अरहर में स्व-परागण (Self pollination) नियम (rule) है और प्राकृतिक संकरण (natural crossing) 65 प्रतिशत (up to 65 per cent) तक फैली हुई है। इसलिए इसे अक्सर क्रॉस परागित फसल (often cross pollinated crop) के रूप में भी जाना जाता है।
स्व-परागण के लिए अनुकूलन (Adaptations for self pollination)
1. उभयलिंगी (Bisexual)
2. पुंकेसर और कलंक की निकटता (Close proximity of anthers and stigma)
3. पुंकेसर और कलंक की एक साथ परिपक्वता (Simultaneous maturity of anthers and stigma)।
अरहर में सेल्फिंग, इमास्कुलेशन और परागण तकनीक (Selfing, emasculation and pollination techniques in Red gram)
सेल्फिंग (Selfing)
परिपक्व फूलों की कलियों (Mature flower buds) को एक या दो दिन (one or two days) के लिए कागज़ के थैलों (paper bags) से ढंकना (covered) चाहिए।
संकरण (Crossing)
कृत्रिम परपरागण (artifical cross pollination) के बाद हाथ से उत्सर्जन (Hand emasculation) आवश्यक (essential) है। पिछले दिन शाम (previous day evening) को इमास्कुलेशन (Emasculation) किया जाना चाहिए और इमास्कुलेटेड कलियों (emasculated buds) को कवर (covers) द्वारा संरक्षित (protected) किया जाता है। अगले दिन (next day) सुबह-सुबह (Early morning), चयनित पुरुष माता-पिता (selected male parents) के संरक्षित फूलों (protected flowers) से एकत्र (collected) पराग (pollen) का उपयोग करके परागण (pollination) किया जाता है।
स्व-परागण नियम है (Self pollination is the rule)। यहाँ (Here) रात में (in night) फूल खुलने (floer opening) (क्लिस्टोगैमस - cleistogamous) से पहले परागण होता है। एंथेसिस का समय (Anthesis time) सुबह 1 बजे - सुबह 4 बजे (1 am – 4 am) है। फूल (flower) सुबह (in the morning) 7 बजे (at 7 am) खुलता है। परागण और फूल के खुलने (pollination and opening of flower) के बीच का अंतराल (interval) 4 घंटे (4 hours) है। यह स्व निषेचन (self fertilization) सुनिश्चित करता है।
काले चने में सेल्फिंग, इमास्कुलेशन और परागण तकनीक (Selfing, emasculation and pollination techniques in Black gram)
सेल्फिंग
अरहर की तरह, कीट संपर्क (insect contact) से बचने के लिए (to avoid) बैगिंग (bagging) की जाती है।
संकरण
युवा बंद कली (Young unopened bud) को बाएं हाथ (left hand) के अंगूठे और तर्जनी (thumb and fore fingers) के बीच रखा जाता है। विच्छेदन सुई (dissecting needle) का बिंदु कली के शीर्ष (top of the bud) के साथ तिरछी स्थिति (oblique position) में मानक पंखुड़ी (standard petal) के ठीक नीचे (just under) डाला (inserted) जाता है। मानक और विंग पंखुड़ी (standard and wing petal) के बाईं ओर (left side) को बाहर की ओर धकेला (pushed outward) जाता है और अंगूठे (thumb) और बाएं हाथ से पकड़ लिया जाता है। कील पंखुड़ी (keel petal) के बाईं ओर संदंश (forceps) के साथ हटा दिया जाता है। पिस्टिल (pistil) और कलंक (stigma) फिर उजागर (exposed) होते हैं और पुंकेसर (anthers) को संदंश के साथ हटा दिया जाता है (removed)। शाम के इमास्कुलेशन (Evening emasculation) के बाद सुबह के परागण (morning pollination) से सर्वोत्तम परिणाम (best results) मिलते हैं। परागण पुरुष के परागकोष (anther of male) को धीरे से रगड़कर (gently rubbing), पुंकेसर स्तंभ (staminal column) को डालकर और मानक और विंग पंखुड़ी के साथ इसे बंद (closing) करके किया जाता है। चूंकि फूल बहाना (flower shedding) आम (common) है, इसलिए बेहतर पेपर बैग (better paper bag) रखना टाल (avoided) दिया जाता है। इमास्कुलेटेड फूलों (emasculated flowers) को धागे के घाव (thread wound round) के साथ पहचाना (identified) जाता है। क्रॉस्ड पॉड (crossed pod) केवल दो या तीन बीजों (two or three seeds only) के साथ आकार में छोटा (smaller in size) होगा।
परागण
क्लिस्टोगैमी (Cleistogamy), पुंकेसर और कलंक (anthers and stigma) की निकटता (Close proximity) और पुंकेसर और कलंक की एक साथ परिपक्वता (Simultaneous maturity) के कारण अत्यधिक (Highly) स्व-परागित (self pollinated)।
सेल्फिंग
पौधों (plants) को कीट प्रूफ पिंजरों (insect proof cages) में रखने से सेल्फिंग हो जाएगी। व्यक्तिगत फूलों की कलियों (individual flower buds) को कवर (Covering) करने से फली की सेटिंग खराब (poor pod setting) हो जाएगी।
संकरण
एक पुष्पक्रम (inflorescence) में, युवा कलियों (young buds) का चयन करें और सभी अपरिपक्व कलियों (all immature buds) को हटा दें। कील पंखुड़ियों (keel petals) को खोलें और फिलामेंट्स (filaments) को पकड़कर (holding) एक-एक करके (one by one) पुंकेसर (stamens) हटा दें। कोरोला (corolla) को वापस स्थिति (position) में लाएं और कली (bud) को मुड़े हुए पत्रक (folded leaflet) से ढक दें। पौधों को कीट प्रूफ पिंजरों में रखकर सुरक्षा (Protection) दी जाती है। अगले दिन सुबह (next day morning) कील की पंखुड़ी से कलंक को उजागर (exposing) करके और पुरुष माता-पिता (male parent) से एकत्र पराग के साथ इसे ब्रश (brushing) करके परागण किया जाता है।
फसल सुधार प्रक्रिया (crop improvement process) में सेल्फिंग और संकरण (Selfing and crossing) आवश्यक प्रक्रियाएं (essential procedures) हैं। विशिष्ट पौधों (specific plants) के स्व या क्रॉस-परागण (self or cross-pollination) को सुनिश्चित (ensure) करने के लिए उपयोग की जाने वाली सटीक प्रक्रियाएं (exact procedures) पुष्प संरचना (floral structure) और परागण के सामान्य तरीके (normal manner of pollination) पर निर्भर (depend) करेंगी। आम तौर पर (Generally) कड़ाई से स्व-परागण वाली प्रजातियों (strictly self-pollinating species) में क्रॉस-परागण (cross-pollination) को प्रभावित (effecting) करना इसके विपरीत (vice-versa) से अधिक कठिन (more difficult) है क्योंकि उदाहरण के लिए (for instance) अनखुले फूलों (unopened flowers) के अंदर (inside) स्व-परागण (self-pollination) को रोकना (preventing) बोझिल (cumbersome) है।
चना (Chickpea) एक स्व-परागित प्रजाति (self pollinated species) है जिसमें सामान्य आउट संकरण (normal out crossing) 1.58% तक सीमित (limited) है। फूल के खुलने (opening up of the flower) से एक या दो दिन पहले स्व-परागण होता है। फूल सुबह (morning) खुलते (open) हैं और दोपहर (afternoon) में बंद (close) हो जाते हैं और प्रत्येक फूल (each flower) लगातार दो या तीन दिनों (tow or three successive days) तक खुलता है। एंथेसिस का समय (Time of anthesis) सुबह 3 बजे से 9 बजे (3 AM to 9 AM) तक है। संकरण (hybridization) के लिए संकरण कार्य (crossing work) तब शुरू किया जाना चाहिए जब चयनित पौधे (selected plant) पर पहली फली (first pod) पहले से ही (already) बन जाए। उत्तरी भारत (Northern India) में, परागण से एक दिन पहले इमास्कुलेशन किया जाता है। सुबह के समय (morning hours) परागण करने से बेहतर सेटिंग (better setting) मिलती है। दक्षिण भारत (south India) में, इमास्कुलेशन के तुरंत बाद (immediately after emasculation) परागण उच्च बीज सेटिंग (higher seed setting) देता है।
सुबह जल्दी (early in the morning) फूल खुलते हैं। पराग आम तौर पर (normally) फूल खुलने से कुछ समय पहले (shortly before) या बाद में बह (shed) जाता है। लेकिन पराग शेडिंग (pollen shedding) कभी-कभी कली के साथ भी हो सकती है। आम तौर पर परपरागण (cross pollination) 1 प्रतिशत से अधिक नहीं (does not exceed 1 percent) होता है।
इमस्क्यूलेशन और संकरण (Emasculation and crossing)
हाथ से इमस्क्यूलेशन फसल प्रजनन (crop breeding) के लिए अपनाई जाने वाली विधि (method) है जो थकाऊ (tedious) है क्योंकि पुष्प भाग (floral parts) बहुत छोटे (so small) होते हैं और बीज सेट (seed set) भी कम (less) होता है। शाम को (in the evening) इमास्कुलेशन किया जाता है और सुबह के समय (in the morning hours) परागण किया जाता है।
मूंगफली में स्व-परागण नियम है। एंथेसिस (Anthesis) सुबह 6 बजे शुरू होता है और सुबह 8 बजे तक जारी (continues) रहता है। फूल के खुलने (opening of the flower) से दो घंटे पहले परागकोष का उच्छेदन (Anther dehisces) होता है। एंथेसिस से चौबीस घंटे पहले (Twenty four hours before), कलियां (buds) बहुत छोटी (very small) होती हैं। दिन के दौरान (During the day), कैलेक्स (calyx) का विस्तार (elongation) धीरे-धीरे (slowly) आगे बढ़ता है लेकिन रात के दौरान (during night) प्रक्रिया (process) तेज (accelerated) हो जाती है।
सेल्फिंग
चूंकि मूंगफली में क्लिस्टोगैमस स्थिति (cleistogamous condition) बनी (prevails) रहती है, इसलिए इस फसल (crop) में सेल्फिंग सबसे आसान (most easy) है। आम तौर पर (Usually) ढंकना अनावश्यक और कठिन (unnecessary and difficult) है। पौधों को कीट प्रूफ पिंजरों में रखने से स्व-परागण सुनिश्चित होगा।
संकरण
परिपक्व फूलों की कलियाँ जो अगले दिन खुलने के लिए तैयार (ready to open) हैं, उन्हें शाम को चुना और इमास्कुलेट (selected and emasculated) किया जाता है। उन्हें कैलेक्स ट्यूब (calyx tube) के आकार और लंबाई (size and length) से आसानी से पहचाना (easily identified) जा सकता है। मूंगफली की फूल कली (flower bud of groundnut) अर्धचंद्र आकार (crescent shape) की होती है, जो एक तरफ उभरी हुई (bulged on one side) और दूसरी तरफ (other) थोड़ी दबी हुई (slightly depressed) होती है। कील पंखुड़ी उभरे हुए हिस्से (bulged side) पर स्थित होती है और मानक (standard) दबे हुए हिस्से (depressed side) पर मौजूद होता है। इमास्कुलेशन के लिए, बाएं हाथ के अंगूठे और तर्जनी (thumb and the index finger) के बीच कली को पकड़ें और दाहिने हाथ (right hand) में रेजर ब्लेड की मदद (help of a razor blade) से; दबे हुए हिस्से पर नोक (tip) के नीचे दो-तिहाई लंबाई (two-thirds the length) पर एक कट (cut) लगाएं ताकि मानक और विंग पंखुड़ियों (wing petals) के एक हिस्से (portion) को काटा जा सके। फिर फूल की कली (flower bud) के सिरे पर पकड़कर कैलेक्स और कोरोला (calyx and corolla) को धीरे से खींचें (gently pull)। ऐसा करने से (By doing this), कील (keel) को छोड़कर (except) बाह्यदल और पंखुड़ियां (sepals and the petals) हटा दी जाएंगी, बारीक संदंश की मदद (help of the fine forceps) से पुंकेसर के बंडल (bundle) और पिस्टिल को कील से धीरे से मुक्त (gently liberate) करें और परागकोषों को काट (nip off the anthers) दें।
हाथ के लेंस के साथ (With a hand lens), परागकोषों को पूरी तरह से हटाने (complete removal) को सुनिश्चित करने के लिए फिलामेंट्स के सुझावों (tips of filaments) की जांच (examine) करें। भूसे की नली (straw tube - ठंडे पेय पीने के लिए उपयोग की जाने वाली - used for sipping cool drinks) का एक टुकड़ा लें, 4 से 5 सेमी लंबा (4 to 5 cm long) और टिप को मोड़कर (bending the tip) एक तरफ (one side) खोलने (opening) को बंद करें। इमास्कुलेटेड फूल की कली (emasculated flower bud) को कैलेक्स ट्यूब में धीरे-धीरे (slowly inserting) डालकर स्ट्रॉ ट्यूब (straw tube) से ढक दें। यह किसी भी प्राकृतिक परपरागण (any natural cross pollination) से कलंक को पूर्ण सुरक्षा (perfect protection) सुनिश्चित करेगा। अगली सुबह (next morning) पुआल ट्यूब निकालें, वांछित पराग (desired pollen) के साथ कलंक को धूल (dust) दें और ट्यूब को फिर से डालें (reinsert)। सुबह 7 से 8 बजे के बीच परागण (Pollination between 7 and 8 am) अधिक सफलता (more success) देने वाला पाया गया। यदि कलंक सूखा (dry) पाया जाता है, तो इसे 2 प्रतिशत सुक्रोज समाधान (2 per cent sucrose solution) के साथ सूंघने (smearing) के बाद पराग (pollinate) दें।
अगले दिन सुबह जल्दी (Next day early morning) 7 बजे से 11 बजे के बीच चयनित पुरुष माता-पिता (selected male parent) के परिपक्व पीले परागकोषों (mature yellow anthers) से पराग एकत्र किया जाता है और ग्रहणशील कलंक (receptive stigma) पर धूल (dusted) दिया जाता है। परपरागण के लिए, मानक और विंग पंखुड़ियों (standard and wing petals) को हटाने के बाद चयनित पुरुष फूल (selected male flower) को अंगूठे और मध्यमा (thumb and the middle finger) के बीच रखा जाता है। फैला हुआ कील (keel protruding) वाला फूल इमास्कुलेटेड फूल (emasculated flower) के कलंक में ले जाया जाता है। उंगली (finger) से कील पर एक कोमल धक्का (gentle push) पराग कणों के गांठ (lumps of pollen grains) को पूरे कलंक सतह (entire stigmatic surface) को कवर (cover) करने के लिए मजबूर (forces) करता है। परागण के पांच से सात दिन बाद (Five to seven days after pollination) सफल क्रॉस (successful crosses) अपने सुझावों (tips) पर सूखे फूलों (dried flowers) के साथ गाइनोफोर (gynophores - खूंटे - pegs) का उत्पादन (produce) करेंगे। इन्हें फिर 4 मिमी व्यास (4 mm diameter) के छोटे तार के छल्ले (small wire rings) में पेश (introduced) किया जाता है जो संबंधित क्रॉस (respective crosses) के लिए चिह्नित (marked) होते हैं।
जिंजेली (Gingelly) एक स्व-परागित (self pollinated - ऑटोगैमस - Autogamous) फसल है। कुछ किस्मों (some varieties) में परपरागण भी 5-6 प्रतिशत (5-6 per cent) की सीमित सीमा (limited extend) तक होता है। भारत में कुछ किस्मों (a few varieties in India) में 14 और 65 प्रतिशत (between 14 and 65 per cent) के बीच बहुत अधिक परपरागण (Very high cross pollination) दर्ज (recorded) किया गया है। इसलिए (Hence), फसल को अक्सर क्रॉस परागित (often cross pollinated) के रूप में वर्गीकृत (classified) किया जा सकता है। हवा और मधुमक्खी की गतिविधियों (wind and bee activities) के कारण परपरागण हो सकता है। एक उज्ज्वल साफ दिन (bright clear day) में, फूल (flowers) सुबह 5 से 7 बजे के बीच खुलते हैं। परिपक्व फूल की कली (mature flower bud) में, फूल के खुलने (flower opens) से ठीक पहले (just before), चार बिना पके हुए पुंकेसर (four unripe anthers) कलंक से काफी नीचे (much below) होते हैं, जो इस स्तर (this stage) पर ग्रहणशील नहीं (not receptive) होता है। अगले दिन सुबह 4 बजे के बाद (after 4am) परागकोष अनुदैर्ध्य रूप से (longitudinally) फटने (burst) लगते हैं और अपने पराग को मुक्त (liberate) करना शुरू करते हैं। इस समय (At this time), कलंक ग्रहणशील (receptive) हो जाता है। बुवाई (sowing) के 4 सप्ताह बाद (4 weeks after) पौधा फूल (flowering) में आता है।
सेल्फिंग
1. धागे से बांधना (Tieing with thread): अनखुले फूल के कोरोला (corolla of the unopened flower) को बांधकर सेल्फिंग को प्रभावित (effected) किया जा सकता है जिसे पिछले दिन की शाम को ही चुना जाता है।
2. अर्ध-ठोस मिट्टी का धुंधलापन (Smearing of semi-solid clay): बिना खुले फूलों की ट्यूबलर पंखुड़ियों (tubular petals) के ऊपरी हिस्से (upper portion) पर अर्ध-ठोस मिट्टी (semi-solid clay) का एक धब्बा लगाकर सेल्फिंग की जा सकती है। मिट्टी (clay) सूखने पर (on drying) ट्यूबलर पंखुड़ियों को खोलने की अनुमति नहीं (does not allow) देती है और इसलिए स्व-परागण नियम है। यह विधि सस्ती (cheap) और कम समय लेने वाली (less time consuming) है। बारिश के दिनों (rainy days) में यह विधि प्रभावी नहीं (noat effective) है। बारिश के दिनों में, सेल्फिंग सुनिश्चित (ensure selfing) करने के लिए युवा फूल की कली (young flower bud) पर फेविकोल (fevicol) लगाया जा सकता है।
संकरण - सोडा-स्ट्रॉ विधि (Soda- straw method)
पुंकेसर के एपिपेटलस प्रकृति (epipetalous nature) के कारण संकरण के लिए तिल में इमास्कुलेशन तकनीक (emasculation technique) आसान (easy) है। अगले दिन सुबह खुलने की उम्मीद (expected) वाले फूल की कली का चयन पिछले दिन शाम को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे (between 3 P.M. and 6 P.M.) के बीच किया जाता है और कोरोला ट्यूब (corolla tube) को हटाकर इमास्कुलेट (emasculated) किया जाता है जिसमें पुंकेसर जुड़े होते हैं। फिर, इमास्कुलेटेड फूल की कलियों (emasculated flower buds) को विदेशी पराग (foreign pollens) से संदूषण (contamination) से बचने (avoid) के लिए सोडा-स्ट्रॉ ट्यूब (piece of soda-straw tube) के टुकड़े से ढंका जाता है, जो शीर्ष (top) पर मुड़ा (bent) होता है। अगले दिन सुबह, सुबह 7 बजे से 9 बजे (between 7 A.M. and 9.A.M.) के बीच, वांछित पुरुष माता-पिता (desired male parents) के पराग को सोडा-स्ट्रॉ (soda-straw) को हटाने के बाद इमास्कुलेटेड फूल की कलियों के कलंक की सतह (surface of the stigmas) पर धीरे से धूल (dusted gently) दिया गया और फिर से कवर किया गया। मादा पेरेंट (female parent) में अनमास्क्युलेटेड फूल (unemasculated flowers) हटा दिए जाते हैं। क्रॉस्ड कैप्सूल (crossed capsules) की पहचान (identification) के लिए व्यक्तिगत पार किए गए फूलों (Individual crossed flowers) को रंगीन धागे (coloured thread) के साथ टैग (tagged) किया जाता है। विभिन्न प्रकार के क्रॉस (different type of crosses) के लिए विभिन्न रंगीन धागे (Different coloured threads) का उपयोग किया जाता है।
सूरजमुखी मुख्य रूप से कीड़ों (insects - एंटोमोफिली - Entomophily) और हवा (wind - एनेमोफिली - Anemophily) द्वारा सीमित सीमा (limited extent) तक अत्यधिक क्रॉस परागित फसल (highly cross pollinated crop) है। फूल का खुलना (flower opening) सिर के बाहरी तरफ (outerside of the head) से शुरू होता है और केंद्र (centre) की ओर बढ़ता (proceeds) है। सिर (head) को पूरी तरह से खिलने (complete blooming) में 5-10 दिन (5-10 days) लगते हैं जो सिर के आकार (size of head) और मौसम (season) पर निर्भर करता है। एंथेसिस सुबह 5 से 8 बजे के बीच (between 5 to 8 A.M.) होता है। 12 घंटे (12 hours) के लिए पराग जीवनक्षम (Pollen viable)। कलंक 2-3 दिनों (2-3 days) के लिए ग्रहणशील है। स्टैमिनल फिलामेंट्स (staminal filaments) तेजी से लम्बे (elongate rapidly) होते हैं और परागकोष कोरोला के शीर्ष (top of the corolla) के ऊपर (above) दिखाई देते हैं। कलंक की परिपक्वता (maturity of stigma) से पहले परागकोष का उच्छेदन (Anthers dehisce early)। (प्रोटोएंड्री - Protoandry)। इस फसल में, प्रोटेंड्री (protandry), ग्रहणशीलता के लिए कलंक सतहों (stigmatic surfaces for receptivity) के सीमित क्षेत्र (limited area), रे फ्लोरेट रंग (ray floret colour) कीड़ों (insects) को आकर्षित (attracts) करते हैं और डिस्क फ्लोरेट्स (disc florets) में मीठे स्राव (sweet secretions) की प्रचुरता (abundance) के कारण परपरागण होता है।
सेल्फिंग
किसी भी फ्लोरेट्स (any of the florets) में एंथेसिस शुरू (commencement of anthesis) होने से पहले फूल के सिर (flower head) को उपयुक्त आवरण (suitable cover) से सुरक्षित किया जाता है और आवरण को सभी फ्लोरेट्स (all the florets) में निषेचन समाप्त (fertilization is over) होने तक बरकरार (retained) रखा जाता है। एक नरम ब्रश (soft brush) का उपयोग करके एक ही फूल (same flower) या एक ही पौधे के किसी अन्य फूल (another flower of the same plant) से एकत्र पराग के साथ कृत्रिम स्व-परागण (Artificial self pollination) बीज सेटिंग्स (seed settings) को बढ़ाएगा (enhance)।
संकरण
i. हैंड इमास्कुलेशन
सुबह-सुबह डिस्क फ्लोरेट्स के पुंकेसर को संदंश के साथ 2 से 3 व्हर्ल्स (2 to 3 whorls) में हटाकर (removing) इमास्कुलेशन किया जाता है और सिर में अन्य फ्लोरेट्स (other florets) हटा दिए जाते हैं। सुबह लगभग 9-10 बजे (About 9-10 am) वांछित पुरुष माता-पिता (desired male parent) से पराग (pollens) एकत्र किए जाते हैं और इमास्कुलेटेड सिर (emasculated head) पर धूल दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया 2 से 3 दिनों (2 to 3 days) तक जारी रहती है।
ii. बिना इमास्कुलेशन के (Without emasculation)
सूरजमुखी में सिर का इमास्कुलेशन मुश्किल (difficult) है। इस कठिनाई (difficulty) को ध्यान में रखते हुए (Considering), इमास्कुलेशन के बिना सिर परागित (heads are pollinated) होते हैं। संकर ओज (hybrid vigour) के आधार पर (On the basis), पौधों को स्वयंभू पौधों (selfed plants) से अलग (distinguished) किया जाता है। संकरों की पहचान (identifying hybrids) के लिए मार्कर जीन (marker genes) की उपस्थिति (presence) का भी प्रभावी ढंग से उपयोग (utilised effectively) किया जाता है।
iii. पुरुष बाँझपन का रासायनिक प्रेरण (Chemical induction of male sterility)
यह सुबह में लगातार तीन दिनों (consecutively for three days) तक कली-दीक्षा चरण (bud-initiation stage) के दौरान 100ppm GA (गेमेटोसाइड - Gametocide) के छिड़काव (spraying) से प्राप्त (achieved) होता है।
परागण उन सिर (heads) से पराग एकत्र (collecting) करके किया जाता है जो फूल आने से पहले (prior to flowering) पहले से ही बैग (bagged) में होते हैं। फूल वाले सिर (flowering heads) से पराग को पेपर बैग में एकत्र किया जा सकता है। परागण सुबह में कपास के एक छोटे टुकड़े (small piece of cotton), एक बाल ब्रश (hair brush) या ठीक कपड़े के बैग (fine cloth bag) के माध्यम से ताज़ा एकत्र किए गए पराग (freshly collected pollen) को लागू (applying) करके किया जाता है। प्रत्येक क्रॉस (each cross) के बाद, हाथों को शराब से पोंछकर (wiping the hands with alcohol) संदूषण से बचने के लिए ध्यान रखा (care must be taken) जाना चाहिए।
इस फसल में (in this crop) परपरागण नियम है। यह मुख्य रूप से (mainly) हवा से परागित (wind pollinated) है। लेकिन कीट गतिविधि (insect activity) भी कुछ हद तक (some extend) देखी जाती है क्योंकि पुष्पक्रम के ठीक नीचे (just below) युवा पत्तियां (young leaves) फूल खुलने के समय प्रचुर मात्रा में अमृत (copious nectar) निकालती (exude) हैं जो कीट परागण (insect pollination) का कारण (cause) बनती हैं। एकलिंगी फूल (Unisexual flowers), प्रोटोजिनस (protogynous), पुष्पक्रम में मादा फूल की उन्नत स्थिति (elevated position of female flower), हवा के परागण (wind pollination) को बढ़ावा देने (promote) के लिए तंत्र (mechanisms) और कीटों (insect) को आकर्षित (attract) करने के लिए अमृत ग्रंथियां (nectar glands) परपरागण को बढ़ावा देती हैं। यहां नर फूल (male flowers) पहले (first) खुलते हैं (प्रोटोएंड्री - protoandry)। नर फूल खिलने (male flowers opening) के एक या दो दिन बाद मादा फूल (female flowers) खिलते हैं। हालांकि, प्रोटोगिनी (protogyny) भी बताई गई है। उद्घाटन सुबह 4.30 से 5.00 बजे के बीच है। पराग कण (Pollen grains) 2 दिनों (2 days) के लिए जीवनक्षम (viable) होते हैं और कलंक 3 दिनों (3 days) के लिए ग्रहणशील होते हैं। प्रत्येक मोमबत्ती (Each candle) को पूरी तरह से फूलने (complete flowering) में 10-12 दिन (10-12 days) लगते हैं।
सेल्फिंग
पूरे पुष्पक्रम (whole inflorescence) को संरक्षित किया जाता है (protected with) जिनके फूल अभी तक नहीं खुले (not yet opened) हैं, उनका चयन (selected) किया जाता है। चयनित पुष्पक्रम (selected inflorescence) से सभी नर फूल (all the male flowers) हटा दिए जाते हैं और मादा फूलों को उपयुक्त आवरण से सुरक्षित किया जाता है। कृत्रिम परपरागण (Artificial cross pollination) तब किया जाता है जब रखे हुए मादा फूलों (retained female flowers) के कलंक (stigmas) चयनित नर माता-पिता से एकत्र नर फूलों के परागकोषों (anthers of male flowers) को रगड़कर (rubbing) ग्रहणशील हो जाते हैं। बारिश के दिन (rain day) में फंगल के हमले (fungal attack) से बचने और मुक्त हवा की आवाजाही (free air movement) के लिए पुराने बैग (old bags) को नए बैग (new bags) से बदलना (replaced) पड़ता है।
संकरण
1. इमास्कुलेशन: इसे उंगली और अंगूठे (finger and thumb) द्वारा स्टैमिनेट फूलों (staminate flowers) को हटाने या रगड़ने (rubbing off) से प्राप्त किया जा सकता है।
2. संकरण: पराग कण वांछित पुरुष माता-पिता से एकत्र किए जाते हैं और महिला माता-पिता के कलंक पर धूल दिए जाते हैं। फिर से पुष्पक्रम ढका हुआ है।
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