27. धनिया की उत्पत्ति, क्षेत्रफल, उत्पादन, किस्में एवं सस्य प्रबंधन (ORIGIN, AREA, PRODUCTION, VARIETIES, PACKAGE OF PRACTICES FOR CORIANDER)
वानस्पतिक विवरण, कुल एवं रासायनिक संघटन (Botany, Family & Chemistry)
धनिया (Coriander): Coriandrum sativum L. (गुणसूत्र संख्या: $2n = 22$), कुल: एपिएसी / अंबेलीफेरी (Apiaceae / Umbelliferae) (हिंदी: धनिया)।
धनिया भारत की प्रमुख एवं प्राचीनतम बीज मसाला (seed spice) एवं पत्तेदार सब्जी फसल है। इसका उपयोग द्वि-उद्देश्यीय (dual purpose) रूप में किया जाता है - कोमल हरी पत्तियों का उपयोग ताजी गार्निशिंग व चटनी में तथा सूखे बीजों का उपयोग करी पाउडर व साबुत मसाले के रूप में किया जाता है। इसका फल एक द्वि-फलाश्म / क्रीमोकार्प (Schizocarpic cremocarp fruit) होता है, जो पकने पर दो एक-बीजीय 'मेरीकार्प्स' (Mericarps) में विभाजित हो जाता है।
रासायनिक संघटन एवं सुगंध:
- सुगंध एवं वाष्पशील तेल: धनिया के सूखे बीजों में $0.2 - 1.0\%$ वाष्पशील आवश्यक तेल पाया जाता है। इसका मुख्य सुगंधित घटक मोनोब्यूटिल अल्कोहल 'कोरिएन्ड्रॉल' (Coriandrol / $d$-Linalool - $60-70\%$) होता है। इसके अतिरिक्त जिरेनियोल, बोर्नियोल और पिनीन पाए जाते हैं।
- पत्तियों की गंध: ताजी हरी पत्तियों में विशिष्ट सुगंध वाष्पशील एल्डिहाइड्स (डेसेनॉल, डोडेसेनॉल) के कारण होती है।
- औषधीय महत्व: धनिया पाचक, वायुनाशक (carminative), मूत्रवर्धक (diuretic) और शीतलता प्रदान करने वाला होता है।
उत्पत्ति एवं प्रमुख उन्नत किस्में (Origin & Improved Varieties)
धनिया की उत्पत्ति भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Mediterranean Region) में हुई मानी जाती है।
| किस्म का नाम (Variety) |
विकसित संस्था |
प्रकार / उद्देश्य |
प्रमुख विशेषताएं (Special Characteristics) |
| गुजरात धनिया-1 एवं 2 (GC-1, GC-2) |
SDAU, जगूदन (गुजरात) |
दाना मसाला |
मध्यम दाने, अच्छी सुगंध, पाउडरी मिल्ड्यू सहिष्णु। उपज $1200-1500\text{ kg/ha}$। |
| आरसीआर-41 (RCr-41) |
SKNAU, जोबनेर (राजस्थान) |
दाना मसाला |
तना गिल्टी (Stem gall) रोग के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी। उपज $1200\text{ kg/ha}$। |
| आरसीआर-435 एवं आरसीआर-436 |
SKNAU, जोबनेर |
दाना मसाला |
अगेती व पाला सहिष्णु, उच्च वाष्पशील तेल ($0.45\%$) युक्त। |
| राजेंद्र स्वाति (Rajendra Swati) |
RAU, ढोली (बिहार) |
दाना मसाला |
बारीक दाने, सुगंधित, उच्च उपजशील ($1400-1600\text{ kg/ha}$)। |
| साधना एवं स्वाति (Sadhana, Swathi) |
ANGRAU, गुंटूर |
दाना |
माहू (Aphid) एवं भृंग सहिष्णु। शुष्क क्षेत्रों हेतु उपयुक्त। |
| CO-1, CO-2, CO-3 |
TNAU, तमिलनाडु |
द्वि-उद्देश्यीय |
पत्ती व दाना दोनों हेतु उपयुक्त। CO-3 में $0.4\%$ तेल। |
| पंत हरितिमा (Pant Haritima) |
GBPUAT, पंतनगर |
पत्ती एवं दाना |
पत्तियां घनी, हरी, देर से फूल आने वाली (Late bolting), पत्तियों की कई कटाई। |
सस्य क्रियाएं (Package of Practices)
- जलवायु एवं मृदा: धनिया शुष्क और ठंडी शीतकालीन जलवायु की फसल है। पुष्पन और बीज निर्माण के समय पाला और बादल छाए रहने से फसल को भारी नुकसान होता है। उचित जल निकास वाली उपजाऊ दोमट या चिकनी दोमट मृदा, जिसका pH $6.5 - 7.5$ हो, सर्वोत्तम है।
- बुवाई का समय: रबी फसल हेतु 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तथा पत्ती की फसल हेतु वर्षभर (विशेषकर ग्रीष्म में छायादार क्यारियों में)।
- बीज तैयारी एवं बीजोपचार (Seed Splitting & Priming):
• बुवाई से पूर्व धनिया के बीजों को हल्के हाथ से रगड़कर दो भागों (mericarps) में तोड़ लेना चाहिए ताकि प्रत्येक भाग से एक स्वतंत्र पौधा निकल सके।
• बीजों को $12-24$ घंटे पानी में भिगोने (water priming) से अंकुरण शीघ्र और एकसमान होता है।
• बाविस्टिन ($2\text{ g/kg}$) या ट्राइकोडर्मा ($4\text{ g/kg}$) से बीजोपचार करें।
- बीज दर (Seed Rate):
• दाना फसल हेतु: $10 - 15\text{ kg/ha}$।
• हरी पत्ती की फसल हेतु: $20 - 25\text{ kg/ha}$।
- अंतरण: पंक्तियों की दूरी $30\text{ cm}$ तथा पौधों की दूरी $10\text{ cm}$।
- उर्वरक: FYM $15-20\text{ t/ha}$ + N:P:K = $60:40:20\text{ kg/ha}$।
प्रमुख रोग एवं प्रबंधन (Diseases of Coriander)
- तना गिल्टी रोग / छाछिया (Stem Gall - Protomyces macrosporus): तनों, पत्तियों, पुष्पीय डंठलों और बीजों पर ट्यूमर जैसी गांठें (tumour-like swellings) बन जाती हैं जिससे बीज विकृत और खोखले हो जाते हैं। नियंत्रण: प्रतिरोधी किस्में (आरसीआर-41, पंत हरितिमा) उगाएं, कार्बेन्डाजिम ($2\text{ g/kg}$) से बीजोपचार करें तथा घुलनशील गंधक का छिड़काव करें।
- चूर्णिल आसिता (Powdery Mildew - Erysiphe polygoni): पत्तियों और छत्रकों पर सफेद चूर्ण जम जाता है। नियंत्रण: घुलनशील गंधक ($2\text{ g/l}$) या कैराथेन ($1\text{ ml/l}$) का छिड़काव करें।
- उकठा रोग (Wilt - Fusarium oxysporum f.sp. coriandrii): पौधा पीला पड़कर सूख जाता है।
समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)
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धनिया के वाष्पशील तेल का मुख्य सुगंधित घटक कौन सा है?
(a) कोरिएन्ड्रॉल / लिनलूल (Coriandrol / $d$-Linalool - सही उत्तर)
(b) क्यूमिनेल्डिहाइड
(c) एनेथोल
(d) थाइमोल
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धनिया में बुवाई से पूर्व बीजों को रगड़कर विभाजित किया जाता है:
(a) मेरीकार्प्स में (Mericarps - सही उत्तर)
(b) भ्रूणपोष में
(c) बीजचोल में
(d) कलियों में
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धनिया का 'तना गिल्टी' (Stem Gall) रोग किसके कारण होता है?
(a) Protomyces macrosporus (सही उत्तर)
(b) Erysiphe polygoni
(c) Fusarium oxysporum
(d) Alternaria
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तना गिल्टी रोग के प्रति प्रतिरोधी धनिया की प्रसिद्ध किस्म कौन सी है?
(a) आरसीआर-41 (RCr-41 - सही उत्तर)
(b) गुजरात धनिया-1
(c) CO-1
(d) स्वाति
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धनिया की दाना फसल हेतु प्रति हेक्टेयर सामान्य बीज दर कितनी है?
(a) 2-3 kg
(b) 10-15 kg (सही उत्तर)
(c) 25-30 kg
(d) 40 kg
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