बीज से नमी (moisture) को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुखाना (drying) कहा जाता है। बीज सुखाने (seed drying) से बीज की नमी की मात्रा (moisture content) को सुरक्षित नमी सीमा (safe moisture limits) तक कम किया जाना चाहिए ताकि भंडारण (storage) के दौरान इसकी जीवनक्षमता (viability) और ओज (vigour) को बनाए रखा जा सके, अन्यथा यह फफूंदी के विकास (mold growth), हीटिंग (heating) और बढ़ी हुई सूक्ष्मजीव गतिविधि (microbial activity) के कारण जल्दी खराब हो सकता है। बीज सुखाने (seed drying) से जल्दी कटाई (early harvesting), बीजों के दीर्घकालिक भंडारण (long term storage), भूमि और जनशक्ति के अधिक कुशल उपयोग, हरे चारे (green fodder) के रूप में पौधे के डंठल का उपयोग और उच्च गुणवत्ता वाले बीज (high quality seed) के उत्पादन की अनुमति भी मिलती है।
जलवायु और कटाई के तरीके (harvesting adopted) के आधार पर, थ्रेश किया गया बीज (threshed seed) सुरक्षित भंडारण (safe storage) के लिए पर्याप्त सूखा हो भी सकता है और नहीं भी। कम अनुकूल परिस्थितियों में, थ्रेश किए गए बीज (threshed seed) को और सुखाने (further drying) की आवश्यकता होती है।
बीज से नमी को 2 चरणों (2 stages) में समाप्त किया जाता है:
सतह पर नमी का पलायन (migration of moisture) वाष्पीकरण (evaporation) की तुलना में धीमा होता है और गुठली (kernel) में नमी प्रवणता (moisture gradient) विकसित हो जाती है।
बीज से नमी का निष्कासन (elimination of moisture) बीज के आसपास के वातावरण की सापेक्ष आर्द्रता (relative humidity) और तापमान (temperature) पर निर्भर करता है। जब वायुमंडल की सापेक्ष आर्द्रता (RH of the atmosphere) बीज से कम होती है, तो बीज से नमी समाप्त हो जाती है। सुखाते समय, ऑक्सीकरण (oxidation) और अपघटन (decomposition) और वाष्पीकरण (volatilization) को कम करने / रोकने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए। इस प्रक्रिया में बीज के शुष्क वजन का नुकसान (loss of dry weight) होगा जो तब बढ़ जाता है जब प्रक्रियाएं उच्च तापमान (high temperature) पर होती हैं। इसलिए, उच्च नमी वाले बीज (high moisture seeds) को कम तापमान (low temperature) पर सुखाया जाना चाहिए।
एक बीज पर्यावरण के साथ संतुलन (equilibrium) में होता है जब बीज से आसपास के वायुमंडल में नमी के नुकसान की दर (rate of moisture loss), वायुमंडल से बीज द्वारा प्राप्त नमी की दर (rate of moisture gained) के बराबर होती है।
बीज की नमी की मात्रा (seed moisture content) जितनी अधिक होगी, सुखाने का तापमान (drying temperature) उतना ही कम होना चाहिए और इसके विपरीत (vice versa)।
| MC (Moisture Content) | Temperature |
|---|---|
| 10% MC and below | 110 °F (43.3 °C) |
| 10-18% MC | 100 °F (42.2 °C) |
| 18-30% MC | 90 °F (32.2 °C) |
सुखाने की दर (rate of drying) निम्न पर निर्भर करती है:
I. भौतिक सुखाने (Physical drying) (या) प्राकृतिक सुखाने (natural drying) (या) पारंपरिक धूप में सुखाने (traditional sun drying)
II. यांत्रिक (Mechanical) (या) कृत्रिम सुखाने (artificial drying)
a) मजबूर प्राकृतिक हवा के साथ सुखाना (Drying with forced natural air)
b) मजबूर कृत्रिम रूप से गर्म हवा के साथ सुखाना (Drying with forced artificially heated air)
c) डेसीकेंट्स के साथ सुखाना (Drying with desiccants)
d) इन्फ्रारेड किरणों के साथ सुखाना (Drying with infrared rays)
यह सामान्य पारंपरिक तरीका (common conventional method) है जिसमें काटी गई फसल (harvested crop) को सुखाने का काम खेत (field) या थ्रेशिंग फ्लोर (threshing floor) पर सूरज की विकिरण ऊर्जा (radiant energy) द्वारा किया जाता है। इसमें कोई खर्च शामिल नहीं है। एक समान सुखाने (uniform drying) को प्राप्त करने के लिए, बीज को पतली परत (thin layer) में फैलाया जाना चाहिए। 17% से अधिक नमी वाले उच्च नमी वाले बीज (High moisture content seed) को पहले छाया / प्रकाश (shade / light) में सुखाया जाना चाहिए ताकि नमी की मात्रा 17% से कम हो जाए और फिर तेज धूप (heavy sun) यानी दोपहर में सुखाना (noon drying) चाहिए। धूप में सुखाए गए बीजों (Sun dried seeds) को रात के दौरान फर्श पर खुला नहीं रहने दिया जाना चाहिए, क्योंकि बीज हवा से नमी (moisture from air) को सोख लेंगे। नमी की मात्रा को 10-12% तक कम करने के लिए 2-4 दिन लगते हैं। सीधी धूप (Direct sunlight) भी बीज के अंकुरण (seed germinability) पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है क्योंकि उच्च तापमान (high temperature) और पराबैंगनी विकिरण (ultraviolet radiation) होता है, खासकर यदि बीज की नमी अधिक हो।
फायदे (Advantages)
नुकसान (Disadvantages)
मजबूर हवा सुखाने (forced air drying) में, प्राकृतिक हवा (natural air) या गर्मी (heat) के साथ पूरक हवा को बीज की एक परत के माध्यम से तब तक उड़ाया जाता है जब तक कि सुखाने का काम पूरा न हो जाए।
आम तौर पर साधारण बीज गोदामों (ordinary seed godowns) में हवा के मुक्त संचार (free movement of air circulation) के लिए दो प्रकार के वेंटिलेटर (ventilators) प्रदान किए जाते हैं। आधुनिक गोदामों में, एक इलेक्ट्रॉनिक ब्लोअर (electronic blower) की मदद से हवा के जबरन संचार (forcible circulation of air) के लिए प्रावधान किए जाने हैं। बाहरी हवा (outside air) जो तुलनात्मक रूप से शुष्क होती है, उसे गोदाम में प्रसारित किया जाता है और इस प्रकार इस प्रक्रिया में बीज सूख जाते हैं। यह केवल शुष्क महीनों (dry months) में ही संभव है।
दो प्रकार के ड्रायर (driers) का उपयोग किया जाता है: बैच ड्रायर (batch) और निरंतर प्रवाह ड्रायर (continuous flow driers)।
a) बैच ड्रायर (Batch dryers)
बैच ड्रायर (batch drier) में, अपेक्षाकृत शुष्क हवा (relatively dry air) को बीज की एक परत के माध्यम से उड़ाया जाता है जब तक कि बीज पूरी तरह से सूख न जाए, जिसके बाद इसे हटा दिया जाता है और बीज के एक और बैच (another batch) द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है। यह विधि सरल है और बीजों की कम मात्रा के लिए अच्छी तरह से अनुकूल है, आसान सफाई (easy cleaning) की अनुमति देती है और खेत पर सुखाने (farm drying) के लिए अनुशंसित है।
क्षैतिज ड्रायर (horizontal drier) में, बीज को एक बॉक्स या कक्ष (chamber) में एक छिद्रित तल (perforated floor) के साथ रखा जाता है जिसके माध्यम से हवा को उड़ाया जाता है। हवा की नलिकाओं (Air ducts) को खलिहान के फर्श (barn floor) में स्थापित किया जा सकता है और सूखने वाले बीज को उन पर ढेर कर दिया जा सकता है।
एक संशोधित सैक ड्रायर (modified sack drier) में, बुने हुए बोरे (woven sack) में रखे बीज को एक ग्रिड (grid) पर रखा जाता है जिसके माध्यम से हवा उड़ाई जाती है। फर्श के नीचे हवा को उड़ाने के लिए व्यवस्थित उठाए गए छिद्रित तल (raised perforated floor) वाले एक बेलनाकार भंडारण बिन (cylindrical storage bin) का भी उपयोग किया जा सकता है.
एक ऊर्ध्वाधर बैच ड्रायर (vertical batch drier) में दो संकेंद्रित छिद्रित सिलेंडर (concentric perforated cylinders) होते हैं। दोनों सिलेंडरों के बीच का स्थान बीज से भर जाता है और हवा को भीतरी सिलेंडर (inner cylinder) में उड़ा दिया जाता है जहाँ से यह बीज से बाहर की ओर जाती है। बैच का आकार सुखाने की दर (drying rate) को निर्धारित करता है।
क्षैतिज बैच ड्रायर (horizontal batch drier) में, सबसे नीचे का बीज पहले सूखता है, जिसमें सूखा क्षेत्र (dry zone) धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ता है। सबसे ऊपरी बीज (uppermost seed) के सुखाने में अनुचित देरी हो सकती है यदि बीज की परत बहुत मोटी है या वायु प्रवाह (airflow) अपर्याप्त है। बीज की परत 3m की गहराई से अधिक नहीं होनी चाहिए और उच्च नमी वाले चारा बीज (high moisture forage seed) के लिए, इसे 1m या उससे कम तक कम किया जाना चाहिए। यदि बीज को भंडारण बिन (storage bin) में सुखाया जाता है, तो सूखे बैच के ऊपर बिना सूखे बीज (undried seed) की एक परत डाली जा सकती है और सुखाने का काम जारी रखा जा सकता है, लेकिन तभी जब बीज पहले से ही काफी सूखा हो और हवा बहुत गर्म न हो। दो चरणों (two stages) में सुखाने से बीज के नुकसान से भी बचा जा सकता है। पहले बैच के आंशिक रूप से सूखने (partially dried) के बाद, निकलने वाली हवा को दूसरे कक्ष (chamber) में रखे गए दूसरे बैच के माध्यम से गुजारा जाता है, दूसरे बैच के साथ प्रक्रिया को दोहराते हुए और इसी तरह।
एक बैच के माध्यम से उड़ाई गई हवा बहुत गर्म नहीं होनी चाहिए, क्योंकि नीचे का बीज (bottom seed) प्रवेश करने वाली गर्म हवा (entering hot air) के सीधे संपर्क से अधिक गरम (overheated) हो सकता है। यह अक्सर हवा को बिल्कुल भी गर्म करने के लिए आवश्यक नहीं होता है, और परिवेश के तापमान (ambient temperature) से 10°C से कम गर्म करना बहुत प्रभावी हो सकता है, लेकिन उष्णकटिबंधीय (tropics) में गर्म आर्द्र दिन पर परिवेश के तापमान से कुछ डिग्री ऊपर भी बीजों को नुकसान पहुंचा सकता है। इन परिस्थितियों में डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifiers) का उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है।
एक उचित सुखाने की दर (appropriate drying rate) बहुत महत्वपूर्ण है। बहुत तेजी से सुखाने (too rapid drying) से बीज को नुकसान हो सकता है क्योंकि सुखाने का तापमान (drying temperature) अधिक होता है या बीज से पानी का तेजी से नुकसान (quick loss of water) होता है। धीमी गति से सुखाने (slow drying) का मतलब उच्च तापमान (higher temperature) पर लंबे समय तक उच्च नमी वाले बीज (high moisture seed) को बनाए रखना हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप बीज खराब (deterioration of seed) हो सकते हैं।
2) निरंतर प्रवाह ड्रायर (Continuous flow dryers)
इस प्रकार के ड्रायर में, बीज क्षैतिज या लंबवत रूप से (horizontally or vertically) गर्म हवा की धारा (stream of hot air) के माध्यम से और फिर एक शीतलन कक्ष (cooling chamber) में जाते हैं। हालांकि कल्टीवेटर (cultivar) में परिवर्तन होने पर इन ड्रायरों को साफ करना मुश्किल होता है। ये ड्रायर बैच ड्रायर (batch dries) की तुलना में हवा के तापमान (air temperature) का अधिक उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि बीज को बहुत कम समय के लिए गर्म किया जाता है।
i) L.S.U. ड्रायर (Louisiana State University dryers)
यह एक सतत स्तंभ गर्म हवा ड्रायर (continuous column heated air drier) है जिसका उपयोग मुख्य रूप से धान (paddy) के लिए किया जाता है। धान के बीज (paddy seeds) को गुरुत्वाकर्षण बल (gravity force) की मदद से ज़िग ज़ैग तरीके (zig zag manner) से ऊपर से खिलाया जाता है और गर्म हवा (heated air) को नीचे से उड़ाया जाता है जो आमतौर पर बीज की गति की दिशा के समकोण (right angles) पर होती है। गिरने वाले बीज (falling seeds) गर्म हवा से सूख जाते हैं और यह प्रक्रिया नमी की मात्रा (moisture content) को अपेक्षित स्तर तक कम करने के लिए दोहराई जाती है।
ii) गैर-मिश्रण स्तंभ ड्रायर (Non mixing column dryer)
इन ड्रायरों में एक लंबा ऊर्ध्वाधर स्तंभ (tall vertical column) होता है जिसके माध्यम से धान (paddy) गुरुत्वाकर्षण (gravity) द्वारा बहता है। धान के बहने पर उसे हिलाने (agitating) का कोई प्रावधान नहीं किया जाता है और इसलिए धान को सीधे रास्ते (straight path) से चलाने का कोई प्रयास नहीं किया जाता है। धान धीरे-धीरे दो समानांतर स्क्रीन (parallel screens) के बीच उतरता है और स्क्रीन के माध्यम से गर्म हवा को मजबूर किया जाता है।
बिन ड्रायर पर लाभ (Advantages over bin dryers)
यांत्रिक सुखाने के लाभ (Advantages of mechanical drying)
नुकसान (Disadvantages)
बीज सुखाने की प्रणाली के लिए भवन की आवश्यकताएं (Building requirements) संचालन के आकार (size of operation), सुखाए जाने वाले विभिन्न बीजों की संख्या (number of different seeds), यंत्रीकरण के वांछित स्तर (level of mechanization desired) और भविष्य के विस्तार (future expansion) पर निर्भर करती हैं। मजबूर हवा के साथ सुखाए जाने वाले बीजों को संभालने के लिए विभिन्न प्रकार और आकार की भंडारण संरचनाएं (storage structures) बनाई जा सकती हैं। ये स्टील (steel), लकड़ी (wood), प्लाइवुड (plywood) या कंक्रीट (concrete) से बनी हो सकती हैं और ये आकार में बेलनाकार (cylindrical) या आयताकार (rectangular) हो सकती हैं। संरचना के प्रकार के बावजूद, बीज के भंडारण में मजबूर हवा से सुखाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सभी भंडारण डिब्बे (storage bins) में निम्नलिखित विशेषताएं होनी चाहिए:
अग्रवाल (Agrawal) ने बीज सुखाने के लिए उपयोग किए जाने वाले तीन प्रकार के वायु-वितरण प्रणालियों (air-distribution systems) का वर्णन किया:
a) मुख्य और पार्श्व डक्ट प्रणाली (main and lateral duct system)
b) एक एकल केंद्रीय छिद्रित डक्ट (single central perforated duct) और
c) छिद्रित झूठी मंजिल प्रणाली (perforated false floor system)।
सुखाने के लिए एकाधिक बिन भंडारण संरचनाओं (Multiple bin storage structures) का निर्माण इस तरह किया जा सकता है कि उन्हें एक ही सुखाने वाले प्रशंसकों (drying fans) का उपयोग करके एक साथ (simultaneously) कई बीज लॉट सुखाने में सक्षम किया जा सके। वैकल्पिक रूप से, स्लाइडिंग एयर गेट्स (sliding air gates) के साथ संबंधित डिब्बे (respective bins) में हवा के प्रवाह को नियंत्रित करते हुए विभिन्न बीज लॉट को क्रमिक रूप से (successively) सुखाया जा सकता है। एक से अधिक प्रकार के बीज को एक साथ सुखाने के लिए एक एकाधिक बिन व्यवस्था (multiple bin arrangement) विशेष रूप से उपयोगी है।
गर्म हवा वाले ड्रायर (Heated air driers) में (a) एक हीटर इकाई (heater unit) होती है जहाँ ईंधन जलाया जाता है और (b) गर्म हवा (heated air) को कैनवास कनेक्टिंग डक्ट (canvas connecting duct) के माध्यम से सुखाने वाले बिन (drying bin) के वायु वितरण प्रणाली (air distribution system) में धकेलने के लिए एक पंखा (fan) होता है। स्वचालित थर्मोस्टेटिक उच्च सीमा तापमान नियंत्रण (automatic thermostatic high limit temperature control) जैसी सुरक्षा सुविधाएँ (Safety features), जो हवा का तापमान एक निश्चित सुरक्षित अधिकतम (safe maximum) से अधिक होने पर बर्नर की लौ (burner flame) को काट देती हैं, और लौ विफलता नियंत्रण (flame failure control), जो लौ बुझने पर स्वचालित रूप से बर्नर में ईंधन के प्रवाह (fuel flow) को काट देता है, प्रदान की जाती हैं। एक थर्मोस्टैट (thermostat) भी स्वचालित रूप से (automatically) एक वांछित सेटिंग (desired setting) पर हवा के तापमान को बनाए रख सकता है। कई ड्रायर में, इस तरह के थर्मोस्टैट (thermostats) एक मानक सुविधा (standard feature) के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
दो मुख्य प्रकार के ड्रायर उपलब्ध हैं, जो इस बात में भिन्न होते हैं कि हवा को गर्मी (heat) कैसे प्रदान की जाती है। प्रत्यक्ष रूप से संचालित (Direct fired) और अप्रत्यक्ष रूप से संचालित (indirect fired)। एक डायरेक्ट फायर ड्रायर (direct fired drier) में, ईंधन जलाया जाता है और गर्म दहन गैसों (hot combustion gases) को सीधे वायु वितरण प्रणाली (air distribution system) में फेंक दिया जाता है। हालांकि गर्मी (heat) का बहुत कुशलता से (efficiently) उपयोग किया जाता है, लेकिन बीज में कालिख (soot), बिना जले ईंधन (unburned fuel) और आपत्तिजनक धुएं (objectionable fumes) के उड़ने की संभावना होती है। बर्नर (burner), इसलिए, ईंधन को पूरी तरह से जलाने (burn the fuel completely) के लिए ठीक से समायोजित करने की आवश्यकता होती है। कुछ ईंधनों के साथ, बीज में छोटी चिंगारी (small sparks) उड़ने का भी खतरा होता है।
अप्रत्यक्ष रूप से चलने वाले ड्रायर (indirect fired driers) में, गर्म दहन गैसें (hot combustion gases) एक कक्ष (chamber) में जाती हैं। सुखाने वाली हवा (drying air) इस कक्ष के चारों ओर घूमती है और गर्म हवा की भट्टी (hot air furnace) की तरह गर्मी उठाती है। सुखाने वाली हवा में इस प्रकार दहन गैसें (combustion gases), चिंगारी (sparks), कालिख (soot) या धुआं (fumes) शामिल नहीं होता है। ये ड्रायर गर्मी (heat) के उपयोग में कम कुशल (less efficient) होते हैं, लेकिन सीधे चलने वाले (direct fired) प्रकारों की तुलना में अधिक सुरक्षित (safer) होते हैं।
ड्रायर को विभिन्न प्रकार के ईंधन (विभिन्न प्रकार के ईंधनों) जैसे कि तरल प्रोपेन (liquid propane) या ब्यूटेन (butane), प्राकृतिक गैस (natural gas), ईंधन तेल (fuel oil) और कोयला (coal) को जलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। तरल प्रोपेन (liquid propane) और प्राकृतिक गैस (natural gas) दोनों कम से कम कालिख (minimum soot) के साथ आसानी से जलते हैं और प्रत्यक्ष ड्रायर (direct driers) के लिए सबसे अच्छे ईंधन हैं और अप्रत्यक्ष रूप से चलने वाले ड्रायर (indirect fired driers) के लिए मिट्टी का तेल (kerosene oil) बेहतर है।
दो महत्वपूर्ण पहलू (Two important aspects) जिन पर उपयुक्त फसल ड्रायर (crop drier) की आवश्यकताओं की गणना करते समय विचार किया जाना चाहिए, वे हैं आवश्यक वायु प्रवाह मात्रा (required air flow volume) और निर्दिष्ट वांछित दर (specified desired rate) पर बीजों को सुखाने के लिए ताप क्षमता (heat capacity - BTU/hr)। पंखे की आवश्यकताओं (fan requirements) की गणना एक दी गई सुखाने की गहराई पर बीज के स्थैतिक दबाव (static pressure) पर कुल वायु प्रवाह (total air flow) को जानकर की जा सकती है और हीटर की आवश्यकता (heater requirement) का अनुमान प्रति घंटे (per hour) बीज से निकाले जाने वाले पानी की मात्रा की गणना करके लगाया जाता है। इन गणनाओं के आधार पर, एक उपयुक्त फसल ड्रायर (suitable crop drier) का चयन न्यूनतम आवश्यक वायुप्रवाह मात्रा (minimum required airflow volume) (बिन क्षमता x वायु प्रवाह दर - bin capacity x air flow rate) और BTU/hr में ताप क्षमता (heat capacity) प्रदान करने के लिए किया जा सकता है।
अग्रवाल (Agrawal) ने गर्म किए गए ड्रायर (heated driers) के प्रकारों को लेयर-इन-बिन (layer-in-bin), बैच-इन-बिन (batch-in-bin), बैच (batch) और निरंतर ड्रायर (continuous driers) के रूप में वर्गीकृत (categorized) किया और उनके कार्यों (functions) का वर्णन किया।
सरगर्मी उपकरण (Stirring devices) बीज को ढीली भरने की स्थिति (loose fill condition) में रखते हैं, जिससे नीचे की परतों (bottom layers) के माध्यम से आसान वायुप्रवाह (easy airflow) होता है। इस तरह के तंत्र (mechanisms) आग (fires) और कचरा (trash) की जेबों (pockets) को तोड़कर और लगातार मिश्रण (constant mixing) से बीज को मिलाकर असमान सुखाने (uneven drying) (या अधिक सुखाने - over drying) की समस्याओं को कम करते हैं।
गर्म हवा से सुखाने (drying by heated air) के दौरान बीज के ऊपर और नीचे की परतों (top and bottom layers) के बीच सुखाने की डिग्री में बड़े अंतर (Large differences) देखे गए हैं। इसलिए, इन अंतरों को कम करने और नीचे की परत के अति ताप (overheating) से बचने के लिए उथली गहराई (shallow depths) पर बीज को सुखाने की सलाह (advisable) दी जाती है। अग्रवाल (Agrawal) ने डिब्बे (bins) में विभिन्न फसल प्रजातियों (different crop species) के बीज के बैच सुखाने (batch drying) के लिए अधिकतम बीज की गहराई (maximum seed depths) और तापमान (temperatures) की सिफारिश (recommended) की है।
| फसल का बीज (Crop seed) | अधिकतम गहराई (Maximum depth (cm)) | अनुशंसित अधिकतम तापमान (Recommended maximum temperature (0C)) |
|---|---|---|
| खोल वाला मक्का (Shelled corn) | 50.8 (20 in) | 43.3 (110 °F) |
| गेहूँ (Wheat) | 50.8 (20 in) | 43.3 (110 °F) |
| जौ (Barely) | 50.8 (20 in) | 40.4 (105 °F) |
| जई (Oats) | 91.4 (36 in) | 43.3 (110 °F) |
| चावल (Rice) | 45.7 (18 in) | 43.3 (110 °F) |
| सोयाबीन (Soyabean) | 50.8 (20 in) | 43.3 (110 °F) |
| मूंगफली (Peanuts) | 152.4 (60 in) | 32.2 (90 °F) |
| अनाज ज्वार (Grain Sorghum) | 50.8 (20 in) | 43.3 (110 °F) |
गर्म हवा के सुखाने (Heated air drying) के लिए वायुप्रवाह की उच्च दर (higher rates of airflow) की आवश्यकता होती है, क्योंकि पानी तेजी से वाष्पित (evaporated faster) हो जाता है और इसे दूर ले जाने के लिए अधिक हवा (more air) की आवश्यकता होती है। उच्च वायु प्रवाह दर (higher air flow rate) बीज के ऊपर और नीचे की परतों को अधिक समान सुखाने (more uniform drying) को भी सुनिश्चित करती है, अनुशंसित तापमान (recommended temperatures) पर सुखाने को बहुत तेजी से (much faster) पूरा करती है।
गर्म हवा के साथ बीज के बिन सुखाने (bin drying) की सामान्य प्रक्रिया (general procedure) में बीज को अनुशंसित गहराई (recommended depth) तक बिन में चार्ज करना शामिल है। ड्रायर (drier) को वांछित तापमान सेट करने के लिए मैनुअल (manual) या थर्मोस्टैटिक नियंत्रण (thermostatic controls) का उपयोग करके बीज के अनुशंसित तापमान (recommended temperature) पर संचालित किया जाता है। सुखाने का काम पूरा होने के बाद, बीज को परिवेश के तापमान (ambient temperature) में लाने के लिए गर्मी (heat) के बिना कुछ समय के लिए बीज के माध्यम से हवा (air) को उड़ाना जारी रखा जाता है।
गर्म हवा के साथ बैच सुखाने (batch drying) के कुछ रूपों में वैगन सुखाने (wagon drying), बैग सुखाने (bag drying) और बॉक्स सुखाने (box drying) शामिल हैं। वैगन सुखाने (wagon drying) में, बीज को सीधे वैगन (wagon) पर लादा जाता है जो विशेष रूप से सुखाने के लिए बनाया गया है। वैगन को फिर ड्रायर इकाई (drier unit) की ओर खींचा जाता है और कैनवास वितरण वाहिनी (canvas distribution duct) से जोड़ा जाता है। वैगन के फर्श (wagon floor) में छिद्रों (perforations) के माध्यम से हवा को ऊपर धकेलने से बीज सूख जाता है। सुखाने के बाद, वैगन (wagon) को कैनवास वाहिनी (canvas duct) से काट दिया जाता है और बीज को भंडारण डिब्बे (storage bins) तक ले जाने वाले पंखे (fan) से ठंडा किया जाता है। वैगन सुखाने (Wagon drying) निरंतर सुखाने (continuous drying), बहुमुखी प्रतिभा (versatility), आसान सफाई (easy cleaning) और कम प्रारंभिक लागत (low initial cost) प्रदान करता है।
एक साथ बीज की कम मात्रा (smaller quantities of seed) की कई किस्मों को संभालने के लिए बैग सुखाने (Bag drying) एक और उपयुक्त रूप (suitable variation) है। जूट के थैलों (jute bags) में प्राप्त बीज न्यूनतम स्थैतिक दबाव (minimum static pressure) के साथ वायुप्रवाह (airflow) के संपर्क में आता है, क्योंकि सुखाने वाला बिस्तर (drying bed) केवल एक बोरी गहरा (one sack deep) होता है। विशिष्ट डिजाइन मानदंड (Typical design criteria) 3 सेमी कम (3cm less) के स्थिर दबाव (static pressure) पर 25 - 40 घन मीटर हवा/मिनट/घन मीटर बीज (25 - 40m3 of air/min/m3 seed) प्रदान करते हैं। निर्माण सरल (simple) और सस्ता (inexpensive) है।
एक बॉक्स ड्रायर (box drier) संशोधित बैग ड्रायर (modified bag drier) है जिसे मूल (basic) या आधार बीज (foundation seed) की कम मात्रा को सुखाने के लिए अच्छी तरह से अपनाया गया है। बॉक्स ड्रायर के साथ, हैंडलिंग (handling) के बावजूद छोटे बीज लॉट (small seed lots) की पहचान (identity) बनाए रखना संभव है। बक्से (boxes) स्थानीय रूप से उपलब्ध सामग्री (locally available materials) से बनाए जा सकते हैं, जिन्हें छिद्रित धातु (perforated metal) या बुने हुए तार (woven wire) के बॉटम्स के साथ लगाया जाता है।
बीज को आमतौर पर गर्म हवा (heated air) के साथ चरणों (stages) में सुखाया जाता है, प्रत्येक चरण में ड्रायर (drier) के माध्यम से एक पास (pass) होता है। पास (passes) के बीच में बीज को भंडारण के डिब्बे (storage bins) में एक संतुलन अवधि (equilibrium period) के लिए संग्रहित किया जाता है जिसे टेम्परिंग अवधि (tempering period) के रूप में जाना जाता है। तड़के (tempering) की यह अवधि कुल सुखाने के समय (total drying time) को कम कर देती है। सुखाने के दौरान, सतह की नमी (surface moisture) हटा दी जाती है और आंतरिक नमी (internal moisture) वाष्पीकरण (evaporation) की तुलना में धीमी गति से सतह (surface) की ओर बढ़ती है, और कर्नेल (kernel) में नमी प्रवणता (moisture gradient) विकसित होती है। बाहर का हिस्सा अंदर की तुलना में अधिक सूख जाता है और वाष्पीकरण दर (evaporation rate) कम हो जाती है। टेम्परिंग के दौरान (During tempering), नमी एकाग्रता (moisture concentration) कर्नेल (kernel) में बराबर (equalizes) हो जाती है और फिर सतह की नमी का वाष्पीकरण (evaporation of surface moisture) सुखाने की शुरुआत की तरह ही तीव्र (rapid) हो जाता है।
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