19. मूली की उत्पत्ति, क्षेत्रफल, उत्पादन, किस्में एवं सस्य प्रबंधन (ORIGIN, AREA, PRODUCTION, VARIETIES, PACKAGE OF PRACTICES FOR RADISH)

वानस्पतिक विवरण, कुल एवं रासायनिक संघटन (Botany, Family & Chemistry)

मूली (Radish): Raphanus sativus L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 2x = 18$), कुल: क्रूसीफेरी / ब्रैसीकेसी (Cruciferae / Brassicaceae) (हिंदी: मूली)।

मूली भारत में वर्षभर उगाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय और तीव्र गति से तैयार होने वाली जड़ वाली सब्जी फसल है। इसका खाने योग्य भाग रूपांतरित तर्करूपी मूसला जड़ (modified fusiform tap root) तथा निचला हाइपोकोटाइल होता है। इसके कोमल पत्तों का उपयोग साग व भुर्जी बनाने में तथा जड़ों का उपयोग सलाद, अचार और पकाने में किया जाता है। इसकी हरी फलियों को 'मोंगरी' (Pods / Siliqua / Mongra) कहा जाता है जिसे सब्जी के रूप में पकाया जाता है।

तीखापन (Pungency in Radish): मूली में तीखापन वाष्पशील सल्फर यौगिक आइसोथियोसाइनेट (Isothiocyanates - ट्रांस-4-मिथाइलथायोब्यूटेनिल आइसोथियोसाइनेट) के कारण होता है।

Radish Varieties and Root Morphology
Radish Varieties and Root Morphology
Radish Varieties and Root Morphology
Radish Varieties and Root Morphology
Radish Varieties and Root Morphology
Radish Varieties and Root Morphology

एशियाई बनाम यूरोपीय मूली (Asiatic vs European Types)

विशेषता (Feature) एशियाई / उष्णकटिबंधीय मूली (Asiatic Types) यूरोपीय / शीतोष्ण मूली (European Types)
तापमान सहिष्णुता उच्च तापमान सहिष्णु, गर्मी व वर्षा में भी उगाई जा सकती हैं। केवल ठंडे मौसम ($10 - 15^\circ\text{C}$) में उगाई जाती हैं।
जड़ का आकार एवं स्वाद जड़ें बड़ी ($25-40\text{ cm}$), तीखी, ठोस, भारी वजन वाली ($200-500\text{ g}$)। जड़ें छोटी ($5-10\text{ cm}$), गोल या बेलनाकार, कम तीखी, मीठी।
परिपक्वता अवधि $45 - 60\text{ दिन}$। $25 - 30\text{ दिन}$ (अत्यंत शीघ्र तैयार)।
बीज उत्पादन मैदानी भागों में सरलता से बीज बनता है। पहाड़ी क्षेत्रों में शीत उपचार के बाद ही बीज बनता है।
प्रमुख किस्में पूसा देसी, पूसा चेतकी, पूसा रेशमी, जापानी व्हाइट, अर्का निशांत। पूसा हिमानी, रैपिड रेड व्हाइट टिप्ड, व्हाइट आइसिकल, फ्रेंच ब्रेकफास्ट।

प्रमुख उन्नत किस्में (Improved Varieties)

किस्म का नाम (Variety) संस्था मौसम प्रमुख विशेषताएं (Special Features)
पूसा चेतकी (Pusa Chetki) IARI, नई दिल्ली ग्रीष्म एवं वर्षा ऋतु (अप्रैल-अगस्त) उच्च तापमान ($30-35^\circ\text{C}$) सहिष्णु। जड़ें सफेद, कोमल, $40-45$ दिन में तैयार। उपज $20-25\text{ t/ha}$।
पूसा देसी (Pusa Desi) IARI मध्यम शीतकालीन जड़ें $30-35\text{ cm}$ लंबी, तीखी, संकीर्ण सिरे वाली। उपज $25-30\text{ t/ha}$।
पूसा रेशमी (Pusa Rashmi) IARI अगेती शीतकालीन जड़ें $30-35\text{ cm}$ लंबी, सफेद, मुलायम त्वचा।
जापानी व्हाइट (Japanese White) IARI शीतकालीन जड़ें बेलनाकार, $22-25\text{ cm}$ लंबी, बर्फ जैसी सफेद, हल्का तीखापन। उपज $25-30\text{ t/ha}$।
पूसा हिमानी (Pusa Himani) IARI, कटराईं यूरोपीय प्रकार ग्रीष्म एवं बसंत में उगाने योग्य एकमात्र यूरोपीय किस्म। कंद सफेद, मीठे।
अर्का निशांत (Arka Nishant) IIHR, बैंगलोर अखिल भारतीय जड़ें चिकनी, सफेद, पिथिनेस-मुक्त। उपज $25-30\text{ t/ha}$।
पंजाब पसंद (Punjab Pasand) PAU, लुधियाना अगेती बुवाई के $40-45$ दिन बाद तैयार।

सस्य क्रियाएं (Package of Practices)

प्रमुख कायिकीय विकार (Physiological Disorders in Radish)

  1. पिथिनेस / खोखलापन (Pithiness): जड़ों के अंदर का गूदा सूखा, स्पंजी और खोखला हो जाता है तथा खाने योग्य नहीं रहता। कारण: तुड़ाई में देरी (over-maturity), कंद विकास के समय उच्च तापमान और सिंचाई का अभाव।
  2. आकासिन / भूरा हृदय (Akasin / Brown Heart): जड़ों के केंद्रीय भाग में भूरे-काले धब्बे बनते हैं और कड़वापन बढ़ जाता है। कारण: बोरॉन की कमी (Boron deficiency)
  3. फोर्किंग (Forking): जड़ों का शाखित होना। कारण: सख्त पथरीली मृदा या कच्ची गोबर की खाद।

समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)

  1. मूली में तीखापन किस यौगिक के कारण होता है?
    (a) आइसोथियोसाइनेट (Isothiocyanates - सही उत्तर)
    (b) सोलेनाइन
    (c) क्वेरसेटिन
    (d) कैप्सैसिन
  2. ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल-अगस्त) में उगाने हेतु मूली की सर्वोत्तम किस्म कौन सी है?
    (a) जापानी व्हाइट
    (b) पूसा चेतकी (Pusa Chetki - सही उत्तर)
    (c) पूसा हिमानी
    (d) पूसा देसी
  3. मूली में 'पिथिनेस' (Pithiness) का मुख्य कारण क्या है?
    (a) समय पर तुड़ाई न करना / देरी से तुड़ाई (Over-maturity - सही उत्तर)
    (b) कैल्शियम की कमी
    (c) पाला पड़ना
    (d) अधिक नाइट्रोजन
  4. मूली में बोरॉन की कमी से कौन सा विकार होता है?
    (a) पिथिनेस
    (b) आकासिन / भूरा दिल (Akasin - सही उत्तर)
    (c) फोर्किंग
    (d) विपटेल
  5. मूली की एशियाई किस्मों की सामान्य बीज दर कितनी होती है?
    (a) 2-3 kg/ha
    (b) 8-10 kg/ha (सही उत्तर)
    (c) 15-20 kg/ha
    (d) 25 kg/ha

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