अधिसूचित कल्टीवेटर (cultivar) / संकर (hybrid) के दिए गए बीज लॉट (seed lot) की आनुवंशिक शुद्धता स्थिति (genetic purity status) का निर्धारण करना और यह पता लगाना कि विचाराधीन नमूना (sample) किस हद तक निर्धारित मानकों (prescribed standards) के अनुरूप है।
ग्रो-आउट टेस्ट (Grow-out Test) बीज लॉट (seed lot) की आनुवंशिक शुद्धता (genetic purity) को नियंत्रित करने का आधिकारिक उपाय (official measure) है। यह आनुवंशिक संदूषण (genetic contaminations) से बचने के लिए पूर्व-नियंत्रण (pre-control) के साथ-साथ 'नियंत्रण के बाद' परीक्षण (post-control test) के रूप में कार्य करता है। भारत (India) में आधिकारिक नियमों (official regulations) के अनुसार, यह कपास (cotton), अरंडी (castor), कस्तूरी तरबूज (musk melon) और बैंगन (brinjal) जैसी कुछ प्रजातियों (species) के संकरों (hybrids) के बीज प्रमाणीकरण (seed certification) के लिए पूर्व-आवश्यकता (pre-requisite) है।
बीज अधिनियम 1966 (seeds Act 1966) के प्रावधानों के तहत बीज लॉट (seed lot) की आनुवंशिक शुद्धता स्थिति (genetic purity status) के संबंध में विक्रेता लेबल (sellers label) की जांच के लिए परीक्षण आयोजित किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा ग्रो-आउट टेस्ट (grow-out test) का उपयोग प्रमाणीकरण एजेंसी (certification agency) या निरीक्षक (inspector) की प्रभावकारिता (efficacy) को आंकने के उपाय के रूप में भी किया जा सकता है।
'ग्रो-आउट टेस्ट (Grow-out test)' के लिए नमूने (samples) निर्धारित नमूना प्रक्रियाओं (prescribed sampling procedures) के अनुसार अन्य बीज गुणवत्ता परीक्षणों (seed quality tests) के नमूनों (samples) के साथ एक साथ तैयार किए जाएंगे।
प्रस्तुत नमूनों का आकार (size of submitted samples) प्रजातियों (species) के अनुसार अलग-अलग होगा जैसा कि इस तालिका (Table) में उदाहरण दिया गया है।
| 1,000 ग्राम (g) | - | मक्का (maize), कपास (cotton), मूंगफली (groundnut), सोयाबीन (soyabean) और समान आकार के बीज (seeds of similar size) वाली अन्य पीढ़ी (other genera) की प्रजातियों (species) के लिए; |
| 500 ग्राम (g) | - | ज्वार (sorghum), गेहूं (wheat), धान (paddy) और समान आकार के बीज (seeds of similar size) वाली अन्य पीढ़ी (other genera) की प्रजातियों (species) के लिए; |
| 250 ग्राम (g) | - | बीटा (Beta) और समान आकार के बीज (seeds of similar size) वाली अन्य पीढ़ी (other genera) की प्रजातियों (species) के लिए; |
| 100 ग्राम (g) | - | बाजरा (bajra), जूट (jute) और अन्य सभी पीढ़ी (all other genera) की प्रजातियों (species) के लिए; |
| 250 कंद (tubers) / रोपण दांव (planting stakes) / जड़ें (roots) / कॉर्म (corms) | - | बीज आलू (Seed potato), शकरकंद (sweet potato) और अन्य वानस्पतिक प्रसार वाली फसलें (other vegetatively propagating crops)। |
ग्रो आउट टेस्ट (grow out test) के लिए कार्यशील नमूना (working sample) बीज नमूनाकरण (seed sampling) के लिए निर्धारित प्रक्रिया (prescribed procedure) के अनुसार प्रस्तुत नमूने (submitted sample) के बाद के मिश्रण (mixing) और विभाजन (dividing) के माध्यम से प्राप्त किया जाएगा।
अवलोकन (observations) लेने के लिए आवश्यक न्यूनतम जनसंख्या (minimum population) 400 पौधे (plants) होगी; हालाँकि, यह भारतीय न्यूनतम बीज प्रमाणीकरण मानकों (Indian Minimum seed Certification standards) में विचाराधीन प्रजातियों (species under consideration) के लिए निर्धारित अधिकतम अनुमेय ऑफ-प्रकार के पौधों (maximum permissible off-type plants) पर भी निर्भर करेगा।
आवश्यक संख्या में पौधे (plants) प्राप्त करने के लिए फसल (crop) उगाने के लिए आवश्यक बीजों की संख्या (number of seeds) बीज के नमूने (seed sample) के अंकुरण प्रतिशत (germination percentage) पर निर्भर करेगी और इसलिए बीज दर (seed rate) को तदनुसार समायोजित किया जाना चाहिए।
| अधिकतम अनुमेय ऑफ प्रकार (%) (Maximum permissible off types (%)) | न्यूनतम आनुवंशिक शुद्धता (%) (Minimum genetic Purity (%)) | प्रति नमूना आवश्यक पौधों की संख्या (Number of plants required per sample) |
|---|---|---|
| 0.10 | 99.9 | 4,000 |
| 0.20 | 99.8 | 2,000 |
| 0.30 | 99.7 | 1,350 |
| 0.50 | 99.5 | 800 |
| 1.00 और ऊपर (1.00 and above) | 99.0 और नीचे (99.0 and below) | 400 |
ग्रो आउट टेस्ट (grow out test) परिणामों (results) की सटीकता (accuracy) और प्रतिलिपि प्रस्तुत करने योग्यता (reproducibility) प्राप्त करने के लिए, नीचे दी गई प्रक्रियाओं (procedures) का पालन किया जाना चाहिए:
ग्रो आउट टेस्ट (grow out test) कल्टीवेटर (cultivar) / संकर (hybrid) या ऑफ-सीजन नर्सरी (off-season nurseries) के लिए अनुशंसित निर्दिष्ट क्षेत्रों (specified areas) में आयोजित किया जाएगा।
कल्टीवेटर (cultivar) का मानक नमूना (standard sample) (नियंत्रण) (control) आधिकारिक मानक (official standard) है जिसके विरुद्ध कल्टीवेटर (cultivar) के बीज (seed) के अन्य सभी नमूनों (samples) का न्याय किया जाएगा।
मानक नमूना (standard sample) किसी भी चरित्र (character) में महत्वपूर्ण रूप से भिन्न नहीं होना चाहिए और मूल संयंत्र प्रजनक (originating plant breeder) / प्रजनन संस्थान (breeding institute) से प्राप्त किया जाना चाहिए और इसे नियंत्रित तापमान (controlled temperature) और आर्द्रता की स्थिति (humidity conditions) के तहत संग्रहित किया जाना चाहिए ताकि परीक्षण के तहत कल्टीवेटर (cultivars under test) के लिए नियंत्रण भूखंड (control plots) बोने के लिए प्रत्येक वर्ष इसका उपयोग किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर मूल संयंत्र प्रजनक (originating plant breeder) से नमूने (sample) की अतिरिक्त मात्रा प्राप्त की जानी चाहिए। एक मानक नमूने (standard sample) से दूसरे में बदलने से पहले मानक नमूने (standard sample) के दो लॉट (two lots) के बीच तुलना की जानी चाहिए।
विशिष्ट फसल (specific crop) के संबंध में मानक (Standard) और अनुशंसित कृषि / सांस्कृतिक प्रथाओं (recommended agronomic / cultural practices) जैसे कि खेत की तैयारी (field preparation), भूखंड का आकार (size of the plot), पंक्ति की लंबाई (row length), पंक्तियों के बीच की दूरी (distance between the rows), पौधों के बीच की दूरी (distance between the plants), सिंचाई (irrigation) और निषेचन (fertilization), आदि का पालन विचाराधीन नमूने (sample in question) और इसके नियंत्रण (control) (मानक नमूना) (standard sample) दोनों के लिए किया जाएगा।
बीज दर (seed rate) को समायोजित करने के लिए विचाराधीन नमूने (sample (s) in question) और मानक नमूने (standard sample) का अंकुरण प्रतिशत (germination percentage) निर्धारित किया जाना चाहिए। बुवाई (sowing) डिबलिंग (dibbling) या छोटे प्लॉट ड्रिल (small plot drill) द्वारा की जानी चाहिए। बीज ड्रिल (Seed drill) की सफाई सुनिश्चित करने के लिए सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए। बाद में पतले होने (thinnings) की अनुशंसा नहीं की जाती है। एक ही कल्टीवेटर (cultivars) के नमूने (samples) उत्तराधिकार (succession) में बोए जाने चाहिए और मानक नमूने (standard samples) उपयुक्त अंतराल (suitable intervals) पर बोए जाते हैं। (परीक्षण किए जाने वाले प्रत्येक दस नमूने के लिए एक मानक नमूना) (one standard sample for every ten sample to be tested)।
भूखंड का आकार (size of the plot), पंक्ति की लंबाई (row length) और रिक्ति (spacing) फसल (crop) के अनुसार अलग-अलग होगी। उपरोक्त चर (variables) के लिए अनुशंसित विनिर्देश (Recommended specification) नीचे दी गई तालिका (Table) में प्रदान किए गए हैं जिन्हें आवश्यक समझे जाने पर उपयुक्त रूप से संशोधित (modified) किया जा सकता है।
| क्रम सं. (S. No.) | फसल (Crop) | पंक्ति की लंबाई (m) (Row length (m)) | पौधे से पौधे की दूरी (cm) (Plant to plant distance (cm)) | पंक्तियों के बीच स्थान (cm) (Space between rows (cm)) | भूखंडों के बीच स्थान (cm) (Space between plots (cm)) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | गेहूं (Wheat), जौ (barley) जई (oats) | 6 | 2 | 25 | 50 |
| 2. | मटर (Pea), लोबिया (Cowpea) | 6 | 10 | 45 | 90 |
| 3. | चना (Chickpea), हरा चना (green gram) काला चना (black gram) | 6 | 10 | 30 | 60 |
| 4. | मक्का (Maize) | 10 | 25 | 60 | 90 |
| 5. | संकर कपास (Hybrid cotton) | 5 | 10 | 45 | 45 |
| 6. | धान (Paddy): a) बहुत जल्दी से मध्यम (Very early to medium) b) देर से और बहुत देर से (Late and very late) |
6 6 |
15 25 |
20 30 |
45 60 |
| 7. | बाजरा (Pearl millet) | 6 | 10 | 60 | 90 |
| 8. | ज्वार (Sorghum) | 6 | 10 | 45 | 60 |
खेत के एक हिस्से (one part of the field) में विफलता (failure) से बचाव और पर्यावरणीय (environmental) और मिट्टी की उर्वरता विविधताओं (soil fertility variations) को कम करने के लिए खेत के भूखंडों (field plots) को दो प्रतियों (two replicates) में उगाया जाना चाहिए।
ग्रो-आउट टेस्ट भूखंडों (Grow-out test plots) की जांच पूरे बढ़ते मौसम (growing season) में फूल (flowering) से पकने (ripening) की अवधि पर जोर देते हुए की जानी चाहिए। परीक्षण फसल (test crop) और नियंत्रण (control) दोनों में कल्टीवेटर (cultivars) के लिए वर्णित विशिष्ट लक्षणों (distinguishing characters) को ध्यान में रखते हुए सभी पौधों (plants) की जांच की जानी चाहिए। अवलोकन (observation) लेते समय, नियंत्रण (control) के विरुद्ध वर्णों (characters) में विचलन (deviations) दिखाने वाले पौधों को टैग (tagged) किया जाना चाहिए और बाद के चरण (later stage) में सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए ताकि यह पुष्टि की जा सके कि वे ऑफ-प्रकार (off-types) हैं या नहीं। पाए गए कुल पौधों (total plants) और ऑफ-टाइप पौधों (off-type plants) की संख्या दर्ज की जानी चाहिए।
अन्य कल्टीवेटर (cultivars), प्रजातियों (species) या विपथन (aberrants) का प्रतिशत पहले दशमलव स्थान (first decimal place) तक गणना किया जाना चाहिए। परिणामों (results) की व्याख्या करते समय, तालिका (Table) में दिए गए नमूने के आकार (sample size) के संदर्भ में निर्धारित मानकों (prescribed standards) के लिए अस्वीकार संख्या (reject number) का उपयोग करके सहनशीलता (tolerances) लागू की जानी चाहिए।
| नमूना आकार (sample size) के लिए अस्वीकार संख्या (Reject numbers) | 800 | 400 |
|---|---|---|
| 99.5 (200 में 1) (99.5 (1 in 200)) | 8 | * |
| 99.0 (100 में 1) (99.0 (1 in 100)) | 16 | 8 |
| 95.0 (100 में 5) (95.0 (5 in 100)) | 48 | 24 |
| 90.0 (100 में 10) (90.0 (10 in 100)) | 88 | 44 |
| 85.0 (100 में 15) (85.0 (15 in 100)) | 128 | 64 |
* इंगित करता है कि वैध परीक्षण (valid test) के लिए नमूना आकार (sample size) बहुत छोटा है।
यह प्रोटीन बैंडिंग (protein banding) और आइसोएंजाइम गतिविधि (isoenzyme activity) पर आधारित कल्टीवेटर पहचान (cultivar identification) की नवीनतम विधि (latest method) है। यहां एकल बीजों (single seeds) को डीफैटेड (defatted) किया जाता है और प्रोटीन (protein) और एस्टरेज़ (esterases) के लिए निकाला जाता है। निकाले गए प्रोटीन (extracted proteins) या एस्टरेज़ (esterases) को पॉलीएक्रिलामाइड जेल वैद्युतकणसंचलन (polyacrylamide gel electrophoresis) द्वारा अलग किया जाता है। प्रोटीन (protein) और एस्टरेज़ (esterase) के बैंडिंग पैटर्न (banding pattern) के आधार पर किस्मों (varieties) को विभेदित (differentiated) और पहचाना (identified) जा सकता है।
प्रोटीन (proteins) और एंजाइम (enzymes) के लिए वैद्युतकणसंचलन (Electrophoresis): एक फसली पौधे (crop plant) के बीज (Seeds), पौधे (seedlings) या परिपक्व पत्ते (mature leaves) आदि में प्रोटीन का एक विशिष्ट मिश्रण (specific mix of proteins) होता है जो न केवल फसल विशिष्ट (crop specific) होते हैं बल्कि किस्म विशिष्ट (variety specific) (जीनोटाइप विशिष्ट) (genotype specific) भी होते हैं। एक उपयुक्त माध्यम (suitable medium) में वैद्युतकणसंचलन (electrophoresis) बीज (seeds), पौधे (seedlings) या परिपक्व पत्तियों (mature leaves) से निकाले गए प्रोटीन के मिश्रण (mixture of proteins) को अलग-अलग बैंड (distinct bands) में अलग करता है। इस प्रकार प्रत्येक किस्म (each variety) (या जीनोटाइप) (genotype) का एक विशिष्ट "बैंडिंग पैटर्न (banding pattern)" होता है, जिसके आधार पर "बैंडिंग पैटर्न (banding pattern)" में भिन्न अन्य किस्मों के मिश्रण (admixtures of other varieties) का पता लगाया जा सकता है। यह विश्लेषित नमूने (analysed sample) के बैंडिंग पैटर्न (banding pattern) की उस किस्म (variety) के मानक बैंडिंग पैटर्न (standard banding pattern) से तुलना करके किया जाता है। बीज के नमूनों (seed samples) की आनुवंशिक शुद्धता (genetic purity) निर्धारित करने के लिए अब वैद्युतकणसंचलन (electrophoresis) का तेजी से उपयोग किया जा रहा है।
सिद्धांत (Principle): शब्द 'वैद्युतकणसंचलन (electrophoresis)' एक विद्युत क्षेत्र (electric field) के प्रभाव में एक आवेशित कण (charged particle) के प्रवासन (migration) को संदर्भित करता है। आयनों की गति (movement of ions) एक उपयुक्त माध्यम (suitable medium), जैसे पॉलीएक्रिलामाइड जेल (polyacrylamide gel) में होती है, जो आणविक छलनी (molecular sieve) के रूप में कार्य करती है और संवहन धाराओं (convection currents) और प्रसार (diffusion) को कम करती है, ताकि अलग किए गए घटक (separated components) अधिकतम रिज़ॉल्यूशन (maximum resolution) के साथ तेज क्षेत्र (sharp zones) के रूप में बने रहें। अलग-अलग बैंड (distinct bands) में पृथक्करण (separation) के कारण है,
चूँकि प्रोटीन (proteins) अपने आइसोइलेक्ट्रिक बिंदु (isoelectric point) के अलावा किसी भी पीएच (pH) पर शुद्ध आवेश (net charge) ले जाते हैं, वे एक विद्युत क्षेत्र (electric field) में पलायन (migrate) करते हैं, जिसकी दर आवेश घनत्व (charge density) (अर्थात अणु (molecule) के द्रव्यमान (mass) का आवेश की दर) पर निर्भर करती है। उच्च आवेश घनत्व (higher charge density) वाले प्रोटीन (Proteins) तेजी से पलायन (migrate faster) करेंगे, इस प्रकार विभिन्न प्रोटीनों के मिश्रण (mixture of different proteins) को विद्युत क्षेत्र (electric field) के अधीन किए जाने पर प्रोटीनों की गति की विभेदक दरों (differential rates of movement) में परिणाम होगा। जेल छिद्र के आकार (gel pore size) को बदलकर (विभिन्न सांद्रता (different concentrations) पर पॉलिमर (polymers) का उपयोग करके) और प्रोटीन अणु (protein molecule) पर आवेश (charge) (सिस्टम के पीएच (pH) को बदलकर) एक मिश्रण (mixture) में प्रोटीन अणुओं (protein molecules) को अलग करने के लिए उच्च स्तर का रिज़ॉल्यूशन (high degree of resolution) प्राप्त किया जा सकता है।
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