प्रजनन के तरीके (Modes of Reproduction)

एक पादप प्रजनक (plant breeder) के लिए प्रजनन और परागण के तरीके (mode of reproduction and pollination) का ज्ञान आवश्यक (essential) है, क्योंकि ये पहलू (aspects) फसल प्रजातियों (crop species) के आनुवंशिक सुधार (genetic improvement) के लिए उपयोग की जाने वाली प्रजनन प्रक्रियाओं (breeding procedures) को तय करने में मदद करते हैं। प्रजनन प्रक्रिया (breeding procedure) का चुनाव फसल प्रजातियों के प्रजनन और परागण के तरीके पर निर्भर करता है।

प्रजनन (Reproduction) उस प्रक्रिया (process) को संदर्भित करता है जिसके द्वारा जीवित जीव (living organisms) समान प्रकार (similar kind - प्रजातियों - species) की संतानों (offspring) को जन्म देते हैं। फसली पौधों (crop plants) में, प्रजनन का तरीका (mode of reproduction) दो प्रकार का होता है: अर्थात (viz.) 1) लैंगिक जनन (sexual reproduction) और 2) अलैंगिक जनन (asexual reproduction)।

I. लैंगिक जनन

नर और मादा युग्मकों (male and female gametes) के संलयन (fusion) द्वारा विकसित भ्रूणों (embryos) के माध्यम से पौधों के गुणन (Multiplication of plants) को लैंगिक जनन कहते हैं। सभी बीज प्रसार प्रजातियां (seed propagating species) इसी समूह से संबंधित (belong) हैं।

स्पोरोजेनेसिस (Sporogenesis)
माइक्रोस्पोर्स (microspores) और मेगास्पोर्स (megaspores) के उत्पादन को स्पोरोजेनेसिस कहते हैं। परागकोष (anthers) में, माइक्रोस्पोर्स का निर्माण माइक्रोस्पोरोजेनेसिस (microsporogensis) के माध्यम से होता है और बीजांड (ovules) में, मेगास्पोर्स का निर्माण मेगास्पोरोजेनेसिस (megasporogenesis) के माध्यम से होता है।

माइक्रोस्पोरोजेनेसिस (Microsporogenesis)
परागकोष (anther) की पराग थैलियों (pollen sacs) में स्पोरोफाइटिक कोशिकाएं (sporophytic cells) जो अर्धसूत्री विभाजन (meiotic division) से गुजरकर अगुणित (haploid) यानी माइक्रोस्पोर्स बनाती हैं, उन्हें माइक्रोस्पोर (microspore - MMC) या पराग मातृ कोशिका (pollen mother cell - PMC) कहा जाता है और इस प्रक्रिया को माइक्रोस्पोरोजेनेसिस कहा जाता है। प्रत्येक PMC चार माइक्रोस्पोर्स का उत्पादन करती है और दीवार के मोटे होने (thickening of the wall) के बाद प्रत्येक माइक्रोस्पोर पराग कण (pollen grain) में बदल जाता है।

मेगास्पोरोजेनेसिस
बीजांड (ovule) के अंदर एक एकल स्पोरोफाइटिक कोशिका (single sporophytic cell), जो अगुणित मेगास्पोर (haploid megaspore) बनाने के लिए अर्धसूत्री विभाजन से गुजरती है, मेगास्पोर मातृ कोशिका (megaspore mother cell - MMC) कहलाती है और इस प्रक्रिया को मेगास्पोरोजेनेसिस कहा जाता है। प्रत्येक MMC चार मेगास्पोर्स का उत्पादन करती है, जिनमें से तीन पतित (degenerate) हो जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप (resulting) एक एकल कार्यात्मक मेगास्पोर (single functional megaspore) बनता है।

गैमेटोजेनेसिस (Gametogenesis)
माइक्रोस्पोर्स और मेगास्पोर्स में नर और मादा युग्मकों के उत्पादन को गैमेटोजेनेसिस कहते हैं।

माइक्रोगैमेटोजेनेसिस (Microgametogenesis)
यह नर युग्मकों (male gametes) या शुक्राणु (sperm) के उत्पादन के अलावा और कुछ नहीं है। पराग (pollen) के परिपक्व होने (maturation) पर, माइक्रोस्पोर नाभिक (microspore nucleus) समसूत्री रूप से (mitotically) विभाजित होकर एक जनन (generative) और एक वानस्पतिक (vegetative) या ट्यूब नाभिक (tube nucleus) का उत्पादन करता है। पराग आमतौर पर इस द्विनाभिकीय अवस्था (binucleate stage) में छोड़ा जाता है। वर्तिकाग्र (stigma) के ऊपर पराग की पहुँच को परागण (pollination) कहा जाता है। परागण के बाद पराग अंकुरित (germinates) होता है। पराग नली (pollen tube) वर्तिकाग्र में प्रवेश करती है और वर्तिका (style) से नीचे जाती है। इस चरण (phase) में जनन नाभिक (generative nucleus) दो नर युग्मक या शुक्राणु नाभिक (sperm nuclei) उत्पन्न करने के लिए एक और समसूत्री विभाजन (mitotic division) से गुजरता है। पराग नली के साथ-साथ पराग जिसमें शुक्राणु नाभिक की एक जोड़ी होती है, माइक्रोगेमेटोफाइट (microgametophyte) कहलाता है। पराग नली माइक्रोपाइल (micropyle) के माध्यम से भ्रूणकोष (embryo sac) में प्रवेश करती है और दो शुक्राणु नाभिकों को छोड़ देती है (discharges)।

मेगागैमेटोजेनेसिस (Megagametogenesis)
कार्यात्मक मेगास्पोर (functional megaspore) का नाभिक आठ या अधिक नाभिक (eight or more nuclei) उत्पन्न करने के लिए तीन समसूत्री विभाजनों (mitotic divisions) से गुजरता है। नाभिक की सटीक संख्या (exact number) और उनकी व्यवस्था (arrangement) एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति (species to another) में भिन्न (varies) होती है। मेगास्पोर नाभिक (megaspore nucleus) आठ नाभिक उत्पन्न करने के लिए तीन बार विभाजित (divides thrice) होता है। इनमें से तीन नाभिक एक ध्रुव (one pole) पर चले जाते हैं और एक केंद्रीय अंड कोशिका (central egg cell) और दोनों ओर (either side) दो सिनर्जिड कोशिकाएं (synergid cells) बनाते हैं। अन्य तीन नाभिक तीन एंटीपोडल कोशिकाओं (antipodal cells) में विकसित (develop) होने के लिए विपरीत ध्रुव (opposite pole) पर चले जाते हैं।
केंद्र में शेष दो नाभिक (polar nuclei - ध्रुवीय नाभिक) द्वितीयक नाभिक (secondary nucleus) बनाने के लिए संलयन (fuse) करते हैं। इस प्रकार (thus) मेगास्पोर एक परिपक्व मादा युग्मकोद्भिद (mature female gametophyte) में विकसित होता है जिसे मेगागैमेटोफाइट (megagametophyte) या भ्रूणकोष कहा जाता है। मेगास्पोर से भ्रूणकोष के विकास को मेगागैमेटोजेनेसिस (megagametogeneis) कहते हैं। भ्रूणकोष में आम तौर पर (generally) एक अंड कोशिका (egg cell), शुक्राणु नाभिक (sperm nucleus) को अंड कोशिका की ओर निर्देशित (guiding) करने के स्पष्ट कार्य (apparent function) के साथ दो सिनर्जिड (synergids) और तीन एंटीपोडल (antipodals) होते हैं जो प्रोथैलमस कोशिकाओं (prothalamus cells) और एक द्विगुणित द्वितीयक नाभिक (diploid secondary nucleus) का निर्माण करते हैं।

निषेचन (Fertilization)
एक द्विगुणित युग्मनज (diploid zygote) का निर्माण (producing) करने वाली अंड कोशिका के साथ दो शुक्राणुओं (sperms) में से एक के संलयन को निषेचन कहते हैं। शेष शुक्राणु (remaining sperm) का द्वितीयक नाभिक के साथ संलयन जिससे ट्रिपलोइड प्राथमिक एंडोस्पर्म नाभिक (triploid primary endosperm nucleus) का निर्माण होता है, त्रिक संलयन (triple fusion) कहलाता है। प्राथमिक एंडोस्पर्म नाभिक (primary endosperm nucleus) कई समसूत्री विभाजनों के बाद परिपक्व एंडोस्पर्म (mature endosperm) में विकसित होता है, जो विकासशील भ्रूण (developing embryo) को पोषण (nourishes) देता है।

Reproduction Cycle

II. अलैंगिक जनन

नर और मादा युग्मकों के संलयन (fusion of male and female gametes) के बिना पौधों के गुणन को अलैंगिक जनन कहते हैं। अलैंगिक जनन या तो वानस्पतिक पौधे के अंगों (vegetative plant parts) द्वारा या वानस्पतिक भ्रूणों (vegetative embryos) द्वारा हो सकता है जो यौन संलयन (sexual fusion - apomixis) के बिना विकसित होते हैं। इस प्रकार अलैंगिक जनन दो प्रकार का होता है: अर्थात a) वानस्पतिक प्रजनन (vegetative reproduction) और b) एपोमिक्सिस (apomixis)।
वानस्पतिक प्रजनन विभिन्न वानस्पतिक पौधे के अंगों (various vegetative plant parts) के माध्यम से पौधों के गुणन (multiplication) को संदर्भित करता है। वानस्पतिक प्रजनन फिर से (again) दो प्रकार का होता है: अर्थात i) प्राकृतिक वानस्पतिक प्रजनन (natural vegetative reproduction) और ii) कृत्रिम वानस्पतिक प्रजनन (artificial vegetative reproduction)।

प्राकृतिक वानस्पतिक प्रजनन
प्रकृति में, कुछ पौधों का गुणन (multiplication of certain plants) भूमिगत तनों (underground stems), उप वायवीय तनों (sub aerial stems), जड़ों (roots) और बुलबिल्स (bulbils) द्वारा होता है। कुछ फसल प्रजातियों में, भूमिगत तने (तनों का एक संशोधित समूह - modified group of stems) नए पौधों (new plants) को जन्म देते हैं। भूमिगत तने चार प्रकार के होते हैं: प्रकंद (rhizome), कंद (tuber), कॉर्म (corm) और बल्ब (bulb)। भूमिगत तनों के माध्यम से प्रजनन करने वाले पौधों के उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
प्रकंद: हल्दी (Turmeric - Curcuma domestica), अदरक (Ginger - Zingiber officinale)
कंद: आलू (Potato - Solanum tuberosum)
कॉर्म: अरवी (Arvi - Colocasia esculenta), बुंदा (Bunda - C. antiquorum)
बल्ब: लहसुन (Garlic - Allium sativum), प्याज (onion - A. cepa)

Rhizome Turmeric Tuber Potato Bulb Onion

प्रकंद: हल्दी (Rhizome: Turmeric) | कंद: आलू (Tuber: Potato) | बल्ब: प्याज (Bulb: Onion)

उप वायवीय तनों में धावक (runner), चूसक (sucker), स्टोलन (stolon), आदि शामिल हैं। ये तने पुदीना (mint - Mentha sp), गुलाब (rose), स्ट्रॉबेरी (strawberry), केला (banana), आदि में वानस्पतिक प्रजनन को जन्म देते हैं। बुलबिल्स फूल के संशोधित रूप (modified forms of flower) हैं। जमीन पर गिरने पर (fall on the ground) वे पौधों (plants) में विकसित हो जाते हैं। बुलबिल्स लहसुन (garlic) में पाए जाते हैं।

कृत्रिम वानस्पतिक प्रजनन
कृत्रिम विधि (artificial method) के माध्यम से वानस्पतिक अंगों (vegetative parts) द्वारा पौधों के गुणन को कृत्रिम वानस्पतिक प्रजनन कहते हैं। इस तरह का प्रजनन तने और जड़ों की कटिंग (cuttings of stem and roots), और लेयरिंग और ग्राफ्टिंग (layering and grafting) द्वारा होता है। ऐसे प्रजनन के उदाहरण नीचे दिए गए हैं:
स्टेम कटिंग (Stem cuttings): गन्ना (Sugarcane - Saccharum sp.), अंगूर (grapes - Vitis vinifera), गुलाब (roses), आदि।
रूट कटिंग (Root cuttings): शकरकंद (Sweet potato), खट्टे फल (citrus), नींबू (lemon), आदि। लेयरिंग और ग्राफ्टिंग का उपयोग फलों और सजावटी फसलों (fruit and ornamental crops) में किया जाता है।

एपोमिक्सिस
एपोमिक्सिस यौन संलयन (निषेचन) के बिना बीज के विकास (development of seed without sexual fusion - fertilization) को संदर्भित करता है। एपोमिक्सिस में भ्रूण निषेचन के बिना (without fertilization) विकसित होता है। इस प्रकार एपोमिक्सिस प्रजनन का एक अलैंगिक साधन (asexual means of reproduction) है। एपोमिक्सिस कई फसल प्रजातियों में पाया जाता है। कुछ प्रजातियों में प्रजनन केवल (only) एपोमिक्सिस द्वारा होता है। इस एपोमिक्सिस को अनिवार्य एपोमिक्सिस (obligate apomixis) कहा जाता है। लेकिन कुछ प्रजातियों में एपोमिक्सिस के अलावा (in addition to) लैंगिक जनन भी होता है। ऐसे एपोमिक्सिस को फैकल्टेटिव एपोमिक्सिस (facultative apomixis) कहते हैं।
एपोमिक्सिस के चार प्रकार (four types of apomixis) हैं: अर्थात
1) पार्थेनोजेनेसिस (parthenogenesis), 2) एपोगैमी (apogamy), 3) एपोस्पोरी (apospory) और 4) एडवेंटिव एम्ब्रायोनी (adventive embryony)।

1. पार्थेनोजेनेसिस
पार्थेनोजेनेसिस निषेचन के बिना अंड कोशिका से भ्रूण के विकास (development of embryo) को संदर्भित करता है।

2. एपोगैमी
भ्रूणकोष (embryosac) की सिनर्जिड या एंटीपोडल कोशिकाओं में से भ्रूण की उत्पत्ति (origin of embryo) को एपोगैमी कहा जाता है।

3. एपोस्पोरी
एपोस्पोरी में, भ्रूणकोष के बाहर (outside the embryosac) स्थित बीजांड की पहली द्विगुणित कोशिका (first diploid cell) बिना कमी (without reduction) के दूसरे भ्रूणकोष (another embryosac) में विकसित होती है। भ्रूण (embryo) तब सीधे (directly) निषेचन के बिना द्विगुणित अंड कोशिका (diploid egg cell) से विकसित होता है।

4. एडवेंटिव एम्ब्रायोनी
न्यूसेलस (nucellus) या पूर्णांक (integuments) से संबंधित (belonging) भ्रूणकोष के बाहर स्थित बीजांड की द्विगुणित कोशिकाओं (diploid cells) से सीधे भ्रूण का विकास एडवेंटिव एम्ब्रायोनी कहलाता है।

Apomixis chart
🔄 संस्करण 2.0 अद्यतन (Version 2.0 Update)
अंतिम अद्यतन (Last Updated): 7 सितंबर 2026
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