काली मिर्च (Black Pepper): Piper nigrum L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 52$), कुल: पिपेरेसी (Piperaceae) (हिंदी: काली मिर्च / गोल मिर्च)।
काली मिर्च को 'मसालों का राजा' (King of Spices) तथा 'काला सोना' (Black Gold) कहा जाता है। यह भारत का सबसे प्राचीन और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में सर्वाधिक मूल्यवान मसाला है। इसका खाने योग्य भाग सूखे अपरिपक्व सरस फल (dried unripe berries / drupes) होता है जो स्पाइक (spikes) पर लगे होते हैं।
रासायनिक घटक एवं तीखापन:
| किस्म का नाम (Variety) | विकसित संस्था | वंशावली / प्रकार | प्रमुख विशेषताएं (Special Characteristics) |
|---|---|---|---|
| पन्नियूर-1 (Panniyur-1) | काली मिर्च अनुसंधान स्टेशन, पन्नियूर (KAU) | विश्व का प्रथम संकर ($F_1$): उथिरनकोट्टा $\times$ चेरियाकणियक्काडन | लंबे स्पाइक ($15-20\text{ cm}$), सघन दाने, भारी उपजशील ($1200-1500\text{ kg dry pepper/ha}$)। खुले क्षेत्रों हेतु आदर्श। |
| पन्नियूर-2 (Panniyur-2) | KAU, पन्नियूर | क्लोनल चयन (बलनकोट्टा) | छाया सहिष्णु, अंतर-फसल हेतु उत्तम। उपज $1200\text{ kg/ha}$। |
| पन्नियूर-3 (Panniyur-3) | KAU | संकर: उथिरनकोट्टा $\times$ चेरियाकणियक्काडन | देर से पकने वाली, लंबी स्पाइक। उपज $1300\text{ kg/ha}$। |
| पन्नियूर-4 एवं 5 | KAU | क्लोनल चयन | नियमित फलन, उच्च पिपेरिन ($5.3\%$) व ओलियोरेजिन। |
| IISR शुभकरा (Subhakara) | IISR, कालीकट | करीमुंडा का चयन | उच्च पिपेरिन ($3.4\%$) एवं तेल ($6.0\%$), उपज $2300\text{ kg/ha}$। |
| IISR श्रीकरा (Sreekara) | IISR | करीमुंडा चयन | विभिन्न जलवायु के प्रति अत्यधिक अनुकूल। उपज $2600\text{ kg/ha}$। |
| IISR थेवम (Thevam) | IISR | चयन | फुट रॉट (Foot Rot / Phytophthora) रोग के प्रति अत्यधिक सहिष्णु। |
| IISR गिरिमुंडा | IISR | संकर | उच्च तुंगता (High altitude) क्षेत्रों हेतु उपयुक्त। |
| करीमुंडा एवं कोट्टानाडन | केरल स्थानीय | पारंपरिक किस्में | कोट्टानाडन में उच्च गुणवत्तायुक्त ओलियोरेजिन ($17.8\%$) पाया जाता है। |
| विशेषता | काली मिर्च (Black Pepper) | सफेद मिर्च (White Pepper) |
|---|---|---|
| तुड़ाई अवस्था | स्पाइक में जब 1 या 2 फल पीले-नारंगी होने लगें, तब पूरी स्पाइक तोड़ी जाती है। | जब स्पाइक में अधिकांश फल पूरी तरह लाल-पके (fully ripe red berries) हो जाएं। |
| प्रसंस्करण विधि | फलों को स्पाइक से अलग कर $1$ मिनट गर्म पानी ($80^\circ\text{C}$) में डुबोते हैं (Blanching), फिर $3-4$ दिन धूप में सुखाते हैं। एंजाइमेटिक ऑक्सीकरण से छिलका काला पड़ जाता है। | पके लाल फलों को जूट के बोरों में भरकर बहते पानी में $7 - 10$ दिन सड़ाया (retting) जाता है। बाहरी छिलका (pericarp) रगड़कर धो दिया जाता है और अंदर का सफेद बीज सुखाया जाता है। |
| उपयोग एवं मांग | सामान्य घरेलू मसाला एवं निर्यात। | सफेद सूप, हल्के रंग के व्यंजन व यूरोप में अत्यधिक प्रीमियम मांग। |
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