15. मटर की उत्पत्ति, क्षेत्रफल, उत्पादन, किस्में एवं सस्य प्रबंधन (ORIGIN, AREA, PRODUCTION, VARIETIES, PACKAGE OF PRACTICES FOR PEAS)
वानस्पतिक विवरण, कुल एवं आर्थिक महत्व (Botany, Family & Economic Importance)
उद्यान मटर / टेबल मटर (Garden Pea): Pisum sativum L. var. hortense (गुणसूत्र संख्या: $2n = 14$), कुल: फैबेसी / लेग्युमिनोसी (Fabaceae / Leguminosae) (हिंदी: मटर)।
मटर भारत की अत्यंत लोकप्रिय और पोषक तत्वों से भरपूर शीतकालीन दलहनी सब्जी फसल है। यह प्रोटीन ($7.2\text{ g} / 100\text{ g}$), कार्बोहाइड्रेट, विटामिन 'A', 'C', फास्फोरस और खनिजों का उत्कृष्ट स्रोत है। इसके कोमल हरे दानों को ताजी सब्जी, डिब्बाबंद (canning), सुखाकर और फ्रोजन (dehydrated & frozen peas) रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। मटर की जड़ें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (biological nitrogen fixation) करके भूमि की उर्वरता को बढ़ाती हैं।
पुष्प एवं परागण: पुष्प विशिष्ट तितलीनुमा (papilionaceous) होते हैं। मटर पूर्णतः स्व-परागित (strictly self-pollinated / Cleistogamous) फसल है, जिसमें पुष्प खिलने से पहले ही बंद अवस्था में परागण संपन्न हो जाता है। जायांग एक-अंडपी (monocarpellary) होता है जिसमें $10-12$ बीजांड होते हैं।
वर्गीकरण एवं किस्में (Horticultural Classification of Peas)
A. उपयोग एवं बीज के स्वभाव के आधार पर:
- उद्यान मटर / टेबल मटर (Garden Pea - Pisum sativum var. hortense): बीज पकने पर झुर्रीदार (wrinkled seeded), चीनी की मात्रा अधिक (मीठे दाने), सफेद फूल। ताजी सब्जी व प्रसंस्करण हेतु।
- क्षेत्रीय मटर / दाल मटर (Field Pea - Pisum sativum var. arvense): बीज गोल व चिकने (round & smooth), दाल व चारे हेतु, फूल रंगीन (बैंगनी/गुलाबी)।
- संपूर्ण फली खाने योग्य मटर / स्नैप मटर (Edible-podded / Sugar Snap Pea - Pisum sativum var. macrocarpon): फलियों में आंतरिक चर्मिल परत (parchment layer) नहीं पाई जाती, अतः पूरी हरी फली को छिलके सहित खाया जाता है (जैसे किस्म 'सिल्विया' - Sylvia)।
B. पौधे की ऊंचाई के आधार पर किस्में:
- बौनी किस्में (Dwarf types - ऊंचाई $30-45\text{ cm}$): अगेती तैयार होने वाली, सहारे की आवश्यकता नहीं। उदाहरण: अर्का अजीत, अर्ली बेजर, मेटियोर, असाउजी, पूसा प्रगति, जवाहर मटर 3, जवाहर मटर 4, मटर अगेता-6।
- मध्यम लंबी किस्में (Medium tall types - ऊंचाई $60-90\text{ cm}$): मध्यम मौसम। उदाहरण: बोनविले (Bonneville), अर्का प्रिया, आजाद पी-1, लिंकन, जवाहर मटर 1, जवाहर मटर 2।
- लंबी किस्में (Tall / Climbing types - ऊंचाई $>1.5\text{ m}$): पछेती, मचान/तार का सहारा आवश्यक। उदाहरण: पूसा पन्ना, वीएल मटर 3।
प्रमुख उन्नत किस्में (Improved Varieties)
| किस्म का नाम (Variety) |
विकसित संस्था |
परिपक्वता वर्ग |
प्रमुख विशेषताएं (Special Features) |
| अर्का अजीत (Arka Ajit) |
IIHR, बैंगलोर |
मध्यम-पछेती |
चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew) एवं रस्ट प्रतिरोधी। फली दानेदार, उपज $10-12\text{ t/ha}$। |
| बोनविले (Bonneville) |
विदेशी किस्म |
मध्यम मौसम ($85-90\text{ दिन}$) |
भारत में सबसे लोकप्रिय किस्म। फलियां जोड़ी में, प्रति फली $7-8$ मीठे दाने। उपज $10-12\text{ t/ha}$। |
| पूसा प्रगति (Pusa Pragati) |
IARI, नई दिल्ली |
अगेती ($60-65\text{ दिन}$) |
फलियां लंबी, आकर्षक हरी, दाने मीठे। उपज $8-10\text{ t/ha}$। |
| अर्ली बेजर (Early Badger) |
IARI |
अगेती ($50-60\text{ दिन}$) |
बौनी किस्म, फलियां मध्यम, शेलिंग प्रतिशत $45\%$। उपज $6-7\text{ t/ha}$। |
| जवाहर मटर 1 एवं 2 (JM-1, JM-2) |
JNKVV, जबलपुर |
मध्यम मौसम |
मध्य प्रदेश एवं उत्तर भारत हेतु अत्यधिक उपयुक्त। उपज $10-12\text{ t/ha}$। |
| आजाद पी-1 (Azad P-1) |
CSAUAT, कानपुर |
मध्यम मौसम |
फलियां गहरे हरे रंग की, $8-9$ दाने प्रति फली। उपज $10\text{ t/ha}$। |
| सिल्विया (Sylvia) |
IARI |
संपूर्ण फली खाने योग्य |
बिना रेशे वाली मीठी फली, सब्जी व सलाद हेतु उत्तम। उपज $10\text{ t/ha}$। |
जलवायु, मृदा एवं सस्य क्रियाएं (Package of Practices)
- जलवायु: मटर एक अत्यंत संवेदनशील शीतकालीन (cool season) फसल है। बीज अंकुरण हेतु अनुकूलतम तापमान $15 - 22^\circ\text{C}$ तथा वानस्पतिक वृद्धि व पुष्पन हेतु $13 - 18^\circ\text{C}$ सर्वोत्तम होता है। पुष्पन के समय पाला (frost) पड़ने पर फूल व फलियां नष्ट हो जाती हैं तथा उच्च तापमान पर दाने समय से पूर्व कड़े व कम मीठे हो जाते हैं।
- बुवाई का समय:
• अगेती फसल: अक्टूबर का प्रथम पखवाड़ा।
• मुख्य मौसम फसल: अक्टूबर का अंतिम सप्ताह से नवंबर का मध्य।
• पहाड़ी क्षेत्रों में: मार्च-मई।
- बीज दर एवं बीजोपचार (Seed Rate & Treatment):
• अगेती किस्में: $100 - 120\text{ kg/ha}$ (कम फैलाव के कारण सघन बुवाई)।
• मध्यम एवं पछेती किस्में: $80 - 90\text{ kg/ha}$।
• राइजोबियम उपचार: बुवाई से पूर्व बीजों को Rhizobium leguminosarum कल्चर ($250\text{ g} / 10\text{ kg}$ बीज) से उपचारित करने पर नाइट्रोजन स्थिरीकरण बढ़ता है। फफूंद से बचाव हेतु थीरम या बाविस्टिन ($2\text{ g/kg}$) लगाएं।
- अंतरण / दूरी (Spacing):
• अगेती किस्में: $30 \times 7.5\text{ cm}$ या $30 \times 10\text{ cm}$।
• मध्यम एवं पछेती किस्में: $45 \times 10\text{ cm}$।
- खाद एवं उर्वरक: FYM $15-20\text{ t/ha}$ + N:P:K = $25-30:60-70:50-60\text{ kg/ha}$। दलहनी फसल होने के कारण नाइट्रोजन की कम मात्रा (स्टार्टर डोज) दी जाती है जबकि फास्फोरस जड़ों और ग्रंथियों के विकास हेतु आवश्यक है।
- सिंचाई एवं निराई: पहली सिंचाई पुष्पन से पूर्व (बुवाई के 30-35 दिन बाद) तथा दूसरी सिंचाई फली बनने (pod filling stage) के समय करें। खरपतवार नियंत्रण हेतु पेंडीमेथालिन ($1.0\text{ kg a.i./ha}$) का प्री-इमर्जेंस छिड़काव करें। $30$ दिन बाद हल्की निराई व मिट्टी चढ़ाना (earthing up) करें।
तुड़ाई, परिपक्वता, शेलिंग प्रतिशत एवं उपज (Harvesting, Maturity & Yield)
- तुड़ाई: फलियों की तुड़ाई तब की जाती है जब फलियां पूरी तरह भर जाएं, हरी और आकर्षक हों तथा दाने कोमल व मीठे हों। बाजार हेतु तुड़ाई सुबह के समय हाथ से की जाती है। फसल में $3 - 4$ बार तुड़ाई होती है।
- कैनिंग एवं प्रसंस्करण हेतु परिपक्वता: प्रसंस्करण उद्योग हेतु मटर की कोमलता को 'टेंडरोमीटर' (Tenderometer) नामक यंत्र द्वारा मापा जाता है। प्रसंस्करण हेतु आदर्श टेंडरोमीटर मान $90 - 120$ होना चाहिए।
- शेलिंग प्रतिशत (Shelling Percentage): कुल फली के वजन में दानों का प्रतिशत $45 - 50\%$ होना उत्कृष्ट माना जाता है।
- उपज:
• अगेती किस्में: $6.0 - 8.0\text{ t/ha}$ हरी फलियां।
• मध्यम एवं मुख्य मौसम किस्में: $10.0 - 14.0\text{ t/ha}$ हरी फलियां।
प्रमुख रोग एवं कीट प्रबंधन (Pests and Diseases)
प्रमुख रोग:
- चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew - Erysiphe pisi): मटर का सबसे विनाशकारी रोग जो शुष्क मौसम में पत्तियों, तनों और फलियों पर सफेद चूर्ण के रूप में फैलता है। नियंत्रण: प्रतिरोधी किस्में (अर्का अजीत, रचना) उगाएं। घुलनशील गंधक ($2\text{ g/l}$) या कैराथेन ($1\text{ ml/l}$) का छिड़काव करें।
- मटर का रस्ट / गेरुई (Rust - Uromyces fabae): पत्तियों और तनों पर पीले-भूरे रंग के फफोले (pustules) बनना। नियंत्रण: मेंकोजेब ($2.5\text{ g/l}$) का छिड़काव करें।
- उकठा रोग (Wilt - Fusarium oxysporum f.sp. pisi): संवहनी बंडलों का भूरा होना और पौधा सूखना। नियंत्रण: फसल चक्र, बीजोपचार।
प्रमुख कीट:
- मटर की तना मक्खी (Pea Stem Fly - Ophiomyia phaseoli): अंकुरण के समय तने में छेद कर पौधा सुखा देती है। नियंत्रण: फोरेट 10G दाने बुवाई के समय मृदा में डालें।
- फली छेदक (Pod Borer - Helicoverpa armigera): फलियों में छेद कर दानों को खाती है। नियंत्रण: स्पिनोसैड ($0.3\text{ ml/l}$) का छिड़काव।
- मटर का माहू (Pea Aphid - Acyrthosiphon pisum): रस चूसना। नियंत्रण: डाइमेथोएट ($1.5\text{ ml/l}$) का छिड़काव।
समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)
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उद्यान मटर (Garden pea) का वानस्पतिक नाम क्या है?
(a) Pisum sativum var. hortense (सही उत्तर)
(b) Pisum sativum var. arvense
(c) Phaseolus vulgaris
(d) Vigna unguiculata
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मटर में परागण का स्वभाव कैसा होता है?
(a) पर-परागित (Cross-pollinated)
(b) पूर्णतः स्व-परागित (Strictly self-pollinated / Cleistogamous - सही उत्तर)
(c) बहुधा पर-परागित
(d) वायु परागित
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मटर की कौन सी किस्म चूर्णिल आसिता (Powdery mildew) के प्रति प्रतिरोधी है?
(a) बोनविले
(b) अर्का अजीत (Arka Ajit - सही उत्तर)
(c) अर्ली बेजर
(d) असाउजी
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मटर की संपूर्ण फली खाने योग्य (Edible-podded) बिना रेशे वाली किस्म कौन सी है?
(a) सिल्विया (Sylvia - सही उत्तर)
(b) आजाद पी-1
(c) पूसा प्रगति
(d) जवाहर मटर 1
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मटर की प्रसंस्करण / कैनिंग हेतु कोमलता किस यंत्र से मापी जाती है?
(a) रिफ्रैक्टोमीटर
(b) टेंडरोमीटर (Tenderometer - सही उत्तर)
(c) पेनेट्रोमीटर
(d) लैक्टोमीटर
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अस्वीकरण (Disclaimer):
यह स्टडी मटेरियल ICAR के मूल कंटेंट का हिंदी अनुवाद है। हम इसकी पूर्ण सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं हैं। यह फाइल अभी केवल
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