ट्रांसक्रिप्शन - ट्रांसलेशन - जेनेटिक कोड और प्रोटीन संश्लेषण की रूपरेखा (TRANSCRIPTION - TRANSLATION - GENETIC CODE AND OUTLINE OF PROTEIN SYNTHESIS)

प्रोटीन संश्लेषण का केंद्रीय सिद्धांत (Central Dogma of Protein Synthesis)

प्रोटीन (Proteins) सक्रिय रूप से बढ़ने वाली कोशिका (actively growing cell) के शुष्क वजन (dry weight) द्वारा प्रमुख भाग (major part) का निर्माण (constitute) करते हैं। वे जीवित पदार्थ (living matter) में व्यापक रूप से वितरित (widely distributed) होते हैं। सभी एंजाइम (All enzymes) प्रोटीन हैं। प्रोटीन लगभग 20 अमीनो एसिड (amino acids) से बने होते हैं जो बुनियादी निर्माण खंड (basic building blocks) का निर्माण करते हैं। प्रोटीन में अमीनो एसिड को पेप्टाइड बॉन्ड (peptide bonds) द्वारा जोड़कर लंबी श्रृंखला (long chains) बनाई जाती है जिसे पॉलीपेप्टाइड्स (polypeptides) कहा जाता है।

अमीनो एसिड के अनुक्रम (sequence of amino acids) का प्रोटीन के गुणों (properties of a protein) पर असर (bearing) पड़ता है, और यह एक विशेष प्रोटीन (particular protein) के लिए विशेषता (characteristic) है। प्रोटीन संश्लेषण (protein synthesis) का मूल तंत्र (basic mechanism) यह है कि DNA (DNA) RNA (RNA) बनाता है, जो बदले में (in turn) प्रोटीन (protein) बनाता है। प्रोटीन संश्लेषण का केंद्रीय सिद्धांत (central dogma) इस प्रकार (as follows) व्यक्त (expressed) किया गया है:

$$ DNA \xrightarrow{\text{Replication}} DNA \xrightarrow{\text{Transcription}} RNA \xrightarrow{\text{Translation}} PROTEIN $$

प्रोटीन संश्लेषण में नोबेल पुरस्कार विजेता (Noble Prize Winners in Protein Synthesis)

नोबेल पुरस्कार विजेता (Nobel prize winners)। पिछले 15 वर्षों में न्यूक्लिक एसिड (nucleic acids) और प्रोटीन संश्लेषण पर किए गए काम के लिए शरीर विज्ञान (physiology) और चिकित्सा (medicine) में कई नोबेल पुरस्कार (several Nobel prizes) दिए गए हैं। 1975 में ग्रेट ब्रिटेन (Great Britain) के अलेक्जेंडर टॉड (Alexander Todd) को न्यूक्लियोटाइड्स (nucleotides) और न्यूक्लियोटिडिक कोएंजाइम (nucleotidic coenzymes) पर उनके अध्ययन (studies) के लिए पुरस्कार से सम्मानित (awarded) किया गया था।

1958 का पुरस्कार बीडल और टैटम (Beadle and Tatum) को उनके काम के लिए गया जिसमें दिखाया गया था कि एक जीन (one gene) एक एंजाइम (one enzyme) के लिए जिम्मेदार (responsible) है। लेडरबर्ग (Lederberg) ने आनुवंशिक पुनर्संयोजन (genetic recombination) पर अपने काम के लिए पुरस्कार (prize) भी साझा किया। 1959 का नोबेल पुरस्कार (Nobel prize) क्रमशः (repectively) RNA और DNA के सफल संश्लेषण (successful synthesis) के लिए ओचोआ (Ochoa) और कोर्नबर्ग (Kornberg) द्वारा साझा (shared) किया गया था।

अमेरिका (U. S. A) के वाटसन (Watson) और ग्रेट ब्रिटेन के क्रिक और विल्किंस (Crick and Wilkins) को DNA की संरचना (structure of DNA) को स्पष्ट करने (elucidating) के लिए 1962 का पुरस्कार मिला। 1965 में फ्रांस (France) के जैकब (Jacob), मोनोड (Monod) और लवॉफ़ (Lwoff) को नियामक जीन (regulator genes) की खोज (discovery) के लिए पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

1968 का पुरस्कार अमेरिकियों निरेनबर्ग और खुराना (Americans Nirenberg and Khorana) को आनुवंशिक कोड (genetic code) पर उनके काम के लिए, और हॉली (Holley - यह भी U. S. A. के - also of U. S. A.) को tRNA के न्यूक्लियोटाइड अनुक्रम (nucleotide sequence) का पता लगाने (finding out) के लिए गया। 1969 में डेलब्रुक (Delbruck), हर्षे (Hershey) और लुरिया (Luria) को वायरस (viruses) के प्रजनन प्रतिरूप (reproductive pattern) पर उनके काम के लिए पुरस्कार मिला, 1975 में टेमिन (Temin) को RNA निर्देशित DNA संश्लेषण (RNA directed DNA synthesis) पर उनके काम के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

प्रोटीन संश्लेषण

प्रोटीन का व्यापक रूप से (widely) कोशिकाओं (cells) में विविध कार्यों (diverse functions) को पूरा करने के लिए उपयोग किया जाता है। कुछ प्रोटीन (Some proteins) कोशिकाओं के लिए संरचनात्मक समर्थन (structural support) प्रदान करते हैं जबकि अन्य (others) कुछ प्रतिक्रियाओं (certain reactions) को उत्प्रेरित (catalyze) करने के लिए एंजाइम (enzymes) के रूप में कार्य (act) करते हैं। हम पहले ही देख चुके हैं कि कोशिका की संरचना (cell's structure) के निर्माण और चयापचय प्रतिक्रियाओं (metabolic reactions) को उत्प्रेरित (catalyzing) करने में विभिन्न एंजाइम (different enzymes) क्या भूमिका निभाते हैं, लेकिन प्रोटीन कहाँ से आते हैं?

विकास की शुरुआत (beginning of evolution) से, कोशिकाओं ने प्रोटीन को संश्लेषित (synthesize) करने की क्षमता विकसित (developed the ability) की है। वे प्रजनन (reproduction) के लिए या केवल एक अपमानित (degraded) को बदलने (replace) के लिए नए प्रोटीन (new proteins) का उत्पादन (produce) कर सकते हैं। प्रोटीन के निर्माण (manufacture) के लिए, कोशिकाएं एक बहुत ही व्यवस्थित प्रक्रिया (very systematic procedure) का पालन करती हैं जो पहले DNA को एमRNA (mRNA) में स्थानांतरित (transcribes) करती है और फिर एमRNA का अमीनो एसिड की श्रृंखलाओं (chains of amino acids) में अनुवाद (translates) करती है। अमीनो एसिड श्रृंखला (amino acid chain) फिर विशिष्ट प्रोटीन (specific proteins) में बदल (folds) जाती है।

प्रोटीन संश्लेषण के लिए दो चरणों (two steps) की आवश्यकता होती है: प्रतिलेखन (transcription) और अनुवाद (translation)।

Protein synthesis overview

राइबोन्यूक्लिक एसिड (Ribonucleic acid - RNA) की खोज DNA के बाद हुई थी। DNA, क्लोरोप्लास्ट (chloroplasts) और माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में अपवादों (exceptions) के साथ, नाभिक (nucleus - यूकेरियोट्स में - in eukaryotes, प्रोकैरियोट्स में न्यूक्लियॉइड क्षेत्र - nucleoid region in prokaryotes) तक ही सीमित (restricted) है। RNA नाभिक (nucleus) के साथ-साथ साइटोप्लाज्म (cytoplasm) में भी होता है (यह भी याद रखें कि यह खुरदरे एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम - rough endoplasmic reticulum को अस्तर - line करने वाले राइबोसोम - ribosomes के हिस्से - part के रूप में होता है)।

क्रिक का केंद्रीय सिद्धांत (Crick's central dogma)। सूचना प्रवाह (Information flow - रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन के अपवाद के साथ - with the exception of reverse transcription) ट्रांसक्रिप्शन की प्रक्रिया के माध्यम से DNA से RNA तक, और वहां से ट्रांसलेशन के माध्यम से प्रोटीन तक होता है। ट्रांसक्रिप्शन एक DNA टेम्पलेट (DNA template) से RNA अणु (RNA molecule) का निर्माण (making) है। अनुवाद एक RNA अणु से एक अमीनो एसिड अनुक्रम (amino acid sequence - पॉलीपेप्टाइड - polypeptide) का निर्माण (construction) है। यद्यपि मूल रूप से हठधर्मिता (originally called dogma) कहा जाता था, इस विचार (idea) का बार-बार परीक्षण (tested repeatedly) किया गया है, इस नियम के लगभग कोई अपवाद नहीं (almost no exceptions to the rule) पाए गए हैं।

Central dogma diagram

चरण 1: DNA प्रतिलेखन (Step 1: DNA Transcription)

प्रोटीन संश्लेषण कोशिका के नाभिक (cell's nucleus) में तब शुरू (begins) होता है जब प्रोटीन को एन्कोड करने वाले जीन (gene encoding) को RNA में कॉपी (copied) किया जाता है। जीन (Genes), DNA के रूप में, कोशिका के गुणसूत्रों (cell's chromosomes) में एम्बेडेड (embedded) होते हैं। जीन के DNA (gene's DNA) को RNA में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को ट्रांसक्रिप्शन कहा जाता है। ट्रांसक्रिप्शन RNA की कई प्रतियां (many copies) बनाकर DNA की मात्रा को बढ़ाने (magnify) में मदद (helps) करता है जो प्रोटीन संश्लेषण के लिए टेम्पलेट (template) के रूप में कार्य कर सकता है। जीन (gene) की RNA प्रति (RNA copy) को एमRNA कहा जाता है।

DNA और RNA दोनों न्यूक्लियोटाइड्स की एक श्रृंखला (chain of nucleotides) द्वारा निर्मित (constructed) होते हैं। हालांकि, थाइमिन (thymine - T) के लिए यूरैसिल (uracil - U) के प्रतिस्थापन (substitution) से RNA DNA से भिन्न (differs) होता है। इसके अलावा, चूंकि प्रोटीन का संश्लेषण (synthesizing) करते समय केवल एक एमRNA स्ट्रैंड (one strand of mRNA) की आवश्यकता होती है, इसलिए एमRNA स्वाभाविक रूप से (naturally) एकल-फंसे रूपों (single-stranded forms) में मौजूद (exist) होता है।

DNA Transcription

प्रतिलेखन के बाद, एमRNA को अनुवाद के स्थल (site of translation), खुरदरे एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (rough endoplasmic reticulum) में जाने के लिए परमाणु छिद्रों (nuclear pores) के माध्यम से कोशिका के नाभिक (cell's nucleus) से बाहर (out) ले जाया जाता है।

ट्रांसक्रिप्शन एक DNA टेम्पलेट से RNA स्ट्रैंड (RNA strand) बनाने की एक प्रक्रिया है, और बनने वाले RNA अणु को ट्रांसक्रिप्ट (transcript) कहा जाता है। प्रोटीन के संश्लेषण में, वास्तव में (actually) तीन प्रकार के RNA (three types of RNA) होते हैं जो भाग लेते हैं और विभिन्न भूमिकाएं (different roles) निभाते हैं:

a. मैसेंजर RNA (Messenger RNA - mRNA) जो DNA से आनुवंशिक जानकारी (genetic information) ले जाता है और इसका उपयोग प्रोटीन संश्लेषण के लिए एक टेम्पलेट के रूप में किया जाता है।
b. राइबोसोमल RNA (Ribosomal RNA - rRNA) जो राइबोसोम (ribosomes) नामक सेलुलर कणों (cellular particles) का एक प्रमुख घटक (major constituent) है जिस पर वास्तव में प्रोटीन संश्लेषण होता है।
c. ट्रांसफर RNA अणुओं का एक सेट (A set of transfer RNA - tRNA molecules), जिनमें से प्रत्येक एक विशेष अमीनो एसिड सबयूनिट (particular amino acid subunit) को बढ़ते प्रोटीन (growing protein) में शामिल (incorporates) करता है जब यह एमRNA में तीन आसन्न आधारों (three adjacent bases) के एक विशिष्ट समूह (specific group) को पहचानता है।

DNA नाभिक में आनुवंशिक जानकारी बनाए रखता है। RNA उस जानकारी (information) को साइटोप्लाज्म में ले जाता है, जहां कोशिका (cell) विशिष्ट प्रोटीन के निर्माण (construct) के लिए इसका उपयोग करती है, RNA संश्लेषण (RNA synthesis) प्रतिलेखन है; प्रोटीन संश्लेषण अनुवाद है।

RNA DNA से भिन्न होता है कि यह सिंगल स्ट्रैंडेड (single stranded) होता है, इसमें थाइमिन (Thymine) के बजाय यूरैसिल (Uracil) और डीऑक्सीराइबोज (deoxyribose) के बजाय राइबोज (ribose) होता है, और इसके अलग-अलग कार्य (different functions) होते हैं। केंद्रीय हठधर्मिता RNA को जीन और प्रोटीन (gene and protein) के बीच एक संदेशवाहक (messenger) के रूप में दर्शाती (depicts) है, लेकिन RNA के अन्य कार्य (RNA's other function) का पर्याप्त रूप से वर्णन (adequately describe) नहीं करती है।

प्रतिलेखन अत्यधिक नियंत्रित (highly controlled) और जटिल (complex) है। प्रोकैरियोट्स (Prokaryotes) में, आवश्यकतानुसार (as required) जीन व्यक्त किए जाते हैं, और बहुकोशिकीय जीवों (multicellular organisms) में, विशेष कोशिका प्रकार (specialized cell types) जीन के सबसेट (subsets) को व्यक्त (express) करते हैं। प्रतिलेखन कारक (Transcription factors) एक जीन के पास अनुक्रमों (sequences) को पहचानते (recognize) हैं और क्रमिक रूप से (sequentially) बांधते (bind) हैं, एक बाध्यकारी प्रतिलेखन (binding transcription) बनाते हैं। ट्रांसक्रिप्शन तब आगे बढ़ता है जब RNAP DNA के कोडिंग स्ट्रैंड (coding strand of DNA) के विपरीत पूरक RNA बेस (complementary RNA bases) सम्मिलित (inserts) करता है। एंटीसेंस RNA (Antisense RNA) जीन अभिव्यक्ति (gene expression) को अवरुद्ध (blocks) करता है।

मैसेंजर RNA (Messenger RNA) एक जीन में जानकारी को सेलुलर संरचनाओं (cellular structures) में प्रेषित (transmits) करता है जो प्रोटीन का निर्माण (build) करते हैं। एक पंक्ति (row) में प्रत्येक तीन mRNA आधार (three mRNA bases) एक कोडन (codon) बनाते हैं जो एक विशेष अमीनो एसिड (particular amino acid) को निर्दिष्ट (specifies) करता है। राइबोसोमल RNA (Ribosomal RNA) और प्रोटीन राइबोसोम बनाते हैं, जो शारीरिक रूप से (physically) प्रोटीन संश्लेषण में अन्य प्रतिभागियों (other participants) का समर्थन (support) करते हैं और अमीनो एसिड के बीच बांड (bonds) के गठन (formation) को उत्प्रेरित करने में मदद करते हैं।

यूकेरियोट्स (eukaryotes) में, RNA सक्रिय होने से पहले अक्सर बदल (altered) दिया जाता है। मैसेंजर RNA संशोधित न्यूक्लियोटाइड्स की एक टोपी (cap of modified nucleotides) और एक पॉली ए पूंछ (poly A tail) प्राप्त (gains) करता है। इंट्रॉन (Introns) को स्थानांतरित (transcribed) और काट (cut out) दिया जाता है, और एक्सॉन (exons) को राइबोजाइम (ribozymes) द्वारा फिर से जोड़ा (reattached) जाता है। RNA संपादन (RNA editing) ने ठिकानों में बदलाव (bases changes) पेश (introduced) किए जो विभिन्न कोशिका प्रकारों (different cell types) में प्रोटीन उत्पाद (protein product) को बदल (alter) देते हैं。

आनुवंशिक कोड ट्रिपलेट (triplet), गैर-ओवरलैपिंग (non-overlapping), निरंतर (continuous), सार्वभौमिक (universal) और पतित (degenerate) है। जैसे ही अनुवाद शुरू (translation begins) होता है, mRNA, बाध्य अमीनो एसिड (bound amino acids) के साथ tRNA, राइबोसोम, ऊर्जा अणु (energy molecules) और प्रोटीन तथ्य (protein factos) इकट्ठा (assemble) होते हैं। एमRNA लीडर अनुक्रम (mRNA leader sequence) राइबोसोम (ribosome) के छोटे सबयूनिट (small subunit) में आरRNA (rRNA) से बांधता (binds) है, और पहला कोडन (first codon) मेथियोनीन (methionine) वाले टीRNA (tRNA) को आकर्षित (attracts) करता है। अगला (Next), जैसे-जैसे श्रृंखला (chain) लंबी (elongates) होती है, बड़े राइबोसोमल सबयूनिट (large ribosomal subunit) जुड़ जाते हैं और tRNA अणुओं के उपयुक्त एंटीकोडन भाग (appropriate anticodon parts) पेप्टाइड बॉन्ड बनाते हैं, एक पॉलीपेप्टाइड (polypeptide) बढ़ता है। स्टॉप कोडन (stop codon) पर, प्रोटीन संश्लेषण बंद (ceases) हो जाता है। प्रोटीन फोल्डिंग (Protein folding) तब शुरू होती है जब अनुवाद आगे बढ़ता है, जिसमें एंजाइम और चैपरोन प्रोटीन (chaperone proteins) अमीनो एसिड श्रृंखला को अपने अंतिम कार्यात्मक रूप (final functional form) को ग्रहण करने (assuming) में सहायता (assisting) करते हैं। अनुवाद कुशल (efficient) और किफायती (economical) है, क्योंकि RNA, राइबोसोम, एंजाइम और प्रमुख प्रोटीन (key proteins) पुनर्नवीनीकरण (recycled) किए जाते हैं।

RNA प्रतिलेखन के लिए निम्नलिखित घटकों की आवश्यकता होती है (RNA transcription requires the following components)

DNA द्वि-कुंडलिनी के लिए RNA पॉलीमरेज़ का बंधन (Binding of RNA Polymerase to DNA Double Helix)

ट्रांसक्रिप्ट किए जाने वाले जीन (gene to be transcribed) के DNA द्वि-कुंडलिनी (DNA double helix) की रक्षा करने वाला हिस्टोन कोट (histone coat), साइटोप्लाज्म से एक संकेत (signal) पर हटा दिया जाता है (removed), जिससे DNA के इस क्षेत्र (region of DNA) में पॉलीन्यूक्लियोटाइड अनुक्रम (polynucleotide sequences) का पर्दाफाश (exposing) होता है। RNA पोलीमरेज़ एंजाइम (RNA polymerase enzyme) DNA द्वि-कुंडलिनी में प्रमोटर (promoter) नामक एक विशिष्ट साइट (specific site) से बांधता है। यह साइट (site) ट्रांसक्रिप्ट किए जाने वाले जीन के 5' पक्ष (5' side) पर स्थित (located) है। यह RNA संश्लेषण की शुरुआत (beginning of RNA synthesis) का संकेत (signals) देता है। प्रमोटर उस DNA स्ट्रैंड (DNA strand) को भी निर्धारित (determines) करता है जिसे ट्रांसक्रिप्ट किया जाना है।

RNA बेस का एक्सपोजर (Exposure of RNA Bases): ट्रांसक्रिप्ट किए जाने वाले जीन के DNA द्वि-कुंडलिनी की रक्षा करने वाला हिस्टोन कोट हटा दिया जाता है, RNA पोलीमरेज़ एंजाइम प्रमोटर पर बांधता है ( RNA polymerase enzyme binds to promoter)।

बेस पेयरिंग (Base pairing): राइबोन्यूक्लियोसाइड ट्राइफॉस्फेट (ribonucleoside triphosphates), अर्थात्, एडेनोसिन ट्राइफॉस्फेट (adenosine triphosphate - ATP), ग्वानोसिन ट्राइफॉस्फेट (guanosine triphosphate - GTP), साइटिडीन ट्राइफॉस्फेट (cytidine triphosphate - CTP) और यूरिडीन ट्राइफॉस्फेट (uridine triphosphate - UTP), जो नाभिक में मुक्त तैरते (floating free in the nucleus) हैं, RNA संश्लेषण के लिए कच्चे माल (raw material) के रूप में काम (serve) करते हैं। वे एटीपी (ATP) के साथ संयोजन (combining) के परिणामस्वरूप राइबोन्यूक्लियोसाइड मोनोफॉस्फेट (ribonucleoside monophosphates) अर्थात् एडेनोसिन मोनोफॉस्फेट (AMP), ग्वानोसिन मोनोफॉस्फेट (GMP), साइटिडीन मोनोफॉस्फेट (CMP) और यूरिडीन मोनोफॉस्फेट (UMP) के सक्रियण (activation - फॉस्फोराइलेशन - phosphorylation) द्वारा बनते हैं। एंजाइम फॉस्फोराइलेज (enzyme phosphorylase) इस सक्रियण प्रक्रिया (activation process) को उत्प्रेरित (catalyses) करता है। राइबोन्यूक्लियोटाइड ट्राइफॉस्फेट (ribonucleotide triphosphates) बेस पेयरिंग नियम (base pairing rule), यानी A-U, U-A, C-G, G-C के अनुसार हाइड्रोजन बॉन्डिंग (hydrogen bonding) द्वारा एक-एक करके (one by one) DNA टेम्पलेट श्रृंखला (DNA template chain) के ठिकानों (bases) से जुड़े होते हैं। यह बेस पेयरिंग RNA पॉलीमरेज़ (RNA polymerase) द्वारा लाई जाती है।

Synthesis of mRNA from DNA

DNA से एमRNA का संश्लेषण (Synthesis of mRNA from DNA)
न्यूक्लियोटाइड्स को एक-एक करके जोड़ा जाता है। A=एडेनिन (Adenine), T=थाइमिन, C=साइटोसिन (Cytosine), G=गुआनिन (Guanine), U=यूरैसिल, R=राइबोज चीनी (Ribose sugar), P=फॉस्फेट (Phosphate)

राइबोन्यूक्लियोसाइड मोनोफॉस्फेट में रूपांतरण (Conversion to Ribonucleoside Monophosphates):
DNA टेम्पलेट श्रृंखला से जुड़ने (linking) पर विभिन्न राइबोन्यूक्लियोसाइड ट्राइफॉस्फेट (various ribonucleoside triphosphates) अपने उच्च-ऊर्जा बांडों (high-energy bonds) को तोड़ (break off) देते हैं। यह उन्हें राइबोन्यूक्लियोसाइड मोनोफॉस्फेट में बदल (changes) देता है जो RNA के सामान्य घटकों (normal components) का प्रतिनिधित्व (represent) करते हैं, और पायरोफॉस्फेट समूहों (pyrophosphate groups - P~P) को मुक्त (sets free) करते हैं। पायरोफॉस्फेट (Pyrophosphate) में एक उच्च-ऊर्जा बांड (high-energy bond - ~) होता है। यह एंजाइम पायरोफॉस्फोटेज (enzyme pyrophosphotase) द्वारा हाइड्रोलिसिस (hydrolysis) से गुजरता (undergoes) है, ऊर्जा (energy) छोड़ता (releases) है और अकार्बनिक फॉस्फेट (inorganic phosphate) Pi को मुक्त करता है। पहला राइबोन्यूक्लियोटाइड फॉस्फेट (first ribonucleotide phosphate) सभी तीन फॉस्फेट (three phosphates) को बरकरार (retains) रखता है और इस प्रकार, रासायनिक रूप से (chemically) इसके बाद जोड़े (added) गए अन्य न्यूक्लियोटाइड (other nucleotides) से अलग (distinct) होता है।

RNA chain formation

RNA श्रृंखला का गठन (Formation of RNA Chain):
DNA टेम्पलेट श्रृंखला से जुड़ा प्रत्येक राइबोन्यूक्लियोसाइड मोनोफॉस्फेट (Each ribonucleoside monophosphate) फिर पहले आए राइबोन्यूक्लियोटाइड (ribonucleotide arrived earlier) के साथ जुड़ता (combines) है, जिससे RNA श्रृंखला (RNA chain) लंबी (longer) हो जाती है। यह प्रक्रिया (process) एंजाइम RNA पोलीमरेज़ (enzyme RNA polymerase) द्वारा उत्प्रेरित (catalysed) होती है और इसके लिए एक द्विसंयोजक आयन (divalent ion) \(Mg^{++}\) या \(Mn^{++}\) की आवश्यकता होती है। इस प्रकार (thus) बनी RNA श्रृंखला में नाइट्रोजनयुक्त आधार (nitrogenous bases) होते हैं जो टेम्पलेट DNA श्रृंखला (template DNA chain) के पूरक (complementary) होते हैं।

RNA श्रृंखला का पृथक्करण (Separation of RNA Chain):
जैसे-जैसे प्रतिलेखन आगे बढ़ता (proceeds) है, हाइब्रिड DNA-RNA अणु (hybrid DNA-RNA molecule) अलग (dissociates) हो जाता है, जो संश्लेषण के तहत RNA अणु (RNA molecule under synthesis) को आंशिक रूप से (partly) छोड़ (releasing) देता है। जब पॉलीमरेज़ (polymerase) DNA पर टर्मिनेटर सिग्नल (terminator signal) तक पहुँचता है, तो यह DNA को छोड़ (leaves) देता है। पूरी तरह से गठित RNA श्रृंखला (fully formed RNA chain) अब इस प्रक्रिया द्वारा पूरी तरह से जारी (totally released) की गई है, एक जीन RNA (gene forms several molecules of RNA) के कई अणु बनाता है, जो एक के बाद एक DNA टेम्पलेट से जारी (released) होते हैं।
कुछ मामलों में (In some cases), जैसे कि ई कोलाई (E. coli) में, एक विशिष्ट श्रृंखला को समाप्त करने वाला प्रोटीन (specific chain terminating protein), जिसे रो कारक (rho factor - P) कहा जाता है, RNA श्रृंखला के संश्लेषण (synthesis) को रोकता (stops) है। ज्यादातर मामलों में (In most cases), एंजाइम RNA पोलीमरेज़ अपने आप (on its own) प्रतिलेखन को रोक (stop) सकता है।

DNA खंड की मूल रूप में वापसी (Return of DNA Segment to Original Form):
जैसे-जैसे RNA श्रृंखला बढ़ती है, DNA अणु (DNA molecule) का स्थानांतरित क्षेत्र (transcribed region) विपरीत स्ट्रैंड (opposite strand) से हाइड्रोजन बंधुआ (hydrogen bonded) हो जाता है और दोनों (two) मूल डबल पेचदार रूप (original double helical form) ग्रहण करने (assume) के लिए सर्पिल रूप से (spirally) कुंडलित (coiled) हो जाते हैं। जब अंतिम राइबोन्यूक्लियोटाइड (last ribonucleotide) जोड़ा जाता है, तो RNA पॉलीमरेज़ और RNA श्रृंखला DNA से पूरी तरह से (completely) जारी होते हैं, और अब DNA एक द्वि-कुंडलिनी (double helix) में अपनी घुमावदार (winding) पूरा करता है। सुरक्षात्मक प्रोटीन कोट (protective protein coat) फिर से DNA डुप्लेक्स (DNA duplex) में जोड़ा जाता है।
प्रमोटर से टर्मिनेटर साइटों (terminator sites) तक नाइट्रोजन बेस का अनुक्रम (sequence of nitrogen bases) एक ट्रांसक्रिप्शन इकाई (transcription unit) बनाता है। इसमें एक या अधिक जीन (one or more genes) शामिल हो सकते हैं। एक संपूर्ण ट्रांसक्रिप्शन इकाई (entire transcription unit) एकल RNA श्रृंखला (single RNA chain) में ट्रांसक्रिप्ट हो जाती है।

RNA का प्रसंस्करण (Processing of RNAs):
मूल रूप से (originally) DNA से अनुलेखित RNA के रूपों (forms of RNAs transcribed) को प्राथमिक प्रतिलेख (primary transcripts) कहा जाता है। ये व्यापक परिवर्तनों (extensive changes) से गुजरते हैं, जिन्हें RNA (RNAs) के प्रसंस्करण (processing) या पोस्ट-ट्रांसक्रिप्शनल संशोधन (post-transcriptional modification) कहा जाता है, इससे पहले कि वे प्रोकैरियोट्स और यूकेरियोट्स दोनों में कार्यात्मक (functional) हो सकें।
RNA प्रसंस्करण (RNA processing) में,
- बड़े RNA अग्रदूतों (Larger RNA precursors) को राइबोन्यूक्लिज-पी (ribonuclease-P) क्लीविंग एंजाइम (cleaving enzyme) द्वारा छोटे RNA (smaller RNAs) में काट (cut) दिया जाता है
- अवांछित न्यूक्लियोटाइड्स (Unwanted nucleotides) को न्यूक्लियस (nucleases - स्प्लिसिंग - splicing) नामक एंजाइम द्वारा हटा दिया जाता है
- उपयोगी क्षेत्रों (Useful regions) को लिगेज एंजाइम (ligase enzyme) द्वारा फिर से जोड़ा (rejoined) जाता है
- टर्मिनल सिरों (terminal ends) पर एंजाइमेटिक (enzymatically) रूप से कुछ न्यूक्लियोटाइड (Certain nucleotides) जोड़े जाते हैं (टर्मिनल जोड़ - terminal addition)
- उचित आकार (proper shape) ग्रहण करने के लिए RNA अणु स्वयं पर मुड़ (fold) सकता है (तह - folding) और
- कुछ न्यूक्लियोटाइड्स (Some nucleotides) को संशोधित (modified) किया जा सकता है (न्यूक्लियोटाइड संशोधन - nucleotide modification)
RNA प्रतिलेखन (RNA transcription) की पूरी प्रक्रिया (entire process) को समीकरण (equation) में संक्षेपित (summed up) किया जा सकता है:

$$ (ATP + GTP + CTP + UTP)n $$
RNA types

RNA के प्रकार (RNA TYPES)

RNA के तीन अलग-अलग प्रकार (three different types), अर्थात्, मैसेंजर RNA, राइबोसोमल RNA और ट्रांसफर RNA (transfer RNA - tRNA) DNA अणु के विभिन्न क्षेत्रों (different regions) से स्थानांतरित होते हैं। तीन अलग-अलग RNA पोलीमरेज़ (Three different RNA polymerases): I, II और III यूकेरियोट्स में क्रमशः rRNA, mRNA और tRNA के प्रतिलेखन को उत्प्रेरित करते हैं। प्रोकैरियोट्स में, विभिन्न सबयूनिट्स (different subunits) से बना (composed) एक एकल RNA पोलीमरेज़ (single RNA polymerase) यह काम (work) करता है। DNA की प्रतिकृति (replication) की तरह RNA का प्रतिलेखन (Transcription of RNA) भी 5'-3' दिशा (direction) में होता है।

चरण 2: RNA अनुवाद (Step 2: RNA Translation)

एमRNA को खुरदरे एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम में ले जाने के बाद, इसे राइबोसोमल अनुवाद मशीनरी (ribosomal translation machineries) में खिलाया (fed) जाता है। राइबोसोम एमRNA अनुक्रम (mRNA sequence) को 5' छोर से 3' छोर (5` end to the 3` end) तक पढ़ना (read) शुरू करते हैं। mRNA को प्रोटीन में बदलने (convert) के लिए, tRNA का उपयोग mRNA अनुक्रम को एक बार में 3 न्यूक्लियोटाइड (3 nucleotides at a time) पढ़ने के लिए किया जाता है।
अमीनो एसिड को कोडन (codons) द्वारा दर्शाया (represented) जाता है, जो 3-न्यूक्लियोटाइड RNA अनुक्रम (3-nucleotide RNA sequences) हैं। एमRNA अनुक्रम को एक बार में (at a time) तीन न्यूक्लियोटाइड (three nucleotides) को संबंधित टीRNA अणु (corresponding tRNA molecule) के एंटीकोडन क्षेत्र (anticodon region) में तीन न्यूक्लियोटाइड के पूरक सेट (complementary set) से मिलान (matched) किया जाता है। प्रत्येक टीRNA (each tRNA) के एंटीकोडन क्षेत्र के विपरीत, एक अमीनो एसिड (amino acid) जुड़ा हुआ (attached) है और जैसे ही एमRNA को पढ़ा (read off) जाता है, प्रत्येक टीRNA पर अमीनो एसिड पेप्टाइड बांड के माध्यम से एक साथ जुड़ (joined together) जाते हैं।
अनुवाद वह तंत्र (mechanism) है जिसके द्वारा एमRNA का ट्रिपलेट बेस अनुक्रम (triplet base sequence) राइबोसोम पर पॉलीपेप्टाइड (polypeptide - प्रोटीन - protein) बनाने (form) के लिए अमीनो एसिड के एक विशिष्ट अनुक्रम (specific sequence) को जोड़ने का मार्गदर्शन (guides) करता है। एक कोशिका को जिन प्रोटीनों (All the proteins) की आवश्यकता (needs) होती है, वे कोशिका द्वारा अपने भीतर (within itself) संश्लेषित (synthesized) होते हैं。

RNA Translation Machinery

प्रोटीन संश्लेषण के लिए मशीनरी (Machinery for Protein Synthesis)

प्रोटीन संश्लेषण के लिए अमीनो एसिड, DNA, RNA, राइबोसोम और एंजाइम, एंजाइम एक्टिवेटर (enzyme activators) और एटीपी अणुओं (ATP molecules) की आवश्यकता होती है।

अमीनो एसिड:
प्रोटीन अमीनो एसिड के पॉलिमर (polymers) हैं। इसलिए, अमीनो एसिड प्रोटीन संश्लेषण के लिए कच्चे माल का निर्माण करते हैं। जीवित जीवों (living organisms) में पाए जाने वाले प्रोटीन को बिल्डिंग ब्लॉक्स (building blocks) या मोनोमर्स (monomers) के रूप में लगभग 20 अमीनो एसिड (20 amino acids) की आवश्यकता (need) होती है। ये अमीनो एसिड पूल (amino acid pool) के रूप में साइटोप्लाज्मिक मैट्रिक्स (cytoplasmic matrix) में उपलब्ध (available) हैं।

विशिष्टता नियंत्रण के रूप में DNA (DNA as Specificity Control):
अपनी विशेष विशेषताओं (special characteristics) को बनाए रखने (maintain) के लिए एक कोशिका को उसमें पहले से मौजूद लोगों के समान प्रोटीन (proteins exactly similar to those already present in it) का निर्माण करना चाहिए। इस प्रकार, प्रोटीन संश्लेषण को सटीक अनुक्रम (exact sequence) के बारे में निर्देश (instructions) प्रदान (provide) करने के लिए विशिष्टता नियंत्रण (specificity control) की आवश्यकता (requires) होती है जिसमें दिए गए नंबर (numbers) और अमीनो एसिड के प्रकार (kinds of amino acids) को वांछित पॉलीपेप्टाइड्स (desired polypeptides) बनाने के लिए जोड़ा (linked) जाना चाहिए। विशिष्टता नियंत्रण एमRNA के माध्यम से DNA द्वारा प्रयोग (exercised) किया जाता है। DNA द्वि-कुंडलिनी में 3 लगातार नाइट्रोजनस आधारों (consecutive nitrogenous bases) के अनुक्रम जैव रासायनिक (biochemical) या आनुवंशिक कोड बनाते हैं। प्रत्येक बेस ट्रिपलेट (base triplet) एक विशिष्ट अमीनो एसिड (specific amino acid) के लिए कोड (codes) करता है। चूंकि DNA कमोबेश स्थिर (more or less stable) है, एक कोशिका में बनने वाले प्रोटीन (proteins formed) बिल्कुल पहले से मौजूद प्रोटीन (preexisting proteins) की तरह होते हैं।

RNA:
RNA अणु राइबोन्यूक्लियोटाइड्स (ribonucleotides) का एक लंबा (long), अघोषित (unbranched), एकल-फंसे बहुलक (single-stranded polymer) है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड इकाई (nucleotide unit) तीन छोटे अणुओं (three smaller molecules), एक फॉस्फेट समूह (phosphate group), एक 5-कार्बन राइबोज चीनी (5-carbon ribose sugar) और एक नाइट्रोजन युक्त आधार (nitrogen-containing base) से बनी होती है। RNA में आधार एडेनिन, गुआनिन, यूरैसिल और साइटोसिन हैं। DNA की तरह ही विभिन्न घटक (various components) जुड़े (linked up) हुए हैं। हर सेल (every cell) में तीन प्रकार के RNA होते हैं: मैसेंजर RNA या एमRNA, राइबोसोमल RNA या आरRNA और ट्रांसफर RNA (transfer RNA) या टीRNA। RNA के तीन प्रकार DNA टेम्पलेट के विभिन्न क्षेत्रों से स्थानांतरित होते हैं। RNA श्रृंखला DNA स्ट्रैंड का पूरक है, जो इसका उत्पादन (produces) करती है। तीनों प्रकार के RNA (All the three kinds of RNAs) प्रोटीन संश्लेषण में भूमिका (role) निभाते हैं。

RNA प्रकारों के बीच अंतर (Differences Between RNA Types)

विशेषताएं (Features) राइबोसोमल RNA मैसेंजर RNA ट्रांसफर RNA
1. कोशिका के कुल RNA का प्रतिशत (Percentage of cell's total RNA) लगभग 80 (About 80) लगभग 5 (About 5) लगभग 15 (About 15)
2. अणु की लंबाई (Length of molecule) परिवर्तनीय (Variable) सबसे लंबा (Longest) सबसे छोटा (Shortest)
3. अणु का आकार (Shape of molecule) काफी कुंडलित (Greatly coiled) रैखिक (Linear) क्लोवर पत्ती की तरह, एल-आकार में मुड़ा हुआ (Clover leaf-like, folded into L-shape)
4. प्रकार (Types) छह (Six) अनेक (Numerous) लगभग 60 (About 60)
5. भूमिका राइबोसोम का बड़ा हिस्सा बनाएं (Form greater part of ribosome's) DNA से जानकारी ले जाएं (Carry information from DNA) अमीनो एसिड को mRNA कोडन में ले जाएं (Carry amino acids to mRNA codons)
6. जीवन (Life) लंबा, अनुवाद में बार-बार उपयोग किया जाता है (Long, used again and again in translation) बहुत छोटा, 2 मिनट से 4 घंटे, अनुवाद के बाद नीचा (Very short, 2 minutes to 4 hours, degraded after translation) लंबा, अनुवाद में बार-बार उपयोग किया जाता है (Long, used again and again in translation)

एमRNA:
DNA, जो प्रोटीन संश्लेषण को नियंत्रित (controls) करता है, नाभिक के भीतर गुणसूत्रों (chromosomes) में स्थित होता है, जबकि राइबोसोम, जिस पर प्रोटीन संश्लेषण वास्तव में होता है, साइटोप्लाज्म में रखा जाता है। इसलिए (Therefore), DNA से राइबोसोम तक निर्देश ले जाने (carry) के लिए किसी प्रकार की एजेंसी (some sort of agency) मौजूद होनी चाहिए। यह एजेंसी (agency) mRNA के रूप में मौजूद है। एमRNA अणु (mRNA molecule) DNA से एक पॉलीपेप्टाइड बनाने के लिए विशेष अमीनो एसिड (particular amino acids) के अनुक्रम (sequence) के बारे में संदेश (message - जानकारी - information) ले जाता है, इसलिए इसका नाम। इसे सूचनात्मक RNA (informational RNA) या टेम्पलेट RNA (template RNA) भी कहा जाता है। एमRNA कोशिका के कुल RNA (total RNA) का लगभग 5% बनाता (forms) है। इसका अणु (molecule) रैखिक है और तीनों RNA प्रकारों (all the three RNA types) में सबसे लंबा है। इसकी लंबाई (length) इसकी जानकारी के साथ संश्लेषित होने वाले पॉलीपेप्टाइड के आकार (size) से संबंधित (related) है। प्रत्येक पॉलीपेप्टाइड (each polypeptide) के लिए एक विशिष्ट एमRNA (specific mRNA) है। एक सेल में mRNA आबादी (mRNA population) में आकार की भिन्नता (variation in size) के कारण (Because of); mRNA को अक्सर हेटेरोजेनियस न्यूक्लियर RNA (heterogeneous nuclear RNA) या hnRNA कहा जाता है

इसके 5' छोर (5' end) पर मिथाइलेटेड गुआनिन (methylated guanine) की एक टोपी (cap) होती है, जिसके बाद क्रमिक रूप से (successively) एक दीक्षा कोडन (initiation codon - AUG या GUG), एक लंबा कोडिंग क्षेत्र (long coding region), एक समाप्ति कोडन (termination codon - UAA या UAG या UGA) और 3' छोर (3' end) पर कई एडेनिन-युक्त न्यूक्लियोटाइड (adenine-containing nucleotides) की एक पॉली-ए पूंछ (poly-A tail) होती है। सिर (head) के बाद (after) और पूंछ (tail) से पहले (before) एक छोटा गैर-कोडिंग क्षेत्र (small non-coding region) मौजूद (present) हो सकता है
यूकेरियोट्स में, mRNA केवल एक पॉलीपेप्टाइड (one polypeptide) के लिए जानकारी ले जाता है। यह मोनोसिस्ट्रोनिक (monocistronic - मोनोजेनिक - monogenic) है क्योंकि यह एक एकल सिस्ट्रॉन (single cistron - जीन - gene) से स्थानांतरित होता है और इसमें एक एकल टर्मिनेटर कोडन (single terminator codon) होता है
जीवाणु एमRNA (Bacterial mRNA) अक्सर (often) एक से अधिक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (more than one polypeptide chain) के लिए जानकारी ले जाता है। ऐसे एमRNA (such an mRNA) को पॉलीसिस्ट्रोनिक (polycistronic - पॉलीजेनिक - polygenic) कहा जाता है क्योंकि यह कई निरंतर (many continuous - आसन्न - adjacent) जीन से स्थानांतरित होता है। एक पॉलीसिस्ट्रोनिक एमRNA (polycistronic mRNA) में एक आरंभकर्ता कोडन (initiator codon) और एक टर्मिनेटर कोडन (terminator codon) होता है जो इसके द्वारा बनाए जाने वाले (formed by it) प्रत्येक पॉलीपेप्टाइड के लिए होता है。

टीRNA:
टीRNA अमीनो एसिड पूल से राइबोसोम पर एमRNA में एक विशिष्ट अमीनो एसिड को पॉलीपेप्टाइड बनाने के लिए ले जाता है, इसलिए इसका नाम। tRNAs एक कोशिका के कुल RNA का लगभग 15% बनाते हैं। इसका अणु सबसे छोटा (smallest) है और इसमें क्लोवरलीफ (cloverleaf) का रूप है। इसके चार क्षेत्र (four regions) हैं।

tRNA Diagram

आरRNA:
आरRNA अणु (rRNA molecule) काफी कुंडलित है। प्रोटीन के संयोजन (combination) में, यह राइबोसोम की छोटी (small) और बड़ी सबयूनिट (large subunits) बनाता है, इसलिए इसका नाम। यह कोशिका के कुल RNA का लगभग 80% बनाता है। एक यूकेरियोटिक राइबोसोम (eukaryotic ribosome) 80S है; जिसमें एक बड़ी 60S सबयूनिट (large 60S subunit) 28S, 5.8S और 5S rRNAs और 45 से अधिक विभिन्न बुनियादी प्रोटीन (over 45 different basic proteins) होते हैं, छोटी 40S सबयूनिट (smaller 40S subunit) में 18S RNA और लगभग 33 विभिन्न बुनियादी प्रोटीन (different basic proteins) शामिल (comprises) होते हैं। एक प्रोकैरियोटिक राइबोसोम (prokaryotic ribosome) 70S है; इसके बड़े 50S सबयूनिट (large 50S subunit) में 23S और 5S rRNAs और लगभग 34 विभिन्न बुनियादी प्रोटीन होते हैं; इसके छोटे 30S सबयूनिट (small 30S subunit) में 16S rRNA और लगभग 21 विभिन्न बुनियादी प्रोटीन शामिल होते हैं। 18S rRNA (प्रोकैरियोट्स में 16S rRNA - 16S rRNA in prokaryotes) के 3' छोर (3' end) में mRNA कैप (mRNA cap) के लिए एक बाइंडिंग साइट (binding site) होती है। 5S rRNA में tRNA के लिए एक बाइंडिंग साइट होती है। आरRNA भी प्रोटीन संश्लेषण में कुछ सामान्य भूमिका (general role) निभाता प्रतीत (seems to play) होता है। यह एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (polypeptide chain) में टीRNA द्वारा लाए गए अमीनो एसिड अणुओं (amino acid molecules) को इकट्ठा (assembling) करने में शामिल (involved) है

सेल में दो और प्रकार के RNA मान्यता प्राप्त (recognised) हैं अर्थात्:
- छोटे परमाणु RNA (Small nuclear RNA - snRNA) जो आरRNA और एमRNA के प्रसंस्करण में मदद करता है और
- छोटा साइटोप्लाज्मिक RNA (Small cytoplasmic RNA - scRNA) जो राइबोसोम को ER से बांधने में मदद करता है

राइबोसोम

राइबोसोम बिना आवरण झिल्ली (covering membrane) के छोटे राइबोन्यूक्लियोप्रोटीन कण (tiny ribonucleoprotein particles) हैं। वे प्रोटीन संश्लेषण के लिए साइट के रूप में कार्य करते हैं। इसलिए, उन्हें कोशिका के प्रोटीन कारखाने (protein factories) कहा जाता है। प्रत्येक राइबोसोम (Each ribosome) में बड़े और छोटे सबयूनिट (larger and smaller subunits) होते हैं। राइबोसोम के उपइकाइयां (subunits) अलग से (separately) तब होती हैं जब राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण में शामिल नहीं होते हैं। प्रोटीन संश्लेषण शुरू (starts) होने पर दोनों उपइकाइयां (two subunits) जुड़ (join) जाती हैं, और प्रोटीन संश्लेषण रुकने पर पृथक्करण (dissociation - अलग - separate) से गुजरती (undergo) हैं। प्रोटीन संश्लेषण के दौरान एमRNA श्रृंखला पर कई राइबोसोम (Many ribosomes) पंक्तिबद्ध (line up) होते हैं। सक्रिय राइबोसोम (active ribosomes) के ऐसे समूह (group) को पॉलीराइबोसोम (polyribosome) या पॉलीसोम (polysome) कहा जाता है। एक पॉलीसोम में, आसन्न राइबोसोम (adjacent ribosomes) लगभग 340 Å दूर (apart) होते हैं। पॉलीसोम में राइबोसोम की संख्या (number of ribosomes) एमRNA अणु की लंबाई से संबंधित है, जो इसकी जानकारी के साथ संश्लेषित होने वाले पॉलीपेप्टाइड्स की लंबाई को दर्शाता (reflects) है। अब यह ज्ञात है (now known) कि प्रोकैरियोट्स और यूकेरियोट्स दोनों में, पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण (polypeptide synthesis) पॉलीसोम (polysomes) में होता है और एकल मुक्त राइबोसोम (single free ribosomes) पर नहीं।

Ribosome binding sites

एक राइबोसोम में tRNA अणुओं के लिए दो बाइंडिंग साइट (two binding sites) होते हैं। एक को ए साइट (A site - स्वीकर्ता या अमीनोएसिल - acceptor or aminoacyl) कहा जाता है और दूसरे को पी साइट (P site - पेप्टिडिल - peptidyl) कहा जाता है। ये साइटें (sites) राइबोसोम के बड़े और छोटे सबयूनिट्स में फैली हुई (span across) हैं। ए साइट (A site) टीRNA अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स (tRNA amino acid complex) प्राप्त (receives) करती है। टीRNA अपने अमीनो एसिड को छोड़ने के बाद पी साइट (P site) से निकलता है। हालांकि (However), पहला टीRNA-अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स (first tRNAamino acid complex) सीधे (directly) राइबोसोम की पी साइट में प्रवेश (enters) करता है।

एक यूकेरियोटिक राइबोसोम में दो उपइकाइयों के जंक्शन (junction) पर एक नाली (groove) होती है। इस नाली से, एक सुरंग (tunnel) बड़ी सबयूनिट (large subunit) के माध्यम से फैली (extends) हुई है और एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (endoplasmic reticulum) की एक नहर (canal) में खुलती (opens) है। पॉलीपेप्टाइड्स को दो राइबोसोमल सबयूनिट्स (two ribosomal subunits) के बीच नाली में संश्लेषित किया जाता है और बड़ी सबयूनिट की सुरंग के माध्यम से एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम में गुजरता (pass) है। नाली में रहते हुए (While), विकासशील पॉलीपेप्टाइड (developing polypeptide) सेलुलर एंजाइमों (cellular enzymes) से सुरक्षित (protected) रहता है।
छोटी सबयूनिट (smaller subunit) बड़ी सबयूनिट (larger subunit) के ऊपर एक टोपी बनाती है। बड़ी सबयूनिट राइबोफोरिन I और II (ribophorin I and II) नामक दो ग्लाइकोप्रोटीन (two glycoproteins) द्वारा एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम से जुड़ती (attaches) है।
राइबोसोम का कार्य (function) एमRNA, टीRNA और संबंधित एंजाइमों (associated enzymes) को स्थिति में नियंत्रित (controlling the process in position) करना है, जब तक (until) कि आसन्न अमीनो एसिड (adjacent amino acids) के बीच एक पेप्टाइड बांड (peptide bond) नहीं बन जाता (formed)।

प्रोटीन संश्लेषण का तंत्र (Mechanism of Protein Synthesis)

प्रोटीन संश्लेषण की घटनाएं (events in protein synthesis) यूकेरियोट्स की तुलना में (than in) बैक्टीरिया (bacteria) में बेहतर रूप से जानी (better known) जाती हैं। हालांकि (Although) दोनों समूहों (two groups) में इन्हें समान (similar) माना (thought) जाता है, लेकिन कुछ अंतर (some differences) हैं। निम्नलिखित विवरण (following description) मुख्य रूप से (mainly) 70S राइबोसोम (70S ribosome) पर बैक्टीरिया में प्रोटीन संश्लेषण को संदर्भित (refers) करता है।
प्रोटीन संश्लेषण एक अत्यधिक जटिल (highly complex) और एक विस्तृत प्रक्रिया (elaborate process) है और इसमें निम्नलिखित चरण (following steps) शामिल (involves) हैं:

अमीनो एसिड का सक्रियण (Activation of Amino Acids):
यह वह चरण (step) है जिसमें भाग लेने वाले प्रत्येक अमीनो एसिड (each of the participating amino acid) अमीनो एसिड एएमपी कॉम्प्लेक्स (amino acid AMP complex) और पायरोफॉस्फेट बनाने के लिए एटीपी के साथ प्रतिक्रिया (reacts) करते हैं। प्रतिक्रिया (reaction) \(Mg^{2+}\) की उपस्थिति (presence) में अमीनोएसिल-टीRNA सिंथेटेस (aminoacyl-tRNA synthetase) नामक एक विशिष्ट अमीनो एसिड सक्रिय एंजाइम (specific amino acid activating enzyme) द्वारा उत्प्रेरित (catalyzed) होती है। प्रत्येक प्रकार (each kind) के अमीनो एसिड के लिए एक अलग (separate) अमीनोएसिल टीRNA सिंथेटेस एंजाइम (aminoacyl tRNA synthetase enzyme) होता है। एटीपी से फॉस्फेट समूहों (phosphate groups) के अलग (separation) होने से निकलने वाली अधिकांश ऊर्जा (Much of the energy released) अमीनो एसिड एएमपी कॉम्प्लेक्स में फंस (trapped) जाती है। कॉम्प्लेक्स अस्थायी रूप से (temporarily) एंजाइम (enzyme) से जुड़ा (associated) रहता है। अमीनो एसिड एएमपी एंजाइम कॉम्प्लेक्स (amino acid AMP enzyme complex) को सक्रिय अमीनो एसिड (activated amino acid) कहा जाता है। पायरोफॉस्फेट को कार्बनिक फॉस्फेट (inorganic phosphates - 2pi) में दो में हाइड्रोलाइज्ड (hydrolyzed) किया जाता है।

$$ \text{Amino acid} + ATP \xrightarrow{\text{Activating enzyme } Mg^{2+}} \text{Amino acid} \cdot \text{AMP enzyme complex} + PPi $$
Activation of Amino Acids

टीRNA की चार्जिंग (Charging of tRNA):
यह वह चरण है जिसमें अमीनो एसिड एएमपी-एंजाइम कॉम्प्लेक्स (amino acid AMP-enzyme complex) अपने विशिष्ट टीRNA (specific tRNA) की अमीनो एसिड बाइंडिंग साइट (amino acid binding site) के साथ जुड़ (joins) जाता है, जहां इसका COOH समूह टर्मिनल बेस ट्रिपलेट (terminal base triplet) CCA के OH समूह के साथ बंध जाता है। प्रतिक्रिया एक ही एंजाइम (same enzyme), अमीनोएसिल टीRNA सिंथेटेस (aminoacyl tRNA synthetase) द्वारा उत्प्रेरित होती है। परिणामी (resulting) tRNA-अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स (tRNA-amino acid complex) को चार्ज किया हुआ tRNA (charged tRNA) कहा जाता है। AMP और एंजाइम जारी किए जाते हैं। जारी किया गया एंजाइम (released enzyme) सक्रिय (activate) हो सकता है और एक अन्य अमीनो एसिड अणु (another amino acid molecule) को दूसरे टीRNA अणु (another tRNA molecule) से जोड़ (attach) सकता है। ATP से AMP में परिवर्तन (change) से निकलने वाली ऊर्जा (energy released) अमीनो एसिड-tRNA कॉम्प्लेक्स (amino acid-tRNA complex) में बरकरार (retained) रहती है। यह ऊर्जा बाद में पेप्टाइड बॉन्ड के निर्माण को चलाने (drive) के लिए उपयोग (used) की जाती है जब अमीनो एसिड एक साथ जुड़ (link together) जाते हैं और एक पॉलीपेप्टाइड बनाते हैं।

Charging of tRNA

टीRNA अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स प्रोटीन संश्लेषण की साइट (site of protein synthesis) राइबोसोम में ले जाता है (moves)।

राइबोसोम का सक्रियण (Activation of Ribosome):
यह वह चरण है जिसमें राइबोसोम के छोटे और बड़े सबयूनिट (smaller and the larger subunits) एक साथ जुड़ जाते हैं। यह एमRNA श्रृंखला द्वारा लाया जाता है (brought about)। उत्तरार्द्ध (latter) आरRNA पर एक उपयुक्त अनुक्रम (appropriate sequence) के साथ एक बेस पेयरिंग द्वारा पहले कोडन की मदद (help) से छोटी राइबोसोमल सबयूनिट (smaller ribosomal subunit) को जोड़ता है। दोनों के संयोजन (combination of the two) को दीक्षा परिसर (initiation complex) कहा जाता है। बड़ा सबयूनिट बाद में (later) छोटे सबयूनिट से जुड़ जाता है, जिससे सक्रिय राइबोसोम (active ribosome) बनता है। mRNA द्वारा राइबोसोम को सक्रिय (Activation) करने के लिए \(Mg^{++}\) की उचित एकाग्रता (proper concentration) की आवश्यकता होती है।

अमीनो एसिड की असेंबली (Assembly of Amino Acids - पॉलीपेप्टाइड का निर्माण - Polypeptide Formation)
यह वह चरण है जिसमें अमीनो एसिड को पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में इकट्ठा (assembled) किया जाता है। इसमें 3 घटनाएं (3 events) शामिल हैं: पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला की दीक्षा (initiation), बढ़ाव (elongation) और समाप्ति (termination)।

पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला की शुरुआत (Initiation of Polypeptide Chain):
mRNA श्रृंखला के 5' छोर (5' end) पर एक "आरंभकर्ता" ("initiator") या "प्रारंभ" कोडन ("start" codon - AUG या GUG) होता है जो पॉलीपेप्टाइड गठन (polypeptide formation) की शुरुआत (beginning) का संकेत देता है। यह कोडन राइबोसोम की पी साइट के करीब (close) स्थित (lies) है। अमीनो एसिड फॉर्मिलमेथियोनीन (amino acid formylmethionine - यूकेरियोट्स में मेथियोनीन - methionine in eukaryotes) प्रक्रिया शुरू (initiates) करता है। यह एक एंटीकोडन UAC वाले tRNA द्वारा ले जाया (carried) जाता है जो mRNA के आरंभकर्ता कोडन AUG के साथ बंध जाता है। दीक्षा कारक (Initiation factors - IF1, IF2 और IF3) और GTP दीक्षा प्रक्रिया (initiation process) को बढ़ावा (promote) देते हैं।
बड़ी राइबोसोमल सबयूनिट अब राइबोसोम को पूरा (complete) करने के लिए छोटी सबयूनिट में शामिल हो जाती है। इस स्तर (stage) पर, GTP को GDP में हाइड्रोलाइज्ड (hydrolysed) किया जाता है। राइबोसोम में पी साइट पर टीRNA वाला फॉर्मिलमेथिओनिन (formylmethionine) होता है। बाद में, प्रोकैरियोट्स में एंजाइम डिफॉर्मिलेज (enzyme deformylase) द्वारा फॉर्मिलमेथिओनिन को सामान्य मेथिओनिन (normal methionine) में बदल (changed) दिया जाता है। यदि आवश्यक नहीं (If not required) है, तो मेथिओनिन को बाद में प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम एमिनोपेप्टिडेज़ (proteolytic enzyme aminopeptidase) द्वारा पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला से अलग (separated) कर दिया जाता है。

पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला का बढ़ाव (Elongation of Polypeptide Chain):

Elongation of Polypeptide Chain

उपरोक्त आंकड़ा (above figure) दिखाता (shows) है,
A. ए साइट पर पहुंचने वाला (arriving) एक चार्ज टीRNA, एमRNA पर इसके कोडन को पढ़ (reading) रहा है
B. P साइट पर tRNA का अमीनो एसिड, A साइट पर tRNA के अमीनो एसिड में स्थानांतरित (transferred) होने के लिए तैयार (ready) है
C. अमीनो एसिड पेप्टाइड बॉन्ड से जुड़ (joined) जाते हैं और tRNA P साइट से डिस्चार्ज (discharged) हो जाता है
D. पेप्टाइड चेन-कैरिंग टीRNA (Peptide chain-carrying tRNA) को पी साइट पर स्थानांतरित (translocated) किया जाता है, जिससे ए साइट एक और चार्ज किए गए टीRNA (another charged tRNA) प्राप्त (receive) करने के लिए स्वतंत्र (free) हो जाती है।

तीन बढ़ाव कारक (Three elongation factors - EF Tu, EF Ts और EF G) पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के बढ़ाव में सहायता (assist) करते हैं। एक चार्ज किया गया टीRNA अणु (charged tRNA molecule) अपने अमीनो एसिड, प्रोलाइन (proline), उदाहरण के लिए (for example), ए साइट पर राइबोसोम में प्रवेश करता है। इसका एंटीकोडन GGA हाइड्रोजन बांड (hydrogen bonds) द्वारा mRNA श्रृंखला के पूरक कोडन (complementary codon) CCU का पता लगाता है (locates) और उससे जुड़ता है। अमीनो एसिड मेथिओनिन (amino acid methionine) अपने टीRNA से नए आए प्रोलाइन टीRNA कॉम्प्लेक्स (newly arrived proline tRNA complex) पर स्थानांतरित हो जाता है जहां दो अमीनो एसिड (two amino acids) पेप्टाइड बांड से जुड़ जाते हैं। यह प्रक्रिया राइबोसोम पर स्थित एंजाइम पेप्टिडाइल ट्रांसफरेज़ (enzyme peptidyl transferase) द्वारा उत्प्रेरित होती है। इस प्रक्रिया में, पहले अमीनो एसिड (first amino acid) और उसके टीRNA के बीच का संबंध टूट (linkage is broken) जाता है, और -COOH समूह अब दूसरे अमीनो एसिड (second amino acid) के मुक्त \(-NH_2\) समूह (free \(-NH_2\) group) के साथ एक पेप्टाइड बांड बनाता है। इस प्रकार, दूसरा tRNA एक डाइपेप्टाइड (dipeptide), फॉर्मिलमेथियोनिनप्रोलाइन (formylmethionineproline) रखता (carries) है। पेप्टाइड बांड के गठन के लिए आवश्यक ऊर्जा इसके टीRNA से अमीनो एसिड (amino acid - फॉर्मिलमेथियोनिन या मेथिओनिन - formylmethionine or methionine) के पृथक्करण द्वारा जारी मुक्त ऊर्जा (free energy released) से आती (comes) है।

पहला टीRNA (first tRNA), अब अनचार्ज (uncharged) हो गया है, राइबोसोम की पी साइट पर एमRNA श्रृंखला से अलग (separates) हो जाता है और साइटोप्लाज्म में टीRNA (tRNAs) के मिश्रित पूल (mixed pool) में लौट (returns) आता है। यहां, यह अब अपने विशिष्ट अमीनो एसिड के एक अन्य अणु (another molecule) को ले जाने (transport) के लिए उपलब्ध है।
अब राइबोसोम mRNA के साथ 3' दिशा में एक कोडन (one codon) को घुमाता है। इसके साथ, ए साइट पर tRNAdipeptide कॉम्प्लेक्स पी साइट पर खींचा (pulled) जाता है। इस प्रक्रिया को स्थानांतरण (translocation) कहा जाता है। इसके लिए GTP और EF-G कारक (EF-G factor) नामक एक ट्रांसलोकेस प्रोटीन (translocase protein) की आवश्यकता होती है। प्रक्रिया के लिए ऊर्जा जारी (release) करने के लिए GTP को GDP और अकार्बनिक फॉस्फेट में हाइड्रोलाइज्ड किया जाता है।
इस स्तर पर, अपने स्वयं के विशिष्ट अमीनो एसिड (own specific amino acid), आर्जिनिन (arginine) के साथ एक तीसरा टीRNA अणु (third tRNA molecule), उदाहरण के लिए राइबोसोम की ए साइट पर आता (arrives) है और एमRNA श्रृंखला के पूरक कोडन UCU से एंटीकोडन AGA की मदद से जुड़ता है। डाइपेप्टाइड फॉर्मिलमेथियोनिनप्रोलाइन (dipeptide formylmethionineproline) को पूर्ववर्ती टीRNA (preceding tRNA) से तीसरे टीRNA (third tRNA) पर स्थानांतरित (shifted) किया जाता है जहां यह फिर से पेप्टिडिल ट्रांसफरेज एंजाइम (peptidyl transferase enzyme) की मदद से अमीनो एसिड आर्जिनिन (amino acid arginine) से जुड़ता है। डाइपेप्टाइड, इस प्रकार, एक ट्रिपेप्टाइड (tripeptide), फॉर्मिल-मेथियोनिन-प्रोलाइन-आर्जिनिन (formyl-methionine-proline-arginine) बन जाता है। दूसरा टीRNA (second tRNA) अब अनचार्ज हो रहा है, एमRNA श्रृंखला को छोड़ देता है, जिससे पी साइट खाली (vacating) हो जाती है। टीRNA ट्रिपेप्टाइड कॉम्प्लेक्स (tRNAtripeptide complex) को ए साइट से पी साइट में स्थानांतरित किया जाता है।

tRNA-अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स के आगमन (arrival), पेप्टाइड बॉन्ड निर्माण (peptide bond formation) और स्थानांतरण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया दोहराई (repeated) जाती है। जैसे ही राइबोसोम एमRNA पर घूमता है, एमRNA के सभी कोडन (all the codons of mRNA) एक के बाद एक ए साइट पर पहुंचते (arrive) हैं, और पेप्टाइड श्रृंखला (peptide chain) बढ़ती (grows) है। इस प्रकार, अमीनो एसिड एक अनुक्रम में एक पॉलीपेप्टाइड में जुड़े होते हैं जो एमRNA के माध्यम से DNA द्वारा संप्रेषित (communicated) होते हैं। एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला जो संश्लेषण की प्रक्रिया (process of synthesis) में है, अक्सर एक नवजात पॉलीपेप्टाइड (nascent polypeptide) कहा जाता है।
बढ़ती पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (growing polypeptide chain) हमेशा (always) अपने मूल राइबोसोम (original ribosome) से जुड़ी रहती है, और इसे एक राइबोसोम (one ribosome) से दूसरे (another) में स्थानांतरित नहीं किया जाता है। किसी दिए गए राइबोसोम (given ribosome) पर एक समय में केवल एक पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (Only one polypeptide chain) को संश्लेषित किया जा सकता है。

पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला की समाप्ति और विमोचन (Termination and Release of Polypeptide Chain) :
mRNA श्रृंखला के अंतिम छोर (terminal end) पर एक स्टॉप या टर्मिनेटर कोडन (terminator codon - UAA, UAG या UGA) होता है। यह किसी भी टीRNA अमीनो एसिड कॉम्प्लेक्स के एंटीकोडन से नहीं जुड़ता है। इसलिए (Hence), पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में अमीनो एसिड को और नहीं जोड़ा (further addition) जा सकता है। अंतिम टीRNA (last tRNA) और पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला के बीच संबंध (linkage) तीन रिलीज कारकों (three release factors - RF 1, RF 2 और RF 3) और GTP द्वारा टूट (broken) गया है। रिलीज को पेप्टिडाइल ट्रांसफरेज़ एंजाइम द्वारा उत्प्रेरित किया जाता है, वही एंजाइम जो पेप्टाइड बॉन्ड बनाता है। राइबोसोम स्टॉप कोडन पर mRNA श्रृंखला से छलांग (jumps off) लगाता है और अपने दो सबयूनिट्स में अलग हो जाता है। पूर्ण पॉलीपेप्टाइड (completed polypeptide - अमीनो एसिड श्रृंखला - amino acid chain) साइटोप्लाज्म में मुक्त हो जाता है।
एमRNA से रिलीज होने पर राइबोसोम और टीRNA उसी तरह (same manner) फिर से काम कर सकते हैं और उसी प्रोटीन (same protein) के एक अन्य पॉलीपेप्टाइड (another polypeptide) के निर्माण का परिणाम (result) हो सकते हैं।

जारी पॉलीपेप्टाइड का संशोधन (Modification of Released Polypeptide):
अभी जारी किया गया पॉलीपेप्टाइड (just released polypeptide) एक प्राथमिक अणु (primary molecule) प्रदर्शित (exhibiting) करने वाला एक सीधा, रैखिक (straight, linear), संरचना (structure) है। यह पेप्टिडेज़ एंजाइम (peptidase enzyme) की मदद से अंत (end) से कुछ अमीनो एसिड (some amino acids) खो (lose) सकता है, और फिर माध्यमिक (secondary) और तृतीयक संरचना (tertiary structure) प्राप्त (acquire) करने के लिए खुद (itself) पर कुंडल (coil) और गुना कर सकता है। यह चतुर्धातुक संरचना (quaternary structure) के लिए अन्य पॉलीपेप्टाइड्स (other polypeptides) के साथ भी जुड़ (combine) सकता है।
मुक्त पॉलीसोम (free polysomes) पर संश्लेषित प्रोटीन (proteins synthesized) साइटोप्लाज्म में जारी किए जाते हैं और संरचनात्मक (structural) और एंजाइमेटिक प्रोटीन (enzymatic proteins) के रूप में कार्य करते हैं। ईआर (ER) से जुड़े पॉलीसोम (polysomes attached) पर बनने वाले प्रोटीन ईआर चैनलों (ER channels) में गुजरते हैं और गोल्गी उपकरण (Golgi apparatus) में पैकेजिंग (packaging) के बाद एक्सोसाइटोसिस (exocytosis) द्वारा कोशिका स्राव (cell secretions) के रूप में निर्यात (exported) किए जाते हैं。

पॉलीसोम का निर्माण (Polysome Formation):
जब राइबोसोम एमRNA श्रृंखला से पर्याप्त रूप से नीचे (sufficiently down) 3' छोर (3' end) की ओर बढ़ (moved) गया है, तो एक अन्य राइबोसोम (another ribosome) एमRNA के आरंभकर्ता कोडन पर स्थिति (position) लेता है, और उसी पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला (same polypeptide chain) के दूसरे अणु (second molecule) का संश्लेषण शुरू करता है। किसी भी समय (At any given time), mRNA श्रृंखला, इसलिए, कई राइबोसोम ले जाएगी, जिन पर अलग-अलग लंबाई (varying length) की समान पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएं (similar polypeptide chains) होती हैं, जो आरंभकर्ता कोडन के पास सबसे कम और टर्मिनेटर कोडन के पास सबसे लंबी होती हैं। एमRNA अणु से जुड़ी राइबोसोम की एक पंक्ति को पॉलीराइबोसोम या पॉलीसोम कहा जाता है। एक पॉलीसोम द्वारा एक mRNA अणु (one mRNA molecule) से एक साथ (simultaneously) एक ही पॉलीपेप्टाइड (same polypeptide) के कई अणुओं (many molecules) का संश्लेषण अनुवादात्मक प्रवर्धन (translational amplification) कहा जाता है।

Polysome Formation

प्रोटीन संश्लेषण के लिए प्रयुक्त ऊर्जा (Energy Used for Protein Synthesis):
प्रत्येक क्रमिक अमीनो एसिड-tRNA कॉम्प्लेक्स (each successive amino acid-tRNA complex) राइबोसोम की ए साइट से जुड़ने के कारण एक GTP को GDP में हाइड्रोलाइज्ड किया जाता है। एक दूसरा जीटीपी (second GTP) जीडीपी (GDP) में टूट (broken down) जाता है क्योंकि राइबोसोम एमRNA में प्रत्येक नए कोडन (each new codon) में चला जाता है। अमीनो एसिड सक्रियण के दौरान एक एटीपी (one ATP) एएमपी में हाइड्रोलाइज्ड होता है। इस प्रकार, प्रत्येक पेप्टाइड बॉन्ड (each peptide bond) के गठन में 3 उच्च-ऊर्जा अणुओं (3 high-energy molecules), एक एटीपी और दो जीटीपी (two GTP) का उपयोग (uses) होता है。

Energy Used for Protein Synthesis

प्रोटीन संश्लेषण का एक दिलचस्प पहलू (interesting aspect of protein synthesis) यह है कि DNA और राइबोसोम सेल में विभिन्न साइटों (different sites) पर स्थित होते हैं। एक सेल में विभिन्न साइटों पर निर्देश केंद्र (instruction centre - DNA) और विनिर्माण केंद्र (manufacturing centre - ribosomes) का स्थान (Location) फायदेमंद (advantageous) है। यदि दोनों नाभिक में होते, तो विनिर्माण केंद्र (manufacturing centre) ऊर्जा स्रोतों (energy sources) और कच्चे माल (raw materials) से बहुत दूर (far away) होता; और यदि दोनों साइटोप्लाज्म में होते, तो सूचना केंद्र (information centre) श्वसन टूटने (respiratory breakdown) के संपर्क में (exposed) आता। परमाणु लिफाफा (nuclear envelope) श्वसन विनाश (respiratory destruction) से बचाकर DNA की स्थिरता (stability of the DNA) को संरक्षित (preserves) करता है। जीन (genes - कोड - codes) के रूप में DNA में संदेश (message), स्थायी (permanent), प्रामाणिक मास्टर दस्तावेज़ (authentic master documents) हैं, जिनसे कोशिका द्वारा आवश्यकतानुसार (as and when required) एमRNA (mRNAs) के रूप में कार्य प्रतियां (working copies) तैयार (prepared) की जाती हैं।

वह जटिल प्रक्रिया (complex process) जिसके द्वारा RNA में जानकारी को एक पॉलीपेप्टाइड में डिकोड (decoded) किया जाता है, रोमांचक खोजों (exciting discoveries) आनुवंशिक कोड में से एक है।
केवल चार जैव रासायनिक अक्षरों (four biochemical letters - A, G, C, U) के साथ एक अक्षर कोड (one letter code) 20 अमीनो एसिड को स्पष्ट रूप से (unambiguously) एन्कोड (encode) नहीं कर सकता है। दो अक्षर का कोड (two letter code) केवल 16 अमीनो एसिड (16 amino acids) को एनकोड कर सकता है। इसलिए, 3 जैव रासायनिक अक्षरों (3 biochemical letters) या न्यूक्लियोटाइड बेस (nucleotide bases) के आधार पर एक ट्रिपलेट कोड (triplet code) 4 x 4 x 4 = 64 कोडन (64 codons) बना सकता है। 20 या इतने विभिन्न अमीनो एसिड (different amino acids) के लिए कोड (code) करने के लिए इसकी आवश्यकता (required) होगी।
1960 के दशक (1960s) में फ्रांसिस क्रिक (Francis Crick), सेवेनो ओचोआ (Seveno Ochoa), मैक्सेल निनबर्ग (Maxell Ninenberg), हरगोबिंद खुराना (Hargobind Khorana) और जे.एच. मल्थर (J. H. Malther) जैसे कई वैज्ञानिकों (many scientists) के योगदान (contribution) के माध्यम से (through) आनुवंशिक कोड की खोज (discovery of the genetic code) संभव (possible) हो गई। निनबर्ग (Ninemberg) और खुराना (Khorana) ने 1968 में नोबेल पुरस्कार साझा किया।

आनुवंशिक कोड की विशेषताएं (Characteristics of Genetic Code)

Genetic Code Table

उपरोक्त आंकड़े में, RNA के ट्रिपलेट कोडन (triplet codons) में न्यूक्लियोटाइड्स का अनुक्रम (sequence of nucleotides) दर्शाया (indicated) गया है; प्रत्येक ट्रिपलेट (each triplet) एक विशेष अमीनो एसिड को निर्दिष्ट करता है।

🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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