गन्ने में परपरागण (Cross pollination) नियम (rule) है। स्व-पुरुष और महिला बाँझपन (Self male and female sterility), प्रोटोजीनी (protogyny) और एंथेसिस (anthesis) के समय कलंक (stigma) से दूर पुंकेसर का लटकना (hanging down of anthers) स्व-परागण (self pollination) को बढ़ावा (promote) देता है। आम तौर पर (Usually) एंथेसिस सुबह जल्दी (early morning) सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच होगा। सुबह 6 बजे से 8 बजे के बीच अधिकतम एंथेसिस (Maximum anthesis)। कलंक पहले बाहर निकलता है (protrudes out first) और पुंकेसर बाद में (anthers dehisce afterwards)। फूल (Flower) ऊपर से नीचे (top to downwards) की ओर खुलेगा (opening)। स्पाइकलेट्स (spikelets) के पूरी तरह से खुलने (complete opening) में लगभग 10 दिन (about 10 days) लगेंगे। गन्ने में फूल आना (Flowering) स्थान विशिष्ट (location specific) है और पर्यावरण (environment) से प्रभावित (influenced) होता है। प्राकृतिक परागण (Natural pollination) हवा (wind) (एनेमोफिली - Anemophily) द्वारा होता है
सेल्फिंग (Selfing)
एक बांस के फ्रेम वर्क (bamboo frame work) या पिंजरे (cage) के साथ तीर को ढंककर (covering the arrow) सेल्फिंग की जाती है जो मलमल के कपड़े (muslin cloth) या पॉलिथीन पेपर (polythene paper) से ढका (covered) होता है। इस तरह के आवरण (Such a cover) को आमतौर पर लालटेन (lantern) कहा जाता है। यह आकस्मिक परपरागण (accidental cross pollination) को रोकता (prevents) है। लालटेन को बांस के खंभे (bamboo poles) द्वारा समर्थित (supported) किया जाना चाहिए। दिन के समय (day time) अंदर (inside) बनने वाले तापमान (temperature) को कम (reduce) करने के लिए लालटेन को दिन में एक बार (once in a day) खोलना (opened) पड़ता है। यह अधिमानतः (preferably) दोपहर के घंटों (afternoon hours) में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे (between 12am and 4pm) के बीच किया जाता है। आमतौर पर बीज सेट (seeds are set) होने तक कवर (cover) को स्थिति (position) में रखा जाना चाहिए। एक सप्ताह (one week) या 10 दिनों (10 days) के भीतर हम स्व-बीज (selfed seeds) प्राप्त कर सकते हैं। गन्ने प्रजनन संस्थान (Sugarcane Breeding Institute), कोयंबटूर (Coimbatore) में इस सेल्फिंग विधि (selfing method) का पालन (followed) किया जाता है।
संकरण (Crossing)
संकरण (Hybridization) बहुत मुश्किल (very difficult) है।
1. यह ज्यादातर वनस्पति रूप से (mostly vegetatively) प्रचारित (propagated) है। कुछ किस्में (Some varieties) उष्णकटिबंधीय (tropics) के बाहर शायद ही कभी फूल (seldom flowers outside) देती हैं। कुछ किस्मों में 6 से 8 महीने (6 to 8 months) में एक बार फूल (flowers once) आते हैं। यह फोटोपेरियोड्स (photoperiods) द्वारा अत्यधिक नियंत्रित (highly controlled) है।
2. स्पाइकलेट्स मिनट (minutes) हैं। तो, हाथ से इमास्कुलेशन (hand emasculation) संभव नहीं (not possible) है।
3. लगभग सभी किस्मों (almost in all the varieties) में पराग और डिंब (pollen and ovule) दोनों की स्व-बाँझपन (Self sterility) प्रमुख (predominates) है।
4. गर्म पानी का उपचार (Hot water treatment) संभव नहीं हो सकता है (can not possible)।
संकरण के तरीके (Hybridization methods)
कोयंबटूर विधि (Coimbatore method)
फूलों की अवधि (flowering period) के दौरान, गन्ने के तने (sugarcane stem) को एक या दो कली (one or two bud) छोड़कर काट (cut leaving) दिया जाएगा। कटे हुए तने (cut stem) को नम कीचड़ (moist mud) वाले मिट्टी के बर्तन (mud pot) में स्थानांतरित (transferred) किया जा सकता है। 10 दिनों के भीतर (Within 10 days) कलियां (buds) जड़ों (roots) में विकसित (develop) हो जाएंगी और जड़ प्रणाली (root system) अच्छी (good) होगी। इसे प्रजनन ब्लॉक (breeding block) में स्थानांतरित किया जा सकता है। संकरण ब्लॉक (crossing block) में, नर और मादा पौधों (male and female plants) को आम लालटेन (common lantern) से ढका जाता है। मादा पौधे (female plant) के ऊपर पराग का मुक्त प्रवाह (Free shedding pollen) होगा। हम मादा माता-पिता (female parent) से स्वयंभू और पार किए गए बीज (selfed and crossed seeds) दोनों की कटाई (harvest) कर सकते हैं। नर्सरी (nursery) में बढ़ाकर गुणसूत्र संख्या (chromosome number) द्वारा स्व-बीज की पहचान (identified) की जा सकती है। इस प्रकार क्रॉस किए गए बीजों (crossed seeds) को बनाए रखते हुए स्वयंभू बीज हटा (removed) दिए गए।
मार्कोटिंग विधि (Marcotting method)
फूल आने के दौरान, तने के चारों ओर (around the stem) काट लें और पोषक तत्वों (nutrients - विकास माध्यम - growth medium) के साथ एक पॉलिथीन बैग (polythene bag) बांधें। कटे हुए सिरे (cut end) के पास की कली (bud) जड़ों को जन्म (give rise) देती है। इसे काटा जा सकता है (can be cut) और संकरण उद्देश्यों (hybridization purposes) के लिए उपयोग (used) किया जा सकता है। इस विधि (method) को मार्कोटिंग (marcotting) कहा जाता है। गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबटूर में अभ्यास (Practiced) किया गया।
लालटेन विधि (Lantern method)
एंथेसिस शुरू होने से पहले मादा पौधे के लिए लालटेन प्रदान (Providing) करना। वांछित पुरुष माता-पिता (desired male parent) से तीर (arrow) को काटें (cut)। उस तीर को लालटेन में डाला (introduced) जा सकता है और हिलाया (shaken up) जा सकता है और इस तरह संकरण को प्रभावित (effected) किया जा सकता है। अधिक बीज सेट (more seed set) करने के लिए इसे 2-3 दिनों (2-3 days) तक दोहराया (repeated) जाएगा।
हवाई विधि (सल्फ्यूरस एसिड तकनीक) (Hawaii method - Sulfurous acid Technique)
एक सल्फ्यूरस एसिड घोल (sulfurous acid solution) पुष्पक्रम (inflorescence) को कई हफ्तों (several weeks) तक जीवित (alive) रखता है। यहां (Here), हम तने के छोटे हिस्से (small portion of stem) के साथ नर और मादा (mal and female) दोनों फूल वाले तीर (flowering arrows) काटते हैं। इन कटे हुए सिरे को 0.01% सल्फ्यूरिक एसिड (0.01% sulphuric acid) और 0.01% फॉस्फोरिक एसिड (0.01% phosphoric acid) वाले बर्तन (vessel) में डुबोया (immersed) जाएगा। प्रयोगशाला (lab) में कट एंड को करीब (nearer) लाया जाता है और परपरागण को प्रभावित (effect) किया जाता है। वे कमजोर एसिड (weak acids) को अवशोषित (absorb) करते हैं। हमें तने (stem) द्वारा लिए गए एसिड (acid) को बदलने के लिए प्रतिदिन कमजोर घोल (weak solution daily) मिलाना (add) पड़ता है। सप्ताह में एक बार (Once in a week) हमें घोल (solution) को पूरी तरह से बदलना (completely change) पड़ता है। यह 20-30 दिनों (20-30 days) के लिए किया जाता है। इस समय के दौरान (During this time), बीज (seed) परिपक्व (mature) हो जाएगा।
इसकी संशोधित विधि (modified method) में, मादा पौधे को अकेले (alone) काट दिया जाता है और फूल आने के समय कमजोर एसिड (weak acid) में रखा जाता है, नर माता-पिता (male parent) को करीब लाया (brought nearer) जा सकता है और लालटेन विधि की तरह हिलाकर (shaking) पराग (pollen) को बहाया (shed) जा सकता है।
सेल्फिंग
क्रॉस-परागित प्रजातियों (cross-pollinated species) की सेल्फिंग में, यह आवश्यक (essential) है कि प्राकृतिक क्रॉस-परागण (natural cross-pollination) को रोकने (prevent) के लिए फूल को बैग (bagged) में रखा जाए या अन्यथा संरक्षित (otherwise protected) किया जाए। फसल प्रजनन (crop breeding) में सेल्फिंग और संकरण (Selfing and crossing) आवश्यक हैं। यह महत्वपूर्ण (important) है कि ब्रीडर (breeder), अपनी आवश्यकताओं (needs) के अनुसार परागण (pollination) में संशोधन (manipulate) करने के लिए इन तकनीकों (techniques) में महारत (master) हासिल करे। सटीक प्रक्रिया (exact procedure) जिसका उपयोग वह विशिष्ट पौधों (specific plants) के स्व या परपरागण (self or cross pollination) को सुनिश्चित (ensure) करने के लिए
कर सकता है, वह उस विशेष प्रजाति (particular species) पर निर्भर (depend) करेगा जिसके साथ वह काम (working) कर रहा है। प्रजातियों (species) में फूलों की संरचना (structure of the flowers) परागण का तरीका (manner) निर्धारित (determine) करती है। इन कारणों (reasons) से, प्रजनक को फसल (crop) के फूलने की आदत (flowering habit) से परिचित (acquaint) होना चाहिए।
गेहूं, चावल, बमुश्किल, मूंगफली आदि (wheat, rice, barely, groundnut etc.) के मामले में, पौधे (plant) को स्व-परागण करने की अनुमति (permitted) दी जाती है और बीजों (seeds) की कटाई (harvested) की जाती है। परागण के तरीके (mode of pollination) को जानना (know) आवश्यक (necessary) है। यदि प्राकृतिक परपरागण (natural cross pollination) की सीमा (extent) अधिक है, तो फूलों (flowers) को बैगिंग (bagging) द्वारा संरक्षित (protected) किया जाना चाहिए। यह विदेशी पराग (foreign pollen) को कलंक तक पहुंचने (reach) से रोकेगा। बैग (bags) के अंदर अत्यधिक तापमान और आर्द्रता (excessive temperature and humidity) के कारण बैग में घिरे कान के सिर (ear heads enclosed) में बीज सेट (Seed set) अक्सर कम (frequently reduced) हो जाता है। कपास (cotton) जैसी फसलों में जिनमें बड़े फूल (larger flowers) होते हैं, पंखुड़ियां (petals) यौन अंगों (sexual organs) को मोड़ (fold down) सकती हैं और तेज (fasten) कर सकती हैं, वहां पराग और पराग ले जाने वाले कीड़ों (pollen carrying insects) को बाहर (excluded) किया जा सकता है।
कुछ फलियों (certain legumes) में जो लगभग कीट परागित (almost insect pollinated) होते हैं, कीट परागण (insect pollination) को रोकने के लिए पौधों (plants) को पिंजरे (caged) में रखा जा सकता है। मक्का (maize) में, पराग इकट्ठा (collect) करने के लिए लटकन (tassel) पर एक पेपर बैग (paper bag) रखा जाता है और विदेशी पराग से बचाने (protect) के लिए सिल (cob) को बैग में रखा जाता है। लटकन से एकत्र (collected) पराग को सिल में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
इमास्कुलेशन (Emasculation)
मादा प्रजनन अंग (female reproductive organ) के बिना (without) फूल के पुंकेसर (stamens) या परागकोष (anthers) को हटाना (Removal) या पराग को मारना (killing) इमास्कुलेशन कहते हैं। उभयलिंगी फूलों (bisexual flowers) में, स्व-परागण (self-pollination) को रोकने के लिए इमास्कुलेशन आवश्यक है। मोनोसियस पौधों (monoecious plants) में, नर फूल (male flowers) हटा दिए जाते हैं। (अरंडी, नारियल - castor, coconut) या नर पुष्पक्रम (male inflorescence) हटा दिया जाता है (मक्का - maize)। बड़े फूलों वाली प्रजातियों (species with large flowers) में उदा. (कपास, दालें - cotton, pulses) हाथ से इमास्कुलेशन सटीक (accurate) है और यह पर्याप्त (adequate) है。
1. हैंड इमास्कुलेशन
बड़े फूलों वाली प्रजातियों में, संदंश की मदद (help of forceps) से पुंकेसर को हटाना संभव है। यह परागकोष (anther dehiscence) के फटने से पहले (before) किया जाता है। यह आमतौर पर (generally) परागकोष के फटने से एक दिन पहले शाम 4 और 6 बजे के बीच किया जाता है। भ्रम से बचने (avoid confusion) के लिए इमास्कुलेटेड फूल (emasculated flower) के करीब (close) स्थित अन्य युवा फूलों (other young flowers) को हटाना (remove) हमेशा वांछनीय (desirable) होता है। चयनित फूल (selected flower) के कोरोला (corolla) को संदंश की मदद से खोला जाता है और पुंकेसर को संदंश की मदद से सावधानीपूर्वक हटा (carefully removed) दिया जाता है। कभी-कभी एपिपेटलस पुंकेसर (epipetalous stamens) उदा. जिंजेली (gingelly) के साथ-साथ कोरोला को पूरी तरह से (totally) हटाया जा सकता है।
अनाज (cereals) में, पुंकेसर को उजागर (expose) करने के लिए एक तिहाई (one third) खाली ग्लूम्स (empty glumes) को कैंची से काटा (clipped off with scissors) जाएगा। गेहूं और जई (wheat and oats) में, स्पाइकलेट्स को नुकसान पहुंचाए (damaging) बिना पुंकेसर को हटाने के बाद (after removing) फ्लोरेट्स (florets) को बनाए रखा (retained) जाता है। सभी मामलों (all cases) में, गाइनोइकियम (gynoecium) को घायल (injured) नहीं किया जाना चाहिए। एक कुशल इमास्कुलेशन तकनीक (efficient emasculation technique) को स्व-परागण को रोकना चाहिए और परपरागण पर उच्च प्रतिशत बीज सेट (high percentage of seed set) का उत्पादन (produce) करना चाहिए।
2. सक्शन विधि (Suction Method)
यह छोटे फूलों वाली प्रजातियों (species with small flowers) में उपयोगी (useful) है। फूल खुलने (flowers open) के तुरंत बाद (immediately after) सुबह (morning) इमास्कुलेशन किया जाता है। सक्शन नली (suction hose) से जुड़ी एक पतली रबर (thin rubber) या कांच की नली (glass tube) का उपयोग फूलों से परागकोष को चूसने (suck) के लिए किया जाता है। उपयोग किए जाने वाले चूषण की मात्रा (amount of suction used) बहुत महत्वपूर्ण (very important) है जो पराग और पुंकेसर (pollen and anthers) को चूसने के लिए पर्याप्त (sufficient to suck) होना चाहिए, लेकिन गाइनोइकियम को नहीं। इस विधि में काफी (considerable) स्व-परागण, 10% तक (upto 10%) होने की संभावना (like to occur) है। कलंक को पानी के जेट (jet of water) से धोने (Washing) से स्व-परागण को कम (reducing) करने में मदद (help) मिल सकती है; हालांकि इस विधि में स्व-परागण को समाप्त नहीं (can not be eliminated) किया जा सकता है।
3. गर्म पानी का उपचार
पराग कण (Pollen grains) आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों (genetic and environmental factors) दोनों के लिए मादा प्रजनन अंगों (female reproductive organs) की तुलना में अधिक संवेदनशील (more sensitive) होते हैं। गर्म पानी के इमास्कुलेशन (hot water emasculation) के मामले में, पानी का तापमान (temperature of water) और उपचार की अवधि (duration of treatment) फसल से फसल (crop to crop) में भिन्न (vary) होती है। यह हर प्रजाति (every species) के लिए निर्धारित (determined) है। शर्बत (sorghum) के लिए 42-48˚C (42-48˚C) 10 मिनट (10 minutes) के लिए उपयुक्त (suitable) पाया जाता है। चावल (rice) के मामले में, 40-44˚C (40-44˚C) के साथ 10 मिनट का उपचार (10 minutes treatments) पर्याप्त है। परागकोष के फटने से पहले और फूल के खुलने से पहले उपचार (Treatment) दिया जाता है। गर्म पानी (Hot water) को आमतौर पर थर्मस फ्लास्क (thermos flask) में ले जाया जाता है और पूरे पुष्पक्रम (whole inflorescence) को गर्म पानी में डुबोया जाता है।
4. अल्कोहल उपचार (Alcohol Treatment)
यह आमतौर पर (commonly) उपयोग नहीं किया जाता है। इस विधि में एक संक्षिप्त अवधि (brief period) के लिए उपयुक्त एकाग्रता (suitable concentration) के शराब (alcohol) में पुष्पक्रम को डुबोना (immersing) शामिल (consists) है, जिसके बाद पानी से धोना (rinsing with water) शामिल है। ल्यूसर्न (Lucerne) में 10 सेकंड (10 second) के लिए 57% अल्कोहल (57% alcohol) में डुबोया गया पुष्पक्रम अत्यधिक प्रभावी (highly effective) था। यह सक्शन विधि की तुलना में इमास्कुलेशन का बेहतर तरीका (better method) है।
5. शीत उपचार (Cold Treatment)
गर्म पानी के उपचार की तरह ठंडा उपचार गाइनोइकियम को नुकसान पहुंचाए बिना पराग कणों को मारता (kills) है। चावल के मामले में, ठंडे पानी 0.6OC (cold water 0.6OC) के साथ उपचार गाइनोइकियम को प्रभावित (affecting) किए बिना पराग कणों को मारता है। यह गर्म पानी के उपचार की तुलना में कम प्रभावी (less effective) है।
6. आनुवंशिक इमास्कुलेशन (Genetic Emasculation)
आनुवंशिक/साइटोप्लाज्मिक पुरुष बाँझपन (Genetic/ cytoplasmic male sterility) का उपयोग इमास्कुलेशन की प्रक्रिया (process) को समाप्त (eliminate) करने के लिए किया जा सकता है। यह मक्का, ज्वार बाजरा, प्याज, कपास और चावल आदि (maize, sorghum pearlmillet, onion, cotton and rice etc.) में संकर (hybrids) के व्यावसायिक उत्पादन (commercial production) में उपयोगी है।
स्व-असंगत मामलों (self-incompatible cases) की कई प्रजातियों (many species) में, इमास्कुलेशन भी आवश्यक नहीं (not necessary) है, क्योंकि स्व-निषेचन (self-fertilization) नहीं होगा (will not take place)। प्रोटोजीनी भी बिना इमास्कुलेशन (without emasculation) के संकरण की सुविधा (facilitate) प्रदान करेगी (उदा. कंबू - Cumbu)।
7. गैमेटोसाइड का उपयोग (Use of Gametocide)
रासायनिक संकरण एजेंटों (chemical hybridizing agents - CHA) रसायनों (chemicals) के रूप में भी जाना जाता है जो महिला युग्मक (female gamete) को प्रभावित किए बिना पुरुष युग्मक (male gamete) को चुनिंदा रूप से (selectively) मारते हैं। उदा। (eg.)
चावल में एथ्रेल, सोडियम मिथाइल आर्सेनेट, जिंक मिथाइल आर्सेनेट (Ethrel, Sodium methyl arsenate, Zinc methyl arsenate), कपास और गेहूं (cotton and wheat) के लिए मैलिक हाइड्राजाइड (Maleic hydrazide)।
इमास्कुलेशन के तुरंत बाद यादृच्छिक क्रॉस-परागण (random cross-pollination) को रोकने के लिए उपयुक्त आकार (appropriate size) के उपयुक्त बैग (suitable bags) के साथ संलग्न (enclosed) फूल या पुष्पक्रम (flower or inflorescence)।
वांछित पुरुष माता-पिता से एकत्र किए गए पराग कणों को इमास्कुलेटेड फूल में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। यह आम तौर पर (normally) एंथेसिस के दौरान सुबह के समय (morning hours) किया जाता है। कृत्रिम संकरण (artificial crossing) के तुरंत बाद फूलों को बैग में रख दिया जाता है।
बैगिंग के ठीक बाद फूलों को टैग (tagged) किया जाता है। वे पुष्पक्रम से जुड़े (attached) होते हैं या एक धागे (thread) की मदद से फूल से जुड़े होते हैं। निम्नलिखित (following) को पेंसिल (pencil) के साथ टैग (tag) पर दर्ज (recorded) किया जा सकता है।
1. इमास्कुलेशन की तिथि (Date of emasculation)
2. परागण की तिथि (Date of pollination)
3. पितृत्व (Parentage)
4. फूलों की संख्या इमास्कुलेट (No. of flowers emasculate)
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