संकरण का उद्देश्य (Objective of hybridization)
संकरण (hybridization) का मुख्य उद्देश्य (chief objective) भिन्नता (variation) पैदा करना है। जब दो जीनोटाइपिक रूप से (genotypically) भिन्न (different) पौधों (plants) को पार (crossed) किया जाता है, तो माता-पिता दोनों (both the parents) के जीन (genes) को F l में एक साथ (brought together) लाया जाता है। अलगाव और पुनर्संयोजन (Segregation and recombination) F 2 और बाद की पीढ़ियों (subsequent generations) में कई नए जीन संयोजन (many new gene combinations) उत्पन्न (produce) करते हैं।
उत्पन्न भिन्नता की डिग्री (degree of variation produced) F l में हेटेरोजायगस जीन की संख्या (number of heterozygous genes) पर निर्भर (depends) करती है। F 1 में विषमयुग्मजी जीन की संख्या बदले में (in turn) उन जीनों की संख्या (number of genes) पर निर्भर करती है जिनके लिए दोनों माता-पिता भिन्न (two parents differ) हैं। यदि माता-पिता (parents) संबंधित नहीं (not related) हैं तो वे कई जीनों के लिए भिन्न (differ for several genes) हो सकते हैं।
संयोजन प्रजनन (Combination breeding)
संयोजन प्रजनन का मुख्य उद्देश्य (main aim) अन्य किस्मों (other varieties) से एक या अधिक वर्णों (one or more characters) को एक ही किस्म (single variety) में स्थानांतरित (transfer) करना है। इन वर्णों (characters) को ऑलिगोजेन (oligogenes) या पॉलीजीन (polygenes) द्वारा नियंत्रित (governed) किया जा सकता है। इस दृष्टिकोण (approach) में, उपज में वृद्धि (increase in yield) उपज (yield) में कमियों को दूर करके प्राप्त (obtained by correcting the weaknesses) की जाती है जैसे कि टिलर संख्या (tiller number), प्रति पैनिकल्स (grains per panicle), संबंधित किस्म के बीज वजन (seed weight of the concerned variety)। संयोजन प्रजनन का उदाहरण (Example) बैकक्रॉस प्रजनन (backcross breeding) द्वारा प्राप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता (disease resistance achieved) है। वंशावली विधि (Pedigree method) भी एक अन्य उदाहरण (another example) है।
ट्रांसग्रेसिव प्रजनन (Transgressive breeding)
ट्रांसग्रेसिव अलगाव (Transgressive segregation) F 2 पीढ़ी (F 2 generation) में उन पौधों का उत्पादन (production of plants) है जो एक या अधिक वर्णों के लिए माता-पिता दोनों से बेहतर (superior) हैं। ऐसे पौधों (Such plants) का उत्पादन पुनर्संयोजन के परिणामस्वरूप (consequence of recombination) दोनों माता-पिता से अनुकूल जीन (favourable genes) के संचय (accumulation) से होता है। इस मामले में संकरण में शामिल माता-पिता (parents involved in hybridization) को एक-दूसरे के साथ अच्छी तरह से संयोजित (combine well with each other) होना चाहिए और अधिमानतः (preferably) आनुवंशिक रूप से विविध (genetically diverse) होना चाहिए। इस तरह (This way), प्रत्येक माता-पिता (each parent) से अलग-अलग प्लस जीन (different plus genes) का योगदान (contribute) करने की उम्मीद (expected) की जाती है जो पुनर्संयोजन (recombination) द्वारा एक साथ लाए जाने पर ट्रांसग्रेसिव अलगाव (transgresive segregation) को जन्म (gives rise) देते हैं। वंशावली पद्धति के साथ-साथ जनसंख्या दृष्टिकोण (population approach) को ट्रांसग्रेसिव सेग्रेगेंट्स (transgresive segregants) का उत्पादन करने के लिए डिज़ाइन (designed) किया गया है।
संकरण की प्रक्रिया (Procedure of hybridization)
1. अपना उद्देश्य निर्धारित करें (Set up your objective.)
2. माता-पिता का चयन (Selection of parents.)
3. माता-पिता का मूल्यांकन (Evaluation of parents.)
4. बुवाई योजना (Sowing plan.)
5. इमास्कुलेशन और डस्टिंग (Emasculation and dusting.)
6. लेबलिंग और बैगिंग (Labelling and bagging.)
7. बीजों की कटाई और भंडारण (Harvesting and storage of seeds.)
1. उद्देश्य (Objective)
आवश्यकता के आधार पर (Based on the requirement), अपना उद्देश्य निर्धारित (set your objective) करें। क्योंकि उद्देश्य के आधार (based on the objective) पर ही माता-पिता का चयन (selection of parents) किया जाता है। यदि यह प्रतिरोध प्रजनन (resistance breeding) है तो माता-पिता में से एक को दाता (donor) होना चाहिए।
2. माता-पिता का चयन
सामान्य अभ्यास (Normal practice) यह है कि, महिला माता-पिता (female parent) एक स्थानीय रूप से अनुकूलित (locally adapted) होगी जिसमें हम प्लस जीन (plus genes) ला सकते हैं। अंतर्विभागीय संकरण (intervarietal hybridization) के मामले में भौगोलिक रूप से विविध माता-पिता (geographically diverse parents) का चयन किया जाएगा ताकि बेहतर सेग्रेगेंट्स (superior segregants) प्राप्त हो सकें।
3. माता-पिता का मूल्यांकन (Evaluation of parents)
उन माता-पिता के मामले में जो क्षेत्र के लिए नए हैं (parents which are new to the region), उनकी अनुकूलन क्षमता (adaptability) के लिए उनका मूल्यांकन (evaluated) किया जाना चाहिए। समरूपता (homozygosity) सुनिश्चित करने के लिए, उनका मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
4. बुवाई योजना (Sowing plan)
यदि फूल की अवधि (flowering duration) समान (same) है, तो दोनों माता-पिता की एक साथ बुवाई (simultaneous sowing) की जा सकती है। अन्यथा (Otherwise) कंपित बुवाई (staggered sowing) का पालन किया जाना है। सामान्य अभ्यास यह है कि ओव्यूल पेरेंट (ovule parent) को पंक्तियों में (in rows) भूखंड के केंद्र (centre of the plot) में उठाया जाए और सीमा पर (on the border) प्रत्येक संयोजन के लिए पराग पेरेंट (pollen parent for each combination)।
5. इमास्कुलेशन और डस्टिंग (Emasculation and dusting)
इमास्कुलेशन (Emasculation) एक उभयलिंगी फूल (bisexual flower) से अपरिपक्व पुंकेसर (immature anthers) को हटाना (removal) है। फसल (crop) के आधार पर इमास्कुलेशन अभ्यास (emasculation practice) अलग-अलग (differs) होता है। हाथ से इमास्कुलेशन (hand emasculation) और पराग (pollen) को झाड़ने (dusting) का सामान्य अभ्यास किया जाता है। एंथेसिस के समय (time of anthesis) के आधार पर इमास्कुलेशन का समय (time of emasculation) अलग-अलग होता है। उदा. चावल (rice) में कोयंबटूर (Coimbatore) में एंथेसिस (anthesis) सुबह 7.00 से 10.00 बजे (7.00 to 10.00 A.M.) के बीच होता है। इसलिए इमास्कुलेशन लगभग सुबह 6.30 बजे (6.30 A.M.) किया जाता है और पराग की धूल (dusting of pollen) तुरंत की जाती है।
6. लेबलिंग और बैगिंग (Labelling and bagging)
संकरण के तुरंत बाद एक लेबल (label) लगाएं जिसमें माता-पिता और संकरण की तारीख (date of crossing) का संकेत हो। विदेशी पराग, संदूषण (foreign pollen, contamination) को रोकने (prevent) के लिए उपयुक्त कवर (appropriate cover) लगाएं।
7. बीजों की कटाई और भंडारण (Harvesting and storage of seeds)
आम तौर पर (Normally) संकरण (crossing) के 15-20 दिनों के बाद बीज सेट (seeds will be set) हो जाएंगे। दालों (pulses) के मामले में क्रॉस की गई फली (crossed pods) को फली (pod) की सिकुड़ी हुई प्रकृति (shrunken nature) से आसानी से पहचाना (easily identified) जा सकता है और बीज सेट (seed set) कम हो जाएगा। पार किए गए बीजों (crossed seeds) की कटाई व्यक्तिगत पौधे के आधार (individual plant basis) पर की जानी चाहिए। अलग-अलग पौधों (individual plants) से एकत्र किए गए बीजों (Seeds collected) को उचित लेबल (proper label) के साथ उपयुक्त कंटेनरों (appropriate containers) में संग्रहीत (stored) किया जाना है और संग्रहीत किया जाना है।
दूरस्थ संकरण (Distant Hybridization)
जब दो अलग-अलग प्रजातियों (two different species) के बीच या दो अलग-अलग जेनेरा (two different genera) के बीच संकरण (crosses) किया जाता है, तो उन्हें आमतौर पर (generally) डिस्टेंट हाइब्रिडाइजेशन (या) वाइड हाइब्रिडाइजेशन (wide hybridization) कहा जाता है।
इतिहास (History)
थॉमस फेयरचाइल्ड (Thomas Fairchild) 1717 दूरस्थ संकरण करने वाले पहले व्यक्ति (first man) थे। उन्होंने डिएन्थस (Dianthus) की दो प्रजातियों (two species) के बीच एक संकर (hybrid) का उत्पादन (produced) किया
डिएन्थस कैरियोफिलस (Dianthus caryophyllus - कार्नेशन - Carnation) x डी. बारबेटस (D. barbatus - स्वीट विलियम - Sweet william)
1928 में एक रूसी वैज्ञानिक (Russian Scientist) कारपेचेंको (Karpechenko) द्वारा उत्पादित इंटर जेनेरिक हाइब्रिड (Inter generic hybrid)। राफानो ब्रासिका (Raphano brassica) मूली (राफानस सैटिवस - Raphanus sativus) और पत्तागोभी (ब्रासिका ओलेरासी - Brassica oleraceae) के बीच एक क्रॉस (cross) से एम्फिडिप्लॉइड (amphidiploid) है। ट्रिटिकेल (Triticale) का उत्पादन 1890 में रिम्पाऊ (Rimpau) ने किया था। ट्रिटिकेल गेहूं और राई (wheat and rye) के बीच क्रॉस से प्राप्त एम्फिडिप्लॉइड है। एक और उदाहरण सैकरम नोबिलाइजेशन (Saccharum nobilisation) है जिसमें तीन प्रजातियां (three species) शामिल हैं।
स्व-परागित फसलों में संकर - समस्याएँ और संभावनाएँ (Hybrids in self-pollinated crops - problems and prospects)
F I संकर (F I hybrids) के माध्यम से हेटेरोसिस का शोषण (Exploitation of heterosis) अब तक (hitherto) क्रॉस-परागित फसलों (cross-pollinated crops) का विशेषाधिकार (prerogative) रहा है, मुख्य रूप से (chiefly) उनकी प्रजनन प्रणालियों (breeding systems) के कारण जो एलोगैमी (allogamy) का पक्ष लेती हैं। हालांकि (However), स्व-परागित कोर (self-pollinated corps) में भी इस तरह के प्रस्ताव (such a proposition) के लिए काम करने की संभावनाओं (possibilities of working) को हाल ही में महसूस (recently been realized) किया गया है। वास्तव में (Indeed), ऑटोगैमस फसलों (autogamous crops) में संकर ओज (hybrid vigour) का शोषण (exploitation) आसान (easy) और कम समय लेने वाला (less time-consuming) है क्योंकि समरूप इनब्रेड (homozygous inbreds) पहले से ही (already) उपलब्ध हैं। स्व- और क्रॉस-परागित फसलों (self and cross-pollinated crops) के बीच संकर प्रजनन (hybrid breeding) के संबंध में व्यावहारिक रूप से (practically) कोई अंतर (no difference) नहीं है। लेकिन सीफ़र्स (seIfers) में संकर की संभावनाएं (prospects of hybrids) तीन प्रमुख विचारों (three major considerations) पर निर्भर (dependant) हैं।
1. इष्टतम उत्पादन स्थितियों (optimal production conditions) के तहत कितना उच्च हेटेरोटिक प्रभाव (high a heterotic effect) प्राप्त (gained) किया जा सकता है।
2. वास्तव में (In fact), एक ब्रीडर की मुख्य चिंता (breeder's main concern) फसलों में हेटेरोसिस की घटना (occurrence of heterosis) की आवृत्ति (frequency) के बजाय परिमाण (magnitude) है। इस प्रकार (Thus) विचार (consideration) यह है कि क्या आर्थिक रूप से जीवनक्षम हेटेरोसिस (economically viable heterosis) प्राप्त करना संभव है या नहीं (whether or not it is possible)।
3. उच्च हेटेरोसिस (high heterosis) के कारण कितना अतिरिक्त उत्पादन (yield surplus) अतिरिक्त बीज लागत (extra seed cost) की भरपाई (offset) कर सकता है? गेहूं, जौ, चावल आदि (wheat, barley, rice, etc.) जैसी प्रमुख स्व-परागित फसलों (major self-pollinated crops) में प्रति इकाई क्षेत्र (per unit area) बीज दर (seed rate) अत्यधिक (exorbitant) होती है और इसलिए (hence) संकर बीज की आवश्यकता (hybrid seed requirement) भी अधिक (more) होती है।
4. सीफ़र्स में क्रॉस-परागण का तंत्र (mechanism of cross-pollination) कितना कुशल और प्रभावी (efficient and effective) है? प्रकृति से (By nature), स्व-परागित फसलें (self-pollinated crops) बहुत खराब पराग गतिशीलता (very poor pollen maneuverability) (या एलोगैमी को प्रभावित करने के लिए गतिशीलता - movability to effect allogamy) के साथ शर्मीली परागणकर्ता (shy pollinators) हैं। इसलिए (Therefore), जिस दक्षता (डिग्री ऑफ ऑलोगैमी - degree of allogamy) के साथ वाणिज्यिक पैमाने (commercial scale) पर परपरागण (cross pollination) हो सकता है, वह सीफ़र्स में हाइब्रिड कार्यक्रम (hybrid programme) की सफलता (success) का सच्चा निर्धारक (true determinant) है।
5. स्व-परागित फसलों के बीच, FI संकर (FI hybrids) को मुश्किल से टमाटर, ज्वार (अक्सर-क्रॉस-परागित) और गेहूं (barely, tomato, Sorghum (often-cross-pollinated) and wheat) में किसान के खेत (farmer's field) में स्नातक (graduated) किया गया है। ब्रिगले (1963) ने गेहूं (wheat) में हेटेरोसिस (heterosis) का एक ज्वलंत विवरण (vivid account) प्रस्तुत किया। चावल में काम (Work) भी सबसे उत्साहजनक (most encouraging) है (IRRI, 1972)।
वंशावली विधि
इस विधि (method) में, F 2 और बाद की पीढ़ियों (F 2 and subsequent generations) से व्यक्तिगत पौधों का चयन किया जाता है और उनकी संतानों (progenies) का परीक्षण (tested) किया जाता है। इस प्रक्रिया (process) के दौरान प्रत्येक पीढ़ी (each generation) में चयनित पौधों (plants selected) के बारे में विवरण (details) पेडिग्री रिकॉर्ड (Pedigree Record) में दर्ज (recorded) किया जाता है। पेडिग्री रिकॉर्ड को देखकर हम चयनित पौधों (selected plants) के वंश (ancestry) के बारे में जान सकते हैं।
पेडिग्री रिकॉर्ड के रखरखाव के लिए बुनियादी चीज संकरण लेजर (Crossing Ledger) की आवश्यकता है। यह लेजर (Ledger) माता-पिता (parentage) के बारे में विवरण देता है, वह सीज़न (Season) जिसमें क्रॉस बनाया जाता है।
| क्रम संख्या (Sl.No.) | क्रॉस संख्या (Cross Number) | पितृत्व |
|---|---|---|
| 1. | X S 9801 | Co2 x MS 9804 |
| 2. | X S 9802 | Co4 x C152 |
| 3. | X S 9803 | Co 1 x Co4 |
पेडिग्री रिकॉर्ड को बनाए रखने के कई तरीके (several ways) हैं। पौधों का चयन (selection of plants) F 2 से आगे (F 2 onwards) शुरू होता है। चयनित पौधों के बारे में विवरण इस प्रकार दर्ज किया जा सकता है। उदा. F 2 X S 9801 - 7. यहां (Here) 7 सातवें पौधे के चयन (seventh plant selected) को दर्शाता है।
F 3 में यदि क्रॉस X S 9801 के 7वें पौधे से चयन (selection is made from the 7th plant of cross X S 9801) किया जाता है, तो इसे F 3 X S 9801 - 7 - 4 के रूप में दर्ज किया जा सकता है। संख्या चार (number four) इंगित (indicates) करती है कि F 2 के 7वें पौधे का चौथा पौधा (fourth plant of 7th plant of F 2) चुना गया है। इसका पालन (followed) F 4 या F 5 पीढ़ियों (F 4 or F 5 generations) तक किया जा सकता है। F 4 या F 5 के बाद चयनित पौधों को एक परिवार (family) बनाने के लिए थोक (bulked) किया जाता है।
पेडिग्री रिकॉर्ड में पौधे की ऊंचाई (plant height), शाखाओं की संख्या (number of branches), प्रति पौधे फली की संख्या (No. of pods / plant), फली की लंबाई (pod length), प्रति फली बीज (seeds / pod), फली का वजन (pod weight), बीज का वजन (seed weight) जैसे सभी बायोमेटेरिकल डेटा (biometerical data) दर्ज किए जाते हैं।
वंशावली विधि के गुण (Merits of Pedigree Method)
1. प्रजनक (breeder) को पौधों के चयन के लिए अपने कौशल और निर्णय (skill and judgement) का उपयोग करने का अधिकतम अवसर (maximum opportunity) देता है।
2. ऐसे लक्षणों के लिए उपयुक्त (Well-suited) जो केवल वंशानुक्रम (simply inherited) में मिले हैं
3. ट्रांसग्रेसिव सेग्रेगेंट्स (Transgressive segregants) को आसानी से रिकॉर्ड (records) के माध्यम से पहचाना जा सकता है।
4. वंशानुक्रम के बारे में जानकारी (Information about inheritance) ठीक से (precisely) प्राप्त की जाती है।
दोष (Demerits)
1. पेडिग्री रिकॉर्ड का रखरखाव समय लेने वाला (time consuming) है और बड़ी आबादी (larger population) के संचालन को सीमित (limits) करता है।
2. इस पद्धति में सफलता काफी हद तक (largely) ब्रीडर के कौशल (skill of the breeder) पर निर्भर (dependent) है। प्राकृतिक चयन (natural selection) का कोई अवसर (opportunity) नहीं है।
3. F 2 और F 3 में उपज के लिए चयन (Selection for yield) अप्रभावी (ineffective) है। यदि बड़ी आबादी को बनाए रखने (maintain) के लिए ध्यान नहीं रखा जाता है, तो मूल्यवान सामग्री (valuable materials) खो सकती है।
वंशावली विधि प्रक्रिया (Pedigree Method Procedure)
F 1 पीढ़ी (F 1 Generation)
F 1 बीजों (F 1 seeds) को स्पेस प्लांट (space planted) किया जाता है ताकि F 1 की पूर्ण अभिव्यक्ति (full expression) हो सके। यह सलाह दी जाती है (advisable) कि सीमा पंक्तियों (border rows) के रूप में क्रॉस में शामिल माता-पिता (parents involved in the cross) को उठाया जाए ताकि प्रभुत्व और अन्य लक्षणों (dominance and other characters) का अध्ययन किया जा सके। F 1s को एकल पौधों (single plants) के रूप में काटा (harvested) जाता है।
F 2 पीढ़ी
F 2 में, प्रति क्रॉस 2000 से 10,000 पौधे (2000 to 10,000 plants per cross) लगाए जाते हैं। लगभग 100 - 500 पौधों का चयन किया जाता है (About 100 - 500 plants are selected) और एकल पौधे के आधार (single plant basis) पर काटा जाता है। F 2 में चयन (selection) ब्रीडर के कौशल पर निर्भर करता है। चयन की तीव्रता (selection intensity) 5 से 10% हो सकती है।
F 3 पीढ़ी (F 3 generation)
व्यक्तिगत पौधे की संतानों (Individual plant progenies) को अंतरिक्ष में लगाया जाता है। फिर से वांछनीय पौधों (desirable plants) का चयन किया जाता है। F 3 के बाद से (From F 3 onwards) पारिवारिक शब्द (term family) पेश किया गया है। प्रत्येक क्रॉस (each cross) से चयनित लाइन (line selected) को परिवार कहा जाता है।
F 4 पीढ़ी (F 4 generation)
F 3 के समान (Similar to F 3)।
F 5 पीढ़ी (F 5 generation)
कई परिवारों (Many families) ने समरूपता प्राप्त कर ली होगी और उन्हें पंक्ति थोक (row bulk) के रूप में काटा जा सकता है।
F 6 पीढ़ी (F 6 generation)
बहु पंक्ति परीक्षण (multi row trial) में पंक्ति थोक का मूल्यांकन (assessed) किया जा सकता है। अलगाव प्रदर्शित (exhibiting segregation) करने वाले परिवारों को अलग किया जा सकता है (isolated) और अलग से (separately) अध्ययन किया जा सकता है।
F 7 पीढ़ी (F 7 generation)
RRYT
F 8 पीढ़ी (F 8 generation)
PYT. CYT 3 सीज़न (3 seasons)।
चयन का आधार (Basis of selection)
उद्देश्य के आधार पर, अलग-अलग पीढ़ी (segregating generation) में चयन किया जाना है। कीट और रोग प्रतिरोधक क्षमता (insect and disease resistance) के लिए बीजों (seeds) का हिस्सा अलग पीढ़ी में आरक्षित (reserved) किया जा सकता है और बाकी (rest) को एपिफाइटोटिक स्थितियों (epiphytotic conditions) के अधीन (subjected) किया जा सकता है। प्रतिरोध प्रदर्शित (exhibiting resistance) करने वाले परिवारों की पहचान की जा सकती है (identified) और आरक्षित बीजों (reserve seeds) का उपयोग आगे के चयन और परीक्षण (further selection and testing) के लिए किया जा सकता है।
प्रारंभिक पीढ़ी परीक्षण (Early generation testing)
यदि F 3 या F 4 में श्रेष्ठ परिवारों (superior families) की पहचान की जाती है, तो उन्हें वांछनीय वर्णों (desirable characters) के लिए परीक्षण किया जा सकता है और इसे प्रारंभिक पीढ़ी परीक्षण कहते हैं।
शटल प्रजनन (Shuttle breeding)
यह विशेष रूप से (especially) रोग या कीट प्रतिरोध प्रजनन (disease or insect resistance breeding) में पालन किया जाता है। उदाहरण के लिए (For e.g.) कोयंबटूर में ब्लैकग्राम में YMV (YMV in blackgram) केवल गर्मी के मौसम (summer season only) के दौरान महामारी के रूप में (epidemic form) होता है। जबकि (Whereas) वांबन (पुदुक्कोट्टई) (Vamban - Pudukkottai) में खरीफ मौसम (kharif season) के दौरान YMV महामारी (epidemic) है। इसलिए कोयंबटूर में अगली गर्मियों (next summer) की प्रतीक्षा (waiting) करने के बजाय सामग्री (materials) का परीक्षण वांबन में खरीफ के दौरान (tested at Vamban during kharif) किया जा सकता है और इस प्रकार एक सीज़न (one season) बचाया जाता है।
ऑफ सीजन नर्सरी (Off season nursery)
कुछ फसलें मौसम के अनुकूल हो सकती हैं (Some crops may be season bound)। लेकिन यह कुछ कृषि-जलवायु क्षेत्र (certain agro-climatic zone) में गैर-मौसम के अनुकूल (non-season bound) हो सकता है। उदाहरण के लिए (For e.g.) थलाई विरिचन चोलम (Thalai virichan cholam - स्रोतबुर्गी - Sroxburghii) कोयंबटूर में ऋतु-बद्ध (season bound) है। इसे जुलाई - अगस्त (July - August) के दौरान बोया जाना है और दिसंबर - जनवरी (December - January) के दौरान काटा जाना है। लेकिन यह श्रोक्सबुगी (Sroxbughii) यरकौड (Yercaud) में गैर-ऋतु-बद्ध है। इसलिए एक मौसम को बचाने के लिए, यरकौड में रबी गर्मियों (Rabi summer at Yercaud) के दौरान अलग करने वाली सामग्री (segregating material) को उठाया जा सकता है। इस पद्धति को अन्यथा तीव्र पीढ़ी की उन्नति (rapid generation advancement - RGA) कहते हैं।
इस विधि में अगली पीढ़ी (next generation) को विकसित (grow) करने के लिए F 2 और बाद की पीढ़ियों को थोक (bulk) के रूप में काटा जाता है। बल्किंग की अवधि (duration of bulking) 6 - 7 पीढ़ियों (generations) की हो सकती है। प्रत्येक पीढ़ी में चयन किया जा सकता है लेकिन कटाई थोक (harvest is done as bulk) के रूप में की जाती है। यह बड़े पैमाने पर चयन (mass selection) के समान है। बल्किंग अवधि (bulking period) के अंत में एकल पौधे का चयन (single plant selection) किया जाता है और उपज क्षमता (yielding ability) का परीक्षण किया जाता है। यदि बल्किंग अवधि लंबी (long) है, मान लीजिए 20 - 30 मौसम (20 - 30 seasons), तो प्राकृतिक चयन समरूप रेखाओं (homozygous lines) पर कार्य करता है। इस पद्धति में ब्रीडर पौधों के चयन (selecting the plants) के लिए अपने कौशल (skill) का उपयोग करता है और साथ ही कोई वंशावली रिकॉर्ड (no pedigree record) नहीं होता है। इससे समय और श्रम (time and labour) की बहुत बचत (saves) होती है।
Bulk method के गुण (Merits of bulk method)
1. सरल, सुविधाजनक और सस्ती (Simple, convenient and inexpensive)
2. कृत्रिम एपिफाइटोटिक स्थितियों (artificial epiphytotic conditions) को प्रेरित (inducing) करके अवांछनीय या कमजोर जीनोटाइप (undesirable or weaker genotypes) को समाप्त (eliminated) किया जा सकता है।
3. यदि बल्किंग अवधि लंबी (longer) है तो प्राकृतिक चयन संचालित (natural selection operates) होता है और वांछनीय जीनोटाइप (desirable genotypes) चुने जाते हैं।
4. कोई वंशावली रिकॉर्ड नहीं रखा गया है।
5. चूंकि बड़ी आबादी (large population) उगाई जाती है, इसलिए ट्रांसग्रेसिव सेग्रेगेंट्स की उपस्थिति (appearance) की संभावना (chance) होती है जो माता-पिता या F 2 से बेहतर होंगे।
दोष
1. एक नई किस्म विकसित (develop a new variety) करने में बहुत अधिक समय (much longer time) लगता है।
2. शॉर्ट टर्म बल्क (short term bulk) में प्राकृतिक चयन का कोई मौका (no chance) नहीं है।
3. प्रत्येक पीढ़ी में बड़ी संख्या (large number) में संतानों का चयन किया जाना है जिसके लिए बहुत अधिक श्रम, समय और स्थान (much labour, time and space) की आवश्यकता होती है।
4. हमें वंशानुक्रम पर जानकारी (information on inheritance) नहीं मिल सकती है।
यह बल्क मेथड का संशोधन (modification) है। इस विधि में प्रत्येक F 2 पौधे (each of the F 2 plants) से एक बीज (single seed) एकत्र (collected) किया जाता है और F 3 पीढ़ी को बढ़ाने (raise) के लिए बल्क किया जाता है। इसी तरह (Similarly) प्रत्येक F 3 पौधे (each F 3 plant) से एकल बीज एकत्र किया जाता है और F 4 को आगे ले जाया (carried forward) जाता है। इस प्रक्रिया (procedure) का पालन F 6 या F 7 तक किया जाता है। इसके बाद (After wards) एकल पौधे का चयन किया जाता है और संतान की पंक्तियों (progeny rows) में अध्ययन किया जाता है।
इस योजना (Scheme) में मुख्य विशेषताएं (main features) हैं:
1. F 6 या F 7 तक चयन का अभाव (Lack of selection) जब जनसंख्या समरूप (population becomes homozygous) हो जाती है।
2. प्रत्येक F2 पौधे (Each F2 plant) को F 6 या F 7 पीढ़ी तक दर्शाया (represented) जाता है।
3. इस विधि में कीट, बीमारी या खराब अंकुरण (pest, disease or poor germination) के कारण जनसंख्या के आकार (population size) में कमी (reduction) की संभावना है।
4. ग्लास हाउस या ऑफ सीजन नर्सरी (glass house or off season nursery) के उपयोग (use) से तेजी से पीढ़ी की उन्नति की जा सकती है।
यहाँ F 2 और F 3 और बाद की पीढ़ियों (F 2 and F 3 and subsequent generations) में चयन का अभ्यास (selection can be practiced) किया जा सकता है। कोई पेडिग्री रिकॉर्ड नहीं होगा लेकिन बेहतर पौधों (superior plants) को चुना जाता है बल्क किया जाता है और आगे ले जाया जाता है। F 4 में बेहतर पौधों का चयन किया जाता है और एकल पौधे के आधार पर काटा जाता है। F5 में इन एकल पौधों का संतान की पंक्तियों में अध्ययन किया जाता है और सर्वोत्तम संतानों (best progenies) का चयन और कटाई की जाती है। F 6 में सर्वश्रेष्ठ परिवारों (best families) का चयन करने के लिए PYT आयोजित (conducted) किया जा सकता है। बाद की पीढ़ियों में नियमित परीक्षण (regular trials) आयोजित किए जा सकते हैं।
थोक पद्धति का यह संशोधन (modification of the bulk method) प्रजनक को चयन में अपने कौशल और निर्णय का उपयोग करने का अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा पेडिग्री रिकॉर्ड का कोई रखरखाव नहीं (no maintenance) है जो एक और फायदा (another advantage) है।
यह हैरिंगटन (Harrington) द्वारा प्रस्तावित (proposed) किया गया था। यह प्रजनन की वंशावली पद्धति (pedigree method of breeding) में कमियों (deficiencies) में से एक का समाधान (solution) है। उदाहरण के लिए (For e.g.) यदि जनसंख्या (population) को YMV जैसे रोग प्रतिरोध स्क्रीनिंग (disease resistance screening) के अधीन किया जाना है और यदि कृत्रिम एपिफाइटोटिक स्थितियों को बनाने का कोई तरीका नहीं है, तो वंशावली पद्धति में जनसंख्या का अध्ययन (study) करना बेकार (wasteful) है। इसके बजाय (Instead) हम जनसंख्या को एक द्रव्यमान के रूप में (as a mass) ले जा सकते हैं और बीमारी (disease) होने पर उनका परीक्षण (test) कर सकते हैं। जब स्थितियां (conditions) बीमारी के लिए अनुकूल (favourable) होती हैं, तो हम थोक (bulking) को समाप्त (terminate) कर सकते हैं और एकल संयंत्र चयन का सहारा (resort) ले सकते हैं।
| क्रम संख्या (S. No.) | वंशावली विधि | Bulk method |
|---|---|---|
| 1. | F 2 और बाद की पीढ़ियों में व्यक्तिगत पौधों का चयन किया जाता है और व्यक्तिगत पौधों की संतानों को उगाया जाता है। (Individual plants are selected in F 2 and the subsequent generations and individual plant progenies are grown.) | F 2 और बाद की पीढ़ियों को थोक के रूप में बनाए रखा जाता है। (F 2 and the subsequent generations are maintained as bulks.) |
| 2. | कृत्रिम चयन, कृत्रिम रोग महामारी आदि, विधि का एक अभिन्न अंग हैं (Artificial selection, artificial disease epidemics etc., are an integral part of the method) | प्राकृतिक चयन की सहायता के लिए कृत्रिम चयन, कृत्रिम रोग एपिफाइटोटिक्स आदि का उपयोग किया जा सकता है। कुछ मामलों में, कृत्रिम चयन आवश्यक हो सकता है (Artificial selection, artificial disease epiphytotics etc., may be used to assist natural selection. In certain cases, artificial selection may be essential) |
| 3. | प्राकृतिक चयन विधि में कोई भूमिका नहीं निभाता है। (Natural selection does not play any role in the method.) | प्राकृतिक चयन थोक अवधि के अंत में आबादी की संरचना निर्धारित करता है। (Natural selection determines the composition of the populations at the end of the bulking period.) |
| 4. | पेडिग्री रिकॉर्ड बनाए रखा जाना है जो अक्सर समय लेने वाला और श्रमसाध्य होता है (Pedigree records have to be maintained which is often time consuming and laborious) | कोई पेडिग्री रिकॉर्ड नहीं रखा गया है। (No pedigree record is maintained.) |
| 5. | एक नई किस्म विकसित करने और उसे खेती के लिए जारी करने में आम तौर पर 14-15 साल लगते हैं। (It generally takes 14-15 years to develop a new variety and to release it for cultivation.) | विविधता के विकास और जारी होने में बहुत अधिक समय लगता है। प्राकृतिक चयन के कार्य के लिए 10 से अधिक वर्षों के लिए थोक आबादी को बनाए रखना होगा। (It takes much longer for the development and release of a variety. The bulk population has to be maintained for more than 10 years for natural selection to act.) |
| 6. | सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली प्रजनन विधि। (Most widely used breeding method.) | केवल एक सीमित सीमा तक उपयोग किया जाता है। (Used only to a limited extent.) |
| 7. | यह F 2 से प्रजनक से पूरा ध्यान देने की मांग करता है क्योंकि व्यक्तिगत पौधे के चयन किए जाने हैं और पेडिग्री रिकॉर्ड को बनाए रखा जाना है। (It demands close attention from the breeder from F 2 onwards as individual plant selections have to be made and pedigree records have to be maintained.) | यह सरल, सुविधाजनक और सस्ता है और इसे थोक करने की अवधि के दौरान ब्रीडर से अधिक ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है (It is simple, convenient and inexpensive and does not require much attention from the breeder during the period of bulking) |
| 8. | अलग करने वाली पीढ़ियों को अलग-अलग पौधे के चयन की अनुमति देने के लिए स्पेस प्लांट किया जाता है। (The segregating generations are space - planted to permit individual plant selection.) | थोक आबादी को आम तौर पर वाणिज्यिक रोपण दरों पर लगाया जाता है। (The bulk populations are generally planted at commercial planting rates.) |
| 9. | थोक पद्धति के मामले की तुलना में आबादी का आकार आमतौर पर छोटा होता है। (The size of population is usually smaller than that in the case of bulk method.) | बड़ी आबादी उगाई जाती है। इससे और प्राकृतिक चयन से ट्रांसग्रेसिव सेग्रेगेंट्स की रिकवरी की संभावना बढ़ने की उम्मीद है। (Large populations are grown. This and natural selection are expected to increase the chances of the recovery of transgressive segregants.) |
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