़ (interphase) के दौरान (during) वास्तव में संकरण-ओवर होता है। अर्थात (That is), जब प्रत्येक गुणसूत्र जोड़ी (each chromosome pair) में 4 (चतुर्थक चरण नहीं - not the tetrad stage) नहीं, बल्कि 2 क्रोमैटिड (2 chromatids) शामिल (consist) होंगे।
दोनों मॉडलों के बीच अंतर कैसे करें? (How to distinguish between the two models?)
दोनों मॉडलों (two models) के बीच अंतर (distinguish) करने के लिए एक सही आदर्श जीव (right model organism) न्यूरोस्पोरा क्रैसा (Neurospora crassa - एक ब्रेड मोल्ड - a bread mold) का चयन किया गया था।
आम तौर पर (Normally), यह अलैंगिक (asexually) और लैंगिक रूप (sexually) से प्रजनन (reproduces) करता है। संभोग के दो प्रकार (two mating types) हैं: A और a। 2 अगुणित नाभिक (2 haploid nuclei) एक द्विगुणित नाभिक (diploid nucleus) देने के लिए फ्यूज (fuse) करते हैं, जो इस जीवन चक्र (life cycle) का एकमात्र द्विगुणित चरण (only diploid phase) है। अर्धसूत्रीविभाजन (Meiosis) एक एस्कस (ascus) के भीतर 4 अगुणित बीजाणु (4 haploid spores) पैदा करता है। बाद में (Subsequent) समसूत्री विभाजन (mitotic division) एक रैखिक व्यवस्था (linear arrangement) में 8 अगुणित (haploid), यौन एस्कोस्पोर (sexual ascospores) पैदा करता है। एक एकल अर्धसूत्रीविभाजन (single meiosis) के सभी उत्पाद (products) एस्कस में एक साथ पाए जाते हैं। और, 4 बीजाणु जोड़े (4 spore pairs) का क्रम (order) मेटाफ़ेज़ I (Metaphase I) के दौरान प्रत्येक टेट्राड (each tetrad) के 4 क्रोमैटिड (4 chromatids) के क्रम के समान (same) है। हमारे आदर्श जीव (model organism) के जीव विज्ञान (biology) को भुनाकर (capitalizing), हम अब हमारी 2 प्रतिस्पर्धी परिकल्पनाओं (2 competing hypotheses) का कड़ाई से परीक्षण (rigorously test) कर सकते हैं: क्या क्रॉसिंग ओवर 2-क्रोमैटिड चरण (2-chromatid phase) के दौरान होता है, या 4-क्रोमैटिड चरण (4-chromatid phase) के दौरान?
परीक्षण करने के लिए (To test), हमें एक ही गुणसूत्र (same chromosome) पर 2 जीन (2 genes) पर उत्परिवर्तन (mutations) वाले उपभेदों (strains) की आवश्यकता है। न्यूरोस्पोरा (Neurospora) में, कई पोषण संबंधी उत्परिवर्ती (many nutritional mutants) ज्ञात हैं। ये अपने दम पर (on their own) कुछ आवश्यक पोषक तत्व (some essential nutrient) बनाने में असमर्थ (unable) हैं, और इसे उनके माध्यम (medium) में आपूर्ति (supplied) की जानी चाहिए। met उत्परिवर्ती (met mutants) अपने स्वयं के मेथिओनिन (methionine) को संश्लेषित (synthesize) करने में असमर्थ हैं। his उत्परिवर्ती (his mutants) अपने स्वयं के हिस्टिडीन (histidine) को संश्लेषित करने में असमर्थ हैं।
सभी बीजाणु पुनः संयोजक हैं (All spores are recombinants)।
नोट (Note): 1/2 पैतृक हैं, 1/2 पुनः संयोजक (recombinant) हैं। इस तरह के बार-बार प्रयोगों (Repeated experiments like this) ने दिखाया है कि हमें दूसरे प्रकार का परिणाम (second type of result) मिलता है। अर्थात (I.e.), क्रॉसिंग ओवर टेट्राड चरण (tetrad stage - 4 क्रोमैटिड - 4 chromatids) में होता है। वे यह भी दिखाते हैं कि विनिमय पारस्परिक (exchange is reciprocal) है: 2 गुणसूत्रों (2 chromosomes) की समान मात्रा (equal amounts) की अदला-बदली (swapped) की जाती है।
(लिंकेज मैप / क्रॉस ओवर मैप / जेनेटिक मैप - Linkage map / Cross over map / Genetic map)
गुणसूत्र मानचित्र को एक रेखा (line) के रूप में परिभाषित (defined) किया जा सकता है, जिस पर जीनों को बिंदुओं (points) द्वारा दर्शाया (represented) जाता है, जो क्रॉसिंग ओवर की मात्रा (amount of crossing over) के आनुपातिक दूरी (distances proportional) से अलग (separated) होते हैं।
गुणसूत्र मानचित्रों (chromosome maps) को क्रॉस ओवर मैप (cross over maps) भी कहा जाता है क्योंकि वे क्रॉसिंग ओवर की मात्रा द्वारा स्केच (sketched) किए जाते हैं।
क्रॉसिंग ओवर का प्रतिशत (percentage of crossing over) गुणसूत्र (chromosome) में क्रॉसिंग ओवर दिखाने वाले एलील की दूरी (distance of the alleles showing crossing over) के सीधे आनुपातिक (directly proportional) है।
गुणसूत्र मानचित्र (chromosomes maps) एक गुणसूत्र में जीनों का चित्रमय प्रतिनिधित्व (graphic representation) हैं।
क्रॉसिंग ओवर के प्रतिशत की गणना (calculated) टेस्ट क्रॉस (test crosses) द्वारा की जाती है। जीनों की मैपिंग में, दूरी की एक इकाई (unit of distance) का उपयोग किया जाता है और इसे मैप यूनिट (map unit) या मॉर्गन यूनिट (Morgan unit) कहा जाता है।
पहला गुणसूत्र मानचित्र (first chromosome map) 1911 में स्टुरटेवेंट (Sturtevant) द्वारा बनाया गया था और इसके तुरंत बाद (soon after) ब्रिज और अन्य (Bridges and others) द्वारा अतिरिक्त मानचित्र (additional maps) बनाए गए थे।
ड्रोसोफिला मानचित्र (maps) बनाने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा इस्तेमाल (used by the scientists) की जाने वाली सबसे पुरानी सामग्री (earliest material) है।
वास्तव में (In fact) लिंक्ड जीन के विभिन्न जोड़े (different pairs) के बीच परिणामों (results) को पार करने के आधार पर गुणसूत्र पर जीन प्लॉट (plotted) किए जाते हैं। दो जीनों (two genes) के बीच की वास्तविक दूरी (actual distance) इन जीनों के बीच क्रॉसिंग ओवर के प्रतिशत (percentage) के बराबर (equivalent) मानी जाती है।
जब दो जीनों के बीच क्रॉसिंग ओवर का % 5 होता है, तो दूरी (distance) 5 इकाइयाँ (units) होती है। उदाहरण के लिए (For example) पांच जीनों (five genes) A, B, C, D और E को एक गुणसूत्र पर प्लॉट किया जाना है। यदि क्रॉस ओवर परिणाम (cross over results) इंगित (indicate) करते हैं कि जीन A और E में क्रॉसिंग ओवर का उच्चतम प्रतिशत (highest percentage) है, तो इसका मतलब (means) है कि इन्हें अधिकतम दूरी (maximum distance) पर रखा जाना चाहिए।
इस उदाहरण (example) में, जीन A को गुणसूत्र में एक प्रारंभिक बिंदु (starting point) के रूप में लिया जा सकता है और इसे O द्वारा दर्शाया जा सकता है।
अब यदि जीन A और B 7% क्रॉसिंग ओवर प्रदर्शित (exhibit) करते हैं, तो जीन B को गुणसूत्र पर 7 इकाइयों (7 units) की दूरी पर रखा (placed) जा सकता है।
यदि जीन C, जीन B के साथ 8% क्रॉसिंग ओवर और जीन A के साथ लगभग 15% क्रॉसिंग ओवर दिखाता (shows) है, तो इसे गुणसूत्र पर जीन A से 15 इकाइयों (15 units) की दूरी पर प्लॉट किया जा सकता है।
इसी तरह (Similarly) यदि जीन A और E, जीन D के साथ 20% और 30% क्रॉसिंग ओवर प्रदर्शित करते हैं और जीन C के साथ 5% और 10% क्रॉसिंग ओवर प्रदर्शित करते हैं, तो ये गुणसूत्र पर जीन C से क्रमशः 5 और 10 इकाई (5 and 10 units away) दूर स्थित (located) हैं।
ड्रोसोफिला में क्रोमोसोम मानचित्र टेस्ट क्रॉस (test cross) की मदद (help) से बनाया (constructed) जाता है।
ड्रोसोफिला में ग्रे रंग (grey colour) काले रंग (black colour) पर हावी होता है; और लंबा पंख (long wing) अवशेषी पंख (vestigial wing) पर हावी होता है।
F1 मादा संकर (F1 female hybrid) का परीक्षण क्रॉस (test crossed) किया जाता है। चार प्रकार (Four types) के व्यक्ति (individuals) बनते हैं। चार प्रकारों में से, दो प्रकार (two types) पैतृक प्रकार (parental type - G:L और B:V - G:L & B:V) हैं और अन्य दो (other two) क्रॉसिंग ओवर के कारण (due to) गैर-पैतृक प्रकार (non parental type - G:V और B:L - G:V & B:L) हैं। गैर-पैतृक प्रकार (Non-parental type) 17% है। इसलिए क्रॉसिंग ओवर का प्रतिशत 17% के बराबर (equivalents) है। दो जीनों (two genes - G-L) के बीच की दूरी क्रॉसिंग ओवर के प्रतिशत या गैर-पैतृक संयोजन के प्रतिशत (percentage of non parental combination) के बराबर है। इसलिए जीन (gene) G और L के बीच की दूरी 17 मॉर्गन इकाइयों (17 morgan units) के बराबर है।
गैर पैतृक संयोजन का प्रतिशत = 17%
तो क्रॉसिंग ओवर का प्रतिशत = 17
तो जीन जी और एल के बीच की दूरी (distance between the Gene G & L) = 17 मैप यूनिट (17 map unit)
एक अन्य प्रयोग (another experiment) में F1 मादा ग्रे रेड (F1 female grey red) को ब्लैक सिनाबार (black cinnabar) के साथ टेस्ट क्रॉस किया जाता है। प्रयोग (experiment) 9% गैर पैतृक संयोजन व्यक्तियों (non parental combination individuals) को दर्शाता है। इसलिए जीन G और Cn के बीच की दूरी (distance between the Gene G & Cn) 9 मैप यूनिट (9 map unit) के बराबर (equavalent) है。
उसी तरह (same way) F1 मादा लाल लंबे (F1 female red long) का सिनाबार अवशेषी (cinnabar vestigial) के साथ टेस्ट क्रॉस किया जाता है। प्रयोग 9.5% गैर-पैतृक संयोजन व्यक्तियों (non-parental combination individuals) को दर्शाता है। इसलिए जीन Cn के बीच की दूरी (distance between the gene Cn) 9.5 मैप यूनिट (9.5 map unit) के बराबर है。
पहले प्रयोग (first experiment) के अनुसार (According to) G और L के बीच की दूरी 17 मैप यूनिट के बराबर है। लेकिन दूसरे और तीसरे प्रयोग (second and third experiment) में दो जीनों के बीच 18.5 मैप यूनिट (18.5 map units) दिखाई देते हैं। दूरी में इस अंतर (difference in the distance) का वास्तविक कारण (actual reason) जानने के लिए (find out), 3 पॉइंट क्रॉस (3 point cross) का संचालन (conduct) करें।
थ्री पॉइंट क्रॉस में प्रयोग में जीन के तीनों जोड़ियों (all the three pairs) पर विचार (considered) किया जाता है। F1 हाइब्रिड मादा (F1 hybrid female) का परीक्षण क्रॉस किया जाता है। वे 8 विभिन्न प्रकार (8 different types) के व्यक्तियों का उत्पादन (produce) करते हैं। 8 प्रकारों (8 types) में से, दो प्रकार पैतृक हैं। शेष छह (Remaining six) गैर-पैतृक (non-parental) हैं।
| नर | मादा |
|---|---|
| माता-पिता (Parent) : ग्रे लाल लंबा (Grey Red Long) | काले सिनाबार वेस्टिजियल (Black cinnabar Vestigial) |
| G Cn L | x g cn l |
| Y-गुणसूत्र (Y-chromosome) | g cn l |
| सामान्य (Normal) | |
|---|---|
| F1: | G Cn L g cn l |
| बैक क्रॉस (Back cross) : | मादा सामान्य |
नर अप्रभावी |
|---|---|---|
| G Cn L g cn l |
x g cn l Y - गुणसूत्र |
F2 संतान (F2 Offspring)
लिंकेज के कारण पैतृक संयोजन (Parental combinations due to linkage) = 658 = 82.25%
गैर पैतृक संयोजन (Non parental combination) : सिंगल क्रॉस ओवर (Single cross over) :
a) G और Cn के बीच (Between G and Cn)
g Cn L = 36
1. काला लाल लंबा (Black red long) g cn l = 70
2. ग्रे सिनाबार वेस्टिजियल (Grey cinnabar vestigial) G cn l = 34
g cn l
b) Cn और L के बीच (Between Cn and L)
1. ग्रे रेड वेस्टिजियल (Grey red vestigial) G Cn l / g cn l = 35
= 66
2. ब्लैक सिनाबार लॉन्ग (Black cinnabar long) g cn L / g cn l = 31
डबल क्रॉस ओवर (Double cross over)
1. ग्रे सिनाबार लॉन्ग (Grey cinnabar long) G cn L / g cn l = 4
= 6
2. ब्लैक रेड वेस्टिजियल (Black red vestigial) g Cn l / g cn l = 2
G और Cn के बीच कुल c.o (Total c.o between G and Cn) = 70 + 6 = 76 = 9.5%
(डबल c.o शामिल है - includes double c.o)
Cn और L के बीच कुल c.o (Total c.o between Cn and L) = 66 + 6 = 72 = 9.0%
(डबल c.o शामिल है - includes double c.o)
G और L के बीच कुल c.o (Total c.o. between G and L) = 76 + 72 = 148 = 18.5%
(डबल c.o शामिल है - includes double c.o)
G और L के बीच C.o (C.o between G and L) = 70 + 66 = 136 = 17%
(डबल c.o शामिल नहीं - double c.o not included)
इन परिणामों से (From these results), यह निष्कर्ष निकाला गया (concluded) है कि जीन सिनाबार (gene cinnabar) काले शरीर के रंग (black body colour) और वेस्टिजियल पंखों (vestigial wings) के जीन के बीच आधे रास्ते (half - way) के बारे में स्थित (lies) है। काले शरीर (black body) और वेस्टिजियल विंग के बीच क्रॉसिंग ओवर की कुल मात्रा (total amount of crossing over) पहले क्रॉस (first cross) के आधार पर अपेक्षित 17% (expected 17%) के बजाय (rather than) 18.5% है। अभी ध्यान दी गई (just noted) विसंगति (discrepancy - 18.5 - 17 = 1.5), डबल क्रॉसिंग ओवर (double crossing over) की घटना के कारण (because of the occurrence) उत्पन्न (arises) होती है, अर्थात, इन दो लोकी (these two loci) के बीच एक ही कोशिका (same cell) में एक साथ (simultaneously) होने वाले दो क्रॉस ओवर (two cross overs)।
इन परिणामों (these results) पर अंतिम जांच (final check) के रूप में, एक ही बार में (at once) जीन के सभी तीन जोड़े (all three pairs) का उपयोग करके (using) एक ट्राइहाइब्रिड (trihybrid) या तीन बिंदु क्रॉस करना अच्छा (well) होगा। जब शुद्ध अप्रभावी मक्खियों (pure recessive flies) को सामान्य मक्खियों (normal flies) के साथ पार (crossed) किया जाता है, तो सभी F1 मक्खियां (all the F1 flies) फेनोटाइपिक रूप से (phenotypically) सामान्य होती हैं। जब F1 मादाओं (F1 females) को ट्रिपल रिसेसिव नर (triple recessive males) में वापस पार (back crossed) किया जाता है, तो आठ फेनोटाइप (eight phenotypes) प्राप्त (obtained) होते हैं। प्राप्त आंकड़ों से (From the data obtained) जीनों की सापेक्ष स्थिति (relative position) की गणना की जा सकती है।
G और Cn के बीच की दूरी (distance between G and Cn) 9 इकाइयाँ है, Cn और L के बीच की दूरी (distance between Cn and L) 9.5 इकाइयाँ है; L जीन (L gene) Gn लोकस (Gn locus) के दाईं ओर (right) या बाईं ओर (left) हो सकता है। यदि पहला क्रम (first order - CnL) सही है (correct), तो G और L के बीच की दूरी (distance between G and L) 17 इकाइयाँ है। यह छोटी विसंगति (small discrepancy) डबल क्रॉसिंग ओवर के कारण है। उपरोक्त डेटा (above data) के आधार पर (Based upon), तीनों जीनों (three genes) को निम्नानुसार मैप किया जा सकता है (can be mapped as follows) :
ड्रोसोफिला के क्रोमोसोम मैप्स में चार गुणसूत्र जोड़े (four chromosome pairs) के अनुरूप चार लिंकेज समूह (four linkage groups) शामिल हैं। X गुणसूत्र (X chromosome) में मौजूद जीन (genes present) पहले लिंकेज समूह (first linkage group) का गठन (constitute) करते हैं, जो दूसरे और तीसरे गुणसूत्र (2nd and 3rd chromosome) में मौजूद होते हैं, वे दूसरे और तीसरे लिंकेज समूह (2nd and 3rd linkage groups) का गठन करते हैं और चौथे गुणसूत्र (fourth chromosome) पर चौथा लिंकेज समूह (fourth linkage group) बनाते हैं। चौथा लिंकेज ग्रुप सबसे छोटा (smallest) है।
मक्का के क्रोमोसोम मैप (Chromosome maps of maize):
मक्का के क्रोमोसोम मैप्स आर.ए. इमर्सन (R.A. Emerson) द्वारा खींचे (drawn) गए हैं। चूंकि गुणसूत्र के 10 जोड़े (10 pairs) होते हैं, 10 गुणसूत्र मानचित्र (10 chromosome maps) देखे जाते हैं।
क्रोमोसोम मैप का निर्माण केवल क्रॉसिंग ओवर प्रतिशत (crossing over percentage) की मदद से किया जा सकता है। क्रॉसिंग ओवर प्रतिशत हस्तक्षेप (interference) और संयोग (coincidence) द्वारा अत्यधिक संशोधित (highly modified) है।
हस्तक्षेप:
आमतौर पर डबल क्रॉसिंग ओवर आवृत्ति (double crossing over frequency) बहुत कम (very low) होती है। क्योंकि होमोलोगस गैर सिस्टर क्रोमैटिड्स (homologous non sister chromatids) में क्रॉसिंग ओवर और चियास्मा गठन (chiasma formation) आस-पास के अन्य बिंदुओं (other points nearby) पर क्रॉसिंग ओवर और चियास्मा गठन में हस्तक्षेप (interferes) करता है। इसे हस्तक्षेप कहा जाता है। इसकी खोज मुलर (Muller - 1911) ने की थी। हस्तक्षेप क्रॉसिंग ओवर प्रतिशत के व्युत्क्रमानुपाती (inversely proportional) है। कम दूरी (short distance) पर हस्तक्षेप अधिकतम (maximum) होता है और दूरी बढ़ने (increases) पर कम (decreases) हो जाता है।
संयोग:
संयोग हस्तक्षेप का व्युत्क्रम माप (inverse measure) है। इसे डबल क्रॉस ओवर (double cross overs) की वास्तविक संख्या (actual number) और डबल क्रॉस ओवर की अपेक्षित संख्या (expected number) के बीच अनुपात (ratio) के रूप में मापा (measured) जाता है।
यदि डबल क्रॉस ओवर की वास्तविक संख्या शून्य (zero) है, तो संयोग शून्य है और हस्तक्षेप पूरा (complete) हो गया है। यदि डबल क्रॉस ओवर की वास्तविक संख्या अपेक्षित संख्या के समान है, तो संयोग को एक (one) कहा जाता है, और हस्तक्षेप शून्य (nil) है। यह 0 से 1 तक होता है (ranges from 0 to 1)।
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