30. लेमनग्रास की उत्पत्ति, किस्में, आवश्यक तेल एवं सस्य प्रबंधन (ORIGIN, VARIETIES, ESSENTIAL OIL & PACKAGE OF PRACTICES FOR LEMONGRASS)
वानस्पतिक विवरण, कुल एवं रासायनिक संघटन (Botany, Family & Chemistry)
लेमनग्रास (Lemongrass): Cymbopogon flexuosus (Steud.) Wats. (पूर्वी भारतीय लेमनग्रास / कोचीन घास - $2n = 20, 40$) तथा Cymbopogon citratus (पश्चिमी भारतीय लेमनग्रास - $2n = 40$), कुल: पोएसी / ग्रेमिनी (Poaceae / Gramineae) (हिंदी: लेमनग्रास / नींबू घास)।
लेमनग्रास भारत की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बहुवर्षीय सगंधीय घास (aromatic grass) है। इसकी पत्तियों और तनों से भाप आसवन (steam distillation) द्वारा मूल्यवान आवश्यक तेल प्राप्त होता है जिसमें नींबू जैसी ताजगी भरी सुगंध होती है।
सक्रिय रासायनिक घटक एवं उपयोग:
- सिट्रल (Citral): लेमनग्रास तेल का मुख्य सक्रिय घटक 'सिट्रल' (Citral - $75 - 85\%$) होता है।
- औद्योगिक महत्व: सिट्रल का उपयोग सिंथेटिक विटामिन 'A' (Vitamin A synthesis) के निर्माण में मुख्य कच्चे माल के रूप में तथा 'आयनोन' (Ionone - वायलेट जैसी सुगंध) और सौंदर्य प्रसाधनों, साबुनों, परफ्यूम व कीटनाशकों में किया जाता है।
प्रमुख उन्नत किस्में (Improved Varieties)
| किस्म का नाम (Variety) |
विकसित संस्था |
तेल सामग्री ($%$) |
सिट्रल ($%$) |
प्रमुख विशेषताएं (Special Features) |
| सुगंधी / ओडी-19 (OD-19) |
KAU, ओडक्काली (केरल) |
$0.4\%$ |
$80-84\%$ |
भारत में सर्वाधिक लोकप्रिय व व्यापक रूप से उगाई जाने वाली राष्ट्रीय किस्म। उपज $80-100\text{ kg oil/ha}$। |
| प्रगति (Pragati) |
CIMAP, लखनऊ |
$0.55\%$ |
$85-88\%$ |
उत्तरी भारत के मैदानी भागों हेतु उच्च सिट्रल व तेल उपजशील। |
| प्रमाण (Praman) |
CIMAP, लखनऊ |
$0.5\%$ |
$82\%$ |
क्लोनल चयन द्वारा विकसित, बंजर व लवणीय मृदाओं हेतु उपयुक्त। |
| कृष्णा (Krishna) |
CIMAP |
$0.8\%$ |
$80\%$ |
अत्यधिक उच्च शाक उपज ($60-70\text{ t/ha}$) व तेल उपज ($150-200\text{ kg/ha}$)। |
| कावेरी एवं नीमा |
CIMAP |
$0.6-0.7\%$ |
$84-86\%$ |
नदी तटीय एवं सिंचित क्षेत्रों हेतु उपयुक्त। |
प्रवर्धन एवं सस्य क्रियाएं (Package of Practices)
- प्रवर्धन विधियां:
• बीज द्वारा: बीज दर $3 - 4\text{ kg/ha}$। नर्सरी में पौध तैयार कर 60 दिन बाद रोपाई करें।
• वानस्पतिक स्लिप्स (Rooted Slips) द्वारा: पुराने गुच्छों से स्वस्थ जड़युक्त स्लिप्स अलग करके रोपी जाती हैं। यह किस्म की शुद्धता बनाए रखने हेतु सर्वोत्तम विधि है।
- रोपाई एवं अंतरण: $60 \times 45\text{ cm}$ या $60 \times 60\text{ cm}$ की दूरी पर $50,000 - 55,000$ स्लिप्स प्रति हेक्टेयर रोपी जाती हैं।
- उर्वरक: N:P:K = $100:50:50\text{ kg/ha/year}$। प्रत्येक कटाई के बाद $20-25\text{ kg}$ नाइट्रोजन की टॉप ड्रेसिंग करें।
- कटाई (Harvesting): रोपाई के $90$ दिन बाद प्रथम कटाई करें। इसके बाद प्रत्येक $60 - 75$ दिन के अंतराल पर वर्ष में $4 - 5$ कटाई करें। पौधों को जमीन की सतह से $10-15\text{ cm}$ ऊपर काटा जाता है। एक बार लगाया गया बाग लगातार $4 - 5$ वर्षों तक भरपूर उत्पादन देता है।
- आसवन एवं तेल उपज: कटी हुई घास को छाया में 24 घंटे हल्का सुखाकर (wilting) भाप आसवन (Steam distillation) किया जाता है। औसत तेल उपज: $100 - 150\text{ kg/ha/year}$।
समीक्षा प्रश्न / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Review Questions / MCQs)
-
लेमनग्रास के आवश्यक तेल का प्रमुख रासायनिक घटक कौन सा है?
(a) सिट्रल (Citral - सही उत्तर)
(b) सिट्रोनेलाल
(c) जिरेनियोल
(d) मेंथोल
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सिट्रल का उपयोग किस महत्वपूर्ण विटामिन के संश्लेषण में कच्चे माल के रूप में किया जाता है?
(a) विटामिन 'A' (Vitamin A - सही उत्तर)
(b) विटामिन 'C'
(c) विटामिन 'D'
(d) विटामिन 'K'
-
लेमनग्रास की राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध किस्म 'सुगंधी' (OD-19) कहाँ से विकसित की गई है?
(a) CIMAP, लखनऊ
(b) सगंध पौध अनुसंधान केंद्र, ओडक्काली (KAU, केरल - सही उत्तर)
(c) IIHR, बैंगलोर
(d) IARI, नई दिल्ली
-
लेमनग्रास का वानस्पतिक प्रवर्धन किसके द्वारा किया जाता है?
(a) प्रकंद द्वारा
(b) जड़युक्त स्लिप्स (Rooted slips - सही उत्तर)
(c) तने की कटिंग
(d) ग्राफ्टिंग
-
लेमनग्रास से आवश्यक तेल निकालने हेतु किस आसवन विधि का उपयोग किया जाता है?
(a) भाप आसवन (Steam distillation - सही उत्तर)
(b) सॉल्वेंट निष्कर्षण
(c) एन्फ्लूरेज
(d) कोल्ड प्रेस
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अस्वीकरण (Disclaimer):
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